“भारतीय संविधान में सरकार की संसदीय प्रणाली (Parliamentary System) को अपनाया गया है, जिसमें राष्ट्रपति राज्य का प्रमुख (Head of the State) होता है और प्रधानमंत्री सरकार का प्रमुख (Head of the Government) होता है। अनुच्छेद 75 के अनुसार, प्रधानमंत्री की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है। वह लोकसभा में बहुमत प्राप्त दल का नेता होता है और मंत्रिपरिषद के सभी निर्णयों का मुख्य आधार होता है। डॉ. बी.आर. अंबेडकर के शब्दों में— ‘यदि हमारे संविधान के अंतर्गत किसी कार्यकारी की तुलना अमेरिका के राष्ट्रपति से की जा सकती है, तो वह भारत का प्रधानमंत्री है’।”
I. नियुक्ति और संवैधानिक स्थिति
- संविधान के अनुच्छेद 74 के अनुसार राष्ट्रपति को सहायता और सलाह देने के लिए एक मंत्रिपरिषद होगी।
- मंत्रिपरिषद का प्रधान प्रधानमंत्री होगा।
- अनुच्छेद 75: प्रधानमंत्री की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाएगी।
- राष्ट्रपति अपनी मर्जी से किसी को भी प्रधानमंत्री नहीं चुन सकता।
- राष्ट्रपति केवल लोकसभा में बहुमत प्राप्त दल के नेता को ही प्रधानमंत्री नियुक्त करता है।
- यदि किसी दल को स्पष्ट बहुमत न हो, तो राष्ट्रपति अपने ‘विवेकाधीन अधिकार’ का प्रयोग करता है।
- ऐसी स्थिति में राष्ट्रपति सबसे बड़े दल या गठबंधन के नेता को प्रधानमंत्री चुनता है।
- नियुक्त होने के बाद प्रधानमंत्री को 1 महीने के भीतर सदन में विश्वास मत हासिल करना होता है।
- सुप्रीम कोर्ट (1997) के अनुसार, जो व्यक्ति संसद के किसी भी सदन का सदस्य नहीं है, वह भी प्रधानमंत्री बन सकता है।
- हालांकि, उसे 6 महीने के भीतर संसद (LS या RS) का सदस्य बनना अनिवार्य है।
- प्रधानमंत्री संसद के किसी भी सदन (लोकसभा या राज्यसभा) का सदस्य हो सकता है।
- इंदिरा गांधी (1966), मनमोहन सिंह (2004, 2009) राज्यसभा के सदस्य थे।
- ब्रिटेन में प्रधानमंत्री को अनिवार्य रूप से निचले सदन (House of Commons) का सदस्य होना चाहिए।
- शपथ: प्रधानमंत्री को पद और गोपनीयता की शपथ राष्ट्रपति दिलाते हैं।
- प्रधानमंत्री का कार्यकाल निश्चित नहीं होता।
- वह ‘राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत’ (During the pleasure of the President) पद पर रहता है।
- इसका अर्थ यह नहीं कि राष्ट्रपति उसे कभी भी हटा दे; जब तक उसके पास लोकसभा का बहुमत है, उसे नहीं हटाया जा सकता।
- लोकसभा में बहुमत खोने पर उसे इस्तीफा देना पड़ता है, अन्यथा राष्ट्रपति उसे बर्खास्त कर सकता है।
- प्रधानमंत्री के वेतन और भत्ते संसद द्वारा समय-समय पर निर्धारित किए जाते हैं।
- उसे वही वेतन मिलता है जो एक संसद सदस्य (MP) को मिलता है, साथ ही कुछ विशेष भत्ते मिलते हैं।
II. कार्य और शक्तियाँ
- प्रधानमंत्री मंत्रिपरिषद का प्रमुख होता है।
- अन्य मंत्रियों की नियुक्ति राष्ट्रपति प्रधानमंत्री की सलाह पर ही करता है।
- वह मंत्रियों के बीच विभागों का आवंटन और फेरबदल करता है।
- वह किसी भी मंत्री को इस्तीफा देने के लिए कह सकता है या राष्ट्रपति को उसे बर्खास्त करने की सलाह दे सकता है।
- वह मंत्रिपरिषद की बैठकों की अध्यक्षता करता है।
- प्रधानमंत्री का इस्तीफा या मृत्यु पूरी मंत्रिपरिषद का अंत माना जाता है।
- वह राष्ट्रपति और मंत्रिपरिषद के बीच संवाद का मुख्य माध्यम है (अनुच्छेद 78)।
- वह राष्ट्रपति को महत्वपूर्ण अधिकारियों (CAG, UPSC अध्यक्ष, चुनाव आयुक्त) की नियुक्ति की सलाह देता है।
- वह नीति आयोग का अध्यक्ष (Chairman) होता है।
- वह राष्ट्रीय विकास परिषद (NDC) का अध्यक्ष होता है।
- वह राष्ट्रीय एकता परिषद और अंतर-राज्य परिषद का अध्यक्ष होता है।
- वह राष्ट्रीय जल संसाधन परिषद का अध्यक्ष होता है।
- वह देश की विदेश नीति को अंतिम रूप देता है।
- वह केंद्र सरकार का मुख्य प्रवक्ता होता है।
- वह सत्ताधारी दल का नेता होता है।
- वह सेनाओं का राजनीतिक प्रमुख होता है।
- प्रधानमंत्री राष्ट्रपति को लोकसभा भंग करने की सिफारिश कर सकता है।
- वह संसद के पटल पर सरकार की नीतियों की घोषणा करता है।
- वह ‘आपातकाल’ के दौरान राजनीतिक स्तर पर आपदा प्रबंधन का प्रमुख होता है।
- वह राष्ट्र का नेता होता है और जनता की आकांक्षाओं का प्रतीक होता है।
III. महत्वपूर्ण तथ्य और व्यक्तित्व
- डॉ. अंबेडकर ने प्रधानमंत्री की तुलना अमेरिका के राष्ट्रपति से की है।
- लॉर्ड मोरले ने प्रधानमंत्री को ‘समानों में प्रथम’ (Primus Inter Pares) कहा है।
- सर विलियम वर्नोर हारकोर्ट ने प्रधानमंत्री को ‘तारों के बीच चंद्रमा’ कहा है।
- पंडित जवाहरलाल नेहरू भारत के सबसे लंबे समय तक रहने वाले प्रधानमंत्री थे।
- गुलजारीलाल नंदा भारत के पहले कार्यवाहक प्रधानमंत्री थे।
- लाल बहादुर शास्त्री की मृत्यु विदेश (ताशकंद) में हुई थी।
- श्रीमती इंदिरा गांधी भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री थीं।
- मोरारजी देसाई प्रथम गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री और सबसे अधिक उम्र के पीएम थे।
- चौधरी चरण सिंह ऐसे प्रधानमंत्री थे जिन्होंने कभी संसद का सामना नहीं किया।
- राजीव गांधी सबसे कम उम्र के प्रधानमंत्री थे।
- वी.पी. सिंह और एच.डी. देवगौड़ा अविश्वास प्रस्ताव द्वारा हटाए गए प्रधानमंत्री थे।
- अटल बिहारी वाजपेयी सबसे कम समय (13 दिन) के लिए भी पीएम रहे।
- नरेंद्र मोदी स्वतंत्र भारत में जन्में पहले प्रधानमंत्री हैं।
- प्रधानमंत्री की मृत्यु होने पर राष्ट्रपति अपने विवेक से नए पीएम की व्यवस्था करता है (जब तक दल नया नेता न चुन ले)।
- गठबंधन सरकारों के दौर में प्रधानमंत्री की शक्तियां ‘सहयोगी दलों’ के दबाव में रहती हैं।
- ‘प्रधानमंत्री कार्यालय’ (PMO) प्रधानमंत्री को प्रशासनिक सहायता प्रदान करता है।
- कैबिनेट सचिव प्रधानमंत्री के अधीन कार्य करने वाला सर्वोच्च सिविल सेवक होता है।
- प्रधानमंत्री की शक्तियों का विस्तार संविधान से अधिक उनकी ‘राजनीतिक छवि’ पर निर्भर करता है।
- अनुच्छेद 78 प्रधानमंत्री के कर्तव्यों (Duties) को परिभाषित करता है।
- प्रधानमंत्री पूरी सरकार का ‘मुख्य केंद्र बिंदु’ (Keystone of the Cabinet Arch) है।
FAQ (महत्वपूर्ण प्रश्न)
प्रश्न 1: प्रधानमंत्री बनने के लिए न्यूनतम आयु कितनी होनी चाहिए? उत्तर: यदि वह लोकसभा का सदस्य है तो न्यूनतम 25 वर्ष, और यदि वह राज्यसभा का सदस्य है तो न्यूनतम 35 वर्ष की आयु होनी चाहिए।
प्रश्न 2: क्या कोई व्यक्ति जो संसद के किसी भी सदन का सदस्य नहीं है, प्रधानमंत्री बन सकता है? उत्तर: हाँ, लेकिन उसे प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के 6 महीने के भीतर संसद के किसी भी सदन (लोकसभा या राज्यसभा) की सदस्यता लेनी अनिवार्य होती है।
प्रश्न 3: अनुच्छेद 78 के तहत प्रधानमंत्री का मुख्य कर्तव्य क्या है? उत्तर: अनुच्छेद 78 के तहत प्रधानमंत्री का यह कर्तव्य है कि वह संघ के प्रशासन और विधान से जुड़े मंत्रिपरिषद के सभी निर्णयों की जानकारी राष्ट्रपति को दे।
प्रश्न 4: प्रधानमंत्री और मंत्रिपरिषद के बीच क्या संबंध होता है? उत्तर: प्रधानमंत्री मंत्रिपरिषद का प्रमुख होता है। यदि प्रधानमंत्री त्यागपत्र देता है या उसकी मृत्यु हो जाती है, तो पूरी मंत्रिपरिषद अपने आप भंग हो जाती है।
प्रश्न 5: क्या प्रधानमंत्री का कार्यकाल 5 वर्ष के लिए निश्चित होता है? उत्तर: नहीं, संविधान में प्रधानमंत्री का कार्यकाल निश्चित नहीं है। वह तब तक अपने पद पर बना रहता है जब तक उसे लोकसभा में बहुमत प्राप्त है।
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