महासागरीय धाराएँ (Ocean Currents): विस्तृत नोट्स, One-liners और MCQs

महासागरीय धाराएँ (Ocean Currents)

पृथ्वी की सतह का लगभग 71 प्रतिशत भाग जल से ढका हुआ है। महासागर केवल जल के विशाल भंडार नहीं हैं, बल्कि पृथ्वी की जलवायु, वर्षा, समुद्री जीवन और वैश्विक मौसम प्रणाली को प्रभावित करने वाली जटिल व्यवस्था का हिस्सा हैं। महासागरों का जल लगातार गतिशील रहता है। इस गति के विभिन्न रूपों में महासागरीय धाराएँ विशेष महत्त्व रखती हैं।

महासागरीय धाराएँ समुद्र के जल का अपेक्षाकृत नियमित दिशा में प्रवाह हैं। कुछ धाराएँ गर्म जल को निम्न अक्षांशों से उच्च अक्षांशों की ओर ले जाती हैं, जबकि कुछ ठंडा जल उच्च अक्षांशों से निम्न अक्षांशों की ओर पहुँचाती हैं। इनके कारण तटीय क्षेत्रों के तापमान, कोहरे, वर्षा, मत्स्य उद्योग और समुद्री परिवहन पर प्रभाव पड़ता है।

भूगोल की प्रतियोगी परीक्षाओं में गल्फ स्ट्रीम, कुरोशियो, लैब्राडोर, हम्बोल्ट, कैनरी, बेंगुएला और अगुलहास जैसी धाराओं से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं। इसके अतिरिक्त एल-नीनो और ला-नीना जैसी घटनाएँ भी महासागरीय जल और वायुमंडल के संबंध को समझने के लिए महत्त्वपूर्ण हैं।


1. महासागरीय धारा क्या है?

महासागर के जल का किसी निश्चित या अपेक्षाकृत नियमित दिशा में होने वाला प्रवाह महासागरीय धारा (Ocean Current) कहलाता है।

महासागरीय धाराएँ समुद्र की सतह पर भी बहती हैं और गहरे समुद्र में भी जल का संचलन होता है। इनकी दिशा, गति और गहराई अलग-अलग क्षेत्रों में भिन्न हो सकती है।

सामान्य अध्ययन में महासागरीय धाराओं को तापमान के आधार पर दो प्रमुख वर्गों में बाँटा जाता है:

  1. गर्म महासागरीय धाराएँ (Warm Currents)
  2. ठंडी महासागरीय धाराएँ (Cold Currents)

हालाँकि, महासागरों का वास्तविक परिसंचरण इससे अधिक जटिल है। जल का तापमान, लवणता, घनत्व, पवनें, पृथ्वी का घूर्णन और समुद्र तल की बनावट मिलकर धाराओं को प्रभावित करते हैं।

2. महासागरीय धाराओं के निर्माण के प्रमुख कारण

2.1 स्थायी पवनें

व्यापारिक पवनें और पछुआ पवनें महासागरों की सतही धाराओं को गति देने वाले प्रमुख कारकों में शामिल हैं। पवनों का घर्षण समुद्र की सतह पर जल को गति प्रदान करता है।

उदाहरण के लिए, व्यापारिक पवनें उष्णकटिबंधीय महासागरों में सतही जल के प्रवाह और महासागरीय परिसंचरण को प्रभावित करती हैं।

2.2 तापमान में अंतर

समुद्र के विभिन्न क्षेत्रों में तापमान समान नहीं होता। सूर्य की किरणों का वितरण, अक्षांश, मौसम और समुद्री परिस्थितियाँ जल के तापमान को प्रभावित करती हैं।

तापमान में अंतर जल के घनत्व को प्रभावित कर सकता है। सामान्यतः समान लवणता की स्थिति में ठंडा जल गर्म जल की तुलना में अधिक घना होता है।

2.3 लवणता में अंतर

समुद्री जल में घुले हुए लवणों की मात्रा को लवणता (Salinity) कहते हैं। समान तापमान पर अधिक लवणता वाला जल सामान्यतः अधिक घना होता है।

वाष्पीकरण, वर्षा, नदी का मीठा जल, समुद्री बर्फ का जमना और पिघलना लवणता को प्रभावित करते हैं। तापमान और लवणता के कारण घनत्व में अंतर पैदा होता है, जो गहरे समुद्र के जल परिसंचरण में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

2.4 पृथ्वी का घूर्णन और कोरिऑलिस प्रभाव

पृथ्वी के घूर्णन के कारण गतिशील जल की दिशा में विचलन होता है। इस प्रभाव को कोरिऑलिस प्रभाव (Coriolis Effect) कहते हैं।

  • उत्तरी गोलार्ध में महासागरीय जल की गति सामान्यतः दाईं ओर विचलित होती है।
  • दक्षिणी गोलार्ध में यह सामान्यतः बाईं ओर विचलित होती है।
  • भूमध्य रेखा पर कोरिऑलिस प्रभाव शून्य होता है।

कोरिऑलिस प्रभाव धाराओं की दिशा को प्रभावित करता है, लेकिन यह अकेले धाराओं की उत्पत्ति या दिशा की व्याख्या नहीं करता।

2.5 महाद्वीपों और समुद्र तटों की स्थिति

महाद्वीप, द्वीप और समुद्र तट महासागरीय जल के प्रवाह को दिशा देते हैं। जब कोई धारा महाद्वीप के किनारे पहुँचती है, तो उसका मार्ग बदल सकता है।

इसी कारण कई महासागरों में विशाल चक्राकार धाराएँ बनती हैं, जिन्हें महासागरीय गाइर (Ocean Gyre) कहा जाता है।

2.6 घनत्व में अंतर और गहरे समुद्र का परिसंचरण

तापमान और लवणता से उत्पन्न घनत्व के अंतर के कारण समुद्र में जल का गहरा परिसंचरण होता है। इसे थर्मोहेलाइन परिसंचरण (Thermohaline Circulation) कहा जाता है।

  • थर्मो का संबंध तापमान से है।
  • हेलाइन का संबंध लवणता से है।
  • ठंडा और अपेक्षाकृत अधिक घना जल कुछ क्षेत्रों में नीचे डूब सकता है।
  • गहरे समुद्र का जल लंबे समय में महासागरों के बीच संचलन करता है।

यह परिसंचरण पृथ्वी की वैश्विक जलवायु प्रणाली और महासागरों में ऊष्मा के वितरण में महत्त्वपूर्ण है।


3. महासागरीय धाराओं के प्रकार

3.1 गर्म महासागरीय धाराएँ

गर्म धाराएँ सामान्यतः अपेक्षाकृत गर्म क्षेत्रों से गर्म जल को आसपास के ठंडे क्षेत्रों की ओर ले जाती हैं। कई प्रमुख गर्म धाराएँ निम्न अक्षांशों से उच्च अक्षांशों की ओर बहती हैं।

प्रमुख उदाहरण:

  • गल्फ स्ट्रीम — उत्तरी अटलांटिक महासागर
  • कुरोशियो — उत्तर-पश्चिमी प्रशांत महासागर
  • ब्राजील धारा — दक्षिण अमेरिका का पूर्वी तट
  • अगुलहास धारा — दक्षिण-पूर्वी अफ्रीका
  • पूर्वी ऑस्ट्रेलियाई धारा — ऑस्ट्रेलिया का पूर्वी तट
  • अलास्का धारा — उत्तरी प्रशांत का उत्तर-पूर्वी भाग

प्रभाव: गर्म धाराएँ आसपास के तटीय क्षेत्रों के तापमान और वायुमंडलीय नमी को प्रभावित कर सकती हैं। इनका प्रभाव स्थानीय पवनों और अन्य जलवायु कारकों पर भी निर्भर करता है।

3.2 ठंडी महासागरीय धाराएँ

ठंडी धाराएँ सामान्यतः अपेक्षाकृत ठंडे क्षेत्रों से ठंडा जल निम्न अक्षांशों की ओर ले जाती हैं। कई ठंडी धाराएँ महाद्वीपों के पश्चिमी तटों के पास बहती हैं।

प्रमुख उदाहरण:

  • लैब्राडोर धारा — उत्तरी अटलांटिक
  • कैलिफोर्निया धारा — उत्तरी प्रशांत का पूर्वी भाग
  • हम्बोल्ट या पेरू धारा — दक्षिण अमेरिका का पश्चिमी तट
  • कैनरी धारा — उत्तर-पश्चिमी अफ्रीका
  • बेंगुएला धारा — दक्षिण-पश्चिमी अफ्रीका
  • पश्चिमी ऑस्ट्रेलियाई धारा — ऑस्ट्रेलिया का पश्चिमी तट
  • फॉकलैंड या माल्विनास धारा — दक्षिण अमेरिका का दक्षिण-पूर्वी तट
  • ओयाशियो धारा — उत्तर-पश्चिमी प्रशांत

प्रभाव: ठंडी धाराएँ तटीय तापमान कम कर सकती हैं और कई क्षेत्रों में वायुमंडलीय स्थिरता बढ़ाकर वर्षा को सीमित कर सकती हैं। अनुकूल परिस्थितियों में ये तटीय मरुस्थलों के विकास में योगदान देती हैं।

ध्यान दें: गर्म या ठंडी धारा का वर्गीकरण उसके आसपास के जल की तुलना में तापमान और उसके भौगोलिक संदर्भ से जुड़ा होता है। सभी धाराएँ केवल भूमध्य रेखा से ध्रुव या ध्रुव से भूमध्य रेखा की दिशा में ही नहीं बहतीं।


4. प्रशांत महासागर की प्रमुख धाराएँ

प्रशांत महासागर पृथ्वी का सबसे बड़ा महासागर है। इसमें उत्तर और दक्षिण दोनों गोलार्धों में विशाल महासागरीय परिसंचरण तंत्र पाए जाते हैं।

4.1 कुरोशियो धारा (Kuroshio Current)

कुरोशियो उत्तर-पश्चिमी प्रशांत महासागर की एक प्रमुख गर्म धारा है। यह फिलीपींस और ताइवान के निकटवर्ती समुद्री क्षेत्रों से उत्तर की ओर बढ़ते हुए जापान के पास से गुजरती है।

प्रमुख विशेषताएँ:

  • यह गर्म धारा है।
  • यह जापान के तट के निकट बहती है।
  • इसे जापान की काली धारा (Japan Current या Black Current) भी कहा जाता है।
  • यह उत्तर-पश्चिमी प्रशांत के ऊष्मा परिवहन में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
  • जापान के निकट कुरोशियो का ठंडी ओयाशियो धारा से संपर्क होता है।

4.2 ओयाशियो धारा (Oyashio Current)

ओयाशियो उत्तरी प्रशांत की ठंडी धारा है। यह बेरिंग सागर और उत्तरी प्रशांत के ठंडे क्षेत्रों से दक्षिण की ओर बढ़ती है।

प्रमुख विशेषताएँ:

  • यह ठंडी धारा है।
  • इसका प्रभाव जापान के उत्तरी और पूर्वोत्तर समुद्री क्षेत्रों में देखा जाता है।
  • कुरोशियो और ओयाशियो के संपर्क क्षेत्र में पोषक तत्त्वों की उपलब्धता के कारण मत्स्य संसाधन समृद्ध हो सकते हैं।

4.3 कैलिफोर्निया धारा (California Current)

कैलिफोर्निया धारा उत्तरी अमेरिका के पश्चिमी तट के साथ दक्षिण की ओर बहने वाली ठंडी धारा है।

प्रमुख विशेषताएँ:

  • यह उत्तरी प्रशांत महासागर की ठंडी धारा है।
  • यह कैलिफोर्निया सहित उत्तरी अमेरिका के पश्चिमी तट की जलवायु को प्रभावित करती है।
  • इससे संबंधित तटीय जल के ऊपर उठने की प्रक्रिया (Upwelling) पोषक तत्त्वों को सतह तक ला सकती है।
  • यह क्षेत्र मत्स्य संसाधनों के लिए महत्त्वपूर्ण है।

4.4 हम्बोल्ट या पेरू धारा (Humboldt/Peru Current)

हम्बोल्ट धारा दक्षिण अमेरिका के पश्चिमी तट के साथ उत्तर की ओर बहने वाली ठंडी धारा है।

प्रमुख विशेषताएँ:

  • यह दक्षिण-पूर्वी प्रशांत महासागर में स्थित है।
  • इसे पेरू धारा भी कहा जाता है।
  • यह पेरू और चिली के तटों के निकट समुद्री परिस्थितियों को प्रभावित करती है।
  • इसके प्रभाव से समुद्र में पोषक तत्त्वों से भरपूर जल सतह के निकट आ सकता है।
  • इस कारण पेरू और आसपास के क्षेत्रों में मत्स्य उद्योग का विशेष महत्त्व है।
  • यह अटाकामा मरुस्थल की शुष्क परिस्थितियों में योगदान देने वाले कारकों में से एक है।

4.5 पूर्वी ऑस्ट्रेलियाई धारा (East Australian Current)

यह गर्म धारा ऑस्ट्रेलिया के पूर्वी तट के साथ सामान्यतः दक्षिण की ओर बहती है।

प्रमुख विशेषताएँ:

  • यह दक्षिण प्रशांत की पश्चिमी सीमा से जुड़ी गर्म धारा है।
  • यह पूर्वी ऑस्ट्रेलिया के तटीय समुद्री तापमान और समुद्री पारिस्थितिकी को प्रभावित करती है।

4.6 अलास्का धारा (Alaska Current)

अलास्का धारा उत्तरी प्रशांत के उत्तर-पूर्वी भाग में पाई जाती है। यह अपेक्षाकृत गर्म जल को अलास्का की खाड़ी के आसपास ले जाती है।

इसे उत्तरी प्रशांत के परिसंचरण तंत्र का एक महत्त्वपूर्ण भाग माना जाता है।

4.7 कुराइल या ओयाशियो क्षेत्र की ठंडी धाराएँ

कुराइल द्वीपसमूह और उत्तरी प्रशांत के आसपास ठंडे जल की धाराएँ पाई जाती हैं। ओयाशियो धारा इस क्षेत्र की प्रमुख ठंडी धाराओं में शामिल है।


5. अटलांटिक महासागर की प्रमुख धाराएँ

अटलांटिक महासागर में गर्म और ठंडी दोनों प्रकार की धाराएँ बहती हैं। इनका प्रभाव यूरोप, अफ्रीका और अमेरिका के तटीय क्षेत्रों की जलवायु पर पड़ता है।

5.1 गल्फ स्ट्रीम (Gulf Stream)

गल्फ स्ट्रीम उत्तरी अटलांटिक महासागर की एक प्रमुख गर्म और तीव्र पश्चिमी सीमा धारा है। यह मेक्सिको की खाड़ी और फ्लोरिडा जलडमरूमध्य के आसपास से निकलकर उत्तर की ओर बहती है तथा आगे उत्तरी अटलांटिक परिसंचरण का हिस्सा बनती है।

प्रमुख विशेषताएँ:

  • यह गर्म धारा है।
  • इसका प्रवाह उत्तरी अटलांटिक में ऊष्मा का परिवहन करता है।
  • यह उत्तरी अटलांटिक के मौसम और समुद्री परिस्थितियों को प्रभावित करती है।
  • इससे संबंधित ऊष्मा परिवहन पश्चिमी यूरोप की जलवायु को प्रभावित करने वाले कई कारकों में शामिल है।

परीक्षा तथ्य: गल्फ स्ट्रीम को अक्सर पश्चिमी यूरोप की अपेक्षाकृत सौम्य जलवायु के संदर्भ में याद किया जाता है। हालांकि, यूरोप की जलवायु केवल गल्फ स्ट्रीम के कारण नहीं है; प्रचलित पछुआ पवनें, वायुमंडलीय परिसंचरण और अन्य महासागरीय प्रक्रियाएँ भी महत्त्वपूर्ण हैं।

5.2 लैब्राडोर धारा (Labrador Current)

लैब्राडोर धारा उत्तरी अटलांटिक की ठंडी धारा है। यह कनाडा के लैब्राडोर और न्यूफाउंडलैंड के आसपास दक्षिण की ओर बहती है।

प्रमुख विशेषताएँ:

  • यह ठंडी धारा है।
  • यह उत्तर से ठंडा जल दक्षिण की ओर लाती है।
  • इसके साथ समुद्री हिमखंड भी दक्षिण की ओर आ सकते हैं।
  • न्यूफाउंडलैंड के पास गल्फ स्ट्रीम और लैब्राडोर धारा के संपर्क क्षेत्र में कोहरा बन सकता है।
  • यह क्षेत्र मत्स्य संसाधनों के लिए प्रसिद्ध है।

5.3 कैनरी धारा (Canary Current)

कैनरी धारा उत्तर-पश्चिमी अफ्रीका के तट के साथ दक्षिण की ओर बहने वाली ठंडी धारा है।

प्रमुख विशेषताएँ:

  • यह उत्तरी अटलांटिक की ठंडी पूर्वी सीमा धारा है।
  • यह मोरक्को और पश्चिमी सहारा के तटीय समुद्री वातावरण को प्रभावित करती है।
  • इससे संबंधित ठंडा जल और वायुमंडलीय स्थिरता क्षेत्र की शुष्कता में योगदान दे सकते हैं।

5.4 ब्राजील धारा (Brazil Current)

ब्राजील धारा दक्षिण अमेरिका के पूर्वी तट के साथ दक्षिण की ओर बहने वाली गर्म धारा है।

प्रमुख विशेषताएँ:

  • यह दक्षिण अटलांटिक की गर्म धारा है।
  • यह ब्राजील के तट के निकट बहती है।
  • यह दक्षिण अटलांटिक महासागर में ऊष्मा के वितरण में योगदान देती है।

5.5 बेंगुएला धारा (Benguela Current)

बेंगुएला धारा दक्षिण-पश्चिमी अफ्रीका के तट के साथ उत्तर की ओर बहने वाली ठंडी धारा है।

प्रमुख विशेषताएँ:

  • यह दक्षिण अटलांटिक की ठंडी धारा है।
  • यह नामीबिया और दक्षिण-पश्चिमी अफ्रीका के तटीय क्षेत्रों को प्रभावित करती है।
  • इसके साथ जुड़ी अपवेलिंग प्रक्रिया समुद्री पोषक तत्त्वों को सतह के निकट लाती है।
  • यह नामीब मरुस्थल की शुष्क परिस्थितियों में योगदान देती है।
  • यह क्षेत्र मत्स्य संसाधनों के लिए महत्त्वपूर्ण है।

5.6 फॉकलैंड या माल्विनास धारा (Falkland/Malvinas Current)

फॉकलैंड धारा दक्षिण अटलांटिक की ठंडी धारा है, जो दक्षिण अमेरिका के दक्षिण-पूर्वी तट के निकट उत्तर की ओर बहती है।

यह अर्जेंटीना के तट के पास ब्राजील की गर्म धारा के संपर्क में आ सकती है। इन धाराओं के संपर्क क्षेत्र में समुद्री जैविक उत्पादकता और मत्स्य संसाधनों का महत्त्व बढ़ता है।

5.7 फ्लोरिडा धारा (Florida Current)

फ्लोरिडा धारा फ्लोरिडा जलडमरूमध्य से होकर बहने वाली गर्म धारा है। यह गल्फ स्ट्रीम प्रणाली से निकटता से जुड़ी हुई है।

5.8 नॉर्वेजियन धारा (Norwegian Current)

नॉर्वेजियन धारा उत्तरी अटलांटिक परिसंचरण से संबंधित अपेक्षाकृत गर्म जल को नॉर्वे के तट की ओर ले जाती है। यह उत्तरी यूरोप के समुद्री वातावरण को प्रभावित करती है।

5.9 इरमिंजर धारा (Irminger Current)

इरमिंजर धारा उत्तरी अटलांटिक में आइसलैंड और ग्रीनलैंड के आसपास के समुद्री परिसंचरण का हिस्सा है। इसके कुछ भाग अपेक्षाकृत गर्म अटलांटिक जल को उत्तर की ओर ले जाते हैं।

5.10 गिनी धारा (Guinea Current)

गिनी धारा पश्चिमी अफ्रीका के गिनी की खाड़ी के निकट पाई जाने वाली गर्म धारा है। यह उष्णकटिबंधीय अटलांटिक के सतही परिसंचरण का हिस्सा है।


6. हिंद महासागर की प्रमुख धाराएँ

हिंद महासागर की एक विशेषता यह है कि इसके उत्तरी भाग की सतही धाराएँ मानसूनी पवनों के साथ मौसम के अनुसार अपनी दिशा बदल सकती हैं। इस कारण हिंद महासागर का उत्तरी परिसंचरण प्रशांत और अटलांटिक के उत्तरी भागों से अलग दिखाई देता है।

6.1 अगुलहास धारा (Agulhas Current)

अगुलहास धारा अफ्रीका के दक्षिण-पूर्वी तट के साथ दक्षिण की ओर बहने वाली गर्म धारा है।

प्रमुख विशेषताएँ:

  • यह दक्षिण-पश्चिमी हिंद महासागर की प्रमुख गर्म धाराओं में शामिल है।
  • यह मोजाम्बिक और दक्षिण अफ्रीका के पूर्वी तट के आसपास बहती है।
  • यह दक्षिणी अफ्रीका के निकट महासागरीय ऊष्मा परिवहन में महत्त्वपूर्ण है।
  • दक्षिण अफ्रीका के दक्षिणी भाग के आसपास यह जटिल महासागरीय परिसंचरण से जुड़ती है।

6.2 मोजाम्बिक धारा (Mozambique Current)

मोजाम्बिक धारा मोजाम्बिक चैनल में पाई जाती है, जो मेडागास्कर और अफ्रीका के बीच स्थित है। यह गर्म जल को दक्षिण की ओर ले जाने वाले परिसंचरण का हिस्सा है।

इस क्षेत्र का जल प्रवाह जटिल है और इसमें भँवरों तथा अन्य समुद्री प्रक्रियाओं की भूमिका भी होती है।

6.3 पश्चिमी ऑस्ट्रेलियाई धारा (West Australian Current)

पश्चिमी ऑस्ट्रेलियाई धारा ऑस्ट्रेलिया के पश्चिमी तट के निकट उत्तर की ओर बहने वाली ठंडी धारा है।

प्रमुख विशेषताएँ:

  • यह दक्षिणी हिंद महासागर के परिसंचरण से संबंधित है।
  • यह पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के तटीय समुद्री वातावरण को प्रभावित करती है।
  • यह महासागरीय ऊष्मा और पोषक तत्त्वों के वितरण में योगदान देती है।

6.4 दक्षिण विषुवतीय धारा (South Equatorial Current)

दक्षिण विषुवतीय धारा हिंद महासागर सहित कई उष्णकटिबंधीय महासागरीय क्षेत्रों में पाई जाती है। हिंद महासागर में यह सामान्यतः पश्चिम की ओर बहती है और व्यापारिक पवनों से प्रभावित होती है।

6.5 मानसूनी धाराएँ

हिंद महासागर के उत्तरी भाग में मानसूनी पवनों के बदलने के कारण सतही जल की दिशा में भी मौसमी परिवर्तन हो सकता है।

  • दक्षिण-पश्चिम मानसून के समय सतही परिसंचरण एक प्रकार का स्वरूप ग्रहण करता है।
  • उत्तर-पूर्व मानसून के समय पवनों के बदलने से धाराओं का प्रवाह भी बदल सकता है।
  • धाराओं की सटीक दिशा स्थान और समय के अनुसार भिन्न हो सकती है।

परीक्षा तथ्य: हिंद महासागर के उत्तरी भाग की धाराओं में मौसमी परिवर्तन इसकी प्रमुख विशेषता है।


7. महासागरीय धाराओं का जलवायु पर प्रभाव

महासागरीय धाराएँ पृथ्वी की जलवायु को कई तरीकों से प्रभावित करती हैं।

7.1 तापमान पर प्रभाव

गर्म धाराएँ अपने आसपास के तटीय क्षेत्रों में तापमान बढ़ाने में योगदान दे सकती हैं, जबकि ठंडी धाराएँ तापमान कम कर सकती हैं।

उदाहरण के लिए, गल्फ स्ट्रीम और उत्तरी अटलांटिक के गर्म जल का परिवहन पश्चिमी यूरोप की जलवायु को प्रभावित करता है।

7.2 वर्षा पर प्रभाव

गर्म समुद्री सतह से वाष्पीकरण बढ़ सकता है और हवा में नमी की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है। लेकिन किसी क्षेत्र में वर्षा कितनी होगी, यह केवल समुद्री धारा पर निर्भर नहीं करता। पवनों की दिशा, स्थलाकृति, वायुमंडलीय स्थिरता और बड़े पैमाने का परिसंचरण भी महत्त्वपूर्ण हैं।

ठंडी धाराओं के ऊपर वायुमंडल की निचली परतें कई बार स्थिर हो जाती हैं। ऐसी स्थिति में बादलों का ऊर्ध्वाधर विकास सीमित हो सकता है और वर्षा कम हो सकती है।

7.3 तटीय मरुस्थलों के निर्माण में योगदान

कुछ ठंडी महासागरीय धाराएँ तटीय मरुस्थलों की शुष्कता को बढ़ावा देती हैं। ठंडे समुद्री जल के ऊपर वायुमंडलीय स्थिरता बढ़ने से वर्षा सीमित रह सकती है।

उदाहरण:

  • अटाकामा मरुस्थल — हम्बोल्ट धारा से संबंधित समुद्री परिस्थितियाँ।
  • नामीब मरुस्थल — बेंगुएला धारा से संबंधित समुद्री परिस्थितियाँ।

इन मरुस्थलों के निर्माण में महासागरीय धाराओं के साथ-साथ वायुमंडलीय परिसंचरण, उपोष्ण उच्च दाब और स्थानीय स्थलाकृति भी भूमिका निभाते हैं।

7.4 मत्स्य उद्योग पर प्रभाव

जहाँ ठंडे और गर्म जल की धाराएँ मिलती हैं या जहाँ अपवेलिंग (Upwelling) होती है, वहाँ पोषक तत्त्वों से भरपूर जल सतह के निकट आ सकता है।

इससे फाइटोप्लैंकटन और अन्य सूक्ष्म समुद्री जीवों की उत्पादकता बढ़ सकती है। ये जीव समुद्री खाद्य शृंखला का आधार हैं, इसलिए ऐसे क्षेत्र मत्स्य उद्योग के लिए महत्त्वपूर्ण हो सकते हैं।

उदाहरण:

  • जापान के आसपास कुरोशियो और ओयाशियो का संपर्क क्षेत्र।
  • न्यूफाउंडलैंड के निकट गल्फ स्ट्रीम और लैब्राडोर धारा का क्षेत्र।
  • पेरू और चिली के तट के निकट हम्बोल्ट धारा का क्षेत्र।
  • नामीबिया के तट के पास बेंगुएला धारा का क्षेत्र।

7.5 कोहरे का निर्माण

जब गर्म और नम हवा ठंडे समुद्री जल या ठंडी धारा के ऊपर से गुजरती है, तो वह ठंडी होकर संघनन की स्थिति में पहुँच सकती है। इससे समुद्री कोहरा बन सकता है।

न्यूफाउंडलैंड के आसपास गल्फ स्ट्रीम और लैब्राडोर धारा के संपर्क क्षेत्र में कोहरा बनने की अनुकूल परिस्थितियाँ मिलती हैं।

7.6 समुद्री व्यापार पर प्रभाव

महासागरीय धाराएँ जहाजों की गति, ईंधन की खपत और मार्ग नियोजन को प्रभावित कर सकती हैं। अनुकूल धारा से जहाज को सहायता मिल सकती है, जबकि विपरीत धारा गति कम कर सकती है।

आधुनिक नौपरिवहन में धाराओं के साथ-साथ हवाओं, लहरों, समुद्री सुरक्षा और मौसम पूर्वानुमान को भी ध्यान में रखा जाता है।


8. महासागरीय धाराएँ और एल-नीनो

एल-नीनो (El Niño) प्रशांत महासागर के उष्णकटिबंधीय मध्य और पूर्वी भाग में समुद्र की सतह के तापमान के असामान्य रूप से गर्म होने से जुड़ी जलवायु घटना है। यह एल-नीनो–दक्षिणी दोलन (El Niño–Southern Oscillation, ENSO) का गर्म चरण है।

सामान्य परिस्थितियों में उष्णकटिबंधीय प्रशांत महासागर में व्यापारिक पवनें पूर्व से पश्चिम की ओर चलती हैं। ये गर्म सतही जल को पश्चिमी प्रशांत की ओर धकेलती हैं, जबकि दक्षिण अमेरिका के पश्चिमी तट के निकट ठंडे जल का ऊपर उठना जारी रह सकता है।

एल-नीनो के दौरान व्यापारिक पवनें कमजोर पड़ सकती हैं और मध्य तथा पूर्वी उष्णकटिबंधीय प्रशांत में समुद्र की सतह का तापमान सामान्य से अधिक हो सकता है।

एल-नीनो के संभावित प्रभाव

  • वैश्विक वर्षा के पैटर्न में बदलाव।
  • कुछ क्षेत्रों में सूखे की संभावना बढ़ना।
  • कुछ अन्य क्षेत्रों में भारी वर्षा और बाढ़ की संभावना बढ़ना।
  • भारतीय मानसून पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना।
  • समुद्री पारिस्थितिकी और मत्स्य संसाधनों पर असर।

महत्त्वपूर्ण: एल-नीनो का अर्थ केवल पेरू के तट पर गर्म धारा का आना नहीं है। यह उष्णकटिबंधीय प्रशांत महासागर और वायुमंडल के बीच होने वाले व्यापक बदलावों से संबंधित घटना है। इसका भारतीय मानसून पर प्रभाव महत्त्वपूर्ण है, लेकिन हर एल-नीनो वर्ष में भारत में कमजोर मानसून ही हो, यह निश्चित नहीं है।


9. ला-नीना क्या है?

ला-नीना (La Niña) ENSO का ठंडा चरण है। इसमें उष्णकटिबंधीय मध्य और पूर्वी प्रशांत महासागर की सतह का तापमान सामान्य से कम रहता है।

सामान्यतः ला-नीना के दौरान प्रशांत महासागर की व्यापारिक पवनें मजबूत हो सकती हैं। इससे पश्चिमी प्रशांत की ओर गर्म जल का संचय और पूर्वी प्रशांत में ठंडे जल का ऊपर उठना बढ़ सकता है।

ला-नीना के संभावित प्रभाव

  • वैश्विक तापमान और वर्षा के पैटर्न में परिवर्तन।
  • प्रशांत महासागर के विभिन्न भागों में वर्षा के वितरण में बदलाव।
  • भारतीय मानसून के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ बनने की संभावना।
  • कुछ क्षेत्रों में बाढ़ और कुछ क्षेत्रों में सूखे का खतरा बढ़ना।

परीक्षा तथ्य: एल-नीनो और ला-नीना उष्णकटिबंधीय प्रशांत महासागर तथा वायुमंडल के परस्पर संबंध से जुड़ी घटनाएँ हैं। इन्हें केवल एक सामान्य गर्म या ठंडी महासागरीय धारा के रूप में समझना पर्याप्त नहीं है।


10. प्रमुख महासागरीय धाराएँ: सारणी

महासागरधाराप्रकारप्रमुख क्षेत्र
अटलांटिकगल्फ स्ट्रीमगर्मउत्तरी अटलांटिक
अटलांटिकलैब्राडोरठंडीकनाडा का पूर्वोत्तर तट
अटलांटिककैनरीठंडीउत्तर-पश्चिमी अफ्रीका
अटलांटिकब्राजीलगर्मदक्षिण अमेरिका का पूर्वी तट
अटलांटिकबेंगुएलाठंडीदक्षिण-पश्चिमी अफ्रीका
अटलांटिकफॉकलैंड/माल्विनासठंडीदक्षिण अमेरिका का दक्षिण-पूर्वी तट
प्रशांतकुरोशियोगर्मजापान के निकट
प्रशांतओयाशियोठंडीउत्तर-पश्चिमी प्रशांत
प्रशांतकैलिफोर्नियाठंडीउत्तरी अमेरिका का पश्चिमी तट
प्रशांतहम्बोल्ट/पेरूठंडीदक्षिण अमेरिका का पश्चिमी तट
प्रशांतपूर्वी ऑस्ट्रेलियाईगर्मऑस्ट्रेलिया का पूर्वी तट
प्रशांतअलास्कागर्मअलास्का की खाड़ी के आसपास
हिंद महासागरअगुलहासगर्मअफ्रीका का दक्षिण-पूर्वी तट
हिंद महासागरमोजाम्बिकगर्म जल परिवहनमोजाम्बिक चैनल
हिंद महासागरपश्चिमी ऑस्ट्रेलियाईठंडीऑस्ट्रेलिया का पश्चिमी तट

11. गर्म और ठंडी महासागरीय धाराओं में अंतर

आधारगर्म महासागरीय धाराठंडी महासागरीय धारा
सामान्य तापमानआसपास के जल की तुलना में अधिकआसपास के जल की तुलना में कम
सामान्य प्रवाहकई धाराएँ निम्न अक्षांशों से उच्च अक्षांशों की ओरकई धाराएँ उच्च अक्षांशों से निम्न अक्षांशों की ओर
तटीय प्रभावतापमान बढ़ा सकती हैंतापमान कम कर सकती हैं
वायुमंडलीय प्रभावनमी और वाष्पीकरण को प्रभावित कर सकती हैंस्थिरता बढ़ाकर वर्षा को सीमित कर सकती हैं
उदाहरणगल्फ स्ट्रीम, कुरोशियो, ब्राजीललैब्राडोर, हम्बोल्ट, कैनरी, बेंगुएला

12. प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए One-liners

महासागरीय धाराओं की मूल जानकारी

  1. महासागरीय जल के अपेक्षाकृत नियमित प्रवाह को महासागरीय धारा कहते हैं।
  2. महासागरीय धाराओं को सामान्य अध्ययन में गर्म और ठंडी धाराओं में बाँटा जाता है।
  3. सतही महासागरीय धाराओं को गति देने वाले प्रमुख कारकों में पवनें शामिल हैं।
  4. तापमान और लवणता जल के घनत्व को प्रभावित करते हैं।
  5. पृथ्वी के घूर्णन के कारण महासागरीय धाराओं की दिशा पर कोरिऑलिस प्रभाव पड़ता है।
  6. उत्तरी गोलार्ध में गतिशील जल सामान्यतः दाईं ओर विचलित होता है।
  7. दक्षिणी गोलार्ध में गतिशील जल सामान्यतः बाईं ओर विचलित होता है।
  8. थर्मोहेलाइन परिसंचरण तापमान और लवणता से उत्पन्न घनत्व के अंतर से संबंधित है।
  9. महासागरीय गाइर बड़े पैमाने पर चक्राकार समुद्री परिसंचरण तंत्र हैं।
  10. अपवेलिंग में गहरे समुद्र का अपेक्षाकृत ठंडा और पोषक तत्त्वों से भरपूर जल सतह की ओर आता है।

प्रशांत महासागर की धाराएँ

  1. कुरोशियो उत्तर-पश्चिमी प्रशांत की गर्म धारा है।
  2. कुरोशियो को जापान की काली धारा भी कहा जाता है।
  3. ओयाशियो उत्तर-पश्चिमी प्रशांत की ठंडी धारा है।
  4. कुरोशियो और ओयाशियो का संपर्क जापान के निकट समुद्री उत्पादकता को प्रभावित करता है।
  5. कैलिफोर्निया धारा उत्तरी अमेरिका के पश्चिमी तट के साथ दक्षिण की ओर बहती है।
  6. हम्बोल्ट धारा को पेरू धारा भी कहा जाता है।
  7. हम्बोल्ट धारा दक्षिण अमेरिका के पश्चिमी तट के निकट बहती है।
  8. हम्बोल्ट धारा अटाकामा मरुस्थल की शुष्कता में योगदान देती है।
  9. पूर्वी ऑस्ट्रेलियाई धारा गर्म धारा है।
  10. अलास्का धारा उत्तरी प्रशांत के उत्तर-पूर्वी भाग में पाई जाती है।

अटलांटिक महासागर की धाराएँ

  1. गल्फ स्ट्रीम उत्तरी अटलांटिक की प्रमुख गर्म धारा है।
  2. गल्फ स्ट्रीम फ्लोरिडा जलडमरूमध्य के आसपास से उत्तर की ओर बहती है।
  3. लैब्राडोर धारा उत्तरी अटलांटिक की ठंडी धारा है।
  4. लैब्राडोर धारा समुद्री हिमखंडों को दक्षिण की ओर ला सकती है।
  5. गल्फ स्ट्रीम और लैब्राडोर धारा का संपर्क न्यूफाउंडलैंड के निकट कोहरे की अनुकूल परिस्थितियाँ उत्पन्न कर सकता है।
  6. कैनरी धारा उत्तर-पश्चिमी अफ्रीका के तट के साथ बहती है।
  7. ब्राजील धारा दक्षिण अमेरिका के पूर्वी तट के साथ दक्षिण की ओर बहती है।
  8. बेंगुएला धारा दक्षिण-पश्चिमी अफ्रीका के तट के साथ बहती है।
  9. फॉकलैंड धारा दक्षिण अटलांटिक की ठंडी धारा है।
  10. सारगासो सागर उत्तरी अटलांटिक में स्थित है और इसकी सीमाएँ मुख्यतः समुद्री धाराओं से निर्धारित होती हैं।

हिंद महासागर की धाराएँ

  1. अगुलहास धारा दक्षिण-पूर्वी अफ्रीका के तट के निकट बहती है।
  2. मोजाम्बिक चैनल अफ्रीका और मेडागास्कर के बीच स्थित है।
  3. पश्चिमी ऑस्ट्रेलियाई धारा ठंडी धारा है।
  4. हिंद महासागर के उत्तरी भाग की सतही धाराएँ मानसून के अनुसार दिशा बदल सकती हैं।
  5. दक्षिण विषुवतीय धारा हिंद महासागर के उष्णकटिबंधीय परिसंचरण का हिस्सा है।

जलवायु और समुद्री जीवन

  1. महासागरीय धाराएँ तटीय क्षेत्रों के तापमान को प्रभावित करती हैं।
  2. ठंडी धाराएँ कई तटीय क्षेत्रों में वायुमंडलीय स्थिरता बढ़ा सकती हैं।
  3. अटाकामा मरुस्थल दक्षिण अमेरिका के पश्चिमी तट पर स्थित है।
  4. नामीब मरुस्थल दक्षिण-पश्चिमी अफ्रीका में स्थित है।
  5. गर्म और ठंडी धाराओं के संपर्क क्षेत्र में समुद्री कोहरा बन सकता है।
  6. अपवेलिंग समुद्र की सतह के निकट पोषक तत्त्वों की उपलब्धता बढ़ा सकती है।
  7. पोषक तत्त्वों से भरपूर जल समुद्री खाद्य शृंखला को सहारा देता है।
  8. महासागरीय धाराएँ समुद्री परिवहन के मार्ग और गति को प्रभावित करती हैं।
  9. गल्फ स्ट्रीम और उत्तरी अटलांटिक का ऊष्मा परिवहन पश्चिमी यूरोप की जलवायु को प्रभावित करता है।
  10. महासागरीय धाराएँ अकेले किसी क्षेत्र की जलवायु या वर्षा का निर्धारण नहीं करतीं।

एल-नीनो और ला-नीना

  1. एल-नीनो ENSO का गर्म चरण है।
  2. ला-नीना ENSO का ठंडा चरण है।
  3. एल-नीनो के दौरान मध्य और पूर्वी उष्णकटिबंधीय प्रशांत का सतही जल असामान्य रूप से गर्म हो सकता है।
  4. ला-नीना के दौरान मध्य और पूर्वी उष्णकटिबंधीय प्रशांत का सतही जल सामान्य से ठंडा रहता है।
  5. एल-नीनो भारतीय मानसून को प्रभावित कर सकता है, लेकिन कमजोर मानसून की गारंटी नहीं है।
  6. ला-नीना भारतीय मानसून के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ पैदा कर सकता है, लेकिन अच्छी वर्षा की गारंटी नहीं है।
  7. एल-नीनो और ला-नीना वैश्विक वर्षा तथा तापमान के पैटर्न में बदलाव ला सकते हैं।

13. महासागरीय धाराएँ: MCQs

प्रश्न 1. महासागरीय धारा किसे कहते हैं?

A. समुद्र की सतह पर बनने वाली केवल लहरों को
B. समुद्री जल के अपेक्षाकृत नियमित प्रवाह को
C. समुद्र में ज्वार-भाटा को
D. समुद्र तल के पर्वतों को

सही उत्तर: B. समुद्री जल के अपेक्षाकृत नियमित प्रवाह को

व्याख्या: महासागरीय धारा जल का दिशात्मक प्रवाह है, जबकि लहरें और ज्वार-भाटा अलग प्रकार की समुद्री गतियाँ हैं।

प्रश्न 2. सतही महासागरीय धाराओं को गति देने वाला प्रमुख कारक कौन-सा है?

A. स्थायी पवनें
B. केवल भूकंप
C. केवल समुद्री जीव
D. चंद्रमा का प्रकाश

सही उत्तर: A. स्थायी पवनें

व्याख्या: सतही धाराओं को पवनें गति प्रदान करती हैं। पृथ्वी का घूर्णन और महाद्वीपों की स्थिति भी इनके प्रवाह को प्रभावित करते हैं।

प्रश्न 3. समान लवणता की स्थिति में सामान्यतः कौन-सा जल अधिक घना होता है?

A. गर्म जल
B. ठंडा जल
C. दोनों हमेशा समान
D. केवल वर्षा का जल

सही उत्तर: B. ठंडा जल

व्याख्या: समान लवणता पर तापमान कम होने से जल का घनत्व सामान्यतः बढ़ता है।

प्रश्न 4. कुरोशियो धारा किस महासागर में बहती है?

A. अटलांटिक
B. हिंद
C. प्रशांत
D. आर्कटिक

सही उत्तर: C. प्रशांत

व्याख्या: कुरोशियो उत्तर-पश्चिमी प्रशांत की प्रमुख गर्म धारा है।

प्रश्न 5. कुरोशियो धारा को किस नाम से भी जाना जाता है?

A. जापान की काली धारा
B. पेरू धारा
C. कैनरी धारा
D. लैब्राडोर धारा

सही उत्तर: A. जापान की काली धारा

व्याख्या: कुरोशियो का नाम जापान की काली धारा के रूप में भी प्रचलित है।

प्रश्न 6. ओयाशियो कैसी धारा है?

A. गर्म
B. ठंडी
C. केवल भूमध्यरेखीय
D. नदी की धारा

सही उत्तर: B. ठंडी

व्याख्या: ओयाशियो उत्तर-पश्चिमी प्रशांत की ठंडी धारा है।

प्रश्न 7. हम्बोल्ट धारा का दूसरा नाम क्या है?

A. गल्फ स्ट्रीम
B. पेरू धारा
C. ब्राजील धारा
D. फ्लोरिडा धारा

सही उत्तर: B. पेरू धारा

व्याख्या: हम्बोल्ट धारा दक्षिण अमेरिका के पश्चिमी तट के निकट बहती है और पेरू धारा के नाम से भी जानी जाती है।

प्रश्न 8. अटाकामा मरुस्थल की शुष्कता में कौन-सी धारा योगदान देती है?

A. गल्फ स्ट्रीम
B. हम्बोल्ट धारा
C. ब्राजील धारा
D. अगुलहास धारा

सही उत्तर: B. हम्बोल्ट धारा

व्याख्या: दक्षिण अमेरिका के पश्चिमी तट की ठंडी हम्बोल्ट धारा क्षेत्र की शुष्क परिस्थितियों में योगदान देती है।

प्रश्न 9. गल्फ स्ट्रीम किस प्रकार की धारा है?

A. ठंडी
B. गर्म
C. केवल मौसमी नदी
D. हिमनदीय धारा

सही उत्तर: B. गर्म

व्याख्या: गल्फ स्ट्रीम उत्तरी अटलांटिक की प्रमुख गर्म धारा है।

प्रश्न 10. लैब्राडोर धारा किस महासागर में स्थित है?

A. प्रशांत
B. हिंद
C. अटलांटिक
D. दक्षिणी महासागर के बाहर

सही उत्तर: C. अटलांटिक

व्याख्या: लैब्राडोर धारा उत्तरी अटलांटिक की ठंडी धारा है।

प्रश्न 11. कैनरी धारा किस तट के निकट बहती है?

A. उत्तर-पश्चिमी अफ्रीका
B. पूर्वी ऑस्ट्रेलिया
C. जापान
D. दक्षिणी भारत

सही उत्तर: A. उत्तर-पश्चिमी अफ्रीका

व्याख्या: कैनरी धारा उत्तरी अटलांटिक की ठंडी धारा है, जो उत्तर-पश्चिमी अफ्रीका के तट के निकट बहती है।

प्रश्न 12. बेंगुएला धारा किस क्षेत्र से संबंधित है?

A. दक्षिण-पश्चिमी अफ्रीका
B. जापान
C. उत्तरी कनाडा
D. पूर्वी ब्राजील

सही उत्तर: A. दक्षिण-पश्चिमी अफ्रीका

व्याख्या: बेंगुएला धारा दक्षिण-पश्चिमी अफ्रीका की ठंडी धारा है।

प्रश्न 13. ब्राजील धारा कैसी है?

A. ठंडी
B. गर्म
C. ध्रुवीय
D. हिमनदीय

सही उत्तर: B. गर्म

व्याख्या: ब्राजील धारा दक्षिण अमेरिका के पूर्वी तट के साथ दक्षिण की ओर बहती है।

प्रश्न 14. न्यूफाउंडलैंड के निकट कोहरे की अनुकूल परिस्थितियाँ किन धाराओं के संपर्क से बन सकती हैं?

A. कुरोशियो और ओयाशियो
B. गल्फ स्ट्रीम और लैब्राडोर
C. ब्राजील और अगुलहास
D. कैलिफोर्निया और हम्बोल्ट

सही उत्तर: B. गल्फ स्ट्रीम और लैब्राडोर

व्याख्या: गर्म और नम हवा के ठंडे जल के ऊपर आने से इस क्षेत्र में कोहरा बन सकता है।

प्रश्न 15. हिंद महासागर के उत्तरी भाग की एक प्रमुख विशेषता क्या है?

A. इसकी सभी धाराएँ वर्ष भर एक ही दिशा में बहती हैं।
B. इसकी सतही धाराएँ मानसून के अनुसार दिशा बदल सकती हैं।
C. यहाँ कोई समुद्री धारा नहीं है।
D. यहाँ केवल ठंडी धाराएँ पाई जाती हैं।

सही उत्तर: B. इसकी सतही धाराएँ मानसून के अनुसार दिशा बदल सकती हैं।

व्याख्या: मानसूनी पवनों में मौसमी परिवर्तन हिंद महासागर के उत्तरी भाग के परिसंचरण को प्रभावित करता है।

प्रश्न 16. अगुलहास धारा कहाँ स्थित है?

A. अफ्रीका का दक्षिण-पूर्वी तट
B. उत्तरी अमेरिका का पश्चिमी तट
C. जापान का उत्तरी तट
D. दक्षिण अमेरिका का पश्चिमी तट

सही उत्तर: A. अफ्रीका का दक्षिण-पूर्वी तट

व्याख्या: अगुलहास धारा दक्षिण-पूर्वी अफ्रीका के तट के निकट बहने वाली गर्म धारा है।

प्रश्न 17. ठंडी धाराएँ तटीय मरुस्थलों की शुष्कता में कैसे योगदान दे सकती हैं?

A. हमेशा भारी वर्षा उत्पन्न करके
B. निचले वायुमंडल को स्थिर करके और वर्षा को सीमित करके
C. पर्वतों को ऊँचा करके
D. समुद्र का सारा जल वाष्पित करके

सही उत्तर: B. निचले वायुमंडल को स्थिर करके और वर्षा को सीमित करके

व्याख्या: ठंडे समुद्री जल के ऊपर वायुमंडलीय स्थिरता बढ़ सकती है, जिससे बादलों का ऊर्ध्वाधर विकास और वर्षा सीमित हो सकती है।

प्रश्न 18. अपवेलिंग (Upwelling) क्या है?

A. समुद्री जल का पूरी तरह जम जाना
B. गहरे जल का सतह की ओर आना
C. समुद्र में ज्वार का समाप्त होना
D. समुद्र के जल का नदी बन जाना

सही उत्तर: B. गहरे जल का सतह की ओर आना

व्याख्या: अपवेलिंग से पोषक तत्त्वों से भरपूर गहरा जल सतह के निकट आता है, जो समुद्री उत्पादकता को बढ़ा सकता है।

प्रश्न 19. एल-नीनो किससे संबंधित है?

A. उत्तरी अटलांटिक में केवल हिमखंडों से
B. उष्णकटिबंधीय प्रशांत के सतही जल के असामान्य गर्म होने से
C. केवल हिंद महासागर के ज्वार से
D. ध्रुवीय बर्फ के जमने से

सही उत्तर: B. उष्णकटिबंधीय प्रशांत के सतही जल के असामान्य गर्म होने से

व्याख्या: एल-नीनो ENSO का गर्म चरण है और यह वैश्विक मौसम प्रणालियों को प्रभावित कर सकता है।

प्रश्न 20. ला-नीना के दौरान सामान्यतः क्या होता है?

A. मध्य और पूर्वी उष्णकटिबंधीय प्रशांत का सतही जल सामान्य से ठंडा रहता है।
B. सभी महासागर पूरी तरह जम जाते हैं।
C. गल्फ स्ट्रीम बंद हो जाती है।
D. पृथ्वी का घूर्णन रुक जाता है।

सही उत्तर: A. मध्य और पूर्वी उष्णकटिबंधीय प्रशांत का सतही जल सामान्य से ठंडा रहता है।

व्याख्या: ला-नीना ENSO का ठंडा चरण है।

प्रश्न 21. एल-नीनो के बारे में कौन-सा कथन सही है?

A. यह हर बार भारत में सूखा लाता है।
B. यह केवल एक स्थानीय नदी की घटना है।
C. यह भारतीय मानसून को प्रभावित कर सकता है, लेकिन परिणाम हर वर्ष समान नहीं होते।
D. इसका महासागर से कोई संबंध नहीं है।

सही उत्तर: C. यह भारतीय मानसून को प्रभावित कर सकता है, लेकिन परिणाम हर वर्ष समान नहीं होते।

व्याख्या: भारतीय मानसून पर एल-नीनो का प्रभाव महत्त्वपूर्ण है, लेकिन अन्य महासागरीय और वायुमंडलीय कारक भी भूमिका निभाते हैं।

प्रश्न 22. समुद्री मत्स्य संसाधनों के लिए कौन-सी प्रक्रिया विशेष रूप से महत्त्वपूर्ण है?

A. अपवेलिंग
B. केवल ज्वालामुखी विस्फोट
C. समुद्री जल का स्थिर रहना
D. समुद्र में प्रकाश का पूर्ण अभाव

सही उत्तर: A. अपवेलिंग

व्याख्या: अपवेलिंग पोषक तत्त्वों को सतह के निकट लाकर समुद्री खाद्य शृंखला और मत्स्य उद्योग को सहारा दे सकती है।

प्रश्न 23. सारगासो सागर कहाँ स्थित है?

A. उत्तरी अटलांटिक महासागर
B. दक्षिणी प्रशांत महासागर
C. बंगाल की खाड़ी
D. लाल सागर

सही उत्तर: A. उत्तरी अटलांटिक महासागर

व्याख्या: सारगासो सागर उत्तरी अटलांटिक में स्थित है और इसकी सीमाएँ मुख्यतः महासागरीय धाराओं से निर्धारित होती हैं।

प्रश्न 24. पश्चिमी ऑस्ट्रेलियाई धारा कैसी है?

A. गर्म
B. ठंडी
C. केवल मौसमी नदी
D. भूमध्यरेखीय गर्म धारा

सही उत्तर: B. ठंडी

व्याख्या: पश्चिमी ऑस्ट्रेलियाई धारा ऑस्ट्रेलिया के पश्चिमी तट के निकट बहने वाली ठंडी धारा है।

प्रश्न 25. महासागरीय धाराओं के बारे में कौन-सा कथन सही है?

A. केवल गर्म धाराएँ जलवायु को प्रभावित करती हैं।
B. महासागरीय धाराएँ केवल जहाजों को प्रभावित करती हैं।
C. महासागरीय धाराएँ तापमान, मौसम, समुद्री जीवन और व्यापार को प्रभावित कर सकती हैं।
D. महासागरीय धाराओं का वायुमंडल से कोई संबंध नहीं है।

सही उत्तर: C. महासागरीय धाराएँ तापमान, मौसम, समुद्री जीवन और व्यापार को प्रभावित कर सकती हैं।

व्याख्या: महासागरीय धाराएँ पृथ्वी की जलवायु प्रणाली और समुद्री पारिस्थितिकी का महत्त्वपूर्ण हिस्सा हैं।


14. परीक्षा से पहले याद रखने योग्य मुख्य तथ्य

  • गल्फ स्ट्रीम — गर्म धारा, उत्तरी अटलांटिक।
  • कुरोशियो — गर्म धारा, जापान के निकट।
  • ओयाशियो — ठंडी धारा, उत्तर-पश्चिमी प्रशांत।
  • लैब्राडोर — ठंडी धारा, उत्तरी अटलांटिक।
  • हम्बोल्ट/पेरू — ठंडी धारा, दक्षिण अमेरिका का पश्चिमी तट।
  • कैलिफोर्निया — ठंडी धारा, उत्तरी अमेरिका का पश्चिमी तट।
  • कैनरी — ठंडी धारा, उत्तर-पश्चिमी अफ्रीका।
  • बेंगुएला — ठंडी धारा, दक्षिण-पश्चिमी अफ्रीका।
  • ब्राजील — गर्म धारा, दक्षिण अमेरिका का पूर्वी तट।
  • अगुलहास — गर्म धारा, दक्षिण-पूर्वी अफ्रीका।
  • पश्चिमी ऑस्ट्रेलियाई — ठंडी धारा।
  • एल-नीनो — उष्णकटिबंधीय प्रशांत का गर्म चरण।
  • ला-नीना — उष्णकटिबंधीय प्रशांत का ठंडा चरण।
  • अपवेलिंग — गहरे जल का सतह की ओर उठना।
  • गल्फ स्ट्रीम और लैब्राडोर के संपर्क क्षेत्र में कोहरे की अनुकूल परिस्थितियाँ बन सकती हैं।
  • ठंडी धाराएँ अटाकामा और नामीब जैसे तटीय मरुस्थलों की शुष्कता में योगदान दे सकती हैं।
  • हिंद महासागर के उत्तरी भाग में धाराओं का मौसमी परिवर्तन महत्त्वपूर्ण है।

निष्कर्ष

महासागरीय धाराएँ पृथ्वी की जलवायु प्रणाली का महत्त्वपूर्ण अंग हैं। ये समुद्रों के बीच ऊष्मा और जल का परिवहन करती हैं तथा तटीय क्षेत्रों के तापमान, वर्षा, कोहरे, समुद्री जीवन और मत्स्य उद्योग को प्रभावित करती हैं। गल्फ स्ट्रीम, कुरोशियो, लैब्राडोर और हम्बोल्ट जैसी धाराएँ अपने-अपने क्षेत्रों की जलवायु तथा समुद्री पारिस्थितिकी में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

एल-नीनो और ला-नीना जैसी घटनाएँ यह स्पष्ट करती हैं कि महासागर और वायुमंडल एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं। इन घटनाओं का प्रभाव केवल प्रशांत महासागर तक सीमित नहीं रहता, बल्कि दुनिया के कई क्षेत्रों में वर्षा और तापमान के पैटर्न बदल सकते हैं।

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए धाराओं के नाम, उनका प्रकार, संबंधित महासागर, प्रवाह का सामान्य क्षेत्र और जलवायु पर प्रभाव अच्छी तरह समझना आवश्यक है।

Vikas Singh

लेखक: विकास सिंह

विकास सिंह 15+ वर्षों के शिक्षण अनुभव वाले General Studies (GS) शिक्षक हैं। उन्होंने GS Faculty के रूप में कार्य किया है तथा दो बार UPSC Mains परीक्षा में सम्मिलित हो चुके हैं। वे भारतीय राजव्यवस्था, इतिहास, भूगोल और सामान्य विज्ञान के विशेषज्ञ हैं। वर्तमान में वे वाराणसी में अभ्यर्थियों का मार्गदर्शन कर रहे हैं और अपने YouTube चैनल Study2Study के माध्यम से शिक्षा जगत में योगदान दे रहे हैं।