हिमालय पर्वत (Himalayas) भारतीय भूगोल (Indian Geography) का एक अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है। UPSC, SSC, Railway, NTPC, UPPSC, UPSSSC PET, CTET और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में हिमालय की उत्पत्ति, संरचना, पर्वत श्रेणियाँ, चोटियाँ, ग्लेशियर, घाटियाँ, दर्रे और नदियों से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं।
इस लेख में हिमालय से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों को हिमालय की उत्पत्ति एवं संरचना, प्रमुख चोटियाँ, ग्लेशियर, घाटियाँ, दर्रे और महत्वपूर्ण भौगोलिक विशेषताओं के आधार पर समझाया गया है। यह लेख परीक्षा की तैयारी के लिए Himalaya GK in Hindi के रूप में उपयोगी है।
हिमालय क्या है?
हिमालय एक नवीन वलित पर्वत (Young Fold Mountain) है। इसकी उत्पत्ति टेथिस सागर के अवसादों से हुई मानी जाती है। इसका निर्माण यूरेशियन प्लेट और इण्डो-ऑस्ट्रेलियन प्लेट के टकराव से हुआ।
हिमालय पश्चिम से पूर्व तक लगभग 2400–2500 किमी लंबा है और इसकी चौड़ाई लगभग 150 से 400 किमी तक मानी गई है। इसका आकार धनुषाकार (Arc) है।
हिमालय को विश्व की सबसे ऊँची पर्वत श्रृंखला के रूप में जाना जाता है और इसे मुख्य रूप से कई समानांतर पर्वत श्रेणियों में विभाजित किया जाता है।
हिमालय की प्रमुख पर्वत श्रेणियाँ
हिमालय को मुख्य रूप से निम्न श्रेणियों में समझा जाता है:
- ट्रांस हिमालय
- महान हिमालय
- लघु हिमालय
- शिवालिक
ट्रांस हिमालय
ट्रांस हिमालय हिमालय की सबसे उत्तरी और प्राचीन श्रेणी मानी जाती है।
इसके अंतर्गत:
- काराकोरम
- लद्दाख
- जास्कर
- कैलाश
जैसी श्रेणियाँ आती हैं।
महान हिमालय
महान हिमालय (Great Himalayas) को हिमाद्रि भी कहा जाता है।
माउंट एवरेस्ट इसी महान हिमालय का हिस्सा है। इसकी औसत ऊँचाई लगभग 6100 मीटर बताई गई है।
लघु हिमालय
लघु हिमालय (Lesser Himalayas) को हिमाचल श्रेणी कहा जाता है।
पीर पंजाल जैसी पर्वत श्रेणियाँ लघु हिमालय का हिस्सा हैं। शिमला और नैनीताल जैसे प्रसिद्ध पर्वतीय पर्यटन स्थल भी लघु हिमालय से संबंधित हैं।
शिवालिक
शिवालिक हिमालय की सबसे दक्षिणी और नवीन श्रेणी है। इसकी औसत ऊँचाई लगभग 900 से 1100 मीटर बताई गई है।
हिमालय की प्रमुख चोटियाँ
हिमालय में विश्व की कई महत्वपूर्ण ऊँची चोटियाँ स्थित हैं।
माउंट एवरेस्ट
माउंट एवरेस्ट विश्व की सबसे ऊँची चोटी है और इसकी ऊँचाई 8848.86 मीटर है।
नेपाल में इसे सागरमाथा तथा तिब्बत में चोमोलुंग्मा कहा जाता है।
1953 में एडमंड हिलेरी और तेनजिंग नोर्गे ने पहली बार माउंट एवरेस्ट पर सफलतापूर्वक चढ़ाई की थी।
कंचनजंगा
कंचनजंगा सिक्किम में स्थित है और इसे हिमालय में स्थित भारत की सबसे ऊँची चोटी के रूप में बताया गया है।
नंदा देवी
नंदा देवी उत्तराखंड के कुमायूँ हिमालय में स्थित प्रमुख चोटी है। कुमायूँ हिमालय की सबसे ऊँची चोटी के रूप में नंदा देवी का उल्लेख मिलता है।
अन्य प्रमुख चोटियाँ
हिमालय की प्रमुख चोटियों में:
- धौलागिरी
- अन्नपूर्णा
- मकालू
- कामेत
- त्रिशूल
- इंद्रासन
- देव टिब्बा
शामिल हैं।
हिमालय का प्रादेशिक विभाजन
सिंधु, सतलज, काली, तीस्ता और दिहांग जैसी नदियों के आधार पर हिमालय का प्रादेशिक विभाजन किया गया है। स्रोत सामग्री में इस विभाजन का श्रेय सिडनी बुरार्ड को दिया गया है।
पंजाब या कश्मीर हिमालय
सिंधु और सतलज नदियों के बीच के हिमालय को पंजाब या कश्मीर हिमालय कहा जाता है।
कुमायूँ हिमालय
सतलज और काली नदी के बीच का भाग कुमायूँ हिमालय कहलाता है।
नेपाल हिमालय
काली और तीस्ता नदी के बीच का भाग नेपाल हिमालय कहलाता है।
असम हिमालय
तीस्ता और दिहांग (ब्रह्मपुत्र) के बीच का भाग असम हिमालय कहलाता है।
हिमालय के ग्लेशियर
हिमालय में अनेक महत्वपूर्ण ग्लेशियर पाए जाते हैं।
सियाचिन ग्लेशियर
सियाचिन ग्लेशियर काराकोरम श्रेणी की नुब्रा घाटी में स्थित है। स्रोत सामग्री में इसे भारत का सबसे बड़ा ग्लेशियर बताया गया है।
गंगोत्री ग्लेशियर
उत्तराखंड में स्थित गंगोत्री ग्लेशियर से भागीरथी नदी का उद्गम होता है।
यमुनोत्री ग्लेशियर
यमुनोत्री ग्लेशियर से यमुना नदी का उद्गम होता है।
जेमू ग्लेशियर
जेमू ग्लेशियर सिक्किम में स्थित है और स्रोत सामग्री में इसे तीस्ता नदी के उद्गम से जोड़ा गया है।
हिमालय की प्रमुख घाटियाँ
हिमालय में कई महत्वपूर्ण घाटियाँ पाई जाती हैं।
कश्मीर घाटी
कश्मीर हिमालय अपनी हिमानीकृत झीलों (Glacial Lakes) के लिए प्रसिद्ध है।
कुल्लू घाटी
कुल्लू घाटी धौलाधार और पीर पंजाल श्रेणियों के बीच स्थित है।
स्पीति घाटी
स्पीति घाटी ताबो मठ के लिए प्रसिद्ध है।
चुम्बी घाटी
चुम्बी घाटी सिक्किम, भूटान और तिब्बत के मिलन क्षेत्र के पास स्थित है। यह डोकलाम क्षेत्र के निकट भी स्थित है।
फूलों की घाटी
फूलों की घाटी (Valley of Flowers) उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित है।
दून घाटियाँ
हिमालय की पर्वत श्रेणियों के बीच स्थित समतल घाटियों को दून कहा जाता है।
देहरादून इसका प्रसिद्ध उदाहरण है।
हिमालय के प्रमुख दर्रे
हिमालय के दर्रे (Mountain Passes) प्राचीन काल से व्यापार, आवागमन और सामरिक गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण रहे हैं।
कराकोरम दर्रा
कराकोरम दर्रा लद्दाख क्षेत्र में स्थित प्रमुख दर्रा है।
जोजिला दर्रा
जोजिला दर्रा श्रीनगर को लेह से जोड़ता है।
बनिहाल दर्रा
बनिहाल दर्रा जम्मू को श्रीनगर से जोड़ने वाले मार्ग से संबंधित है। जवाहर सुरंग भी इसी क्षेत्र में स्थित है।
शिपकी ला
शिपकी ला दर्रा हिमाचल प्रदेश को तिब्बत से जोड़ता है। स्रोत सामग्री के अनुसार सतलज नदी इसी मार्ग से भारत में प्रवेश करती है।
लिपुलेख दर्रा
लिपुलेख दर्रा उत्तराखंड में स्थित है और कैलाश-मानसरोवर यात्रा के मार्ग से जुड़ा है।
माना ला और नीति ला
माना ला और नीति ला उत्तराखंड को तिब्बत से जोड़ने वाले महत्वपूर्ण दर्रे हैं।
नाथुला दर्रा
नाथुला दर्रा सिक्किम में स्थित है और भारत-चीन व्यापार के महत्वपूर्ण मार्गों में शामिल है।
स्रोत सामग्री के अनुसार इसे 1962 के युद्ध के बाद बंद किया गया था और 2006 में फिर खोला गया।
जेलेप ला
जेलेप ला दर्रा सिक्किम में स्थित है और स्रोत सामग्री में इसे तीस्ता नदी द्वारा निर्मित बताया गया है।
बोमडिला दर्रा
बोमडिला दर्रा अरुणाचल प्रदेश में स्थित है और तिब्बत की दिशा में संपर्क मार्ग से संबंधित है।
दिफू दर्रा
दिफू दर्रा भारत, चीन और म्यांमार के त्रि-जंक्शन क्षेत्र से संबंधित है।
तुजू दर्रा
तुजू दर्रा मणिपुर में स्थित है और म्यांमार से संपर्क का मार्ग प्रदान करता है।
हिमालय और भारतीय नदियाँ
हिमालय भारत की नदी प्रणाली के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। हिमालय से निकलने वाली कई नदियाँ वर्ष भर जल उपलब्ध कराती हैं।
प्रमुख हिमालयी नदियों में:
- सिंधु
- सतलज
- गंगा
- यमुना
- ब्रह्मपुत्र
आदि शामिल हैं।
स्रोत सामग्री में ब्रह्मपुत्र, सिंधु और सतलज को पूर्ववर्ती नदियों (Antecedent Rivers) के उदाहरण के रूप में बताया गया है।
हिमालय मानसूनी हवाओं को रोककर भारत में वर्षा कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह उत्तर भारत को साइबेरिया की ठंडी हवाओं से बचाने में भी सहायक है।
हिमालय की प्रमुख भौगोलिक विशेषताएँ
करेवा
कश्मीर हिमालय में करेवा पाए जाते हैं और स्रोत सामग्री में इन्हें केसर की खेती से जोड़ा गया है।
मर्ग
कश्मीर के लघु हिमालय में पाए जाने वाले घास के मैदानों को मर्ग कहा जाता है। गुलमर्ग इसका प्रसिद्ध उदाहरण है।
बुग्याल
उत्तराखंड में लघु हिमालय के घास के मैदानों को बुग्याल कहा जाता है।
तराई
शिवालिक और मैदानों के बीच के क्षेत्र को तराई कहा जाता है।
हिमालय की पूर्वांचल पहाड़ियाँ
पूर्वोत्तर भारत में हिमालय का विस्तार पूर्वांचल पहाड़ियों के रूप में जाना जाता है।
इनमें:
- पटकाई बुम
- नागा पहाड़ियाँ
- मिजो पहाड़ियाँ
प्रमुख हैं।
अरुणाचल प्रदेश में डाफला, अबोर और मिश्मी जैसी पहाड़ियों का उल्लेख भी मिलता है।
हिमालय का दक्षिण-पूर्व की ओर मुड़ा हुआ भाग म्यांमार में अराकान योमा के नाम से जाना जाता है।
हिमालय से जुड़े महत्वपूर्ण भौगोलिक तथ्य
- हिमालय को तीसरे ध्रुव (Third Pole) के रूप में भी जाना जाता है।
- हिमालय की चोटियाँ मुख्यतः बर्फ से ढकी रहती हैं।
- हिमालय क्षेत्र में भूकंप का संबंध प्लेट टेक्टोनिक्स से है।
- हिमालय क्षेत्र में सीढ़ीदार खेती (Terrace Farming) की जाती है।
- हिमालय क्षेत्र में भूस्खलन (Landslide) की घटनाएँ महत्वपूर्ण हैं।
- हिमालय जैव विविधता की दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र है।
- हिमालय क्षेत्र में पर्यटन अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है।
- हिमालय की श्रेणियों के बीच स्थित समतल घाटियों को दून कहा जाता है।
- हिमालय की तलहटी का तराई क्षेत्र कृषि एवं जैव विविधता की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
हिमालय के प्रमुख दर्रे – Quick Revision
| दर्रा | राज्य/क्षेत्र | प्रमुख तथ्य |
|---|---|---|
| कराकोरम दर्रा | लद्दाख | काराकोरम क्षेत्र |
| जोजिला | जम्मू-कश्मीर/लद्दाख क्षेत्र | श्रीनगर–लेह मार्ग |
| बनिहाल | जम्मू-कश्मीर | जम्मू–श्रीनगर मार्ग |
| शिपकी ला | हिमाचल प्रदेश | तिब्बत से संपर्क |
| लिपुलेख | उत्तराखंड | मानसरोवर यात्रा मार्ग |
| माना ला | उत्तराखंड | तिब्बत से संपर्क |
| नीति ला | उत्तराखंड | तिब्बत से संपर्क |
| नाथुला | सिक्किम | भारत-चीन व्यापार मार्ग |
| जेलेप ला | सिक्किम | महत्वपूर्ण पर्वतीय दर्रा |
| बोमडिला | अरुणाचल प्रदेश | तिब्बत की दिशा में मार्ग |
| दिफू | अरुणाचल क्षेत्र | भारत-चीन-म्यांमार क्षेत्र |
| तुजू | मणिपुर | म्यांमार से संपर्क |
हिमालय से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न
हिमालय किस प्रकार का पर्वत है?
नवीन वलित पर्वत (Young Fold Mountain)।
हिमालय की सबसे दक्षिणी श्रेणी कौन-सी है?
शिवालिक।
महान हिमालय को किस नाम से जाना जाता है?
हिमाद्रि।
लघु हिमालय को किस नाम से जाना जाता है?
हिमाचल श्रेणी।
माउंट एवरेस्ट की ऊँचाई कितनी है?
8848.86 मीटर।
नेपाल में माउंट एवरेस्ट को किस नाम से जाना जाता है?
सागरमाथा।
कंचनजंगा कहाँ स्थित है?
सिक्किम में।
गंगोत्री ग्लेशियर से कौन-सी नदी निकलती है?
भागीरथी।
यमुनोत्री ग्लेशियर से कौन-सी नदी निकलती है?
यमुना।
नाथुला दर्रा किस राज्य में है?
सिक्किम।
लिपुलेख दर्रा किस राज्य में स्थित है?
उत्तराखंड।
जोजिला दर्रा किन स्थानों को जोड़ता है?
श्रीनगर और लेह।
शिवालिक और मैदानों के बीच के क्षेत्र को क्या कहते हैं?
तराई।
हिमालय की पर्वत श्रेणियों के बीच की समतल घाटियों को क्या कहा जाता है?
दून।
देहरादून किस प्रकार की घाटी का उदाहरण है?
दून घाटी।
हिमालय – एक नजर में
| विषय | महत्वपूर्ण तथ्य |
|---|---|
| प्रकार | नवीन वलित पर्वत |
| लंबाई | लगभग 2400–2500 किमी |
| चौड़ाई | लगभग 150–400 किमी |
| आकार | धनुषाकार |
| सबसे उत्तरी प्रमुख श्रेणी | ट्रांस हिमालय |
| महान हिमालय | हिमाद्रि |
| लघु हिमालय | हिमाचल |
| सबसे दक्षिणी श्रेणी | शिवालिक |
| विश्व की सबसे ऊँची चोटी | माउंट एवरेस्ट |
| भारत में हिमालय की सबसे ऊँची चोटी | कंचनजंगा |
| प्रमुख ग्लेशियर | सियाचिन, गंगोत्री, यमुनोत्री, जेमू |
| प्रमुख दर्रा | नाथुला, जोजिला, लिपुलेख, शिपकी ला आदि |
| प्रसिद्ध दून | देहरादून |
| घास का मैदान – कश्मीर | मर्ग |
| घास का मैदान – उत्तराखंड | बुग्याल |
| शिवालिक के दक्षिण का क्षेत्र | तराई |
निष्कर्ष
हिमालय पर्वत केवल भारत की भौगोलिक संरचना का महत्वपूर्ण हिस्सा नहीं है, बल्कि यह भारत की जलवायु, नदी प्रणाली, जैव विविधता, कृषि, पर्यटन और सांस्कृतिक पहचान से भी जुड़ा हुआ है।
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए हिमालय की उत्पत्ति, पर्वत श्रेणियाँ, क्षेत्रीय विभाजन, प्रमुख चोटियाँ, ग्लेशियर, घाटियाँ, दर्रे, पूर्वांचल पहाड़ियाँ और संबंधित भौगोलिक शब्दावली को अच्छी तरह समझना आवश्यक है।
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भाग 1: हिमालय की उत्पत्ति और संरचना
- हिमालय एक नवीन वलित पर्वत (Young Fold Mountain) है।
- हिमालय की उत्पत्ति टेथिस सागर (Tethys Sea) के अवसादों से हुई है।
- हिमालय का निर्माण यूरेशियन प्लेट और इण्डो-ऑस्ट्रेलियन प्लेट के टकराने से हुआ है।
- हिमालय की लंबाई पश्चिम से पूर्व तक लगभग 2400-2500 किमी है।
- हिमालय की औसत चौड़ाई 150 से 400 किमी तक है।
- हिमालय का आकार एक धनुषाकार (Arc) जैसा है।
- हिमालय विश्व की सबसे ऊँची पर्वत श्रृंखला है।
- हिमालय को मुख्य रूप से 4 समानांतर श्रेणियों में बांटा गया है।
- हिमालय की सबसे उत्तरी और प्राचीन श्रेणी ट्रांस हिमालय है।
- महान हिमालय (Great Himalayas) को ‘हिमाद्रि’ के नाम से भी जाना जाता है।
- लघु हिमालय (Lesser Himalayas) को ‘हिमाचल श्रेणी’ कहा जाता है।
- हिमालय की सबसे दक्षिणी और नई श्रेणी शिवालिक है।
- हिमालय का पश्चिमी छोर नंगा पर्वत है।
- हिमालय का पूर्वी छोर नामचा बरवा (तिब्बत) है।
- ट्रांस हिमालय के अंतर्गत काराकोरम, लद्दाख, जास्कर और कैलाश श्रेणियां आती हैं।
- भारत की सबसे ऊँची चोटी K2 (गॉडविन ऑस्टिन) काराकोरम श्रेणी में है।
- विश्व की सबसे ऊँची चोटी माउंट एवरेस्ट (8848.86 मी) महान हिमालय का हिस्सा है।
- माउंट एवरेस्ट को नेपाल में ‘सागरमाथा’ कहा जाता है।
- माउंट एवरेस्ट को तिब्बत में ‘चोमोलुंग्मा’ (पर्वतों की रानी) कहा जाता है।
- हिमालय में स्थित भारत की सबसे ऊँची चोटी कंचनजंगा (सिक्किम) है।
- नंदा देवी, धौलागिरी, अन्नपूर्णा और मकालू चोटियाँ महान हिमालय में स्थित हैं।
- महान हिमालय की औसत ऊँचाई 6100 मीटर है।
- हिमालय की चौड़ाई पश्चिम (कश्मीर) में अधिक और पूर्व (अरुणाचल) में कम है।
- सिंधु नदी ट्रांस हिमालय की लद्दाख और जास्कर श्रेणियों के बीच बहती है।
- विश्व की सबसे तीव्र ढाल वाली चोटी राकापोशी लद्दाख श्रेणी में स्थित है।
- महान हिमालय और ट्रांस हिमालय के बीच की रेखा को ‘हिंज लाइन’ या ‘सचर जोन’ कहते हैं।
- महान हिमालय और लघु हिमालय के बीच के क्षेत्र को ‘मेन सेंट्रल थ्रस्ट’ (MCT) कहते हैं।
- लघु हिमालय और शिवालिक के बीच के क्षेत्र को ‘मेन बाउंड्री फॉल्ट’ (MBF) कहते हैं।
- शिवालिक के दक्षिण में मैदानी भाग को ‘Himalayan Frontal Fault’ (HFF) अलग करता है।
- ‘केसर’ की खेती के लिए प्रसिद्ध करेवा कश्मीर हिमालय में पाया जाता है।
- हिमालय के दक्षिण की ओर का ढाल तीव्र और उत्तर (तिब्बत) की ओर मंद है।
- हिमालय पर्वतमाला को ‘तीसरे ध्रुव’ (Third Pole) के रूप में भी जाना जाता है।
- हिमालय की चोटियाँ साल भर बर्फ से ढकी रहती हैं।
- नंदा देवी चोटी उत्तराखंड के कुमायूँ हिमालय में स्थित है।
- बद्रीनाथ, केदारनाथ और गंगोत्री जैसे तीर्थ स्थल महान हिमालय में हैं।
- हिमालय का प्रादेशिक विभाजन सिडनी बुरार्ड ने नदियों के आधार पर किया था।
- सिंधु और सतलज के बीच के हिमालय को पंजाब/कश्मीर हिमालय कहते हैं।
- सतलज और काली नदी के बीच के भाग को कुमायूँ हिमालय कहते हैं।
- काली और तीस्ता नदी के बीच के भाग को नेपाल हिमालय कहते हैं।
- तीस्ता और दिहांग (ब्रह्मपुत्र) के बीच के भाग को असम हिमालय कहते हैं।
- कुमायूँ हिमालय की सबसे ऊँची चोटी नंदा देवी है।
- हिमालय के किस भाग में सबसे ऊँची चोटियाँ पाई जाती हैं? – नेपाल हिमालय में।
- शिवालिक पर्वत श्रेणी का प्राचीन नाम ‘मानक पर्वत’ है।
- हिमालय की सबसे ऊँची चोटियाँ ग्रेनाइट और नीस चट्टानों से बनी हैं।
- लघु हिमालय में स्थित घास के मैदानों को कश्मीर में ‘मर्ग’ (जैसे गुलमर्ग) कहते हैं।
- उत्तराखंड में लघु हिमालय के घास के मैदानों को ‘बुग्याल’ या ‘पपयार’ कहते हैं।
- काठमांडू घाटी महान हिमालय और महाभारत श्रेणी (लघु हिमालय) के बीच है।
- दक्षिण-पूर्व एशिया की अधिकांश नदियाँ हिमालय से निकलती हैं।
- हिमालय मानसूनी हवाओं को रोककर भारत में वर्षा कराने में सहायक है।
- हिमालय भारत को साइबेरिया की ठंडी हवाओं से बचाता है।
भाग 2: चोटियाँ, ग्लेशियर और घाटियाँ
- सियाचिन ग्लेशियर भारत का सबसे बड़ा ग्लेशियर है (76 किमी)।
- सियाचिन ग्लेशियर काराकोरम श्रेणी की नुब्रा घाटी में स्थित है।
- बियाफो, बाल्टोरो और हिस्पर ग्लेशियर भी काराकोरम श्रेणी में हैं।
- जेमू ग्लेशियर सिक्किम में स्थित है, जहाँ से तीस्ता नदी निकलती है।
- गंगोत्री ग्लेशियर (उत्तराखंड) से भागीरथी (गंगा) नदी निकलती है।
- यमुनोत्री ग्लेशियर से यमुना नदी का उद्गम होता है।
- अनाईमुडी दक्षिण भारत की सबसे ऊँची चोटी है (हिमालय की नहीं)।
- हिमालय में ‘स्नो लाइन’ (हिम रेखा) की ऊँचाई पूर्व की तुलना में पश्चिम में अधिक है।
- कुल्लू घाटी धौलाधार और पीर पंजाल श्रेणी के बीच स्थित है।
- स्पीति घाटी बौद्धों के प्रसिद्ध ‘ताबो मठ’ के लिए जानी जाती है।
- चुम्बी घाटी सिक्किम, भूटान और तिब्बत के मिलन बिंदु पर है।
- फूलों की घाटी (Valley of Flowers) उत्तराखंड के चमोली में है।
- भारत का सबसे ऊँचा पठार लद्दाख का पठार है।
- लद्दाख के पठार को ‘मिनी तिब्बत’ भी कहा जाता है।
- भारत की सबसे ऊँची झील चोलामू झील (सिक्किम) हिमालय में है।
- पेंगोंग झील लद्दाख में स्थित एक खारे पानी की झील है।
- कश्मीर की डाल झील और वुलर झील (मीठे पानी की) हिमालयी क्षेत्र में हैं।
- हिमालय के सबसे ऊँचे भागों में शंकुधारी वन पाए जाते हैं।
- रोहतांग दर्रा कुल्लू घाटी को लाहौल और स्पीति से जोड़ता है।
- पीर पंजाल श्रेणी हिमालय के लघु हिमालय का हिस्सा है।
- महान हिमालय की औसत ऊँचाई शिवालिक से कहीं अधिक है।
- हिमालय में अवसादी चट्टानों की प्रधानता है लेकिन इसके गर्भ में आग्नेय चट्टानें हैं।
- हिमालय में भूकंप आने का मुख्य कारण प्लेट टेक्टोनिक्स है।
- हिमालयी नदियाँ ‘पूर्ववर्ती नदियाँ’ (Antecedent Rivers) कहलाती हैं।
- ब्रह्मपुत्र, सिंधु और सतलज नदियाँ हिमालय के जन्म से पहले की हैं।
- ‘मकालू’ चोटी नेपाल और चीन की सीमा पर स्थित है।
- हिमालय की महारानी कंचनजंगा को कहा जाता है।
- माउंट एवरेस्ट को पहली बार 1953 में एडमंड हिलेरी और तेनजिंग नोर्गे ने फतह किया था।
- बछेंद्री पाल माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने वाली पहली भारतीय महिला थीं (1984)।
- संतोष यादव एवरेस्ट पर दो बार चढ़ने वाली पहली महिला हैं।
- ‘त्रिशूल’ और ‘कामेत’ चोटियाँ भी उत्तराखंड हिमालय में हैं।
- हिमालय का दक्षिण की ओर मुड़ा हुआ हिस्सा म्यांमार में अराकान योमा कहलाता है।
- पूर्वोत्तर भारत में हिमालय को ‘पूर्वांचल पहाड़ियों’ के नाम से जाना जाता है।
- पटकाई बुम, नागा और मिजो पहाड़ियाँ पूर्वांचल का हिस्सा हैं।
- डाफला, मेरी, अबोर और मिश्मी पहाड़ियाँ अरुणाचल प्रदेश में हैं।
- हिमालय की गोद में बसा देश नेपाल एक ‘बफर स्टेट’ है।
- हिमालय में पाए जाने वाले औषधीय पौधे विश्व प्रसिद्ध हैं।
- अमजदगढ़ का किला शिवालिक पहाड़ियों के क्षेत्र में आता है।
- कश्मीर हिमालय अपनी हिमानीकृत झील (Glacial Lakes) के लिए जाना जाता है।
- हिमालय की सबसे संकरी श्रेणी महान हिमालय है।
- लघु हिमालय अपनी स्वास्थ्यवर्धक सैरगाहों (जैसे शिमला, नैनीताल) के लिए प्रसिद्ध है।
- शिवालिक की औसत ऊँचाई 900 से 1100 मीटर के बीच है।
- हिमालय क्षेत्र में खनिज तेल की कमी है लेकिन कोयला (एंथ्रेसाइट) कुछ मात्रा में मिलता है।
- शिवालिक श्रेणी पंजाब से लेकर कोसी नदी तक फैली हुई है।
- बर्रा लाचा दर्रा हिमाचल प्रदेश में स्थित है।
- मनाली-लेह राजमार्ग विश्व के सबसे ऊँचे राजमार्गों में से एक है।
- हिमालय की प्रमुख घाटियाँ ‘V’ आकार की होती हैं।
- हिमालय क्षेत्र में सीढ़ीदार खेती (Terrace Farming) की जाती है।
- हिमालय के ग्लेशियर ग्लोबल वार्मिंग के कारण तेजी से पिघल रहे हैं।
- हिमालय भारत की सांस्कृतिक पहचान और गौरव का प्रतीक है।
भाग 3: हिमालय के प्रमुख दर्रे (Passes) और विशेष तथ्य
- कराकोरम दर्रा भारत का सबसे ऊँचा दर्रा है (लद्दाख)।
- जोजिला दर्रा श्रीनगर को लेह से जोड़ता है।
- बनिहाल दर्रा जम्मू को श्रीनगर से जोड़ता है (जवाहर सुरंग इसी में है)।
- पीर पंजाल दर्रा कुलगाम से कोठी जाने का मार्ग प्रदान करता है।
- बुर्जिल दर्रा श्रीनगर को गिलगित (POK) से जोड़ता है।
- शिपकी ला दर्रा हिमाचल को तिब्बत से जोड़ता है (सतलज नदी इसी से प्रवेश करती है)।
- बाड़ा लाचा ला दर्रा मंडी को लेह से जोड़ता है।
- लिपुलेख दर्रा उत्तराखंड में है, यहाँ से मानसरोवर यात्रा गुजरती है।
- माना ला और नीति ला दर्रे भी उत्तराखंड को तिब्बत से जोड़ते हैं।
- नाथुला दर्रा (सिक्किम) भारत-चीन व्यापार का मुख्य मार्ग है।
- नाथुला दर्रा 1962 के युद्ध के बाद बंद कर 2006 में फिर खोला गया।
- जेलेप ला दर्रा (सिक्किम) तीस्ता नदी द्वारा बनाया गया है।
- बोमडिला दर्रा अरुणाचल प्रदेश को ल्हासा (तिब्बत) से जोड़ता है।
- यांग्याप दर्रा अरुणाचल में है, यहीं से ब्रह्मपुत्र नदी प्रवेश करती है।
- दिफू दर्रा भारत, चीन और म्यांमार के ट्राई-जंक्शन पर है।
- तुजू दर्रा मणिपुर राज्य में स्थित है, जो म्यांमार को जोड़ता है।
- हिमालय के दर्रे प्राचीन काल में ‘रेशम मार्ग’ (Silk Route) का हिस्सा थे।
- थल घाट और भोर घाट दक्षिण भारत के दर्रे हैं (हिमालय के नहीं)।
- पाल घाट दर्रा केरल और तमिलनाडु को जोड़ता है।
- हिमालय क्षेत्र में ‘लैंडस्लाइड’ (भूस्खलन) की घटनाएँ बहुत अधिक होती हैं।
- ‘चिपको आंदोलन’ की शुरुआत हिमालयी राज्य उत्तराखंड से हुई थी।
- हिमालय की ‘धौलाधार’ श्रेणी मुख्य रूप से हिमाचल प्रदेश में है।
- महाभारत श्रेणी नेपाल में स्थित लघु हिमालय का हिस्सा है।
- ‘मुसूरी’ और ‘चकराता’ उत्तराखंड के लघु हिमालय में स्थित हैं।
- काली नदी नेपाल और भारत की सीमा का निर्धारण करती है।
- हिमालय की सबसे चौड़ी श्रेणी शिवालिक है।
- शिवालिक और मैदानों के बीच के क्षेत्र को ‘तराई’ कहते हैं।
- ‘चुम्बी’ घाटी डोकलाम क्षेत्र के पास स्थित है।
- हिमालय में अन्तःपर्वतीय पठार का उदाहरण तिब्बत का पठार है।
- हिमालय की चोटियों की औसत ऊँचाई लगातार बढ़ रही है (कुछ मिलीमीटर प्रति वर्ष)।
- अल्मोड़ा और रानीखेत प्रसिद्ध हिल स्टेशन कुमायूँ हिमालय में हैं।
- बुरान घाटी दर्रा हिमाचल प्रदेश में स्थित है।
- हिमालय के पश्चिम में सिंधु का ‘सिंटेक्सियल बेंड’ (घुमाव) है।
- पूर्व में ब्रह्मपुत्र नदी के पास भी हिमालय का तीव्र घुमाव है।
- कामेत पर्वत जास्कर श्रेणी की सबसे ऊँची चोटी है।
- ‘त्रिशूल’ पर्वत तीन चोटियों का समूह है जो उत्तराखंड में है।
- हिमालय की प्रमुख नदियाँ ‘जालनुमा’ (Trellis) अपवाह तंत्र बनाती हैं।
- अरावली पर्वतमाला हिमालय से कहीं अधिक पुरानी है।
- हिमालय क्षेत्र में ‘टूरिज्म’ (पर्यटन) अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार है।
- इंद्रासन और देव टिब्बा हिमाचल की प्रमुख चोटियाँ हैं।
- हिमालय की श्रेणियों के बीच स्थित समतल घाटियों को ‘दून’ कहते हैं।
- देहरादून भारत की सबसे प्रसिद्ध दून घाटी है।
- ‘कोसी’ नदी को ‘बिहार का शोक’ कहा जाता है, जो हिमालय से निकलती है।
- हिमालय के कारण ही उत्तर भारत में बारहमासी नदियाँ बहती हैं।
- गुलमर्ग और सोनमर्ग कश्मीर के प्रसिद्ध चरागाह और पर्यटक स्थल हैं।
- ‘दूधवा’ नेशनल पार्क शिवालिक की तलहटी (तराई) में स्थित है।
- हिमालय भारत का एक महत्वपूर्ण ‘बायोडायवर्सिटी हॉटस्पॉट’ है।
- जोजिला सुरंग पूरी होने पर लद्दाख को हर मौसम में कनेक्टिविटी देगी।
- हिमालय की चोटियों का उत्तर से दक्षिण सही क्रम: काराकोरम > लद्दाख > जास्कर > पीर पंजाल।
- हिमालय केवल पहाड़ नहीं, बल्कि भारत की जलवायु और संस्कृति का रक्षक है।
