भारत का उपराष्ट्रपति (The Vice-President of India) – अनुच्छेद 63 से 71 Notes in Hindi – Election, Powers, Functions

भारतीय राजव्यवस्था में ‘उपराष्ट्रपति’ (The Vice-President) का पद देश का दूसरा सर्वोच्च संवैधानिक पद है। अमेरिका के उपराष्ट्रपति की तर्ज पर बनाया गया यह पद भारतीय लोकतंत्र में गरिमा और निरंतरता का प्रतीक है। भारतीय संविधान के भाग 5 के अंतर्गत अनुच्छेद 63 से 71 तक उपराष्ट्रपति के पद, निर्वाचन और कार्यों का वर्णन किया गया है।

उपराष्ट्रपति (The Vice-President) निर्वाचक मंडल (Election) लोकसभा + राज्यसभा के सभी सदस्य (निर्वाचित + मनोनीत) दोहरी भूमिका (Dual Role) राज्यसभा का पदेन सभापति सदन की अध्यक्षता एवं नियंत्रण कार्यवाहक राष्ट्रपति अधिकतम 6 माह की अवधि के लिए अर्हताएँ (Qualifications) • आयु: 35 वर्ष • राज्यसभा सदस्य बनने की योग्यता© 2026 | pdfnotes.in | vikas singh

निर्वाचन, अर्हताएँ और शर्तें

निर्वाचक मंडल (Electoral College) अनुच्छेद 66

उपराष्ट्रपति का चुनाव राष्ट्रपति की तरह ही अप्रत्यक्ष होता है, लेकिन इसके निर्वाचक मंडल में दो प्रमुख अंतर हैं:

  • शामिल सदस्य: संसद के दोनों सदनों (लोकसभा + राज्यसभा) के सभी सदस्य (निर्वाचित और मनोनीत दोनों)।
  • शामिल नहीं: राज्यों की विधानसभाओं के सदस्य इसमें भाग नहीं लेते।

अर्हताएँ (Qualifications)

  • भारत का नागरिक हो और आयु कम से कम 35 वर्ष हो।
  • वह राज्यसभा का सदस्य बनने की योग्यता रखता हो। (नोट: राष्ट्रपति के लिए लोकसभा की योग्यता चाहिए)।
  • किसी लाभ के पद पर न हो।
  • नामांकन के लिए 20 प्रस्तावक और 20 अनुमोदक आवश्यक हैं।

कार्यकाल एवं शपथ

  • कार्यकाल: पद ग्रहण से 5 वर्ष
  • त्यागपत्र: वह अपना इस्तीफा राष्ट्रपति को सौंपता है।
  • शपथ: राष्ट्रपति या उनके द्वारा नियुक्त किसी व्यक्ति द्वारा दिलाई जाती है।

उपराष्ट्रपति को पद से हटाना (Removal Process)

उपराष्ट्रपति को हटाने के लिए औपचारिक महाभियोग (Impeachment) की आवश्यकता नहीं होती।

  1. शुरुआत: प्रस्ताव केवल राज्यसभा में ही पेश किया जा सकता है।
  2. बहुमत: राज्यसभा द्वारा ‘प्रभावी बहुमत’ (Effective Majority) से पारित होना चाहिए।
  3. लोकसभा: लोकसभा की केवल साधारण सहमति (Simple Majority) आवश्यक है।
  4. नोटिस: हटाने से पहले 14 दिन का अग्रिम नोटिस देना अनिवार्य है।

नोट: प्रभावी बहुमत का अर्थ है— ‘तत्कालीन’ कुल सदस्य संख्या (कुल सीटें – रिक्त सीटें) का 50% से अधिक।

शक्तियाँ और कार्य (Powers & Functions)

उपराष्ट्रपति की भूमिका दोहरी होती है:

राज्यसभा के पदेन सभापति के रूप में (Ex-officio Chairman)

  • वह राज्यसभा का सदस्य नहीं होता, फिर भी उसकी अध्यक्षता करता है।
  • उसकी शक्तियाँ लोकसभा अध्यक्ष के समान होती हैं।
  • वह सामान्य स्थिति में वोट नहीं देता, लेकिन मत बराबर होने पर ‘निर्णायक मत’ (Casting Vote) दे सकता है।

कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में अनुच्छेद 65

  • राष्ट्रपति का पद रिक्त होने पर वह अधिकतम 6 माह तक कार्यवाहक राष्ट्रपति रह सकता है।
  • इस दौरान उसे राष्ट्रपति के समान वेतन, भत्ते और शक्तियाँ प्राप्त होती हैं।
  • विशेष: जब वह राष्ट्रपति के रूप में कार्य करता है, तब वह राज्यसभा के सभापति के रूप में कार्य नहीं करता।
  • जब उपराष्ट्रपति, राष्ट्रपति के रूप में कार्य करता है, तो उसे ₹4,00,000 (सभापति का वेतन) नहीं, बल्कि ₹5,00,000 (राष्ट्रपति का वेतन) और राष्ट्रपति भवन में रहने की सुविधा मिलती है।

💡‘एग्जाम अलर्ट’ (Exam Alert):

  • प्रथम उपराष्ट्रपति: डॉ. एस. राधाकृष्णन (लगातार 2 कार्यकाल)।
  • पद पर मृत्यु: कृष्ण कांत एकमात्र ऐसे उपराष्ट्रपति थे जिनकी मृत्यु कार्यकाल के दौरान हुई।
  • वेतन: उपराष्ट्रपति को ‘उपराष्ट्रपति’ के रूप में नहीं, बल्कि ‘राज्यसभा के सभापति’ के रूप में वेतन मिलता है।
  • अमेरिकी तुलना: अमेरिका का उपराष्ट्रपति राष्ट्रपति का पद खाली होने पर शेष कार्यकाल के लिए राष्ट्रपति बनता है, जबकि भारत में केवल चुनाव होने तक (अधिकतम 6 माह) के लिए।
  • राष्ट्रपति चुनाव: इसमें विधायकों और सांसदों के वोट की वैल्यू अलग-अलग (जनसंख्या के आधार पर) होती है।
  • उपराष्ट्रपति चुनाव: इसमें प्रत्येक सांसद के वोट की वैल्यू बराबर (1) होती है। इसमें कोई जटिल फॉर्मूला नहीं लगता।

तुलनात्मक तालिका: राष्ट्रपति बनाम उपराष्ट्रपति

बिंदुराष्ट्रपतिउपराष्ट्रपति
निर्वाचक मंडलसंसद + विधानसभा के ‘निर्वाचित’ सदस्यसंसद के ‘सभी’ सदस्य (E+N)
योग्यतालोकसभा सदस्य बनने कीराज्यसभा सदस्य बनने की
त्यागपत्रउपराष्ट्रपति कोराष्ट्रपति को
हटाने का तरीकामहाभियोग (Art. 61)राज्यसभा का संकल्प
भारत का उपराष्ट्रपति (Vice-President) द्वितीय सर्वोच्च संवैधानिक पद | भाग 5 निर्वाचन & अर्हताएं • संसद के *सभी* सदस्य (E + N) भाग लेते हैं। • राज्यों की विधानसभाएँ शामिल नहीं। • आयु: 35 वर्ष | राज्यसभा सदस्य की योग्यता। • प्रस्तावक/अनुमोदक: 20 + 20 शक्तियां & कार्य • राज्यसभा का पदेन सभापति (Ex-officio)。 • सामान्य स्थिति में वोट नहीं (केवल निर्णायक मत)। • कार्यवाहक राष्ट्रपति (अधिकतम 6 माह)। • त्यागपत्र राष्ट्रपति को सौंपते हैं। महत्वपूर्ण तथ्य: ➤ प्रथम उपराष्ट्रपति: डॉ. एस. राधाकृष्णन (2 कार्यकाल)। ➤ वर्तमान उपराष्ट्रपति: जगदीप धनखड़ (14वें)। ➤ एकमात्र मृत्यु पद पर: कृष्ण कांत।pdfnotes.in | vikas singh | Quality Education for Everyone

परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

  1. उपराष्ट्रपति का पद देश का दूसरा सर्वोच्च संवैधानिक पद है।
  2. आधिकारिक वरीयता क्रम (Precedence) में इसका स्थान राष्ट्रपति के बाद आता है।
  3. अनुच्छेद 63 के अनुसार भारत का एक उपराष्ट्रपति होगा।
  4. उपराष्ट्रपति का पद अमेरिका के उपराष्ट्रपति की तर्ज पर बनाया गया है।
  5. उपराष्ट्रपति का चुनाव अप्रत्यक्ष रूप से निर्वाचक मंडल द्वारा किया जाता है।
  6. निर्वाचक मंडल में संसद के दोनों सदनों के सभी सदस्य (निर्वाचित + मनोनीत) शामिल होते हैं।
  7. राज्य विधानसभाओं के सदस्य उपराष्ट्रपति के चुनाव में भाग नहीं लेते।
  8. चुनाव ‘आनुपातिक प्रतिनिधित्व’ और ‘एकल संक्रमणीय मत’ पद्धति द्वारा होता है।
  9. उपराष्ट्रपति पद के लिए न्यूनतम आयु 35 वर्ष होनी चाहिए।
  10. वह राज्यसभा का सदस्य निर्वाचित होने की योग्यता रखता हो।
  11. उपराष्ट्रपति उम्मीदवार के लिए 20 प्रस्तावक और 20 अनुमोदक आवश्यक हैं।
  12. उम्मीदवार को ₹15,000 की जमानत राशि जमा करनी होती है।
  13. अनुच्छेद 69: उपराष्ट्रपति को शपथ राष्ट्रपति या उनके द्वारा नियुक्त व्यक्ति दिलाता है।
  14. उपराष्ट्रपति का कार्यकाल पद ग्रहण की तिथि से 5 वर्ष होता है।
  15. वह अपना त्यागपत्र राष्ट्रपति को संबोधित करता है।
  16. उपराष्ट्रपति को हटाने के लिए औपचारिक महाभियोग की आवश्यकता नहीं होती।
  17. उसे राज्यसभा के ‘प्रभावी बहुमत’ (Effective Majority) वाले प्रस्ताव से हटाया जा सकता है।
  18. उपराष्ट्रपति को हटाने के प्रस्ताव पर लोकसभा की साधारण सहमति अनिवार्य है।
  19. हटाने का प्रस्ताव केवल और केवल राज्यसभा में ही पेश किया जा सकता है।
  20. पद से हटाने के लिए 14 दिन का पूर्व नोटिस देना आवश्यक है।
  21. संविधान में उपराष्ट्रपति को हटाने का कोई विशिष्ट आधार नहीं दिया गया है।
  22. कार्यकाल समाप्त होने के बाद भी वह तब तक पद पर रहता है जब तक उत्तराधिकारी न आ जाए।
  23. उपराष्ट्रपति कितनी भी बार पुननिर्वाचित हो सकता है।
  24. चुनाव संबंधी सभी विवादों की जांच और फैसला सुप्रीम कोर्ट करता है।
  25. निर्वाचक मंडल के अपूर्ण होने पर चुनाव को चुनौती नहीं दी जा सकती।
  26. उपराष्ट्रपति राज्यसभा का पदेन सभापति (Ex-officio Chairman) होता है।
  27. वह राज्यसभा का सदस्य नहीं होता है।
  28. राज्यसभा सभापति के रूप में उसकी शक्तियां लोकसभा अध्यक्ष के समान होती हैं।
  29. वह राज्यसभा में सामान्य स्थिति में मत नहीं दे सकता।
  30. मत बराबर होने की स्थिति में वह निर्णायक मत (Casting Vote) दे सकता है।
  31. राष्ट्रपति का पद रिक्त होने पर वह कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में कार्य करता है।
  32. कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में वह अधिकतम 6 महीने तक कार्य कर सकता है।
  33. कार्यवाहक राष्ट्रपति बनते ही वह राज्यसभा के सभापति के रूप में कार्य करना बंद कर देता है।
  34. इस दौरान सभापति के कार्यों का निर्वहन उप-सभापति करता है।
  35. कार्यवाहक राष्ट्रपति को राष्ट्रपति वाले सभी वेतन और भत्ते प्राप्त होते हैं।
  36. भारतीय उपराष्ट्रपति, अमेरिकी उपराष्ट्रपति की तरह शेष कार्यकाल पूरा नहीं करता।
  37. संविधान में ‘उपराष्ट्रपति’ के पद के लिए कोई वेतन नहीं दिया गया है।
  38. उसे ‘राज्यसभा के सभापति’ के रूप में वेतन मिलता है।
  39. उसका वेतन भारत की संचित निधि पर भारित होता है।
  40. डॉ. एस. राधाकृष्णन भारत के प्रथम उपराष्ट्रपति थे।
  41. डॉ. राधाकृष्णन और मोहम्मद हामिद अंसारी दो-दो कार्यकाल तक पद पर रहे।
  42. कृष्ण कांत एकमात्र उपराष्ट्रपति थे जिनकी मृत्यु पद पर रहते हुए हुई।
  43. उपराष्ट्रपति संसद या विधानमंडल के किसी भी सदन का सदस्य नहीं हो सकता।
  44. यदि कोई सांसद चुना जाता है, तो पद ग्रहण की तारीख से उसकी सदन की सीट रिक्त मानी जाती है।
  45. जगदीप धनखड़ भारत के वर्तमान (14वें) उपराष्ट्रपति हैं।
  46. उपराष्ट्रपति चुनाव का संचालन भारतीय चुनाव आयोग करता है।
  47. उपराष्ट्रपति का पद ‘संवैधानिक निरंतरता’ सुनिश्चित करता है।
  48. वह राज्यसभा की मर्यादा और गरिमा का मुख्य रक्षक होता है।
  49. भारत में कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में एम. हिदायतुल्ला (CJI) ने भी कार्य किया है।
  50. उपराष्ट्रपति के चुनाव में वोट वैल्यू का गणित सांसदों के लिए बराबर (1) होता है।

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Vikas Singh

लेखक: विकास सिंह

विकास सिंह 15+ वर्षों के शिक्षण अनुभव वाले General Studies (GS) शिक्षक हैं। उन्होंने GS Faculty के रूप में कार्य किया है तथा दो बार UPSC Mains परीक्षा में सम्मिलित हो चुके हैं। वे भारतीय राजव्यवस्था, इतिहास, भूगोल और सामान्य विज्ञान के विशेषज्ञ हैं। वर्तमान में वे वाराणसी में अभ्यर्थियों का मार्गदर्शन कर रहे हैं और अपने YouTube चैनल Study2Study के माध्यम से शिक्षा जगत में योगदान दे रहे हैं।