भारतीय संविधान के तहत, राष्ट्रपति ‘नाममात्र का कार्यकारी’ (De Jure) होता है, जबकि प्रधानमंत्री ‘वास्तविक कार्यकारी’ (De Facto) प्रमुख होता है।
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नियुक्ति और संवैधानिक स्थिति (Appointment & Status)
प्रधानमंत्री की नियुक्ति के संबंध में संविधान में कोई विशिष्ट प्रक्रिया नहीं है, लेकिन अनुच्छेद 75 कुछ बुनियादी नियम तय करता है।
नियुक्ति की प्रक्रिया
- बहुमत का नेता: राष्ट्रपति लोकसभा में बहुमत प्राप्त दल के नेता को प्रधानमंत्री नियुक्त करता है।
- विवेकाधीन शक्ति: यदि किसी दल को स्पष्ट बहुमत न मिले, तो राष्ट्रपति सबसे बड़े दल या गठबंधन के नेता को नियुक्त कर सकता है (उसे 1 माह के भीतर विश्वास मत हासिल करना होता है)।
- सदन की सदस्यता: पीएम संसद के किसी भी सदन (LS या RS) का सदस्य हो सकता है। यदि वह सदस्य नहीं है, तो उसे 6 महीने के भीतर सदस्यता लेनी अनिवार्य है।
शपथ और कार्यकाल
- शपथ: राष्ट्रपति द्वारा पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई जाती है।
- कार्यकाल: राष्ट्रपति के ‘प्रसादपर्यंत’ (Pleasure of the President), जिसका अर्थ है कि जब तक लोकसभा में बहुमत है, उन्हें नहीं हटाया जा सकता।
प्रधानमंत्री की शक्तियाँ और कार्य (Powers & Functions)
प्रधानमंत्री की शक्तियों को मुख्य रूप से चार श्रेणियों में विभाजित किया जा सकता है:

मंत्रिपरिषद के संबंध में (In Relation to Council of Ministers)
प्रधानमंत्री मंत्रिपरिषद का प्रमुख होता है और उसकी सर्वोच्चता इन बिंदुओं से स्पष्ट होती है:
- मंत्रियों का चयन: राष्ट्रपति केवल उन्हीं व्यक्तियों को मंत्री नियुक्त करता है जिनकी सिफारिश प्रधानमंत्री करता है।
- विभागों का वितरण: वह मंत्रियों के बीच विभागों (Portfolios) का आवंटन और उनमें फेरबदल करता है।
- बैठकों की अध्यक्षता: वह मंत्रिपरिषद की बैठकों की अध्यक्षता करता है और उसके निर्णयों को प्रभावित करता है।
- नियंत्रण: वह सभी मंत्रियों की गतिविधियों का मार्गदर्शन, निर्देशन और नियंत्रण करता है।
- इस्तीफा: वह किसी भी मंत्री से इस्तीफा मांग सकता है या राष्ट्रपति को उसे बर्खास्त करने की सलाह दे सकता है।
राष्ट्रपति के संबंध में (In Relation to the President)
प्रधानमंत्री राष्ट्रपति और मंत्रिपरिषद के बीच संवाद की मुख्य कड़ी है (अनुच्छेद 78):
- सूचना देना: संघ के प्रशासन और विधायी प्रस्तावों से संबंधित मंत्रिपरिषद के सभी निर्णयों की जानकारी राष्ट्रपति को देना उनका संवैधानिक कर्तव्य है।
- नियुक्ति संबंधी सलाह: वह भारत के महत्वपूर्ण अधिकारियों जैसे— भारत का महान्यायवादी (AGI), नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG), UPSC के अध्यक्ष एवं सदस्य, चुनाव आयुक्त और वित्त आयोग के अध्यक्ष की नियुक्ति के संबंध में राष्ट्रपति को सलाह देता है।
संसद के संबंध में (In Relation to Parliament)
प्रधानमंत्री निचले सदन (लोकसभा) का नेता होता है:
- सत्र आहूत करना: वह राष्ट्रपति को संसद का सत्र बुलाने और उसे स्थगित करने (Prorogue) के संबंध में सलाह देता है।
- लोकसभा भंग करना: वह किसी भी समय राष्ट्रपति को लोकसभा भंग करने की सिफारिश कर सकता है।
- नीति घोषणा: वह सदन के पटल पर सरकार की नीतियों की औपचारिक घोषणा करता है।
अन्य शक्तियाँ और भूमिकाएँ
- संस्थागत प्रमुख: वह नीति आयोग, राष्ट्रीय विकास परिषद (NDC), राष्ट्रीय एकता परिषद, अंतर-राज्य परिषद और राष्ट्रीय जल संसाधन परिषद का अध्यक्ष होता है।
- विदेश नीति: वह देश की विदेश नीति को अंतिम रूप देने में मुख्य भूमिका निभाता है।
- राजनीतिक प्रमुख: वह सेवाओं (सेनाओं) का राजनीतिक प्रमुख होता है।
- संकट प्रबंधक: आपातकाल के दौरान वह राजनीतिक स्तर पर मुख्य ‘संकट प्रबंधक’ (Crisis Manager) होता है।
💡 ‘एग्जाम अलर्ट’ (Exam Alert):
यदि प्रधानमंत्री त्यागपत्र देता है या उसकी मृत्यु हो जाती है, तो पूरी मंत्रिपरिषद का अंत हो जाता है। यह एक ‘शून्य’ की स्थिति पैदा करता है जिसे केवल नए प्रधानमंत्री की नियुक्ति से ही भरा जा सकता है। यह पीएम की ‘सर्वोच्चता’ को दर्शाता है।” जबकि किसी अन्य मंत्री के जाने से केवल एक सीट खाली होती है।
प्रधानमंत्री सरकार के ‘धुरी’ (Keystone) के समान हैं। उनकी शक्तियों का वर्गीकरण इस प्रकार है:
| कार्य का क्षेत्र | प्रमुख शक्तियाँ/दायित्व |
| मंत्रिपरिषद के संबंध में | मंत्रियों की नियुक्ति की सिफारिश, विभागों का आवंटन, बैठकों की अध्यक्षता। |
| राष्ट्रपति के संबंध में | प्रशासन और विधायी प्रस्तावों की जानकारी देना (अनुच्छेद 78)। |
| संसद के संबंध में | लोकसभा भंग करने की सिफारिश, नीतियों की घोषणा। |
| संस्थाओं के प्रमुख | नीति आयोग, राष्ट्रीय विकास परिषद, अंतर-राज्य परिषद के अध्यक्ष। |
महत्वपूर्ण ऐतिहासिक तथ्य (Exam Booster)
- पंडित नेहरू: सबसे लंबा कार्यकाल (1947-1964)।
- मोरारजी देसाई: प्रथम गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री।
- चौधरी चरण सिंह: कभी संसद का सामना नहीं किया।
- अटल बिहारी वाजपेयी: सबसे छोटा कार्यकाल (मात्र 13 दिन)।
- नरेंद्र मोदी: स्वतंत्र भारत में जन्में पहले प्रधानमंत्री।
निष्कर्ष (Conclusion)
“भारतीय संविधान में सरकार की संसदीय प्रणाली (Parliamentary System) को अपनाया गया है, जिसमें राष्ट्रपति राज्य का प्रमुख (Head of the State) होता है और प्रधानमंत्री सरकार का प्रमुख (Head of the Government) होता है। अनुच्छेद 75 के अनुसार, प्रधानमंत्री की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है। वह लोकसभा में बहुमत प्राप्त दल का नेता होता है, और मंत्रिपरिषद के सभी निर्णयों का मुख्य आधार होता है।
डॉ. बी.आर. अंबेडकर के शब्दों में— ‘यदि हमारे संविधान के अंतर्गत किसी कार्यकारी की तुलना अमेरिका के राष्ट्रपति से की जा सकती है, तो वह भारत का प्रधानमंत्री है’।”
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
- प्रधानमंत्री वास्तविक कार्यकारी प्रमुख (Real Executive) होता है।
- अनुच्छेद 75 के तहत प्रधानमंत्री की नियुक्ति राष्ट्रपति करता है।
- वह लोकसभा में बहुमत प्राप्त दल का नेता होता है।
- प्रधानमंत्री को पद और गोपनीयता की शपथ राष्ट्रपति दिलाते हैं।
- प्रधानमंत्री का कार्यकाल निश्चित नहीं है, वह राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत पद पर रहता है।
- प्रधानमंत्री बनने के लिए न्यूनतम आयु 25 वर्ष (लोकसभा सदस्य हेतु) या 30 वर्ष (राज्यसभा हेतु) है।
- इंदिरा गांधी पहली प्रधानमंत्री थीं जो नियुक्ति के समय राज्यसभा सदस्य थीं।
- अनुच्छेद 74: राष्ट्रपति को सलाह देने के लिए प्रधानमंत्री के नेतृत्व में मंत्रिपरिषद होगी।
- अनुच्छेद 78: प्रधानमंत्री का कर्तव्य है कि वह राष्ट्रपति को प्रशासन की जानकारी दे।
- वह मंत्रियों के बीच विभागों का आवंटन (Allocation of Portfolios) करता है।
- वह मंत्रिपरिषद की बैठकों की अध्यक्षता करता है।
- प्रधानमंत्री का इस्तीफा पूरी मंत्रिपरिषद का इस्तीफा माना जाता है।
- वह नीति आयोग (पूर्व में योजना आयोग) का अध्यक्ष होता है।
- वह राष्ट्रीय विकास परिषद (NDC) का अध्यक्ष होता है।
- वह राष्ट्रीय एकता परिषद का अध्यक्ष होता है।
- वह अंतर-राज्य परिषद का अध्यक्ष होता है।
- वह राष्ट्रीय जल संसाधन परिषद का अध्यक्ष होता है।
- वह केंद्र सरकार का मुख्य प्रवक्ता (Chief Spokesman) होता है।
- वह सत्ताधारी दल का राजनीतिक प्रमुख होता है।
- वह सेनाओं का राजनीतिक प्रमुख होता है।
- प्रधानमंत्री राष्ट्रपति को लोकसभा भंग करने की सिफारिश कर सकता है।
- जवाहरलाल नेहरू सबसे लंबे समय तक पीएम रहे (16 वर्ष 286 दिन)।
- गुलजारीलाल नंदा भारत के पहले कार्यवाहक (Acting) प्रधानमंत्री थे।
- लाल बहादुर शास्त्री की मृत्यु पद पर रहते हुए विदेश (ताशकंद) में हुई।
- इंदिरा गांधी भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री थीं।
- मोरारजी देसाई प्रथम गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री थे।
- चौधरी चरण सिंह ने कभी लोकसभा का सामना नहीं किया।
- राजीव गांधी सबसे कम उम्र (40 वर्ष) के प्रधानमंत्री थे।
- वी.पी. सिंह अविश्वास प्रस्ताव (No-confidence Motion) द्वारा हटाए गए पहले पीएम थे।
- अटल बिहारी वाजपेयी सबसे कम समय (13 दिन) के लिए पीएम बने।
- एच.डी. देवगौड़ा पीएम बनते समय कर्नाटक विधानसभा के सदस्य थे।
- प्रधानमंत्री का वेतन संसद द्वारा निर्धारित किया जाता है।
- लॉर्ड मोरले ने पीएम को “समानों में प्रथम” कहा है।
- सर विलियम हारकोर्ट ने पीएम को “तारों के बीच चंद्रमा” कहा है।
- डॉ. अंबेडकर ने पीएम की तुलना अमेरिकी राष्ट्रपति से की है।
- प्रधानमंत्री राष्ट्रपति को CAG, UPSC अध्यक्ष आदि की नियुक्ति की सलाह देता है।
- प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की स्थापना 1947 में हुई थी (तब इसे पीएम सचिवालय कहते थे)।
- कैबिनेट सचिव देश का सर्वोच्च सिविल सेवक होता है जो पीएम के अधीन कार्य करता है।
- गठबंधन सरकारों में पीएम की शक्ति ‘सीमित’ हो जाती है।
- नरेंद्र मोदी स्वतंत्र भारत में जन्में पहले प्रधानमंत्री हैं।
- मनमोहन सिंह राज्यसभा से चुने गए पीएम थे (असम से)।
- अविश्वास प्रस्ताव केवल लोकसभा में ही लाया जा सकता है।
- यदि पीएम राज्यसभा का सदस्य है, तो वह अविश्वास प्रस्ताव पर वोट नहीं डाल सकता।
- प्रधानमंत्री ‘आपातकाल’ के दौरान राजनीतिक स्तर पर आपदा प्रबंधन प्रमुख होता है।
- वह देश की विदेश नीति का मुख्य वास्तुकार होता है।
- संसद के पटल पर सरकार की नीतियों की घोषणा पीएम ही करता है।
- वह मंत्रियों को उनके पद से हटाने की सिफारिश राष्ट्रपति से कर सकता है।
- प्रधानमंत्री का पद ‘संसदीय लोकतंत्र’ की धुरी है।
- पी.वी. नरसिम्हा राव दक्षिण भारत से आने वाले पहले प्रधानमंत्री थे।
- अनुच्छेद 78 के तहत सूचना देना पीएम का संवैधानिक कर्तव्य है।
FAQ (महत्वपूर्ण प्रश्न)
प्रश्न 1: प्रधानमंत्री बनने के लिए न्यूनतम आयु कितनी होनी चाहिए?
उत्तर: यदि वह लोकसभा का सदस्य है तो न्यूनतम 25 वर्ष, और यदि वह राज्यसभा का सदस्य है तो न्यूनतम 35 वर्ष की आयु होनी चाहिए।
प्रश्न 2: क्या कोई व्यक्ति जो संसद के किसी भी सदन का सदस्य नहीं है, प्रधानमंत्री बन सकता है?
उत्तर: हाँ, लेकिन उसे प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के 6 महीने के भीतर संसद के किसी भी सदन (लोकसभा या राज्यसभा) की सदस्यता लेनी अनिवार्य होती है।
प्रश्न 3: अनुच्छेद 78 के तहत प्रधानमंत्री का मुख्य कर्तव्य क्या है?
उत्तर: अनुच्छेद 78 के तहत प्रधानमंत्री का यह कर्तव्य है कि वह संघ के प्रशासन और विधान से जुड़े मंत्रिपरिषद के सभी निर्णयों की जानकारी राष्ट्रपति को दे।
प्रश्न 4: प्रधानमंत्री और मंत्रिपरिषद के बीच क्या संबंध होता है?
उत्तर: प्रधानमंत्री मंत्रिपरिषद का प्रमुख होता है। यदि प्रधानमंत्री त्यागपत्र देता है या उसकी मृत्यु हो जाती है, तो पूरी मंत्रिपरिषद अपने आप भंग हो जाती है।
प्रश्न 5: क्या प्रधानमंत्री का कार्यकाल 5 वर्ष के लिए निश्चित होता है?
उत्तर: नहीं, संविधान में प्रधानमंत्री का कार्यकाल निश्चित नहीं है। वह तब तक अपने पद पर बना रहता है जब तक उसे लोकसभा में बहुमत प्राप्त है।
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