राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA)

राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) भारत की केंद्रीय आतंकवाद विरोधी कानून प्रवर्तन एजेंसी है। इसकी स्थापना 2008 के मुंबई आतंकी हमलों (26/11) के बाद देश की सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए की गई थी। I. स्थापना और पृष्ठभूमि II. अधिकार क्षेत्र और शक्तियाँ III. संगठन और महत्वपूर्ण तथ्य ⬅️ पिछला: लोकपाल एवं लोकायुक्त (Ch-56) अगला: … Read more

लोकपाल एवं लोकायुक्त

लोकपाल एवं लोकायुक्त भ्रष्टाचार के विरुद्ध भारतीय लोकतंत्र का सबसे मजबूत सुरक्षा कवच माना जाता है। यह संस्था ‘ओम्बुड्समैन’ (Ombudsman) की अवधारणा पर आधारित है, जिसकी मांग भारत में दशकों तक की गई थी। I. ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और गठन II. लोकपाल की संरचना और नियुक्ति III. अधिकार क्षेत्र और शक्तियाँ ⬅️ पिछला: केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो … Read more

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI)

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) भारत की प्रमुख जाँच एजेंसी है। यह न तो एक संवैधानिक निकाय है और न ही एक वैधानिक निकाय, बल्कि यह अपनी शक्तियाँ एक पुराने कानून ‘दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना अधिनियम, 1946’ से प्राप्त करती है। I. स्थापना और संगठन II. निदेशक और नियुक्ति III. कार्य और अधिकार क्षेत्र ⬅️ पिछला: … Read more

केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC)

केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) भारत सरकार में भ्रष्टाचार रोकने वाली मुख्य संस्था है। यह एक सांविधिक निकाय (Statutory Body) है जो केंद्र सरकार के तहत सभी सतर्कता गतिविधियों की निगरानी करता है। I. स्थापना और स्वरूप II. संरचना और नियुक्ति III. कार्य और शक्तियाँ ⬅️ पिछला: सूचना आयोग (Ch-52 & 53) अगला: केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो … Read more

केंद्रीय सूचना आयोग एवं राज्य सूचना आयोग (CIC & SIC)

केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) और राज्य सूचना आयोग (SIC) को एक साथ पढ़ना सबसे बेहतर है क्योंकि ‘सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005’ के तहत इन दोनों की कार्यप्रणाली लगभग समान है। I. स्थापना और स्वरूप II. संरचना और नियुक्ति III. कार्यकाल, निष्कासन और शक्तियाँ तुलना और अंतर: CIC बनाम SIC विशेषता / आधार केंद्रीय सूचना … Read more

राज्य मानवाधिकार आयोग (SHRC)

राज्य मानवाधिकार आयोग (SHRC) राज्य स्तर पर मानवाधिकारों के संरक्षण के लिए जिम्मेदार निकाय है। यह काफी हद तक NHRC के समान है, लेकिन इसके अधिकार क्षेत्र और नियुक्ति समिति में कुछ महत्वपूर्ण अंतर हैं। I. गठन और संरचना II. कार्यकाल और निष्कासन III. कार्य और शक्तियाँ NHRC बनाम SHRC: तुलनात्मक तालिका विशेषता / आधार … Read more

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) – संरचना, शक्तियाँ और भूमिका | Indian Polity Notes

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग भारत में मानवाधिकारों की सुरक्षा, संरक्षण और संवर्धन के लिए गठित एक प्रमुख वैधानिक (Statutory) निकाय है। लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था में केवल अधिकारों का उल्लेख पर्याप्त नहीं होता, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी आवश्यक होता है कि राज्य की सभी संस्थाएँ नागरिकों के जीवन, स्वतंत्रता, समानता और गरिमा से जुड़े अधिकारों का … Read more

नीति आयोग (NITI Aayog) – उद्देश्य, संरचना, कार्य और भूमिका | Indian Polity Notes

नीति आयोग भारत सरकार का प्रमुख नीति-निर्माण एवं रणनीतिक थिंक-टैंक (Think Tank) है, जिसकी स्थापना 1 जनवरी 2015 को योजना आयोग (Planning Commission) के स्थान पर की गई। बदलती आर्थिक परिस्थितियों, वैश्वीकरण और राज्यों की बढ़ती भूमिका को देखते हुए एक ऐसे संस्थागत ढाँचे की आवश्यकता महसूस की गई, जो केंद्र-राज्य सहयोग, नीति नवाचार और … Read more

राज्य का महाधिवक्ता (Advocate General) – अनुच्छेद 165, शक्तियाँ और भूमिका | Indian Polity Notes

राज्य का महाधिवक्ता राज्य सरकार का मुख्य विधि अधिकारी (Chief Legal Advisor) होता है, जो राज्य से संबंधित संवैधानिक, वैधानिक और कानूनी मामलों में सरकार को परामर्श देता है तथा उच्च न्यायालय में राज्य का प्रतिनिधित्व करता है। जिस प्रकार केंद्र सरकार के लिए भारत का महान्यायवादी (Attorney General) होता है, उसी प्रकार राज्य सरकार … Read more

भारत के महान्यायवादी (Attorney General of India) – अनुच्छेद 76, शक्तियाँ और भूमिका | Indian Polity Notes

भारत के महान्यायवादी भारत सरकार का मुख्य विधि अधिकारी (Chief Legal Advisor) होता है, जो केंद्र सरकार को संवैधानिक, वैधानिक और कानूनी मामलों में परामर्श देता है। संसदीय लोकतंत्र में जहाँ सरकार के प्रत्येक निर्णय का संवैधानिक परीक्षण आवश्यक होता है, वहाँ महान्यायवादी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। वह सरकार और न्यायपालिका के … Read more