केंद्र शासित प्रदेश (Union Territories) – प्रशासन, अनुच्छेद 239–241 और विशेष प्रावधान | Indian Polity Notes

केंद्र शासित प्रदेश (Union Territories) भारत की शासन व्यवस्था का एक विशिष्ट हिस्सा है। भारत के राज्यों के विपरीत, ये सीधे केंद्र सरकार के नियंत्रण में होते हैं। विशेष रूप से दिल्ली और पुडुचेरी जैसे केंद्र शासित प्रदेशों की व्यवस्था को समझना परीक्षाओं के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

I. गठन और संवैधानिक प्रावधान

  1. भारतीय संविधान के भाग 8 में अनुच्छेद 239 से 241 तक केंद्र शासित प्रदेशों (UTs) का वर्णन है।
  2. मूल संविधान (1950) में राज्यों को चार श्रेणियों (A, B, C, D) में बांटा गया था।
  3. 7वें संविधान संशोधन (1956): इसके द्वारा केंद्र शासित प्रदेशों की अवधारणा को लागू किया गया।
  4. वर्तमान में भारत में कुल 8 केंद्र शासित प्रदेश हैं।
  5. केंद्र शासित प्रदेशों का प्रशासन राष्ट्रपति द्वारा चलाया जाता है।
  6. राष्ट्रपति केंद्र शासित प्रदेशों के लिए एक प्रशासक (Administrator) की नियुक्ति करता है।
  7. केंद्र शासित प्रदेश का प्रशासक राष्ट्रपति का एजेंट (प्रतिनिधि) होता है, राज्य का संवैधानिक प्रमुख नहीं।
  8. राष्ट्रपति प्रशासक को अलग-अलग नाम दे सकता है, जैसे—उप-राज्यपाल (LG) या मुख्य आयुक्त।
  9. दिल्ली, पुडुचेरी, अंडमान-निकोबार, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में उप-राज्यपाल (Lieutenant Governor) होते हैं।
  10. चंडीगढ़, दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव, और लक्षद्वीप में प्रशासक होते हैं।
  11. संसद केंद्र शासित प्रदेशों के लिए किसी भी विषय पर (राज्य सूची सहित) कानून बना सकती है।

II. दिल्ली और पुडुचेरी की विशेष व्यवस्था

  1. 69वां संविधान संशोधन (1991): इसके द्वारा दिल्ली को ‘राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र’ (NCT) का विशेष दर्जा दिया गया।
  2. दिल्ली के लिए अनुच्छेद 239AA और 239AB जोड़े गए।
  3. दिल्ली और पुडुचेरी में अपनी विधानसभा और मंत्रिपरिषद की व्यवस्था है।
  4. जम्मू-कश्मीर भी अब विधानसभा वाला केंद्र शासित प्रदेश है।
  5. दिल्ली विधानसभा राज्य सूची के विषयों पर कानून बना सकती है, सिवाय—लोक व्यवस्था, पुलिस और भूमि के।
  6. दिल्ली के मुख्यमंत्री की नियुक्ति राष्ट्रपति करता है (राज्यपाल नहीं)।
  7. दिल्ली के मंत्री राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत पद धारण करते हैं।
  8. दिल्ली में मंत्रियों की कुल संख्या विधानसभा की सदस्य संख्या का 10% (अधिकतम 7) से अधिक नहीं हो सकती।
  9. यदि दिल्ली में संवैधानिक तंत्र विफल हो जाए, तो राष्ट्रपति अनुच्छेद 239AB के तहत शासन अपने हाथ में ले सकता है।
  10. पुडुचेरी के मामले में, विधानसभा राज्य सूची के सभी विषयों पर कानून बना सकती है।

III. प्रशासन, न्यायपालिका और महत्वपूर्ण तथ्य

  1. अनुच्छेद 240: राष्ट्रपति को अंडमान-निकोबार, लक्षद्वीप, दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव में शांति, प्रगति और सुशासन के लिए नियम बनाने की शक्ति है।
  2. राष्ट्रपति द्वारा बनाए गए ये नियम संसद के अधिनियम के बराबर शक्ति रखते हैं।
  3. अनुच्छेद 241: संसद को किसी केंद्र शासित प्रदेश के लिए उच्च न्यायालय स्थापित करने की शक्ति है।
  4. दिल्ली एकमात्र ऐसा केंद्र शासित प्रदेश था जिसका अपना उच्च न्यायालय (1966 से) था (अब जम्मू-कश्मीर के पास भी है)।
  5. अन्य केंद्र शासित प्रदेश विभिन्न राज्यों के उच्च न्यायालयों के क्षेत्राधिकार में आते हैं।
  6. उदाहरण: चंडीगढ़ (पंजाब-हरियाणा HC), लक्षद्वीप (केरल HC), पुडुचेरी (मद्रास HC)।
  7. केंद्र शासित प्रदेशों के लिए बनाई गई ‘गृह मंत्री की सलाहकार समिति’ की अध्यक्षता केंद्रीय गृह मंत्री करते हैं।
  8. लद्दाख को 2019 में बिना विधानसभा वाला केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया।
  9. दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव का विलय 2020 में एक केंद्र शासित प्रदेश के रूप में कर दिया गया।
  10. केंद्र शासित प्रदेश प्रशासनिक सुविधा और सामरिक महत्व के लिए बनाए गए हैं।

❓ Frequently Asked Questions (FAQs)

1. केंद्र शासित प्रदेश (Union Territories) क्या होते हैं?

केंद्र शासित प्रदेश वे क्षेत्र होते हैं जिनका प्रशासन सीधे केंद्र सरकार के अधीन होता है और जिनका संवैधानिक दर्जा राज्यों से भिन्न होता है।


2. भारतीय संविधान में केंद्र शासित प्रदेशों का उल्लेख किन अनुच्छेदों में है?

केंद्र शासित प्रदेशों से संबंधित प्रावधान अनुच्छेद 239 से 241 में दिए गए हैं।


3. केंद्र शासित प्रदेशों का प्रशासन कौन करता है?

केंद्र शासित प्रदेशों का प्रशासन सामान्यतः राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त प्रशासक या उपराज्यपाल (Lieutenant Governor) के माध्यम से किया जाता है।


4. क्या सभी केंद्र शासित प्रदेशों में विधानसभा होती है?

नहीं। केवल दिल्ली (NCT) और पुडुचेरी में विधानसभा और मंत्रिपरिषद है। अन्य केंद्र शासित प्रदेशों में विधानसभा नहीं होती।


5. दिल्ली को विशेष दर्जा किस संवैधानिक प्रावधान के तहत मिला है?

दिल्ली को विशेष दर्जा 69वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1991 और अनुच्छेद 239AA के तहत मिला है।


6. केंद्र शासित प्रदेश और राज्य में मुख्य अंतर क्या है?

राज्य को संवैधानिक स्वायत्तता प्राप्त होती है, जबकि केंद्र शासित प्रदेशों का प्रशासन मुख्यतः केंद्र सरकार के नियंत्रण में होता है।


7. पुडुचेरी को विधानसभा क्यों दी गई है?

पुडुचेरी को उसकी ऐतिहासिक और प्रशासनिक परिस्थितियों के कारण विधानसभा और मंत्रिपरिषद दी गई है।


8. उपराज्यपाल (Lieutenant Governor) की भूमिका क्या होती है?

उपराज्यपाल केंद्र शासित प्रदेश में राष्ट्रपति का प्रतिनिधि होता है और प्रशासनिक कार्यों की निगरानी करता है।


9. क्या संसद केंद्र शासित प्रदेशों के लिए कानून बना सकती है?

हाँ, संसद को सभी केंद्र शासित प्रदेशों के लिए कानून बनाने की पूर्ण शक्ति प्राप्त है।


10. अनुच्छेद 240 का क्या महत्व है?

अनुच्छेद 240 के अंतर्गत राष्ट्रपति को कुछ केंद्र शासित प्रदेशों के लिए नियम बनाने की शक्ति प्राप्त है।


11. वर्तमान में भारत में कितने केंद्र शासित प्रदेश हैं?

वर्तमान में भारत में 8 केंद्र शासित प्रदेश हैं।


12. क्या केंद्र शासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व संसद में होता है?

हाँ, केंद्र शासित प्रदेशों का लोकसभा और राज्यसभा में प्रतिनिधित्व होता है (संख्या क्षेत्र विशेष पर निर्भर करती है)।


13. क्या केंद्र शासित प्रदेशों में राष्ट्रपति शासन लगाया जा सकता है?

नहीं, क्योंकि केंद्र शासित प्रदेश पहले से ही राष्ट्रपति के अधीन प्रशासित होते हैं।


14. UPSC Prelims में केंद्र शासित प्रदेशों से कैसे प्रश्न पूछे जाते हैं?

Prelims में प्रायः:

  • अनुच्छेद आधारित प्रश्न
  • विधानसभा वाले और बिना विधानसभा वाले UTs
  • LG बनाम CM
    जैसे तथ्यात्मक प्रश्न पूछे जाते हैं।

15. UPSC और State PCS परीक्षाओं के लिए यह अध्याय क्यों महत्वपूर्ण है?

क्योंकि इससे:

  • राज्य बनाम UT
  • दिल्ली और पुडुचेरी की विशेष स्थिति
  • उपराज्यपाल की भूमिका
    जैसे विषयों पर बार-बार प्रश्न पूछे जाते हैं, जिससे यह अध्याय अत्यंत स्कोरिंग बन जाता है।

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