प्रायद्वीपीय पठार: One-liners PDF | Peninsular Plateau of India Notes

भारत के प्रायद्वीपीय पठार की पर्वत श्रेणियाँ (अरावली, विंध्य, सतपुड़ा), पठार (मालवा, दक्कन) और प्रमुख चोटियों की पूरी जानकारी। UPSC और SSC के लिए बेस्ट नोट्स।

भाग 1: संरचना और पर्वत श्रेणियाँ (1-40)

  1. प्रायद्वीपीय पठार भारत का सबसे प्राचीन भू-भाग है।
  2. यह पठार प्राचीन गोंडवाना लैंड (Gondwanaland) का हिस्सा है।
  3. प्रायद्वीपीय पठार की आकृति त्रिभुजाकार (Triangular) है।
  4. इसकी औसत ऊँचाई समुद्र तल से 600 से 900 मीटर के बीच है।
  5. इस पठार का विस्तार उत्तर में अरावली और राजमहल की पहाड़ियों से लेकर दक्षिण में कन्याकुमारी तक है।
  6. अरावली पर्वतमाला विश्व की सबसे प्राचीन वलित पर्वत श्रृंखला (Old Fold Mountain) है।
  7. अरावली की सबसे ऊँची चोटी गुरु शिखर (1722 मीटर) है जो माउंट आबू में स्थित है।
  8. अरावली पर्वत श्रेणी गुजरात से दिल्ली तक लगभग 800 किमी तक फैली है।
  9. विंध्याचल श्रेणी उत्तर भारत को दक्षिण भारत से अलग करती है।
  10. विंध्याचल मुख्य रूप से लाल बलुआ पत्थर (Red Sandstone) से बनी है।
  11. सतपुड़ा श्रेणी एक ब्लॉक पर्वत (Block Mountain) का उदाहरण है।
  12. सतपुड़ा की सबसे ऊँची चोटी धूपगढ़ (1350 मीटर) है जो महादेव पहाड़ी पर स्थित है।
  13. विंध्याचल और सतपुड़ा के बीच नर्मदा नदी भ्रंश घाटी (Rift Valley) में बहती है।
  14. सतपुड़ा और अजंता श्रेणी के बीच ताप्ती नदी भ्रंश घाटी में बहती है।
  15. मैकाल पठार की सबसे ऊँची चोटी अमरकंटक है।
  16. अमरकंटक से ही नर्मदा और सोन नदियों का उद्गम होता है।
  17. पश्चिमी घाट को ‘सह्याद्रि’ (Sahyadri) के नाम से भी जाना जाता है।
  18. पश्चिमी घाट उत्तर में ताप्ती के मुहाने से दक्षिण में कन्याकुमारी तक 1600 किमी लंबा है।
  19. पश्चिमी घाट एक वास्तविक पर्वत न होकर एक ‘भ्रंश कगार’ (Fault Escarpment) है।
  20. पूर्वी घाट का विस्तार महानदी से नीलगिरी की पहाड़ियों तक है।
  21. पूर्वी घाट, पश्चिमी घाट की तुलना में कटा-छंटा और कम ऊँचा है।
  22. पूर्वी घाट और पश्चिमी घाट का मिलन बिंदु नीलगिरी की पहाड़ियाँ हैं।
  23. नीलगिरी की सबसे ऊँची चोटी दोदाबेट्टा (2637 मीटर) है।
  24. दक्षिण भारत की सबसे ऊँची चोटी अनाईमुडी (2695 मीटर) है जो अन्नामलाई पहाड़ी पर है।
  25. इलायची की पहाड़ियाँ (Cardamom Hills) भारत की सबसे दक्षिणी पर्वत श्रेणी हैं।
  26. ‘पालनी की पहाड़ियाँ’ तमिलनाडु में स्थित हैं, जहाँ प्रसिद्ध हिल स्टेशन कोडाइकनाल है।
  27. सेवराय और जावदी पहाड़ियाँ तमिलनाडु में स्थित पूर्वी घाट का हिस्सा हैं।
  28. गारो, खासी और जयंतिया पहाड़ियाँ संरचना की दृष्टि से प्रायद्वीपीय पठार का हिस्सा हैं (मेघालय का पठार)।
  29. छोटा नागपुर पठार को ‘भारत का रूर’ (Ruhr of India) कहा जाता है क्योंकि यह खनिजों में समृद्ध है।
  30. छोटा नागपुर पठार की सबसे ऊँची चोटी पारसनाथ है।
  31. ‘मालवा का पठार’ मुख्य रूप से मध्य प्रदेश और राजस्थान में विस्तृत है।
  32. मालवा पठार का निर्माण बेसाल्टिक लावा के प्रवाह से हुआ है।
  33. दक्कन का पठार (Deccan Plateau) भारत का सबसे बड़ा पठार है।
  34. दक्कन ट्रैप की चट्टानें ज्वालामुखी लावा (बेसाल्ट) से बनी हैं।
  35. प्रायद्वीपीय पठार की ढाल उत्तर-पूर्व की ओर है (नर्मदा और ताप्ती को छोड़कर)।
  36. महानदी, गोदावरी, कृष्णा और कावेरी नदियाँ पश्चिम से पूर्व की ओर बहती हैं।
  37. बुंदेलखंड का पठार UP और MP की सीमा पर स्थित है।
  38. बघेलखंड का पठार मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में फैला है।
  39. ‘दंडकारण्य पठार’ छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच स्थित है।
  40. मेघालय के पठार को छोटा नागपुर पठार से ‘राजमहल-गारो गैप’ (मालदा गैप) अलग करता है।

भाग 2: दर्रे, चोटियाँ और क्षेत्रीय भूगोल (41-80)

  1. पश्चिमी घाट में स्थित थाल घाट दर्रा मुंबई को नासिक से जोड़ता है।
  2. भोर घाट दर्रा मुंबई को पुणे से जोड़ता है।
  3. पाल घाट दर्रा केरल (पलक्कड़) को तमिलनाडु (कोयंबटूर) से जोड़ता है।
  4. सेनकोट्टा दर्रा तिरुवनंतपुरम को मदुरै से जोड़ता है।
  5. पश्चिमी घाट की औसत ऊँचाई 1200 मीटर है।
  6. पूर्वी घाट की सबसे ऊँची चोटी झिंधागाड़ा (1690 मीटर) मानी जाती है (पुराने आंकड़ों में विशाखापत्तनम चोटी/अरमाकोंडा)।
  7. अजंता, एलोरा और बालाघाट श्रेणियां महाराष्ट्र में स्थित हैं।
  8. हरिश्चंद्र श्रेणी भी महाराष्ट्र में स्थित है।
  9. कलसुबाई महाराष्ट्र की सबसे ऊँची चोटी है।
  10. महाबलेश्वर से कृष्णा नदी का उद्गम होता है।
  11. प्रायद्वीपीय पठार में ‘काली मिट्टी’ (Black Soil) की प्रधानता है, जिसे रेगुड़ मिट्टी भी कहते हैं।
  12. यह काली मिट्टी कपास की खेती के लिए सर्वोत्तम होती है।
  13. पठारी क्षेत्रों में लाल और पीली मिट्टी भी प्रचुर मात्रा में पाई जाती है।
  14. प्रायद्वीपीय नदियाँ ‘अनुवर्ती’ (Consequent) अपवाह तंत्र का उदाहरण हैं।
  15. ये नदियाँ वर्षा पर निर्भर होती हैं और गर्मियों में सूख जाती हैं (Non-perennial)।
  16. कावेरी नदी को ‘दक्षिण भारत की गंगा’ कहा जाता है।
  17. गोदावरी प्रायद्वीपीय भारत की सबसे लंबी नदी (1465 किमी) है।
  18. गोदावरी को ‘वृद्ध गंगा’ या ‘दक्षिण गंगा’ भी कहते हैं।
  19. ‘शिवसमुद्रम’ जलप्रपात कावेरी नदी पर स्थित है।
  20. ‘जोग’ या ‘गरसोप्पा’ जलप्रपात शरावती नदी (कर्नाटक) पर है।
  21. चित्रकूट जलप्रपात को ‘भारत का नियाग्रा’ कहा जाता है (इंद्रावती नदी)।
  22. छोटा नागपुर पठार से दामोदर, सुवर्णरेखा और कोयल नदियाँ निकलती हैं।
  23. हजारीबाग का पठार और रांची का पठार छोटा नागपुर का ही हिस्सा हैं।
  24. दक्षिण भारत का प्रसिद्ध स्वास्थ्यवर्धक स्थान ऊटी (उदगमंडलम) नीलगिरी की पहाड़ियों में है।
  25. ‘मैसूर का पठार’ कर्नाटक में स्थित है।
  26. ‘तेलंगाना का पठार’ आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में विस्तृत है।
  27. प्रायद्वीपीय पठार में अग्नेय और कायांतरित (Metamorphic) चट्टानें अधिक पाई जाती हैं।
  28. यहाँ की अधिकांश नदियाँ डेल्टा बनाती हैं (नर्मदा-ताप्ती एश्चुअरी बनाती हैं)।
  29. पठार का उत्तर-पश्चिमी भाग (दक्कन ट्रैप) कपास और गन्ने के लिए प्रसिद्ध है।
  30. कनारा तट और मालाबार तट पश्चिमी घाट के पश्चिमी ढाल पर हैं।
  31. ‘कोरोमंडल तट’ पूर्वी घाट के पूर्वी हिस्से (तमिलनाडु) को कहते हैं।
  32. पठारी क्षेत्र में सीढ़ीदार खेती और बागवानी (कॉफी, चाय, मसाले) की जाती है।
  33. भारत की अधिकांश कॉफी कर्नाटक के पठारी भागों में होती है।
  34. ‘कुद्रेमुख’ कर्नाटक में लौह अयस्क के लिए प्रसिद्ध पर्वत चोटी है।
  35. बाबा बुदन की पहाड़ियाँ कर्नाटक में कॉफी के लिए प्रसिद्ध हैं।
  36. नीलगिरी की पहाड़ियों पर ‘टोडा’ जनजाति निवास करती है।
  37. विंध्याचल श्रेणी के दक्षिण में मालवा पठार के किनारे को ‘मेवाड़ पठार’ कहा जाता है।
  38. पठार के अंदर स्थित धंसे हुए भागों को स्थानीय भाषा में ‘खड्ड’ (Gully) कहते हैं (जैसे चंबल के बीहड़)।
  39. प्रायद्वीपीय पठार भूगर्भीय रूप से बहुत स्थिर क्षेत्र माना जाता है।
  40. यहाँ धात्विक खनिजों जैसे लोहा, मैंगनीज और बॉक्साइट का विशाल भंडार है।

भाग 3: विशेष तथ्य और परीक्षा उपयोगी डेटा (81-110)

  1. ‘सोन’ नदी गंगा की एकमात्र सहायक नदी है जो दक्षिण से आकर उत्तर की ओर बहती है।
  2. प्रायद्वीपीय भारत का जल विभाजक पश्चिमी घाट को माना जाता है।
  3. अरावली पर्वत श्रेणी राजस्थान में वर्षा को रोकने में विफल रहती है क्योंकि यह मानसून के समानांतर है।
  4. सतपुड़ा श्रेणी एक ‘हॉर्स्ट’ (Horst) पर्वत का उदाहरण है।
  5. विंध्याचल पर्वत श्रृंखला की सबसे ऊँची चोटी सद्भावना शिखर (Goodwill Peak) है।
  6. ‘पारसनाथ’ चोटी जैन धर्म का एक प्रसिद्ध तीर्थ स्थल है।
  7. धारवाड़ का पठार (कर्नाटक) खनिजों की दृष्टि से भारत का सबसे समृद्ध क्षेत्र है।
  8. दक्कन ट्रैप की चट्टानों का निर्माण मेसोजोइक युग के अंत में हुआ था।
  9. ‘राजमहल की पहाड़ियाँ’ झारखंड में स्थित हैं।
  10. पूर्वी घाट को आंध्र प्रदेश में ‘नल्लामलाई’ और ‘वेलीकोंडा’ पहाड़ियों के रूप में जाना जाता है।
  11. पालकोंडा और एरामाला पहाड़ियाँ भी आंध्र प्रदेश का हिस्सा हैं।
  12. ‘गढ़जात’ की पहाड़ियाँ ओडिशा राज्य में स्थित हैं।
  13. दक्षिण भारत की नदियों में नर्मदा सबसे लंबी नदी है जो पश्चिम की ओर बहती है।
  14. ताप्ती नदी को नर्मदा की ‘जुड़वां बहन’ (Handmaid of Narmada) कहा जाता है।
  15. प्रायद्वीपीय पठार भारत का सबसे बड़ा भौगोलिक प्रदेश है, जो लगभग 16 लाख वर्ग किमी में फैला है।
  16. केमूर पहाड़ियाँ विंध्याचल श्रेणी का पूर्वी विस्तार हैं।
  17. ‘मैकाल श्रेणी’ छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश की सीमा बनाती है।
  18. प्रायद्वीपीय पठार की नदियाँ V-आकार की घाटी के बजाय उथली घाटियों में बहती हैं।
  19. कोयना बांध महाराष्ट्र के पठारी क्षेत्र में स्थित एक प्रमुख जलविद्युत परियोजना है।
  20. प्रायद्वीपीय पठार भारत की आत्मनिर्भरता और औद्योगिक विकास की रीढ़ है।