केंद्रीय एवं राज्य सूचना आयोग (CIC & SIC)

केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) और राज्य सूचना आयोग (SIC) को एक साथ पढ़ना सबसे बेहतर है क्योंकि ‘सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005’ के तहत इन दोनों की कार्यप्रणाली लगभग समान है।

I. स्थापना और स्वरूप

  1. CIC और SIC दोनों ही सांविधिक निकाय (Statutory Bodies) हैं।
  2. इनकी स्थापना सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम, 2005 के तहत की गई है।
  3. CIC: केंद्र सरकार द्वारा 2005 में स्थापित। इसका अधिकार क्षेत्र सभी केंद्रीय लोक प्राधिकरणों पर है।
  4. SIC: राज्य सरकारों द्वारा स्थापित। इसका अधिकार क्षेत्र राज्य के लोक प्राधिकरणों पर है।
  5. ये आयोग उन लोगों की शिकायतों की जांच करते हैं जिन्हें सरकारी विभागों से जानकारी नहीं मिली है।
  6. ये निकाय पूरी तरह से स्वतंत्र हैं और किसी मंत्रालय के अधीन नहीं आते।

II. संरचना और नियुक्ति

  1. CIC संरचना: एक मुख्य सूचना आयुक्त (CIC) और अधिकतम 10 सूचना आयुक्त होते हैं।
  2. SIC संरचना: एक राज्य मुख्य सूचना आयुक्त और अधिकतम 10 राज्य सूचना आयुक्त होते हैं।
  3. CIC नियुक्ति: राष्ट्रपति द्वारा एक समिति की सिफारिश पर (समिति में: प्रधानमंत्री, लोकसभा में विपक्ष का नेता और प्रधानमंत्री द्वारा नामित एक कैबिनेट मंत्री)।
  4. SIC नियुक्ति: राज्यपाल द्वारा एक समिति की सिफारिश पर (समिति में: मुख्यमंत्री, विधानसभा में विपक्ष का नेता और मुख्यमंत्री द्वारा नामित एक कैबिनेट मंत्री)।
  5. योग्यता: सार्वजनिक जीवन का विशिष्ट अनुभव (जैसे कानून, विज्ञान, तकनीक, प्रबंधन, पत्रकारिता या प्रशासन)।
  6. वे संसद या राज्य विधानमंडल के सदस्य नहीं होने चाहिए और न ही कोई लाभ का पद धारण करने चाहिए।

III. कार्यकाल, निष्कासन और शक्तियाँ

  1. कार्यकाल: 2019 के संशोधन के बाद, केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित अवधि (वर्तमान में 3 वर्ष) या 65 वर्ष की आयु तक।
  2. वे पुनर्नियुक्ति के पात्र नहीं होते।
  3. निष्कासन: CIC/IC को राष्ट्रपति द्वारा और SIC को राज्यपाल द्वारा ‘कदाचार’ या ‘अक्षमता’ के आधार पर हटाया जा सकता है (SC की जांच के बाद)।
  4. शक्तियाँ: शिकायतों की जांच करते समय इन्हें सिविल कोर्ट की शक्तियाँ प्राप्त होती हैं।
  5. ये किसी भी सरकारी रिकॉर्ड का निरीक्षण कर सकते हैं जिसे किसी भी आधार पर रोका नहीं जा सकता।
  6. दंड: आयोग जानकारी देने में देरी करने या गलत जानकारी देने वाले अधिकारी पर ₹250 प्रतिदिन (अधिकतम ₹25,000) का जुर्माना लगा सकता है।

तुलना और अंतर: CIC बनाम SIC

विशेषता / आधारकेंद्रीय सूचना आयोग (CIC)राज्य सूचना आयोग (SIC)
स्थापनाRTI अधिनियम, 2005 के तहत।RTI अधिनियम, 2005 के तहत।
नियुक्तिराष्ट्रपति द्वारा।राज्यपाल द्वारा।
नियुक्ति समिति प्रमुखप्रधानमंत्री।मुख्यमंत्री।
सदस्यों की संख्या1 मुख्य + अधिकतम 10 आयुक्त।1 मुख्य + अधिकतम 10 आयुक्त।
कार्यकालकेंद्र सरकार द्वारा निर्धारित (3 वर्ष / 65 वर्ष)।केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित (3 वर्ष / 65 वर्ष)।
निष्कासन (Removal)राष्ट्रपति द्वारा।राज्यपाल द्वारा।
रिपोर्टकेंद्र सरकार को (संसद के समक्ष)।राज्य सरकार को (विधानमंडल के समक्ष)।
दंड की शक्ति₹25,000 तक का जुर्माना।₹25,000 तक का जुर्माना।

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