गुटनिरपेक्ष आंदोलन (NAM): इतिहास, संस्थापक और भारत की भूमिका | Political Science Notes

गुटनिरपेक्षता का अर्थ क्या है? (Meaning of Non-Alignment) ‘गुटनिरपेक्षता’ का अर्थ केवल ‘तटस्थ’ रहना नहीं है, बल्कि शीत युद्ध के दौरान दुनिया के दो शक्तिशाली सैन्य गुटों—अमेरिकी गुट (NATO) और सोवियत गुट (Warsaw Pact)—में शामिल न होकर अपनी स्वतंत्र विदेश नीति का पालन करना है। गुटनिरपेक्ष आंदोलन की स्थापना और इतिहास गुटनिरपेक्ष आंदोलन का उदय … Read more

सोवियत संघ का विघटन (1991): कारण, सुधार और परिणाम | USSR Dissolution Notes in Hindi

सोवियत संघ का विघटन का विघटन आधुनिक इतिहास की एक युगांतरकारी घटना थी। 26 दिसंबर 1991 को दुनिया के सबसे बड़े साम्यवादी देश का अस्तित्व समाप्त हो गया और वह 15 स्वतंत्र देशों में बंट गया। इस घटना ने न केवल शीत युद्ध को समाप्त किया, बल्कि वैश्विक राजनीति के समीकरणों को पूरी तरह बदल … Read more

संयुक्त राष्ट्र संघ (UN) नोट्स: स्थापना, उद्देश्य और 6 प्रमुख अंग | World Politics in Hindi

द्वितीय विश्व युद्ध की विभीषिका के बाद दुनिया ने महसूस किया कि भविष्य में ऐसे विनाशकारी युद्धों को रोकने के लिए एक शक्तिशाली अंतरराष्ट्रीय संस्था की आवश्यकता है। इसी सोच के परिणामस्वरूप 24 अक्टूबर 1945 को ‘संयुक्त राष्ट्र संघ’ (UN) का जन्म हुआ। संयुक्त राष्ट्र की स्थापना और इतिहास (History & Establishment) संयुक्त राष्ट्र संघ … Read more

शीत युद्ध (Cold War) क्या था? कारण, क्यूबा संकट और सोवियत संघ का पतन | UPSC Notes

द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति के बाद दुनिया ने राहत की सांस ली ही थी कि एक नए प्रकार का संघर्ष शुरू हो गया, जिसे ‘शीत युद्ध’ कहा जाता है। यह युद्ध हथियारों से नहीं, बल्कि विचारधाराओं, कूटनीति, जासूसी और मनोवैज्ञानिक प्रचार के माध्यम से लड़ा गया। यह मुख्य रूप से दो महाशक्तियों— संयुक्त राज्य … Read more

द्वितीय विश्व युद्ध (1939-45): कारण, प्रमुख घटनाएँ और परिणाम | World War 2 Notes in Hindi

द्वितीय विश्व युद्ध मानव इतिहास की सबसे विनाशकारी घटना थी, जिसने न केवल सीमाओं को बदला, बल्कि दुनिया को दो परमाणु युगों के बीच खड़ा कर दिया। यह युद्ध 1 सितंबर 1939 से 2 सितंबर 1945 तक चला, जिसमें दुनिया के लगभग 70 देशों की सेनाएँ शामिल थीं। द्वितीय विश्व युद्ध: एक परिचय (Introduction) द्वितीय … Read more

फासीवाद और नाजीवाद: मुसोलिनी और हिटलर के उदय का इतिहास | World History Notes

प्रथम विश्व युद्ध की विभीषिका और उसके बाद उपजी वैश्विक अस्थिरता ने यूरोप में दो ऐसी विचारधाराओं को जन्म दिया, जिन्होंने मानवता के इतिहास को हमेशा के लिए बदल दिया। फासीवाद और नाजीवाद यहाँ इन दोनों विचारधाराओं का परिचय (Introduction) दिया गया है: ये दोनों विषय UPSC, SSC और विश्व इतिहास के लिए बहुत महत्वपूर्ण … Read more

प्रथम विश्व युद्ध (1914-18): कारण, परिणाम और महत्वपूर्ण तथ्य | World War 1 Notes in Hindi

प्रथम विश्व युद्ध मानव सभ्यता के इतिहास में एक ऐसा मोड़ था जिसने दुनिया के राजनीतिक नक्शे को हमेशा के लिए बदल दिया। इसे ‘महान युद्ध’ (The Great War) के नाम से भी जाना जाता है क्योंकि इससे पहले मानव इतिहास में कभी भी इतने बड़े पैमाने पर तबाही नहीं हुई थी। यह युद्ध 28 … Read more

चीन की क्रांति (1911 और 1949) और माओवाद: महत्वपूर्ण One-liners | Chinese Revolution Notes

चीन की क्रांति और माओवाद 20वीं शताब्दी के सबसे प्रभावशाली घटनाक्रमों में से एक हैं।इसने जुआनतंत्र (Dynastic Rule) और पूँजीवादी वास्‍तविकताओं को चुनौती दी और चीन को सोशलिस्ट और कम्युनिस्ट राज्य में परिवर्तित किया। माओ ज़ेडॉन्ग (Mao Zedong) के नेतृत्व में हुई यह क्रांति चीन में जनता के अधिकार, भूमि सुधार और साम्यवाद का आधार … Read more

इटली का एकीकरण और जर्मनी का एकीकरण: महत्वपूर्ण One-liners | Unification of Italy & Germany Notes

19वीं शताब्दी का यूरोप राष्ट्रीय आंदोलन और राष्ट्रवाद के उदय का काल था।इस दौर में इटली और जर्मनी दो बड़े भूभाग थे, जो कई छोटे राज्यों में बंटे हुए थे। इटली का एकीकरण और जर्मनी का एकीकरण 🇮🇹 इटली का एकीकरण: ऐतिहासिक पृष्ठभूमि 19वीं सदी के मध्य में इटली केवल एक “भौगोलिक अभिव्यक्ति” था। यह … Read more

रूस की क्रांति (1917): Russian Revolution | One-liners Notes 100 महत्वपूर्ण

रूस की क्रांति (1917) विश्व इतिहास की सबसे महत्वपूर्ण समाजवादी क्रांतियों में से एक थी। इस क्रांति ने जारशाही (Tsarism) को समाप्त कर दुनिया का पहला समाजवादी राज्य – सोवियत संघ (USSR) स्थापित किया। यह क्रांति न केवल रूस की राजनीतिक और सामाजिक व्यवस्था को बदलने वाली थी, बल्कि इसने पूँजीवाद के विरुद्ध समाजवाद और … Read more