राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) भारत की केंद्रीय आतंकवाद विरोधी कानून प्रवर्तन एजेंसी है। इसकी स्थापना 2008 के मुंबई आतंकी हमलों (26/11) के बाद देश की सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए की गई थी।
I. स्थापना और पृष्ठभूमि
- NIA का पूर्ण रूप ‘National Investigation Agency’ है।
- इसकी स्थापना राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण अधिनियम, 2008 के तहत की गई थी।
- यह एक सांविधिक निकाय (Statutory Body) है।
- NIA का मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है।
- इसके क्षेत्रीय कार्यालय हैदराबाद, गुवाहाटी, कोच्चि, लखनऊ, मुंबई, कोलकाता, रायपुर और जम्मू जैसे प्रमुख शहरों में हैं।
- यह केंद्रीय गृह मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण में कार्य करता है।
- स्थापना का कारण: 26/11 के मुंबई हमलों के बाद आतंकवाद से निपटने के लिए एक विशेष केंद्रीय एजेंसी की आवश्यकता महसूस की गई।
- NIA संशोधन अधिनियम, 2019: इस संशोधन ने NIA को भारत के बाहर किए गए अपराधों की जांच करने की शक्ति भी प्रदान की।
II. अधिकार क्षेत्र और शक्तियाँ
- NIA को पूरे भारत में आतंकवाद से संबंधित अपराधों की जांच करने का अधिकार है।
- यह राज्यों की विशिष्ट अनुमति के बिना भी मामलों की जांच कर सकता है।
- शेड्यूल्ड अपराध (Scheduled Offences): NIA अधिनियम की अनुसूची में शामिल अपराधों (जैसे—परमाणु ऊर्जा अधिनियम, गैर-कानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA)) की जांच करती है।
- यह जाली मुद्रा (Fake Currency), मानव तस्करी, साइबर आतंकवाद और विस्फोटक पदार्थों से संबंधित अपराधों की भी जांच करती है।
- विशेष न्यायालय: NIA के मामलों की सुनवाई के लिए केंद्र सरकार ‘विशेष न्यायालयों’ (Special Courts) का गठन करती है।
- विशेष न्यायालय के न्यायाधीश की नियुक्ति केंद्र सरकार द्वारा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की सलाह पर की जाती है।
- इन न्यायालयों में होने वाली सुनवाई प्रतिदिन (Day-to-day) आधार पर होती है ताकि मामलों का निपटारा जल्द हो सके।
III. संगठन और महत्वपूर्ण तथ्य
- NIA का प्रमुख महानिदेशक (Director-General) होता है, जो एक IPS अधिकारी होता है।
- महानिदेशक की शक्तियाँ राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) के बराबर होती हैं।
- NIA के पास किसी भी राज्य की पुलिस से मामले को अपने हाथ में लेने की सर्वोच्च शक्ति है।
- यदि भारत के बाहर भारतीय नागरिकों या हितों के खिलाफ कोई आतंकी कृत्य होता है, तो NIA वहां भी जांच कर सकती है।
- केंद्र सरकार किसी भी अनुसूचित अपराध को जांच के लिए NIA को सौंप सकती है, यदि वह देश की अखंडता और सुरक्षा से जुड़ा हो।
- NIA भारत में ‘आतंकवाद के विरुद्ध शून्य सहिष्णुता’ (Zero Tolerance) की नीति को लागू करने वाली प्रमुख एजेंसी है।
सुरक्षा और जांच एजेंसियां @mypdfnotes
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