भाग 1: गंगा नदी तंत्र – उद्गम और प्रवाह (1-50)
- गंगा भारत की सबसे लंबी नदी है, जिसकी कुल लंबाई 2525 किमी है।
- गंगा नदी का उद्गम उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में गंगोत्री ग्लेशियर (गोमुख) से होता है।
- उद्गम स्थल पर गंगा को भागीरथी के नाम से जाना जाता है।
- देवप्रयाग में जब भागीरथी और अलकनंदा मिलती हैं, तब इसका नाम ‘गंगा’ पड़ता है।
- अलकनंदा का उद्गम सतोपंथ ग्लेशियर से होता है।
- धौलीगंगा और विष्णुगंगा का संगम ‘विष्णुप्रयाग’ में होता है।
- अलकनंदा और मंदाकिनी का संगम रुद्रप्रयाग में होता है।
- अलकनंदा और पिण्डर नदी का संगम कर्णप्रयाग में होता है।
- अलकनंदा और नंदाकिनी का संगम नंदप्रयाग में होता है।
- गंगा नदी पहली बार मैदानी भाग में हरिद्वार में प्रवेश करती है।
- गंगा नदी भारत के 5 राज्यों (उत्तराखंड, UP, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल) से बहती है।
- गंगा का सर्वाधिक प्रवाह मार्ग उत्तर प्रदेश में है।
- गंगा का सबसे छोटा प्रवाह मार्ग झारखंड में है।
- कानपुर, वाराणसी, पटना और हरिद्वार गंगा के तट पर बसे प्रमुख शहर हैं।
- यमुना गंगा की सबसे लंबी सहायक नदी है।
- यमुना का उद्गम बंदरपूंछ श्रेणी के यमुनोत्री ग्लेशियर से होता है।
- यमुना और गंगा का संगम प्रयागराज (इलाहाबाद) में होता है।
- चम्बल, केन और बेतवा नदियाँ यमुना की सहायक नदियाँ हैं।
- रामगंगा गंगा की पहली सहायक नदी है जो बाएं तट से मिलती है।
- रामगंगा और गंगा का संगम कन्नौज के पास होता है।
- गोमती नदी का उद्गम पीलीभीत की ‘फुलहर झील’ (मैदानी भाग) से होता है।
- लखनऊ और जौनपुर शहर गोमती नदी के किनारे स्थित हैं।
- घाघरा (सरयू) नदी का उद्गम ‘मापचाचुंगो ग्लेशियर’ (तिब्बत) से होता है।
- अयोध्या शहर सरयू नदी के तट पर बसा है।
- गंडक नदी को नेपाल में ‘शालिग्रामी’ या ‘नारायणी’ कहा जाता है।
- गंडक और गंगा का संगम पटना के पास सोनपुर में होता है।
- कोसी नदी को ‘बिहार का शोक’ (Sorrow of Bihar) कहा जाता है।
- कोसी सात धाराओं से मिलकर बनी है, इसलिए इसे ‘सप्तकोशी’ भी कहते हैं।
- गंगा की वह सहायक नदी जो दक्षिण से आकर उत्तर की ओर बहती है – सोन नदी।
- सोन नदी का उद्गम अमरकंटक की पहाड़ियों से होता है।
- सोन और गंगा का संगम पटना के पास दानापुर में होता है।
- हुगली गंगा की एक वितरिका (Distributary) है जो पश्चिम बंगाल में अलग होती है।
- कोलकाता शहर हुगली नदी के तट पर स्थित है।
- दामोदर नदी हुगली की सहायक नदी है।
- दामोदर को ‘बंगाल का शोक’ कहा जाता था (अब इसे नियंत्रित कर लिया गया है)।
- गंगा को बांग्लादेश में पद्मा के नाम से जाना जाता है।
- जब पद्मा (गंगा) और जमुना (ब्रह्मपुत्र) मिलती हैं, तो संयुक्त धारा पद्मा कहलाती है।
- अंत में मेघना नदी के मिलने के बाद यह ‘मेघना’ नाम से बंगाल की खाड़ी में गिरती है।
- विश्व का सबसे बड़ा डेल्टा सुंदरबन डेल्टा गंगा-ब्रह्मपुत्र द्वारा बनाया जाता है।
- भारत सरकार ने 2008 में गंगा को राष्ट्रीय नदी घोषित किया था।
- ‘गंगा डॉल्फिन’ भारत का राष्ट्रीय जलीय जीव है।
- टिहरी बांध भागीरथी और भिलंगना नदी के संगम पर बना है।
- ‘फरक्का बैराज’ का निर्माण गंगा के पानी को हुगली की ओर मोड़ने के लिए किया गया है।
- टोंस नदी भी गंगा की एक सहायक नदी है जो सिरसा (UP) में मिलती है।
- गंगा के जलोढ़ निक्षेप की गहराई मैदानी भागों में 2000-3000 मीटर तक है।
- चम्बल नदी अपने बीहड़ों (Badland Topography) के लिए प्रसिद्ध है।
- बेतवा नदी पर माताटीला और राजघाट बांध बने हैं।
- सोन नदी की प्रमुख सहायक नदी रिहंद है।
- शारदा नदी (काली नदी) घाघरा की सहायक नदी है।
- नमामि गंगे परियोजना गंगा की सफाई के लिए 2014 में शुरू की गई थी।
भाग 2: ब्रह्मपुत्र नदी तंत्र – उद्गम और नाम (51-100)
- ब्रह्मपुत्र का उद्गम तिब्बत में मानसरोवर झील के पास चेमायुंगडुंग ग्लेशियर से होता है।
- तिब्बत में ब्रह्मपुत्र को सांगपो (Tsangpo) कहा जाता है।
- सांगपो का अर्थ है ‘शुद्ध करने वाली’।
- ब्रह्मपुत्र नदी भारत के दो राज्यों (अरुणाचल प्रदेश और असम) से बहती है।
- यह नदी अरुणाचल प्रदेश में यांग्याप दर्रे के पास से प्रवेश करती है।
- अरुणाचल प्रदेश में ब्रह्मपुत्र को दिहांग के नाम से जाना जाता है।
- जब दिहांग में ‘दिबांग’ और ‘लोहित’ नदियाँ मिलती हैं, तब इसका नाम ब्रह्मपुत्र पड़ता है।
- असम की घाटी में ब्रह्मपुत्र एक गुंफित जलमार्ग (Braided Channel) बनाती है।
- विश्व का सबसे बड़ा नदी द्वीप माजुली असम में ब्रह्मपुत्र नदी के बीच स्थित है।
- माजुली को असम सरकार ने ‘नदी जिला’ घोषित किया है।
- ब्रह्मपुत्र को बांग्लादेश में जमुना के नाम से जाना जाता है।
- तीस्ता ब्रह्मपुत्र की एक प्रमुख सहायक नदी है।
- तीस्ता नदी का उद्गम सिक्किम के चोलामू झील/जेमू ग्लेशियर से होता है।
- तीस्ता पहले गंगा की सहायक थी, लेकिन 1787 की बाढ़ के बाद यह ब्रह्मपुत्र में मिलने लगी।
- लोहित नदी को ‘खूनी नदी’ (Bloody River) भी कहा जाता है।
- सुबनसिरी ब्रह्मपुत्र की सबसे बड़ी सहायक नदी है।
- मानस, संकोश और धनसिरी भी ब्रह्मपुत्र की सहायक नदियाँ हैं।
- मानस नदी भूटान से निकलकर असम में ब्रह्मपुत्र से मिलती है।
- कामेंग नदी भी ब्रह्मपुत्र की एक महत्वपूर्ण सहायक नदी है।
- ब्रह्मपुत्र नदी तिब्बत, भारत और बांग्लादेश से होकर बहती है।
- जल की मात्रा (Volume) के आधार पर ब्रह्मपुत्र भारत की सबसे बड़ी नदी है।
- ब्रह्मपुत्र नदी में मानसून के दौरान भीषण बाढ़ आती है, जिसे ‘असम का शोक’ कहते हैं।
- ‘ढोला-सदिया’ पुल (भूपेन हजारिका सेतु) लोहित नदी पर बना है।
- यह भारत का सबसे लंबा नदी पुल है (9.15 किमी)।
- बोगीबील पुल असम में ब्रह्मपुत्र नदी पर बना रेल-रोड ब्रिज है।
- ब्रह्मपुत्र नदी हिमालय के समानांतर पूर्व की ओर बहती है।
- नामचा बरवा पर्वत के पास यह ‘U-टर्न’ लेकर भारत में प्रवेश करती है।
- ब्रह्मपुत्र नदी को तिब्बत का ‘लाइफलाइन’ कहा जाता है।
- डिब्रूगढ़ और गुवाहाटी शहर ब्रह्मपुत्र के किनारे बसे हैं।
- कपली नदी भी ब्रह्मपुत्र की सहायक नदी है।
- ‘बराक नदी’ मणिपुर की पहाड़ियों से निकलती है।
- बराक नदी को बांग्लादेश में सुरमा के नाम से जाना जाता है।
- अंत में मेघना (बराक) पद्मा से मिलती है और दुनिया का सबसे बड़ा डेल्टा बनाती है।
- ब्रह्मपुत्र का डेल्टा क्षेत्र मैंग्रोव वनों के लिए प्रसिद्ध है।
- काजीरंगा नेशनल पार्क ब्रह्मपुत्र नदी के किनारे स्थित है।
- ब्रह्मपुत्र की सहायक नदियाँ तीव्र ढाल से आती हैं, जिससे अधिक गाद (Silt) जमा होता है।
- तिब्बत में सांगपो नदी में जल की मात्रा कम और गाद अधिक होती है।
- भारत में प्रवेश करते ही भारी वर्षा के कारण इसमें जल की मात्रा बढ़ जाती है।
- ‘लोहित’ और ‘दिबांग’ नदियाँ इसके बाएं तट से मिलती हैं।
- ‘सुबनसिरी’ और ‘मानस’ नदियाँ इसके दाएं तट से मिलती हैं।
- ब्रह्मपुत्र की कुल लंबाई लगभग 2900 किमी है (भारत में केवल 916 किमी)।
- असम में ब्रह्मपुत्र नदी के कारण ‘मिट्टी का कटाव’ एक बड़ी समस्या है।
- राष्ट्रीय जलमार्ग-2 (NW-2) सदिया से धुबरी तक ब्रह्मपुत्र नदी पर है।
- ब्रह्मपुत्र का अपवाह तंत्र एक ‘वृक्षाकार’ (Dendritic) पैटर्न बनाता है।
- पागलदिया और पुथिमारी ब्रह्मपुत्र की छोटी लेकिन विनाशकारी सहायक नदियाँ हैं।
- ब्रह्मपुत्र के डेल्टा में ‘रॉयल बंगाल टाइगर’ पाए जाते हैं।
- मानस नेशनल पार्क भी इसी नदी तंत्र के दायरे में आता है।
- ब्रह्मपुत्र नदी पर तिब्बत में चीन द्वारा बांध बनाए जाने का भारत विरोध करता रहा है।
- सांगपो भारत में प्रवेश करने से पहले ‘ग्रेट कैन्यन’ बनाती है।
- ब्रह्मपुत्र भारत की एक ‘नद’ (Masculine River) मानी जाती है।
भाग 3: संयुक्त प्रश्न और विशेष तथ्य (101-150)
- गंगा और ब्रह्मपुत्र की संयुक्त धारा मेघना कहलाती है।
- सुंदरबन डेल्टा का विस्तार भारत और बांग्लादेश दोनों में है।
- गंगा-ब्रह्मपुत्र नदियों द्वारा लाए गए अवसाद को जलोढ़ मिट्टी कहते हैं।
- ‘विश्व का सबसे उपजाऊ क्षेत्र’ गंगा-ब्रह्मपुत्र का मैदान है।
- यमुना नदी को ‘खुला नाला’ भी कहा जाता है (प्रदूषण के कारण)।
- उत्तर प्रदेश का प्रयागराज गंगा, यमुना और सरस्वती (विलुप्त) का संगम स्थल है।
- बिहार का छपरा शहर घाघरा नदी के तट पर है।
- गंडक नदी बिहार और उत्तर प्रदेश की सीमा बनाती है।
- चम्बल नदी राजस्थान और मध्य प्रदेश की सीमा बनाती है।
- गंगा नदी के पानी में ‘बैक्टीरियोफेज’ वायरस होता है, जो बैक्टीरिया को नष्ट कर पानी को शुद्ध रखता है।
- हरिद्वार से वाराणसी तक का मार्ग राष्ट्रीय जलमार्ग-1 (NW-1) है।
- केन-बेतवा लिंक परियोजना भारत की पहली नदी जोड़ो परियोजना है।
- बाणसागर परियोजना सोन नदी पर स्थित है।
- गंगा नदी तंत्र भारत के कुल क्षेत्रफल का लगभग 26% हिस्सा कवर करता है।
- ‘गण्डक परियोजना’ भारत और नेपाल की संयुक्त परियोजना है।
- कोसी नदी का प्राचीन नाम ‘कौशिकी’ था।
- गंगा नदी डेल्टा क्षेत्र में कई धाराओं में बंट जाती है, जिसे ‘एस्तुआरी’ नहीं बल्कि ‘वितरिका’ कहते हैं।
- भागीरथी नदी पर स्थित टिहरी डैम भारत का सबसे ऊँचा बांध है।
- यमुना नदी यमुनोत्री से निकलकर हरियाणा, दिल्ली और UP से बहती है।
- चम्बल नदी में ‘घड़ियाल’ का प्राकृतिक संरक्षण किया जाता है।
- गंगा के दाहिने किनारे की प्रमुख सहायक नदियाँ: यमुना, सोन और टोंस।
- गंगा के बाएं किनारे की प्रमुख सहायक नदियाँ: रामगंगा, गोमती, घाघरा, गंडक, बूढ़ी गंडक, कोसी।
- ब्रह्मपुत्र की सहायक नदियाँ अक्सर अपना मार्ग बदलती रहती हैं।
- गंगा-ब्रह्मपुत्र की संयुक्त लंबाई और अपवाह क्षेत्र इसे दुनिया का सबसे बड़ा नदी तंत्र बनाते हैं।
- पंचेश्वर परियोजना काली नदी (महाकाली) पर भारत और नेपाल के बीच प्रस्तावित है।
- गंगा नदी में मिलने वाली मंदाकिनी नदी केदारनाथ से निकलती है।
- अलकनंदा के किनारे प्रसिद्ध बद्रीनाथ मंदिर स्थित है।
- मंदाकिनी के किनारे प्रसिद्ध केदारनाथ मंदिर स्थित है।
- गंगा का मुहाना ‘सुंदरबन’ के पास बंगाल की खाड़ी में है।
- ब्रह्मपुत्र का मुहाना भी मेघना के रूप में बंगाल की खाड़ी में है।
- गंगा-ब्रह्मपुत्र तंत्र में चावल और जूट की खेती सबसे अधिक होती है।
- ब्रह्मपुत्र घाटी चाय के बागानों के लिए विश्व प्रसिद्ध है।
- गंगा के मैदानों में ‘मिट्टी की उर्वरता’ मानसून पर निर्भर करती है।
- ब्रह्मपुत्र को ‘असम की जीवन रेखा’ कहा जाता है।
- गंगा को ‘भारत की मोक्षदायिनी नदी’ कहा जाता है।
- यमुना की सहायक नदी हिंडन गाजियाबाद से होकर गुजरती है।
- दिल्ली का ‘लाल किला’ और ‘ताजमहल’ यमुना के किनारे स्थित हैं।
- गंगा नदी तंत्र में मछली पालन (Aquaculture) का बड़ा महत्व है।
- हिमालय से निकलने वाली ये नदियाँ बारहमासी (Perennial) होती हैं।
- इन नदियों का मुख्य स्रोत ग्लेशियरों का पिघलना और मानसूनी वर्षा है।
- ‘तिलैया बांध’ और ‘मैथन बांध’ दामोदर घाटी परियोजना का हिस्सा हैं।
- सिंधु और ब्रह्मपुत्र नदियाँ हिमालय के पूर्ववर्ती (Antecedent) अपवाह का उदाहरण हैं।
- गंगा नदी का पानी खेती के साथ-साथ जलविद्युत के लिए भी उपयोग होता है।
- ‘गंडक नदी’ को पुराणों में सदा-नीरा कहा गया है।
- ‘सोन नदी’ के रेत में सोने के कण पाए जाने की किंवदंती के कारण इसका नाम सोन पड़ा।
- ‘जमुना’ (ब्रह्मपुत्र) और ‘पद्मा’ (गंगा) का मिलन स्थल ग्वालंडो (बांग्लादेश) है।
- गंगा और ब्रह्मपुत्र की संयुक्त धारा अंत में चांदपुर के पास मेघना से मिलती है।
- ब्रह्मपुत्र की सहायक नदी दिहांग अरुणाचल की पहाड़ियों में गहरी घाटी (Gorge) बनाती है।
- गंगा-ब्रह्मपुत्र नदी तंत्र भारत की जल सुरक्षा और कृषि की रीढ़ है।