रूस की क्रांति (1917) विश्व इतिहास की सबसे महत्वपूर्ण समाजवादी क्रांतियों में से एक थी। इस क्रांति ने जारशाही (Tsarism) को समाप्त कर दुनिया का पहला समाजवादी राज्य – सोवियत संघ (USSR) स्थापित किया। यह क्रांति न केवल रूस की राजनीतिक और सामाजिक व्यवस्था को बदलने वाली थी, बल्कि इसने पूँजीवाद के विरुद्ध समाजवाद और साम्यवाद को एक वैचारिक विकल्प के रूप में प्रस्तुत किया।
UPSC, SSC और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में रूस की क्रांति से जुड़े प्रश्न कारण, नेता, विचारधारा और वैश्विक प्रभाव के संदर्भ में बार-बार पूछे जाते हैं।
📌 रूस की क्रांति की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
20वीं शताब्दी की शुरुआत में रूस एक पिछड़ा कृषि प्रधान देश था, जहाँ शासन व्यवस्था निरंकुश जारशाही पर आधारित थी।
- शासक: जार निकोलस द्वितीय (Nicholas II)
- शासन प्रणाली: निरंकुश राजतंत्र
- समाज: वर्गों में अत्यधिक असमानता
रूस औद्योगिक रूप से पश्चिमी यूरोप से काफी पीछे था, जबकि किसानों और मजदूरों की स्थिति अत्यंत दयनीय थी।
🏛️ रूस की सामाजिक-आर्थिक स्थिति
🔹 1. कृषक वर्ग
- जनसंख्या का बहुमत
- भूमि का अभाव
- सामंती शोषण
🔹 2. मजदूर वर्ग
- लंबे कार्य घंटे
- कम मजदूरी
- अमानवीय परिस्थितियाँ
🔹 3. कुलीन और चर्च
- विशेषाधिकार प्राप्त
- विशाल संपत्ति के स्वामी
➡ सामाजिक असमानता रूस की क्रांति की मूल जड़ थी।
⚔️ रूस की क्रांति के कारण
रूस की क्रांति के पीछे कई दीर्घकालिक और तात्कालिक कारण थे।
🔹 1. राजनीतिक कारण
- जार की निरंकुश सत्ता
- संसद (Duma) की कमजोरी
- अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अभाव
- राजनीतिक दमन
जार निकोलस द्वितीय सुधारों को लागू करने में असफल रहा।
🔹 2. आर्थिक कारण
- कृषि की पिछड़ी व्यवस्था
- औद्योगिक विकास की धीमी गति
- महँगाई और बेरोज़गारी
- भोजन की भारी कमी
जनता को रोटी तक के लिए संघर्ष करना पड़ता था।
🔹 3. सामाजिक कारण
- वर्ग संघर्ष
- श्रमिकों और किसानों का शोषण
- चर्च और कुलीन वर्ग का प्रभुत्व
➡ समाज में असंतोष चरम पर था।
🔹 4. प्रथम विश्व युद्ध का प्रभाव
- रूस की भारी सैन्य हार
- आर्थिक संकट और गहरा हुआ
- सैनिकों में असंतोष
- जनता का जार से विश्वास उठ गया
प्रथम विश्व युद्ध रूस की क्रांति का तात्कालिक कारण बना।
🔹 5. समाजवादी विचारधारा का प्रभाव
- कार्ल मार्क्स के विचार
- वर्ग संघर्ष का सिद्धांत
- पूँजीवाद का विरोध
रूस में समाजवादी विचार तेजी से फैलने लगे।
🔴 1905 की क्रांति (भूमिका)
- 1905 में पहली क्रांति हुई
- ब्लडी संडे की घटना
- जार ने सुधारों का वादा किया
- Duma की स्थापना
➡ लेकिन सुधार वास्तविक नहीं थे, जिससे असंतोष बना रहा।
🚩 रूस की क्रांति के चरण (1917)
रूस की क्रांति दो प्रमुख चरणों में हुई:
🌸 1. फरवरी क्रांति (1917)
🔹 कारण
- भोजन की कमी
- मजदूर हड़ताल
- सैनिक विद्रोह
🔹 परिणाम
- जार निकोलस द्वितीय का पतन
- जारशाही का अंत
- अस्थायी सरकार (Provisional Government) की स्थापना
➡ नेतृत्व: अलेक्ज़ेंडर केरेन्स्की
लेकिन अस्थायी सरकार जनता की अपेक्षाएँ पूरी नहीं कर सकी।
🔨 2. अक्टूबर क्रांति (1917)
🔹 नेतृत्व
- व्लादिमीर लेनिन
- लियोन ट्रॉट्स्की
🔹 नारे
- “Peace, Land and Bread”
- “All Power to the Soviets”
🔹 घटनाएँ
- बोल्शेविक पार्टी ने सत्ता पर कब्जा किया
- अस्थायी सरकार का पतन
- समाजवादी सरकार की स्थापना
➡ अक्टूबर क्रांति रूस की वास्तविक समाजवादी क्रांति थी।
🧑✈️ रूस की क्रांति के प्रमुख नेता
🔹 व्लादिमीर लेनिन
- बोल्शेविक पार्टी के नेता
- समाजवादी राज्य के निर्माता
🔹 लियोन ट्रॉट्स्की
- रेड आर्मी के संस्थापक
- सैन्य रणनीतिकार
🔹 निकोलस द्वितीय
- अंतिम रूसी जार
- निरंकुश शासक
🏁 क्रांति के बाद की घटनाएँ
- गृहयुद्ध (Red vs White Army)
- बोल्शेविकों की विजय
- 1922 में सोवियत संघ (USSR) की स्थापना
📜 नई नीतियाँ और सुधार
- भूमि का राष्ट्रीयकरण
- उद्योगों का राष्ट्रीयकरण
- सामूहिक खेती
- एकदलीय शासन
➡ समाजवाद को व्यवहार में लागू किया गया।
🌍 रूस की क्रांति के परिणाम
🔹 राजनीतिक परिणाम
- जारशाही का अंत
- समाजवादी शासन की स्थापना
🔹 सामाजिक परिणाम
- वर्ग भेद समाप्त
- शिक्षा और स्वास्थ्य का विस्तार
🔹 आर्थिक परिणाम
- योजनाबद्ध अर्थव्यवस्था
- निजी संपत्ति का अंत
🔹 वैचारिक परिणाम
- साम्यवाद का वैश्विक प्रसार
🌐 रूस की क्रांति का वैश्विक महत्व
- विश्व में समाजवादी आंदोलनों को प्रेरणा
- चीन, क्यूबा, वियतनाम पर प्रभाव
- शीत युद्ध की पृष्ठभूमि तैयार
- पूँजीवाद बनाम समाजवाद का संघर्ष
📝 UPSC / SSC Exam Oriented One-liners
- रूस की क्रांति 1917 में हुई।
- रूस पर जार निकोलस द्वितीय का शासन था।
- फरवरी क्रांति से जारशाही का अंत हुआ।
- अक्टूबर क्रांति का नेतृत्व लेनिन ने किया।
- बोल्शेविक पार्टी सत्ता में आई।
- “Peace, Land and Bread” प्रमुख नारा था।
- प्रथम विश्व युद्ध रूस की क्रांति का तात्कालिक कारण था।
- 1922 में सोवियत संघ की स्थापना हुई।
- रूस विश्व का पहला समाजवादी राज्य बना।
- कार्ल मार्क्स के विचारों का गहरा प्रभाव था।