उत्तर भारत के विशाल मैदान: One-liners PDF | Great Plains of India Notes

भाग 1: उत्पत्ति, विस्तार और संरचना

  1. उत्तर भारत के मैदान का निर्माण मुख्य रूप से सिंधु, गंगा और ब्रह्मपुत्र नदी तंत्रों द्वारा हुआ है।
  2. इन मैदानों का निर्माण नदियों द्वारा लाए गए जलोढ़ निक्षेपों (Alluvial Deposits) से हुआ है।
  3. उत्तर भारत का मैदान हिमालय के दक्षिण और प्रायद्वीपीय पठार के उत्तर में स्थित है।
  4. इस मैदान की पूर्व से पश्चिम तक कुल लंबाई लगभग 2400 किमी है।
  5. मैदान की चौड़ाई पश्चिम में अधिक (लगभग 500 किमी) और पूर्व में कम (लगभग 150 किमी) है।
  6. उत्तर भारत का मैदान विश्व के सबसे उपजाऊ मैदानों में से एक है।
  7. हिमालय की तलहटी में कंकड़-पत्थरों के निक्षेप से बने क्षेत्र को भाबर कहा जाता है।
  8. भाबर क्षेत्र में नदियाँ सतह से विलीन (गायब) हो जाती हैं और पत्थरों के नीचे बहती हैं।
  9. भाबर क्षेत्र की चौड़ाई लगभग 8 से 16 किमी तक होती है।
  10. भाबर के दक्षिण में स्थित दलदली और नम क्षेत्र को तराई कहा जाता है।
  11. तराई क्षेत्र में गायब हुई नदियाँ पुनः सतह पर प्रकट होती हैं।
  12. तराई क्षेत्र अपनी सघन वनस्पतियों और वन्यजीवों के लिए प्रसिद्ध है।
  13. मैदानों का वह उच्च भाग जहाँ नदियों के बाढ़ का पानी नहीं पहुँच पाता, बांगर कहलाता है।
  14. बांगर क्षेत्र पुरानी जलोढ़ मिट्टी से बना होता है।
  15. मैदानों का वह निचला भाग जहाँ प्रतिवर्ष बाढ़ का नया पानी और मिट्टी पहुँचती है, खादर कहलाता है।
  16. खादर क्षेत्र नवीन जलोढ़ मिट्टी से बना होता है और अत्यधिक उपजाऊ होता है।
  17. बांगर मिट्टी में चूनेदार निक्षेप पाए जाते हैं, जिन्हें स्थानीय भाषा में ‘कंकड़’ कहते हैं।
  18. अत्यधिक सिंचाई के कारण बांगर भूमि पर जमी सफेद नमकीन परत को ‘रेह’ या ‘कलर’ कहते हैं।
  19. गंगा के मैदान में ऊँचे टीलेनुमा बलुई जमाव को ‘भूड’ कहा जाता है।
  20. नदियों के मुहाने पर बनने वाले दलदली और उपजाऊ भाग को डेल्टा कहते हैं।
  21. विश्व का सबसे बड़ा डेल्टा सुंदरबन डेल्टा गंगा-ब्रह्मपुत्र नदियों द्वारा बनाया जाता है।
  22. सुंदरबन डेल्टा का नाम वहाँ पाए जाने वाले सुंदरी वृक्षों के कारण पड़ा है।
  23. उत्तर भारत के मैदान की औसत ऊँचाई समुद्र तल से 200 मीटर के लगभग है।
  24. अम्बाला शहर सिंधु और गंगा नदी तंत्र के बीच ‘जल विभाजक’ का कार्य करता है।
  25. राजस्थान का मैदान मुख्य रूप से थार मरुस्थल का हिस्सा है।
  26. थार मरुस्थल में बहने वाली सबसे प्रमुख नदी लूनी है।
  27. राजस्थान के मैदान में स्थित खारे पानी की सबसे बड़ी झील सांभर झील है।
  28. पंजाब और हरियाणा के मैदान का निर्माण सतलज, रावी और ब्यास नदियों द्वारा हुआ है।
  29. दो नदियों के बीच की उपजाऊ भूमि को ‘दोआब’ कहा जाता है।
  30. बिस्त दोआब: ब्यास और सतलज नदियों के बीच का क्षेत्र।
  31. बारी दोआब: ब्यास और रावी नदियों के बीच का क्षेत्र।
  32. रचना दोआब: रावी और चेनाब नदियों के बीच का क्षेत्र।
  33. चाज दोआब: चेनाब और झेलम नदियों के बीच का क्षेत्र।
  34. सिंधु सागर दोआब: झेलम, चेनाब और सिंधु नदियों के बीच का क्षेत्र।
  35. गंगा के मैदान को तीन भागों में बांटा गया है: ऊपरी, मध्य और निचला गंगा मैदान।
  36. ऊपरी गंगा मैदान मुख्य रूप से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में विस्तृत है।
  37. मध्य गंगा मैदान पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार में फैला हुआ है।
  38. निचला गंगा मैदान मुख्य रूप से पश्चिम बंगाल में स्थित है।
  39. ब्रह्मपुत्र का मैदान एक सँकरी घाटी के रूप में असम में स्थित है।
  40. ब्रह्मपुत्र मैदान में विश्व का सबसे बड़ा नदी द्वीप ‘माजुली’ स्थित है।

भाग 2: कृषि, नदियाँ और क्षेत्रीय विशेषताएं

  1. उत्तर भारत के मैदान को ‘भारत का अन्न भंडार’ (Granary of India) कहा जाता है।
  2. यह मैदान भारत में गेहूं, चावल और गन्ने के उत्पादन का मुख्य केंद्र है।
  3. उत्तर भारत के मैदान में मुख्य रूप से जलोढ़ मिट्टी पाई जाती है।
  4. जलोढ़ मिट्टी में पोटाश की अधिकता और फास्फोरस की कमी होती है।
  5. भाबर क्षेत्र कृषि के लिए अनुपयुक्त होता है क्योंकि यहाँ पानी पत्थरों के नीचे चला जाता है।
  6. तराई क्षेत्र को साफ करके अब वहाँ भारी मात्रा में गन्ना और चावल की खेती की जाती है।
  7. मैदानों में बहने वाली नदियाँ अपनी वृद्धावस्था में विसर्प (Meanders) बनाती हैं।
  8. विसर्पों के कटने से मैदानों में गोखुर झीलें (Ox-bow Lakes) बनती हैं।
  9. बिहार में कोसी नदी को ‘बिहार का शोक’ कहा जाता है क्योंकि यह अपना मार्ग बहुत बदलती है।
  10. पश्चिम बंगाल में दामोदर नदी को ‘बंगाल का शोक’ कहा जाता था।
  11. गंगा-यमुना का दोआब क्षेत्र भारत का सबसे उपजाऊ क्षेत्र माना जाता है।
  12. उत्तर भारत के मैदान में वर्षा की मात्रा पूर्व से पश्चिम की ओर घटती जाती है।
  13. यही कारण है कि पूर्व में चावल और पश्चिम में गेहूं की प्रधानता है।
  14. ‘रोही’ राजस्थान के मैदान में उपजाऊ उप-मैदानी पट्टी को कहा जाता है।
  15. थार मरुस्थल में स्थित रेतीले टीलों को ‘धरियन’ कहा जाता है।
  16. अर्ध-चंद्राकार रेत के टीलों को ‘बरखान’ कहा जाता है।
  17. मैदानों में जलभराव के कारण बनने वाली छोटी झीलों को पंजाब में ‘ढाया’ कहते हैं।
  18. उत्तर भारत के मैदान की ढाल अत्यंत मंद है (लगभग 10-15 सेमी प्रति किमी)।
  19. गंगा नदी हरिद्वार के पास पहली बार मैदानों में प्रवेश करती है।
  20. यमुना नदी दिल्ली और आगरा जैसे शहरों से गुजरते हुए मैदानों को सींचती है।
  21. उत्तर भारत का मैदान भू-आकृतिक दृष्टि से एक ‘अग्रगर्त’ (Foredeep) है।
  22. इस मैदान में जलोढ़ निक्षेपों की गहराई 1000 से 2000 मीटर तक हो सकती है।
  23. मैदानों का सबसे ऊँचा भाग अरावली और दिल्ली की पहाड़ियों के पास है।
  24. ब्रह्मपुत्र मैदान को असम घाटी के नाम से भी जाना जाता है।
  25. ब्रह्मपुत्र नदी सदिया के पास मैदानों में प्रवेश करती है।
  26. उत्तर भारत के मैदान में नहरों का जाल सबसे अधिक विस्तृत है।
  27. हरित क्रांति का सबसे अधिक प्रभाव उत्तर भारत के मैदानों (पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी UP) पर पड़ा।
  28. मैदानों में स्थित बांगर क्षेत्र में बस्तियाँ अधिक सघन पाई जाती हैं क्योंकि यहाँ बाढ़ का खतरा कम होता है।
  29. खादर क्षेत्र में हर साल नई मिट्टी आने से खाद की कम आवश्यकता पड़ती है।
  30. राजस्थान के मैदान में ‘डीडवाना’ और ‘पंचभद्रा’ खारे पानी की अन्य प्रमुख झीलें हैं।
  31. मैदानों में नदियों के किनारे ऊँची बलुई भूमि को स्थानीय रूप से ‘कौल’ भी कहा जाता है।
  32. गंगा-ब्रह्मपुत्र डेल्टा का समुद्री भाग मैंग्रोव वनों से ढका हुआ है।
  33. मैदानों में भूमिगत जल स्तर (Groundwater level) काफी ऊँचा पाया जाता है।
  34. उत्तर भारत का मैदान भारत की 60% से अधिक आबादी को आश्रय देता है।
  35. यहाँ की नदियाँ ‘अपरदन’ (Erosion) से अधिक ‘निक्षेपण’ (Deposition) का कार्य करती हैं।
  36. मैदानों में पाए जाने वाले अनुपजाऊ गड्ढों को पश्चिम बंगाल में ‘बिल’ (Beel) कहते हैं।
  37. उत्तर भारत के मैदान में सर्दियों में होने वाली वर्षा पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbances) के कारण होती है।
  38. यह शीतकालीन वर्षा गेहूं की फसल (रबी) के लिए ‘गोल्डन ड्रॉप्स’ कहलाती है।
  39. गर्मियों में मैदानों में चलने वाली गर्म हवा को ‘लू’ कहा जाता है।
  40. उत्तर भारत का मैदान परिवहन (रेलवे और रोड) के लिए सबसे सुगम क्षेत्र है।

भाग 3: विशेष तथ्य और परीक्षा उपयोगी प्रश्न

  1. ‘चोस’ (Chos) नामक मौसमी धाराएं शिवालिक के पास मैदानों में कटाव करती हैं।
  2. उत्तर भारत के मैदान का सबसे दक्षिणी भाग विंध्य और सतपुड़ा के पास समाप्त होता है।
  3. मैदानों में जलोढ़ मिट्टी का रंग हल्के भूरे से राख जैसा होता है।
  4. तटीय मैदानों की तुलना में उत्तर भारत का मैदान अधिक विस्तृत और उपजाऊ है।
  5. गंगा के मैदान में सिंचाई का मुख्य स्रोत नहरें और ट्यूबवेल हैं।
  6. उत्तर भारत का मैदान प्राचीन काल से ही सभ्यताओं का केंद्र रहा है (जैसे सिंधु घाटी)।
  7. कम्पोजिट ग्रास उत्तर भारत के मैदानों में पाए जाने वाले घास के मैदान हैं।
  8. उत्तर भारत के मैदान में वनों का प्रतिशत बहुत कम है क्योंकि अधिकांश भूमि पर कृषि होती है।
  9. उत्तर प्रदेश भारत में सर्वाधिक जलोढ़ मिट्टी वाला राज्य है।
  10. मैदानों में नदियों का मार्ग बदलने से बनने वाली झीलों को ‘ताल’ (जैसे रामगढ़ ताल) भी कहते हैं।
  11. ब्रह्मपुत्र नदी मैदानों में अक्सर अपना मार्ग बदलती है और भीषण बाढ़ लाती है।
  12. राजस्थान के मरुस्थलीय मैदान में वर्षा 25 सेमी से भी कम होती है।
  13. पंजाब के मैदान में पाई जाने वाली नदियों के किनारे की भूमि को ‘बेट’ (Bet) कहा जाता है।
  14. उत्तर भारत के मैदान को ‘ग्रेट आर्क’ भी कहा जाता है।
  15. यह मैदान उत्तर में हिमालय और दक्षिण में प्रायद्वीपीय पठार के बीच एक समतल कड़ी है।
  16. मैदानों के पश्चिमी भाग में ‘शुष्क’ और पूर्वी भाग में ‘आर्द्र’ जलवायु पाई जाती है।
  17. जबलपुर के पास नर्मदा नदी मैदानों के पास से गुजरती है लेकिन वह पठारी नदी है।
  18. उत्तर भारत का मैदान भारत की जीडीपी (GDP) में कृषि क्षेत्र से सबसे बड़ा योगदान देता है।
  19. मैदानों में मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने के लिए फसल चक्र (Crop Rotation) अपनाया जाता है।
  20. उत्तर भारत का विशाल मैदान भारत का ‘हृदय स्थल’ (Heartland) कहलाता है।