द्वितीय विश्व युद्ध मानव इतिहास की सबसे विनाशकारी घटना थी, जिसने न केवल सीमाओं को बदला, बल्कि दुनिया को दो परमाणु युगों के बीच खड़ा कर दिया। यह युद्ध 1 सितंबर 1939 से 2 सितंबर 1945 तक चला, जिसमें दुनिया के लगभग 70 देशों की सेनाएँ शामिल थीं।
1. युद्ध के दो प्रमुख गुट
यह युद्ध मुख्य रूप से दो शक्तिशाली समूहों के बीच लड़ा गया था:
- मित्र राष्ट्र (Allied Powers): ब्रिटेन, फ्रांस, सोवियत संघ (रूस), संयुक्त राज्य अमेरिका और चीन।
- धुरी राष्ट्र (Axis Powers): जर्मनी, इटली और जापान।
2. द्वितीय विश्व युद्ध के मुख्य कारण (Causes)
इतिहासकार मानते हैं कि द्वितीय विश्व युद्ध के बीज प्रथम विश्व युद्ध की समाप्ति पर ही बो दिए गए थे।
(A) वर्साय की संधि का अपमान
1919 में जर्मनी पर थोपी गई वर्साय की संधि अत्यंत अपमानजनक थी। जर्मनी का आर्थिक और सैन्य रूप से गला घोंट दिया गया था। हिटलर ने इसी अपमान को मुद्दा बनाकर जर्मन जनता में राष्ट्रवाद की भावना जगाई।
(B) राष्ट्र संघ (League of Nations) की विफलता
प्रथम विश्व युद्ध के बाद शांति बनाए रखने के लिए बनाया गया ‘राष्ट्र संघ’ पूरी तरह विफल रहा। यह न तो जापान को मंचूरिया पर आक्रमण करने से रोक सका और न ही इटली को इथियोपिया पर कब्जा करने से।
(C) तानाशाही का उदय (Rise of Dictatorship)
जर्मनी में हिटलर (नाजीवाद) और इटली में मुसोलिनी (फासीवाद) के उदय ने विस्तारवादी नीतियों को बढ़ावा दिया। ये दोनों नेता युद्ध को राष्ट्र के गौरव के रूप में देखते थे।
(D) तुष्टिकरण की नीति (Policy of Appeasement)
ब्रिटेन और फ्रांस ने शुरुआत में हिटलर की आक्रामक नीतियों को यह सोचकर अनदेखा किया कि वह शांत हो जाएगा। इसे ‘तुष्टिकरण की नीति’ कहा जाता है, जिसने अंततः हिटलर के हौसले बुलंद किए।
(E) तात्कालिक कारण: पोलैंड पर आक्रमण
1 सितंबर 1939 को जर्मनी ने पोलैंड पर हमला कर दिया। इसके जवाब में ब्रिटेन और फ्रांस ने जर्मनी के खिलाफ युद्ध की घोषणा कर दी, और यहीं से द्वितीय विश्व युद्ध की शुरुआत हुई।
3. युद्ध की प्रमुख घटनाएँ (1939–1945)
ब्लिट्जक्रेग (Blitzkrieg) – बिजली जैसी रफ्तार
जर्मनी ने ‘ब्लिट्जक्रेग’ रणनीति अपनाई, जिसमें विमानों और टैंकों की मदद से बहुत तेजी से हमला किया जाता था। इसी रणनीति से जर्मनी ने पोलैंड, नॉर्वे, बेल्जियम और फ्रांस पर बहुत कम समय में कब्जा कर लिया।
सोवियत संघ पर हमला (1941)
हिटलर ने अपनी सबसे बड़ी गलती करते हुए सोवियत संघ पर हमला किया (Operation Barbarossa)। रूसी ठंड और सोवियत सेना के कड़े प्रतिरोध ने जर्मन सेना को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया।
पर्ल हार्बर और अमेरिका का प्रवेश (1941)
7 दिसंबर 1941 को जापान ने अमेरिका के नौसैनिक अड्डे ‘पर्ल हार्बर’ पर अचानक हमला कर दिया। इस घटना ने अमेरिका को मित्र राष्ट्रों की ओर से युद्ध में शामिल होने पर मजबूर कर दिया।
डी-डे (D-Day) – 6 जून 1944
मित्र राष्ट्रों की सेनाओं ने फ्रांस के नॉर्मेंडी तट पर सबसे बड़ा समुद्री हमला किया, जिससे यूरोप को हिटलर के कब्जे से मुक्त कराने की शुरुआत हुई।
4. युद्ध का अंत और परमाणु बम का प्रयोग
1945 तक आते-आते धुरी राष्ट्र हारने लगे थे।
- यूरोप में अंत: अप्रैल 1945 में हिटलर की आत्महत्या के बाद मई में जर्मनी ने आत्मसमर्पण कर दिया।
- जापान का अंत: जापान अभी भी लड़ रहा था। अमेरिका ने 6 अगस्त 1945 को हिरोशिमा (लिटिल बॉय) और 9 अगस्त 1945 को नागासाकी (फैट मैन) पर परमाणु बम गिराए। 2 सितंबर 1945 को जापान के आत्मसमर्पण के साथ युद्ध समाप्त हुआ।
5. भारत पर प्रभाव और योगदान
द्वितीय विश्व युद्ध के समय भारत ब्रिटिश उपनिवेश था, इसलिए भारत न चाहते हुए भी इस युद्ध का हिस्सा बना।
- सैनिक योगदान: लगभग 25 लाख भारतीय सैनिकों ने मित्र राष्ट्रों की ओर से युद्ध लड़ा।
- आजाद हिंद फौज: सुभाष चंद्र बोस ने जापान की मदद से ‘आजाद हिंद फौज’ का गठन किया ताकि अंग्रेजों को भारत से बाहर निकाला जा सके।
- अकाल: युद्ध के कारण बंगाल में भीषण अकाल (1943) पड़ा, जिसमें लाखों लोग मारे गए।
- स्वतंत्रता का मार्ग: युद्ध के बाद ब्रिटेन की आर्थिक स्थिति कमजोर हो गई, जिससे भारत की आजादी का रास्ता साफ हुआ।
6. युद्ध के दूरगामी परिणाम (Consequences)
- संयुक्त राष्ट्र संघ (UNO) की स्थापना: 24 अक्टूबर 1945 को भविष्य के युद्धों को रोकने के लिए इसकी स्थापना हुई।
- शीत युद्ध (Cold War) की शुरुआत: दुनिया दो महाशक्तियों—अमेरिका (पूंजीवाद) और सोवियत संघ (साम्यवाद) में बंट गई।
- उपनिवेशवाद का अंत: भारत सहित एशिया और अफ्रीका के कई देश स्वतंत्र हुए।
- परमाणु युग: दुनिया ने पहली बार परमाणु हथियारों की विनाशकारी शक्ति देखी।
📝 UPSC / SSC Exam Oriented One-liners
- द्वितीय विश्व युद्ध 6 वर्ष तक चला।
- युद्ध के समय ब्रिटेन के प्रधानमंत्री विंस्टन चर्चिल थे।
- अमेरिका के राष्ट्रपति फ्रैंकलिन डी. रूजवेल्ट (बाद में हैरी ट्रूमैन) थे।
- जापान के हिरोशिमा पर गिराए गए बम का नाम ‘लिटिल बॉय’ था।
- युद्ध के दौरान ‘होलोकॉस्ट’ (Holocaust) में लगभग 60 लाख यहूदियों की हत्या की गई।