भारत का समुद्री विस्तार (EEZ) और तटीय राज्य: One-liners PDF

भारत का समुद्री विस्तार (India’s Maritime Extent), विशेष आर्थिक क्षेत्र (Exclusive Economic Zone – EEZ) और तटीय राज्य भारतीय भूगोल (Indian Geography) के महत्वपूर्ण विषय हैं। UPSC, SSC, Railway, NTPC, UPPSC, UPSSSC PET, Police और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में भारत की समुद्री सीमा, तटीय राज्यों, EEZ, समुद्री संसाधनों और प्रमुख तटों से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं।

भारत तीन ओर से समुद्र से घिरा हुआ है। इसके पश्चिम में अरब सागर (Arabian Sea), पूर्व में बंगाल की खाड़ी (Bay of Bengal) और दक्षिण में हिंद महासागर (Indian Ocean) स्थित है।

इस लेख में भारत के समुद्री विस्तार, EEZ, तटीय राज्य, तटीय केंद्र शासित प्रदेश, तटरेखा, पश्चिमी एवं पूर्वी तटीय मैदान और महत्वपूर्ण समुद्री तथ्यों को विस्तार से समझेंगे।


भारत का समुद्री विस्तार

भारत का प्रायद्वीपीय भाग हिंद महासागर में काफी दूर तक फैला हुआ है। इसकी भौगोलिक स्थिति के कारण भारत का समुद्री क्षेत्र आर्थिक, भौगोलिक और सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है।

भारत के तीन प्रमुख समुद्री क्षेत्र हैं:

  • पश्चिम में — अरब सागर
  • पूर्व में — बंगाल की खाड़ी
  • दक्षिण में — हिंद महासागर

भारत की समुद्री स्थिति के कारण देश को हिंद महासागर क्षेत्र (Indian Ocean Region – IOR) में महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है।


भारत की तटरेखा कितनी है?

भारत की कुल तटरेखा, जिसमें मुख्य भूमि तथा द्वीप समूह शामिल हैं, लगभग 7,516.6 किलोमीटर है।

इसमें भारत की:

  • मुख्य भूमि
  • अंडमान और निकोबार द्वीप समूह
  • लक्षद्वीप

की तटरेखा शामिल है।

परीक्षा तथ्य: भारत की कुल तटरेखा लगभग 7,516.6 किमी है।


भारत के तटीय राज्य कौन-कौन से हैं?

भारत की मुख्य भूमि के साथ समुद्र तट साझा करने वाले कुल 9 राज्य हैं।

पश्चिम से पूर्व की ओर तटीय राज्यों का क्रम इस प्रकार है:

  1. गुजरात
  2. महाराष्ट्र
  3. गोवा
  4. कर्नाटक
  5. केरल
  6. तमिलनाडु
  7. आंध्र प्रदेश
  8. ओडिशा
  9. पश्चिम बंगाल

भारत के तटीय राज्य – राज्यवार सूची

क्रमराज्यप्रमुख समुद्री क्षेत्र
1गुजरातअरब सागर
2महाराष्ट्रअरब सागर
3गोवाअरब सागर
4कर्नाटकअरब सागर
5केरलअरब सागर
6तमिलनाडुबंगाल की खाड़ी एवं हिंद महासागर
7आंध्र प्रदेशबंगाल की खाड़ी
8ओडिशाबंगाल की खाड़ी
9पश्चिम बंगालबंगाल की खाड़ी

भारत के तटीय केंद्र शासित प्रदेश

भारत में समुद्री तट वाले कुछ केंद्र शासित प्रदेश भी हैं। इनमें प्रमुख हैं:

  • दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव
  • पुडुचेरी
  • अंडमान और निकोबार द्वीप समूह
  • लक्षद्वीप

अंडमान और निकोबार तथा लक्षद्वीप द्वीप समूह हैं, इसलिए भारत के समुद्री भूगोल में इनका विशेष महत्व है।


EEZ क्या है?

EEZ का पूरा नाम Exclusive Economic Zone (विशेष आर्थिक क्षेत्र) है।

EEZ समुद्र का वह क्षेत्र है जिसमें तटीय देश को समुद्री प्राकृतिक संसाधनों की खोज, उपयोग, संरक्षण और प्रबंधन से संबंधित विशेष आर्थिक अधिकार प्राप्त होते हैं।

EEZ की सामान्य सीमा आधार रेखा (Baseline) से 200 समुद्री मील (Nautical Miles) तक होती है।

200 समुद्री मील कितने किलोमीटर होते हैं?

1 समुद्री मील = 1.852 किलोमीटर

इसलिए:

200 × 1.852 = 370.4 किलोमीटर

अर्थात 200 समुद्री मील लगभग 370.4 किलोमीटर होते हैं।


EEZ में तटीय देश को कौन-कौन से अधिकार मिलते हैं?

EEZ में तटीय देश को समुद्री प्राकृतिक संसाधनों के संबंध में विशेष आर्थिक अधिकार प्राप्त होते हैं।

इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:

  • मछली एवं अन्य जैविक संसाधन
  • समुद्र तल के खनिज
  • तेल और प्राकृतिक गैस
  • समुद्री ऊर्जा संसाधन
  • समुद्री संसाधनों की खोज और दोहन
  • समुद्री पर्यावरण के संरक्षण से संबंधित अधिकार

हालाँकि, EEZ को तटीय देश का पूर्ण संप्रभु क्षेत्र नहीं माना जाता।


Territorial Sea और EEZ में अंतर

Territorial Sea (प्रादेशिक समुद्र) और EEZ (विशेष आर्थिक क्षेत्र) को एक-दूसरे से अलग समझना बहुत जरूरी है।

आधारTerritorial SeaEEZ
सामान्य सीमा12 समुद्री मील200 समुद्री मील तक
प्रकृतिसंप्रभुता का क्षेत्रविशेष आर्थिक अधिकार
संसाधनों पर अधिकारतटीय देश का अधिकारतटीय देश के विशेष आर्थिक अधिकार
नौवहननिर्दोष मार्ग का प्रावधानअंतरराष्ट्रीय नौवहन की स्वतंत्रता बनी रहती है

याद रखने की ट्रिक

12 Nautical Miles → Territorial Sea

200 Nautical Miles → EEZ


भारत का EEZ कितना है?

भारत का EEZ लगभग 2.37 मिलियन वर्ग किलोमीटर के आसपास है।

भारत के विशाल EEZ में समुद्री जैविक संसाधनों, मत्स्य संसाधनों, तेल-गैस तथा समुद्र तल के अन्य संसाधनों की दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं।

भारत के द्वीप समूहों के कारण भी देश का समुद्री क्षेत्र और EEZ महत्वपूर्ण बनता है।


भारत के पश्चिमी तटीय राज्य

अरब सागर के किनारे स्थित भारत के पश्चिमी तटीय राज्य हैं:

  • गुजरात
  • महाराष्ट्र
  • गोवा
  • कर्नाटक
  • केरल

गुजरात

गुजरात भारत के पश्चिमी भाग में स्थित है और इसकी तटरेखा अरब सागर से लगी हुई है।

गुजरात का तट भारत के महत्वपूर्ण समुद्री तटीय क्षेत्रों में शामिल है।

महाराष्ट्र

महाराष्ट्र का समुद्र तट अरब सागर से लगा है। मुंबई भारत का एक महत्वपूर्ण प्राकृतिक बंदरगाह है।

गोवा

गोवा अरब सागर के किनारे स्थित भारत का एक छोटा तटीय राज्य है।

कर्नाटक

कर्नाटक की तटरेखा अरब सागर से लगती है।

केरल

केरल अरब सागर के किनारे स्थित है और अपने बैकवाटर्स (Backwaters) के लिए प्रसिद्ध है।


भारत के पूर्वी तटीय राज्य

बंगाल की खाड़ी के किनारे स्थित भारत के प्रमुख तटीय राज्य हैं:

  • पश्चिम बंगाल
  • ओडिशा
  • आंध्र प्रदेश
  • तमिलनाडु

पूर्वी तट पर कई महत्वपूर्ण नदियाँ समुद्र में गिरने से बड़े डेल्टा का निर्माण करती हैं।


पश्चिमी तटीय मैदान

पश्चिमी तटीय मैदान अरब सागर और पश्चिमी घाट के बीच स्थित है।

इसे सामान्यतः तीन प्रमुख भागों में समझा जाता है:

कोंकण तट

कोंकण तट मुख्य रूप से महाराष्ट्र और गोवा के तटीय क्षेत्रों से संबंधित है।

कन्नड़ तट

कन्नड़ तट मुख्य रूप से कर्नाटक के तटीय क्षेत्र से संबंधित है।

मालाबार तट

मालाबार तट मुख्य रूप से केरल के तटीय क्षेत्र से संबंधित है।


पूर्वी तटीय मैदान

पूर्वी तटीय मैदान बंगाल की खाड़ी और पूर्वी घाट के बीच स्थित है।

इसके प्रमुख भागों में शामिल हैं:

उत्तरी सरकार तट

यह मुख्य रूप से आंध्र प्रदेश और आसपास के पूर्वी तटीय क्षेत्र से संबंधित है।

कोरोमंडल तट

कोरोमंडल तट मुख्य रूप से तमिलनाडु के तटीय क्षेत्र से संबंधित है।


पश्चिमी और पूर्वी तट में अंतर

विशेषतापश्चिमी तटपूर्वी तट
समुद्रअरब सागरबंगाल की खाड़ी
प्रमुख राज्यगुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक, केरलपश्चिम बंगाल, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु
चौड़ाईसामान्यतः संकरासामान्यतः अधिक चौड़ा
डेल्टाअपेक्षाकृत कम प्रमुखबड़े डेल्टा अधिक
प्रमुख तटीय मैदानपश्चिमी तटीय मैदानपूर्वी तटीय मैदान

भारत की प्रमुख खाड़ियाँ और समुद्री क्षेत्र

भारत के समुद्री भूगोल में निम्नलिखित क्षेत्र महत्वपूर्ण हैं:

कच्छ की खाड़ी

गुजरात के तट पर स्थित महत्वपूर्ण खाड़ी।

खंभात की खाड़ी

गुजरात के तट पर स्थित एक प्रमुख खाड़ी।

मन्नार की खाड़ी

भारत और श्रीलंका के बीच स्थित महत्वपूर्ण समुद्री क्षेत्र।

पाक जलडमरूमध्य

भारत और श्रीलंका के बीच स्थित महत्वपूर्ण जलडमरूमध्य।


भारत के प्रमुख द्वीप समूह

भारत के दो प्रमुख द्वीप समूह हैं:

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह बंगाल की खाड़ी के क्षेत्र में स्थित है।

इसकी स्थिति हिंद महासागर के समुद्री मार्गों के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है।

लक्षद्वीप

लक्षद्वीप अरब सागर में स्थित द्वीप समूह है। यह भारत के पश्चिमी तट से समुद्र की ओर स्थित है।


भारत के समुद्री भूगोल के महत्वपूर्ण तथ्य

  • भारत की कुल तटरेखा लगभग 7,516.6 किमी है।
  • भारत की मुख्य भूमि से समुद्र तट साझा करने वाले 9 राज्य हैं।
  • EEZ की सामान्य सीमा 200 समुद्री मील तक होती है।
  • Territorial Sea की सीमा 12 समुद्री मील है।
  • भारत के पश्चिम में अरब सागर है।
  • भारत के पूर्व में बंगाल की खाड़ी है।
  • भारत के दक्षिण में हिंद महासागर है।
  • लक्षद्वीप अरब सागर में स्थित है।
  • अंडमान और निकोबार द्वीप समूह बंगाल की खाड़ी के क्षेत्र में स्थित है।
  • पश्चिमी तटीय मैदान अरब सागर और पश्चिमी घाट के बीच स्थित है।
  • पूर्वी तटीय मैदान बंगाल की खाड़ी और पूर्वी घाट के बीच स्थित है।

प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण प्रश्न

भारत की कुल तटरेखा कितनी है?

लगभग 7,516.6 किलोमीटर।

भारत की मुख्य भूमि के साथ कितने राज्य समुद्र तट साझा करते हैं?

9 राज्य।

EEZ का पूरा नाम क्या है?

Exclusive Economic Zone (विशेष आर्थिक क्षेत्र)।

EEZ की सामान्य सीमा कितनी होती है?

आधार रेखा से 200 समुद्री मील तक।

Territorial Sea की सीमा कितनी होती है?

12 समुद्री मील।

भारत के पश्चिम में कौन-सा समुद्र है?

अरब सागर।

भारत के पूर्व में कौन-सी खाड़ी है?

बंगाल की खाड़ी।

भारत के दक्षिण में कौन-सा महासागर है?

हिंद महासागर।

भारत के पश्चिमी तटीय राज्य कौन-कौन से हैं?

गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक और केरल।

भारत के पूर्वी तटीय राज्य कौन-कौन से हैं?

पश्चिम बंगाल, ओडिशा, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु।

लक्षद्वीप किस समुद्र में स्थित है?

अरब सागर।

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह किस समुद्री क्षेत्र में स्थित है?

बंगाल की खाड़ी के क्षेत्र में।


भारत के तटीय राज्यों को याद करने की ट्रिक

पश्चिमी तट

गुजरात → महाराष्ट्र → गोवा → कर्नाटक → केरल

याद रखने का आसान क्रम:

गुजरात से केरल तक — अरब सागर

पूर्वी तट

पश्चिम बंगाल → ओडिशा → आंध्र प्रदेश → तमिलनाडु

याद रखने का आसान क्रम:

बंगाल → ओडिशा → आंध्र → तमिलनाडु


Quick Revision

विषयमहत्वपूर्ण तथ्य
भारत की कुल तटरेखालगभग 7,516.6 किमी
तटीय राज्य9
EEZ200 समुद्री मील तक
Territorial Sea12 समुद्री मील
पश्चिमी समुद्रअरब सागर
पूर्वी समुद्री क्षेत्रबंगाल की खाड़ी
दक्षिणी महासागरहिंद महासागर
लक्षद्वीपअरब सागर
अंडमान-निकोबारबंगाल की खाड़ी क्षेत्र
पश्चिमी तटीय मैदानअरब सागर और पश्चिमी घाट के बीच
पूर्वी तटीय मैदानबंगाल की खाड़ी और पूर्वी घाट के बीच

निष्कर्ष

भारत का समुद्री विस्तार (EEZ) और तटीय राज्य भारतीय भूगोल का महत्वपूर्ण अध्याय है। भारत की लंबी तटरेखा, विशाल EEZ, तटीय राज्य, द्वीप समूह, समुद्र और खाड़ियाँ देश के समुद्री भूगोल को समझने के लिए महत्वपूर्ण हैं।

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों को विशेष रूप से 9 तटीय राज्य, 12 समुद्री मील Territorial Sea, 200 समुद्री मील EEZ, पश्चिमी एवं पूर्वी तटीय मैदान, प्रमुख खाड़ियाँ और द्वीप समूह को अच्छी तरह याद रखना चाहिए।

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I. समुद्री सीमा और EEZ

  1. भारत की मुख्य भूमि की तटीय सीमा की लंबाई 6,100 किमी है।
  2. द्वीपों (अंडमान और लक्षद्वीप) सहित भारत की कुल तटीय लंबाई 7,516.6 किमी है।
  3. भारत की समुद्री सीमाओं का निर्धारण UNCLOS (United Nations Convention on the Law of the Sea) के अनुसार होता है।
  4. समुद्री दूरी को नॉटिकल मील (Nautical Mile) में मापा जाता है।
  5. 1 नॉटिकल मील (nm) लगभग 1.852 किमी के बराबर होता है।
  6. प्रादेशिक जल सीमा (Territorial Sea): आधार रेखा से 12 नॉटिकल मील तक होती है।
  7. प्रादेशिक जल सीमा क्षेत्र में भारत को पूर्ण संप्रभुता (Sovereignty) प्राप्त है।
  8. संलग्न क्षेत्र (Contiguous Zone): आधार रेखा से 24 नॉटिकल मील तक होता है।
  9. संलग्न क्षेत्र में भारत को सीमा शुल्क वसूली और राजकोषीय अधिकार प्राप्त हैं।
  10. अनन्य आर्थिक क्षेत्र (EEZ): आधार रेखा से 200 नॉटिकल मील तक विस्तृत है।
  11. EEZ क्षेत्र में भारत को नए द्वीपों के निर्माण और समुद्री संसाधनों के दोहन का अधिकार है।
  12. EEZ क्षेत्र में भारत वैज्ञानिक अनुसंधान और प्राकृतिक संसाधनों का सर्वेक्षण कर सकता है।
  13. 200 नॉटिकल मील के बाद के क्षेत्र को ‘उच्च सागर’ (High Seas) कहा जाता है।
  14. भारत का कुल EEZ क्षेत्रफल लगभग 2.02 मिलियन वर्ग किमी है।
  15. भारत का सबसे बड़ा EEZ क्षेत्र अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के पास है।
  16. समुद्री मील की गणना आधार रेखा (Baseline) से की जाती है।

II. तटीय राज्य और केंद्र शासित प्रदेश

  1. भारत के कुल 9 राज्य समुद्र तट से लगे हुए हैं।
  2. भारत के 4 केंद्र शासित प्रदेश समुद्र तट पर स्थित हैं (दमन-दीव, लक्षद्वीप, पुडुचेरी, अंडमान-निकोबार)।
  3. सबसे लंबी तटरेखा वाला राज्य गुजरात (1,214.7 किमी) है।
  4. दूसरी सबसे लंबी तटरेखा वाला राज्य आंध्र प्रदेश है।
  5. दक्षिण भारत (प्रायद्वीपीय भारत) में सबसे लंबी तटरेखा आंध्र प्रदेश की है।
  6. सबसे छोटी तटरेखा वाला राज्य गोवा (101 किमी) है।
  7. सबसे लंबी तटरेखा वाला केंद्र शासित प्रदेश अंडमान और निकोबार है।
  8. भारत के पश्चिमी तट पर 5 राज्य हैं: गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक, केरल।
  9. भारत के पूर्वी तट पर 4 राज्य हैं: पश्चिम बंगाल, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु।
  10. कोंकण तट: महाराष्ट्र और गोवा के तटीय क्षेत्र को कहा जाता है।
  11. कनारा/कन्नड़ तट: कर्नाटक के तटीय क्षेत्र को कहा जाता है।
  12. मालाबार तट: केरल के तट को कहा जाता है, जो अपनी लैगून झीलों के लिए प्रसिद्ध है।
  13. कोरोमंडल तट: तमिलनाडु के तटीय क्षेत्र को कहा जाता है।
  14. उत्तरी सरकार तट: आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय भाग को कहा जाता है।
  15. उत्कल तट: ओडिशा के समुद्र तटीय मैदान को कहा जाता है।
  16. भारत के तटीय क्षेत्रों में मत्स्य पालन (Fishing) अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार है।

III. द्वीप समूह – अंडमान, लक्षद्वीप और अन्य

  1. भारत के पास कुल 1,200 से अधिक द्वीप हैं।
  2. अंडमान और निकोबार बंगाल की खाड़ी में स्थित द्वीपों का समूह है।
  3. अंडमान और निकोबार की राजधानी पोर्ट ब्लेयर है।
  4. 10 डिग्री चैनल अंडमान को निकोबार से अलग करता है।
  5. अंडमान द्वीप समूह का सबसे ऊँचा शिखर सैडल पीक (Saddle Peak) है।
  6. निकोबार द्वीप समूह का सबसे ऊँचा शिखर माउंट थुलियर है।
  7. भारत का एकमात्र सक्रिय ज्वालामुखी बैरन द्वीप अंडमान में स्थित है।
  8. नारकोंडम द्वीप अंडमान में स्थित एक सुप्त (Dormant) ज्वालामुखी है।
  9. लक्षद्वीप समूह अरब सागर में स्थित है और यह प्रवाल (Coral) निर्मित है।
  10. लक्षद्वीप की राजधानी कवरत्ती है।
  11. लक्षद्वीप का सबसे बड़ा द्वीप एंड्रॉट (Andrott) है।
  12. 8 डिग्री चैनल लक्षद्वीप (मिनिकॉय) को मालदीव से अलग करता है।
  13. 9 डिग्री चैनल मुख्य लक्षद्वीप को मिनिकॉय द्वीप से अलग करता है।
  14. पंबन द्वीप (रामेश्वरम) भारत और श्रीलंका के बीच मन्नार की खाड़ी में स्थित है।
  15. व्हीलर द्वीप (ओडिशा) का नाम बदलकर ‘ए.पी.जे. अब्दुल कलाम द्वीप’ कर दिया गया है।
  16. न्यू मूर द्वीप भारत और बांग्लादेश के बीच विवादित था (अब समुद्र में डूबा हुआ है)।
  17. श्रीहरिकोटा द्वीप आंध्र प्रदेश में पुलिकट झील के पास स्थित है।
  18. एलिफेंटा की गुफाएं मुंबई के पास स्थित एक द्वीप पर हैं।
  19. साल्सेट द्वीप पर मुंबई शहर बसा हुआ है।
  20. मजुली द्वीप दुनिया का सबसे बड़ा नदी द्वीप है, जो असम में ब्रह्मपुत्र नदी पर है।

IV. विशेष समुद्री तथ्य

  1. भारत का सबसे दक्षिणी बिंदु इंदिरा पॉइंट ग्रेट निकोबार में स्थित है।
  2. पाक जलडमरूमध्य (Palk Strait) भारत और श्रीलंका को अलग करता है।
  3. ‘सेतु समुद्रम परियोजना’ मन्नार की खाड़ी और पाक की खाड़ी को जोड़ने से संबंधित है।
  4. भारत के समुद्री क्षेत्र में बॉम्बे हाई सबसे बड़ा तेल उत्पादक क्षेत्र है।
  5. भारत की तटीय सुरक्षा के लिए भारतीय तटरक्षक बल (ICG) जिम्मेदार है।
  6. सागरमाला परियोजना का उद्देश्य भारत के बंदरगाहों का विकास और तटीय बुनियादी ढांचा सुधारना है।
  7. लक्षद्वीप में पिटली द्वीप एक पक्षी अभयारण्य है, जहाँ मनुष्य नहीं रहते।
  8. डंकन पास दक्षिण अंडमान और लिटिल अंडमान के बीच स्थित है।
Vikas Singh

लेखक: विकास सिंह

विकास सिंह 15+ वर्षों के शिक्षण अनुभव वाले General Studies (GS) शिक्षक हैं। उन्होंने GS Faculty के रूप में कार्य किया है तथा दो बार UPSC Mains परीक्षा में सम्मिलित हो चुके हैं। वे भारतीय राजव्यवस्था, इतिहास, भूगोल और सामान्य विज्ञान के विशेषज्ञ हैं। वर्तमान में वे वाराणसी में अभ्यर्थियों का मार्गदर्शन कर रहे हैं और अपने YouTube चैनल Study2Study के माध्यम से शिक्षा जगत में योगदान दे रहे हैं।