भाग 1: हिमालय की उत्पत्ति और संरचना
- हिमालय एक नवीन वलित पर्वत (Young Fold Mountain) है।
- हिमालय की उत्पत्ति टेथिस सागर (Tethys Sea) के अवसादों से हुई है।
- हिमालय का निर्माण यूरेशियन प्लेट और इण्डो-ऑस्ट्रेलियन प्लेट के टकराने से हुआ है।
- हिमालय की लंबाई पश्चिम से पूर्व तक लगभग 2400-2500 किमी है।
- हिमालय की औसत चौड़ाई 150 से 400 किमी तक है।
- हिमालय का आकार एक धनुषाकार (Arc) जैसा है।
- हिमालय विश्व की सबसे ऊँची पर्वत श्रृंखला है।
- हिमालय को मुख्य रूप से 4 समानांतर श्रेणियों में बांटा गया है।
- हिमालय की सबसे उत्तरी और प्राचीन श्रेणी ट्रांस हिमालय है।
- महान हिमालय (Great Himalayas) को ‘हिमाद्रि’ के नाम से भी जाना जाता है।
- लघु हिमालय (Lesser Himalayas) को ‘हिमाचल श्रेणी’ कहा जाता है।
- हिमालय की सबसे दक्षिणी और नई श्रेणी शिवालिक है।
- हिमालय का पश्चिमी छोर नंगा पर्वत है।
- हिमालय का पूर्वी छोर नामचा बरवा (तिब्बत) है।
- ट्रांस हिमालय के अंतर्गत काराकोरम, लद्दाख, जास्कर और कैलाश श्रेणियां आती हैं।
- भारत की सबसे ऊँची चोटी K2 (गॉडविन ऑस्टिन) काराकोरम श्रेणी में है।
- विश्व की सबसे ऊँची चोटी माउंट एवरेस्ट (8848.86 मी) महान हिमालय का हिस्सा है।
- माउंट एवरेस्ट को नेपाल में ‘सागरमाथा’ कहा जाता है।
- माउंट एवरेस्ट को तिब्बत में ‘चोमोलुंग्मा’ (पर्वतों की रानी) कहा जाता है।
- हिमालय में स्थित भारत की सबसे ऊँची चोटी कंचनजंगा (सिक्किम) है।
- नंदा देवी, धौलागिरी, अन्नपूर्णा और मकालू चोटियाँ महान हिमालय में स्थित हैं।
- महान हिमालय की औसत ऊँचाई 6100 मीटर है।
- हिमालय की चौड़ाई पश्चिम (कश्मीर) में अधिक और पूर्व (अरुणाचल) में कम है।
- सिंधु नदी ट्रांस हिमालय की लद्दाख और जास्कर श्रेणियों के बीच बहती है।
- विश्व की सबसे तीव्र ढाल वाली चोटी राकापोशी लद्दाख श्रेणी में स्थित है।
- महान हिमालय और ट्रांस हिमालय के बीच की रेखा को ‘हिंज लाइन’ या ‘सचर जोन’ कहते हैं।
- महान हिमालय और लघु हिमालय के बीच के क्षेत्र को ‘मेन सेंट्रल थ्रस्ट’ (MCT) कहते हैं।
- लघु हिमालय और शिवालिक के बीच के क्षेत्र को ‘मेन बाउंड्री फॉल्ट’ (MBF) कहते हैं।
- शिवालिक के दक्षिण में मैदानी भाग को ‘Himalayan Frontal Fault’ (HFF) अलग करता है।
- ‘केसर’ की खेती के लिए प्रसिद्ध करेवा कश्मीर हिमालय में पाया जाता है।
- हिमालय के दक्षिण की ओर का ढाल तीव्र और उत्तर (तिब्बत) की ओर मंद है।
- हिमालय पर्वतमाला को ‘तीसरे ध्रुव’ (Third Pole) के रूप में भी जाना जाता है।
- हिमालय की चोटियाँ साल भर बर्फ से ढकी रहती हैं।
- नंदा देवी चोटी उत्तराखंड के कुमायूँ हिमालय में स्थित है।
- बद्रीनाथ, केदारनाथ और गंगोत्री जैसे तीर्थ स्थल महान हिमालय में हैं।
- हिमालय का प्रादेशिक विभाजन सिडनी बुरार्ड ने नदियों के आधार पर किया था।
- सिंधु और सतलज के बीच के हिमालय को पंजाब/कश्मीर हिमालय कहते हैं।
- सतलज और काली नदी के बीच के भाग को कुमायूँ हिमालय कहते हैं।
- काली और तीस्ता नदी के बीच के भाग को नेपाल हिमालय कहते हैं।
- तीस्ता और दिहांग (ब्रह्मपुत्र) के बीच के भाग को असम हिमालय कहते हैं।
- कुमायूँ हिमालय की सबसे ऊँची चोटी नंदा देवी है।
- हिमालय के किस भाग में सबसे ऊँची चोटियाँ पाई जाती हैं? – नेपाल हिमालय में।
- शिवालिक पर्वत श्रेणी का प्राचीन नाम ‘मानक पर्वत’ है।
- हिमालय की सबसे ऊँची चोटियाँ ग्रेनाइट और नीस चट्टानों से बनी हैं।
- लघु हिमालय में स्थित घास के मैदानों को कश्मीर में ‘मर्ग’ (जैसे गुलमर्ग) कहते हैं।
- उत्तराखंड में लघु हिमालय के घास के मैदानों को ‘बुग्याल’ या ‘पपयार’ कहते हैं।
- काठमांडू घाटी महान हिमालय और महाभारत श्रेणी (लघु हिमालय) के बीच है।
- दक्षिण-पूर्व एशिया की अधिकांश नदियाँ हिमालय से निकलती हैं।
- हिमालय मानसूनी हवाओं को रोककर भारत में वर्षा कराने में सहायक है।
- हिमालय भारत को साइबेरिया की ठंडी हवाओं से बचाता है।
भाग 2: चोटियाँ, ग्लेशियर और घाटियाँ
- सियाचिन ग्लेशियर भारत का सबसे बड़ा ग्लेशियर है (76 किमी)।
- सियाचिन ग्लेशियर काराकोरम श्रेणी की नुब्रा घाटी में स्थित है।
- बियाफो, बाल्टोरो और हिस्पर ग्लेशियर भी काराकोरम श्रेणी में हैं।
- जेमू ग्लेशियर सिक्किम में स्थित है, जहाँ से तीस्ता नदी निकलती है।
- गंगोत्री ग्लेशियर (उत्तराखंड) से भागीरथी (गंगा) नदी निकलती है।
- यमुनोत्री ग्लेशियर से यमुना नदी का उद्गम होता है।
- अनाईमुडी दक्षिण भारत की सबसे ऊँची चोटी है (हिमालय की नहीं)।
- हिमालय में ‘स्नो लाइन’ (हिम रेखा) की ऊँचाई पूर्व की तुलना में पश्चिम में अधिक है।
- कुल्लू घाटी धौलाधार और पीर पंजाल श्रेणी के बीच स्थित है।
- स्पीति घाटी बौद्धों के प्रसिद्ध ‘ताबो मठ’ के लिए जानी जाती है।
- चुम्बी घाटी सिक्किम, भूटान और तिब्बत के मिलन बिंदु पर है।
- फूलों की घाटी (Valley of Flowers) उत्तराखंड के चमोली में है।
- भारत का सबसे ऊँचा पठार लद्दाख का पठार है।
- लद्दाख के पठार को ‘मिनी तिब्बत’ भी कहा जाता है।
- भारत की सबसे ऊँची झील चोलामू झील (सिक्किम) हिमालय में है।
- पेंगोंग झील लद्दाख में स्थित एक खारे पानी की झील है।
- कश्मीर की डाल झील और वुलर झील (मीठे पानी की) हिमालयी क्षेत्र में हैं।
- हिमालय के सबसे ऊँचे भागों में शंकुधारी वन पाए जाते हैं।
- रोहतांग दर्रा कुल्लू घाटी को लाहौल और स्पीति से जोड़ता है।
- पीर पंजाल श्रेणी हिमालय के लघु हिमालय का हिस्सा है।
- महान हिमालय की औसत ऊँचाई शिवालिक से कहीं अधिक है।
- हिमालय में अवसादी चट्टानों की प्रधानता है लेकिन इसके गर्भ में आग्नेय चट्टानें हैं।
- हिमालय में भूकंप आने का मुख्य कारण प्लेट टेक्टोनिक्स है।
- हिमालयी नदियाँ ‘पूर्ववर्ती नदियाँ’ (Antecedent Rivers) कहलाती हैं।
- ब्रह्मपुत्र, सिंधु और सतलज नदियाँ हिमालय के जन्म से पहले की हैं।
- ‘मकालू’ चोटी नेपाल और चीन की सीमा पर स्थित है।
- हिमालय की महारानी कंचनजंगा को कहा जाता है।
- माउंट एवरेस्ट को पहली बार 1953 में एडमंड हिलेरी और तेनजिंग नोर्गे ने फतह किया था।
- बछेंद्री पाल माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने वाली पहली भारतीय महिला थीं (1984)।
- संतोष यादव एवरेस्ट पर दो बार चढ़ने वाली पहली महिला हैं।
- ‘त्रिशूल’ और ‘कामेत’ चोटियाँ भी उत्तराखंड हिमालय में हैं।
- हिमालय का दक्षिण की ओर मुड़ा हुआ हिस्सा म्यांमार में अराकान योमा कहलाता है।
- पूर्वोत्तर भारत में हिमालय को ‘पूर्वांचल पहाड़ियों’ के नाम से जाना जाता है।
- पटकाई बुम, नागा और मिजो पहाड़ियाँ पूर्वांचल का हिस्सा हैं।
- डाफला, मेरी, अबोर और मिश्मी पहाड़ियाँ अरुणाचल प्रदेश में हैं।
- हिमालय की गोद में बसा देश नेपाल एक ‘बफर स्टेट’ है।
- हिमालय में पाए जाने वाले औषधीय पौधे विश्व प्रसिद्ध हैं।
- अमजदगढ़ का किला शिवालिक पहाड़ियों के क्षेत्र में आता है।
- कश्मीर हिमालय अपनी हिमानीकृत झील (Glacial Lakes) के लिए जाना जाता है।
- हिमालय की सबसे संकरी श्रेणी महान हिमालय है।
- लघु हिमालय अपनी स्वास्थ्यवर्धक सैरगाहों (जैसे शिमला, नैनीताल) के लिए प्रसिद्ध है।
- शिवालिक की औसत ऊँचाई 900 से 1100 मीटर के बीच है।
- हिमालय क्षेत्र में खनिज तेल की कमी है लेकिन कोयला (एंथ्रेसाइट) कुछ मात्रा में मिलता है।
- शिवालिक श्रेणी पंजाब से लेकर कोसी नदी तक फैली हुई है।
- बर्रा लाचा दर्रा हिमाचल प्रदेश में स्थित है।
- मनाली-लेह राजमार्ग विश्व के सबसे ऊँचे राजमार्गों में से एक है।
- हिमालय की प्रमुख घाटियाँ ‘V’ आकार की होती हैं।
- हिमालय क्षेत्र में सीढ़ीदार खेती (Terrace Farming) की जाती है।
- हिमालय के ग्लेशियर ग्लोबल वार्मिंग के कारण तेजी से पिघल रहे हैं।
- हिमालय भारत की सांस्कृतिक पहचान और गौरव का प्रतीक है।
भाग 3: हिमालय के प्रमुख दर्रे (Passes) और विशेष तथ्य
- कराकोरम दर्रा भारत का सबसे ऊँचा दर्रा है (लद्दाख)।
- जोजिला दर्रा श्रीनगर को लेह से जोड़ता है।
- बनिहाल दर्रा जम्मू को श्रीनगर से जोड़ता है (जवाहर सुरंग इसी में है)।
- पीर पंजाल दर्रा कुलगाम से कोठी जाने का मार्ग प्रदान करता है।
- बुर्जिल दर्रा श्रीनगर को गिलगित (POK) से जोड़ता है।
- शिपकी ला दर्रा हिमाचल को तिब्बत से जोड़ता है (सतलज नदी इसी से प्रवेश करती है)।
- बाड़ा लाचा ला दर्रा मंडी को लेह से जोड़ता है।
- लिपुलेख दर्रा उत्तराखंड में है, यहाँ से मानसरोवर यात्रा गुजरती है।
- माना ला और नीति ला दर्रे भी उत्तराखंड को तिब्बत से जोड़ते हैं।
- नाथुला दर्रा (सिक्किम) भारत-चीन व्यापार का मुख्य मार्ग है।
- नाथुला दर्रा 1962 के युद्ध के बाद बंद कर 2006 में फिर खोला गया।
- जेलेप ला दर्रा (सिक्किम) तीस्ता नदी द्वारा बनाया गया है।
- बोमडिला दर्रा अरुणाचल प्रदेश को ल्हासा (तिब्बत) से जोड़ता है।
- यांग्याप दर्रा अरुणाचल में है, यहीं से ब्रह्मपुत्र नदी प्रवेश करती है।
- दिफू दर्रा भारत, चीन और म्यांमार के ट्राई-जंक्शन पर है।
- तुजू दर्रा मणिपुर राज्य में स्थित है, जो म्यांमार को जोड़ता है।
- हिमालय के दर्रे प्राचीन काल में ‘रेशम मार्ग’ (Silk Route) का हिस्सा थे।
- थल घाट और भोर घाट दक्षिण भारत के दर्रे हैं (हिमालय के नहीं)।
- पाल घाट दर्रा केरल और तमिलनाडु को जोड़ता है।
- हिमालय क्षेत्र में ‘लैंडस्लाइड’ (भूस्खलन) की घटनाएँ बहुत अधिक होती हैं।
- ‘चिपको आंदोलन’ की शुरुआत हिमालयी राज्य उत्तराखंड से हुई थी।
- हिमालय की ‘धौलाधार’ श्रेणी मुख्य रूप से हिमाचल प्रदेश में है।
- महाभारत श्रेणी नेपाल में स्थित लघु हिमालय का हिस्सा है।
- ‘मुसूरी’ और ‘चकराता’ उत्तराखंड के लघु हिमालय में स्थित हैं।
- काली नदी नेपाल और भारत की सीमा का निर्धारण करती है।
- हिमालय की सबसे चौड़ी श्रेणी शिवालिक है।
- शिवालिक और मैदानों के बीच के क्षेत्र को ‘तराई’ कहते हैं।
- ‘चुम्बी’ घाटी डोकलाम क्षेत्र के पास स्थित है।
- हिमालय में अन्तःपर्वतीय पठार का उदाहरण तिब्बत का पठार है।
- हिमालय की चोटियों की औसत ऊँचाई लगातार बढ़ रही है (कुछ मिलीमीटर प्रति वर्ष)।
- अल्मोड़ा और रानीखेत प्रसिद्ध हिल स्टेशन कुमायूँ हिमालय में हैं।
- बुरान घाटी दर्रा हिमाचल प्रदेश में स्थित है।
- हिमालय के पश्चिम में सिंधु का ‘सिंटेक्सियल बेंड’ (घुमाव) है।
- पूर्व में ब्रह्मपुत्र नदी के पास भी हिमालय का तीव्र घुमाव है।
- कामेत पर्वत जास्कर श्रेणी की सबसे ऊँची चोटी है।
- ‘त्रिशूल’ पर्वत तीन चोटियों का समूह है जो उत्तराखंड में है।
- हिमालय की प्रमुख नदियाँ ‘जालनुमा’ (Trellis) अपवाह तंत्र बनाती हैं।
- अरावली पर्वतमाला हिमालय से कहीं अधिक पुरानी है।
- हिमालय क्षेत्र में ‘टूरिज्म’ (पर्यटन) अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार है।
- इंद्रासन और देव टिब्बा हिमाचल की प्रमुख चोटियाँ हैं।
- हिमालय की श्रेणियों के बीच स्थित समतल घाटियों को ‘दून’ कहते हैं।
- देहरादून भारत की सबसे प्रसिद्ध दून घाटी है।
- ‘कोसी’ नदी को ‘बिहार का शोक’ कहा जाता है, जो हिमालय से निकलती है।
- हिमालय के कारण ही उत्तर भारत में बारहमासी नदियाँ बहती हैं।
- गुलमर्ग और सोनमर्ग कश्मीर के प्रसिद्ध चरागाह और पर्यटक स्थल हैं।
- ‘दूधवा’ नेशनल पार्क शिवालिक की तलहटी (तराई) में स्थित है।
- हिमालय भारत का एक महत्वपूर्ण ‘बायोडायवर्सिटी हॉटस्पॉट’ है।
- जोजिला सुरंग पूरी होने पर लद्दाख को हर मौसम में कनेक्टिविटी देगी।
- हिमालय की चोटियों का उत्तर से दक्षिण सही क्रम: काराकोरम > लद्दाख > जास्कर > पीर पंजाल।
- हिमालय केवल पहाड़ नहीं, बल्कि भारत की जलवायु और संस्कृति का रक्षक है।