चट्टानें और उनके प्रकार: One-liners | Rocks and Types Notes in Hindi

चट्टानें और उनके प्रकार

Rocks and Their Types

पृथ्वी की ऊपरी सतह मुख्यतः चट्टानों से बनी हुई है। चट्टानें पृथ्वी की भूपर्पटी (Crust) का आधार हैं और इन्हीं से मिट्टी, खनिज तथा विभिन्न भू-आकृतियों का निर्माण होता है। पर्वत, पठार, घाटियाँ, मैदान आदि सभी स्थलरूप प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से चट्टानों से जुड़े होते हैं।

भूगोल एवं भूविज्ञान में चट्टानों का अध्ययन अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि इनके माध्यम से पृथ्वी की संरचना, इतिहास तथा भूगर्भीय प्रक्रियाओं की जानकारी प्राप्त होती है। प्रतियोगी परीक्षाओं में चट्टानों और उनके प्रकारों से संबंधित प्रश्न नियमित रूप से पूछे जाते हैं।

pdfnotes.in UPSC & State PCS Special Notes चट्टानें और उनके प्रकार Rocks & Their Types — Quick Revision Flowchart चट्टान (Rocks) 1. आग्नेय (Igneous) मैग्मा या लावा के जमने से प्राथमिक चट्टान (Primary) प्रमुख उदाहरण: ग्रैनाइट (आंतरिक) बेसाल्ट (बाह्य) 2. अवसादी (Sedimentary) परतों में अवसादों के जमाव से जीवाश्म युक्त (Fossils) प्रमुख उदाहरण: बलुआ पत्थर, चूना पत्थर शेल (Shale), कोयला 3. रूपांतरित (Metamorphic) अत्यधिक ताप व दाब के कारण कायांतरित (Changed Form) प्रमुख उदाहरण: संगमरमर, क्वार्टजाइट नीस (Gneiss),स्लेट परीक्षा उपयोगी High-Yield फैक्ट्स: पृथ्वी के क्रस्ट (Crust) का लगभग 95% भाग आग्नेय और रूपांतरित चट्टानों से बना है। धरातल के सर्वाधिक विस्तृत क्षेत्र (75%) पर अवसादी (Sedimentary) चट्टानें फैली हैं। Free Study Materials Guide: www.pdfnotes.in

चट्टान (Rock)

एक या एक से अधिक खनिजों के प्राकृतिक समूह को चट्टान कहते हैं।

कुछ चट्टानें केवल एक खनिज से बनी होती हैं, जबकि कुछ अनेक खनिजों के मिश्रण से निर्मित होती हैं।

उदाहरण:

  • ग्रेनाइट
  • बेसाल्ट
  • संगमरमर
  • बलुआ पत्थर

खनिज और चट्टान में अंतर

pdfnotes.in GS Core Concepts Series खनिज और चट्टान में मुख्य अंतर Minerals vs. Rocks — Micro-Notes Table आधार खनिज (Mineral) चट्टान (Rock) संरचना निश्चित रासायनिक संरचना और क्रिस्टलीय आंतरिक ढांचा होता है। एक या अधिक खनिजों का ठोस मिश्रण है। निश्चित ढांचा नहीं होता। रासायनिक सूत्र निश्चित रासायनिक सूत्र होता है (उदा. SiO₂) कोई निश्चित रासायनिक सूत्र नहीं होता। भौतिक रूप प्रायः समरूप (Homogeneous) व चमकदार। विषमरूप (Heterogeneous) व परतदार/ठोस। उदाहरण क्वार्ट्ज़, फेल्डस्पार, अभ्रक (Mica), सोना, कैल्साइट, हीरा। ग्रैनाइट, बेसाल्ट, बलुआ पत्थर, चूना पत्थर, संगमरमर। याद रखने की ट्रिक: खनिज प्रकृति के सामग्री (Ingredients) हैं और चट्टानें उनसे बनी डिश (Dish) हैं। Official Educational Platform: www.pdfnotes.in
आधारखनिजचट्टान
संरचनाएक निश्चित रासायनिक संरचनाएक या अनेक खनिजों का मिश्रण
प्रकृतिशुद्ध पदार्थमिश्रित पदार्थ
उदाहरणक्वार्ट्ज, अभ्रकग्रेनाइट, बेसाल्ट

चट्टानों का निर्माण

चट्टानों का निर्माण पृथ्वी की आंतरिक एवं बाहरी प्रक्रियाओं से होता है।

मुख्य प्रक्रियाएँ:

  • मैग्मा का ठंडा होना
  • अवसादों का जमाव
  • ताप एवं दाब का प्रभाव
pdfnotes.in Geomorphology Core Visuals चट्टानों का निर्माण एवं शैल चक्र Rock Formation Process & Rock Cycle शीतलन व जमना अपक्षय व अपरदन संसंजन व लिथिफिकेशन अत्यधिक ताप व दाब पिघलना (Melting) ताप व दाब (रूपांतरण) मैग्मा / लावा आग्नेय चट्टान (प्राथमिक निर्माण) अवसाद (Sediments) कण, मिट्टी, कंकड़ आदि अवसादी चट्टान (जीवाश्म व परतदार शैल) रूपांतरित चट्टान (कायांतरित शैल) निर्माण सारांश: मैग्मा से आग्नेय → अपक्षय द्वारा अवसादी → ताप/दाब द्वारा रूपांतरित शैल बनती हैं। यही निरंतर चक्र ‘शैल चक्र’ कहलाता है। www.pdfnotes.in — Smart GS Learning

चट्टानों के प्रमुख प्रकार

चट्टानों को निर्माण प्रक्रिया के आधार पर तीन भागों में बाँटा जाता है:

  1. आग्नेय चट्टानें (Igneous Rocks)
  2. अवसादी चट्टानें (Sedimentary Rocks)
  3. कायांतरित चट्टानें (Metamorphic Rocks)

आग्नेय चट्टानें (Igneous Rocks)

जब पृथ्वी के भीतर मौजूद गर्म मैग्मा या लावा ठंडा होकर ठोस बन जाता है, तब आग्नेय चट्टानों का निर्माण होता है।

इन्हें प्राथमिक चट्टानें भी कहा जाता है क्योंकि ये सबसे पहले बनी थीं।

pdfnotes.in Core Geography Series — Quick Revision Notes भाग 1: आग्नेय चट्टानें (Igneous Rocks) पृथ्वी की “प्राथमिक चट्टानें” (Primary Rocks) निर्माण प्रक्रिया (Formation): जब पृथ्वी के भीतर मौजूद गर्म मैग्मा या तप्त लावा ठंडा होकर पूर्णतः ठोस रूप धारण कर लेता है, तब आग्नेय चट्टानों का निर्माण होता है। शैल उत्पत्ति का आधार: पृथ्वी की उत्पत्ति के बाद सर्वप्रथम इन्हीं का निर्माण हुआ था। मुख्य विशेषताएँ (Features): अत्यंत कठोर, सघन और अप्रवेश्य संरचना इनमें परतों का पूर्ण अभाव होता है। जीवाश्म नहीं पाए जाते (No Fossils) क्रिस्टलीय या रवेदार (Crystalline) ढांचा आग्नेय चट्टानों का महत्व: भवन निर्माण सामग्री (जैसे ग्रेनाइट) का मुख्य स्रोत टिकाऊ और मजबूत सड़क निर्माण में उपयोगी बहुमूल्य खनिजों का प्रमुख भंडार गृह पृथ्वी की मूल आंतरिक संरचना का परिचायक स्थिति/उत्पत्ति के आधार पर आग्नेय चट्टानों का वर्गीकरण: 1. अंतर्वेधी आग्नेय चट्टानें (Intrusive Rocks) प्रक्रिया: जब गर्म मैग्मा धरातल पर आने से पहले ही पृथ्वी के भीतर धीरे-धीरे ठंडा होकर जम जाता है। क्रिस्टल की बनावट: अंदर ठंडा होने की गति धीमी होने के कारण इनमें बड़े-बड़े क्रिस्टल (रवे) बनते हैं। भौतिक गुण: अत्यधिक सघन संरचना और बाह्य चट्टानों की तुलना में अधिक कठोर होती हैं। उदाहरण: ग्रेनाइट (Granite) 2. बहिर्वेधी आग्नेय चट्टानें (Extrusive Rocks) प्रक्रिया: ज्वालामुखी उद्गार के समय जब तरल लावा पृथ्वी की सतह पर आकर बहुत तेजी से ठंडा होता है। क्रिस्टल की बनावट: बहुत तेज़ी से ठंडा होने के कारण इनमें क्रिस्टल अत्यंत छोटे या सूक्ष्म होते हैं। भौतिक गुण: बारीक दानों वाली संरचना होती है जिससे सतह अपेक्षाकृत चिकनी और महीन दिखती है। उदाहरण: बेसाल्ट (Basalt) Part 1 Finished — 100% Mobile Clean View Check Official Educational Notes: www.pdfnotes.in

आग्नेय चट्टानों की विशेषताएँ

  • अत्यंत कठोर
  • परतों का अभाव
  • जीवाश्म नहीं पाए जाते
  • क्रिस्टलीय संरचना

आग्नेय चट्टानों के प्रकार

1. अंतर्वेधी चट्टानें (Intrusive Rocks)

जब मैग्मा पृथ्वी के भीतर धीरे-धीरे ठंडा होता है।

उदाहरण:

  • ग्रेनाइट

विशेषताएँ

  • बड़े क्रिस्टल
  • अधिक कठोर

2. बहिर्वेधी चट्टानें (Extrusive Rocks)

जब लावा पृथ्वी की सतह पर आकर तेजी से ठंडा होता है।

उदाहरण:

  • बेसाल्ट

विशेषताएँ

  • छोटे क्रिस्टल
  • अपेक्षाकृत चिकनी संरचना

आग्नेय चट्टानों का महत्व

  • भवन निर्माण
  • सड़क निर्माण
  • खनिजों का स्रोत
  • पृथ्वी की मूल संरचना

अवसादी चट्टानें (Sedimentary Rocks)

जब नदियों, हवाओं, हिमनदों या समुद्री तरंगों द्वारा लाए गए अवसाद लंबे समय तक जमा होकर दबाव से कठोर बन जाते हैं, तब अवसादी चट्टानों का निर्माण होता है।

pdfnotes.in Core Geography Series — Quick Revision Notes भाग 2: अवसादी चट्टानें (Sedimentary Rocks) पृथ्वी की “परतदार एवं जीवाश्म युक्त शैल” निर्माण प्रक्रिया (Formation): नदियों, हवाओं, हिमनदों या समुद्री तरंगों द्वारा लाए गए अवसाद (Sediments) जब लंबे समय तक जमा होकर अत्यधिक दबाव से कठोर बन जाते हैं। भौतिक प्रकृति: आग्नेय चट्टानों की तुलना में ये अपेक्षाकृत कोमल (नरम) होती हैं। प्रमुख विशेषताएँ (Features): परतदार संरचना (स्पष्ट परतें पाई जाती हैं) जीवाश्म (Fossils) अनिवार्य रूप से उपस्थित इन चट्टानों में रवे या क्रिस्टल नहीं पाए जाते आर्थिक महत्व (Significance): विश्व के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस का मुख्य स्रोत महत्वपूर्ण ऊर्जा स्रोत ‘कोयला’ की प्राप्ति ऐतिहासिक इमारतों के निर्माण कार्यों में उपयोगी निर्माण के साधनों के आधार पर अवसादी चट्टानों के प्रकार: 1. यांत्रिक अवसादी चट्टानें (Mechanical) विवरण: प्रकृति के भौतिक कारकों द्वारा लाए गए रेत, कंकड़ और मिट्टी के निरंतर जमाव से निर्मित। प्रमुख उदाहरण: बलुआ पत्थर (Sandstone), शेल (Shale) 2. रासायनिक अवसादी चट्टानें (Chemical) विवरण: जब जलाशयों में जल के वाष्पीकरण के बाद रासायनिक लवण या खनिज नीचे बैठकर जमा हो जाते हैं। प्रमुख उदाहरण: जिप्सम (Gypsum), साल्ट रॉक / सेंधा नमक 3. जैविक अवसादी चट्टानें (Organic) विवरण: सघन जंगलों के वनस्पतियों और समुद्री जीवों के कंकालों/अवशेषों के करोड़ों वर्षों तक जमीन या समुद्र की तली में दबने और अत्यधिक संघनन के कारण बनी शैल। प्रमुख उदाहरण: कोयला (Coal), चूना पत्थर (Limestone) Part 2 Finished — 100% Mobile Clean View Check Official Educational Notes: www.pdfnotes.in

अवसादी चट्टानों की विशेषताएँ

  • परतदार संरचना
  • जीवाश्म पाए जाते हैं
  • अपेक्षाकृत नरम

अवसादी चट्टानों के प्रकार

1. यांत्रिक अवसादी चट्टानें

रेत, मिट्टी आदि के जमाव से।

उदाहरण:

  • बलुआ पत्थर

2. रासायनिक अवसादी चट्टानें

रासायनिक पदार्थों के जमाव से।

उदाहरण:

  • जिप्सम

3. जैविक अवसादी चट्टानें

पौधों एवं जीवों के अवशेषों से।

उदाहरण:

  • कोयला
  • चूना पत्थर

अवसादी चट्टानों का महत्व

  • पेट्रोलियम एवं कोयले का स्रोत
  • जीवाश्मों की प्राप्ति
  • निर्माण कार्य

कायांतरित चट्टानें (Metamorphic Rocks)

जब आग्नेय या अवसादी चट्टानों पर अत्यधिक ताप एवं दाब का प्रभाव पड़ता है, तो उनकी संरचना एवं गुण बदल जाते हैं। इस प्रक्रिया को कायांतरण कहते हैं।

इनसे बनी चट्टानों को कायांतरित चट्टानें कहते हैं।

pdfnotes.in Core Geography Series — Quick Revision Notes भाग 3: कायांतरित चट्टानें (Metamorphic Rocks) पृथ्वी की “रूपांतरित एवं सर्वाधिक प्रतिरोधी शैल” निर्माण प्रक्रिया (Process): जब पहले से मौजूद आग्नेय (Igneous) या अवसादी (Sedimentary) चट्टानों पर पृथ्वी के आंतरिक भागों में अत्यधिक ताप (Heat) एवं दाब (Pressure) का प्रभाव पड़ता है। कायांतरण का अर्थ: बिना विघटन या पूरी तरह पिघले बिना मूल चट्टान के रूप व गुणों का बदल जाना। प्रमुख विशेषताएँ (Features): अत्यंत कठोर, सुगठित एवं अत्यधिक प्रतिरोधी कुछ चट्टानों में अत्यधिक चमकदार क्रिस्टल संरचना मूल चट्टान के भौतिक व रासायनिक गुण पूर्णतः लुप्त भौतिक रूपांतरण के कारक: तापीय रूपांतरण: मैग्मा के संपर्क से बढ़ा तापमान गतिक रूपांतरण: भूगर्भीय गतियों का तीव्र दबाव खनिजों का पुन:क्रिस्टलीकरण (Recrystallization) महत्वपूर्ण चट्टानों का रूपांतरण (Exam-Oriented Matrix): मूल चट्टान का नाम (Original Rock) मूल प्रकार रूपांतरित चट्टान (Metamorphic) चूना पत्थर (Limestone) अवसादी (Sedimentary) संगमरमर (Marble) बलुआ पत्थर (Sandstone) अवसादी (Sedimentary) क्वार्ट्जाइट (Quartzite) ग्रेनाइट (Granite) आग्नेय (Igneous) नीस (Gneiss) शेल / क्ले (Shale / Clay) अवसादी (Sedimentary) स्लेट (Slate) कोयला / बिटुमिनस अवसादी (Organic) ग्रेफाइट एवं हीरा (Diamond) परीक्षा कुंजी: रूपांतरण के बाद चट्टानों का घनत्व (Density) तथा कठोरता मूल चट्टान से हमेशा अधिक हो जाती है। 3-Part Full Series Completed — 100% Crisp Visual Layout Official Educational Notes: www.pdfnotes.in

कायांतरित चट्टानों की विशेषताएँ

  • अत्यधिक कठोर
  • चमकदार संरचना
  • मूल चट्टान के गुण बदल जाते हैं

प्रमुख उदाहरण

मूल चट्टानकायांतरित चट्टान
ग्रेनाइटनाइस
शेलस्लेट
चूना पत्थरसंगमरमर
कोयलाग्रेफाइट

कायांतरित चट्टानों का महत्व

  • सजावटी पत्थर
  • मूर्तिकला
  • भवन निर्माण

चट्टान चक्र (Rock Cycle)

पृथ्वी पर चट्टानें स्थिर नहीं रहतीं। वे लगातार एक प्रकार से दूसरे प्रकार में परिवर्तित होती रहती हैं।

इसी प्रक्रिया को चट्टान चक्र कहते हैं।

प्रक्रिया

  • मैग्मा → आग्नेय चट्टान
  • अपरदन → अवसाद
  • अवसाद → अवसादी चट्टान
  • ताप एवं दाब → कायांतरित चट्टान
  • पुनः पिघलना → मैग्मा
pdfnotes.in Core Geography Series — Quick Revision Notes चट्टान चक्र (Rock Cycle) एवं अपक्षय पृथ्वी पर चट्टानों का निरंतर गतिक एवं चक्रिय रूपांतरण मूल संकल्पना (Core Concept): पृथ्वी पर चट्टानें कभी भी स्थिर या अपरिवर्तनीय नहीं रहतीं। वे भूगर्भीय एवं बाह्य प्रक्रियाओं के कारण लगातार एक प्रकार से दूसरे प्रकार में बदलती हैं, जिसे चट्टान चक्र कहते हैं। चक्र अनुक्रम एवं प्रक्रिया (The Step-by-Step Loop): 1. मैग्मा (Magma) शीतलन व जमना ➔ आग्नेय चट्टान अपक्षय व अपरदन ➔ 2. अवसाद (Sediments) दबाव व संपीड़न ➔ अवसादी चट्टान अत्यधिक ताप व दाब ⬇ 3. कायांतरित चट्टान पुनः पिघलना (Melting) ➔ मैग्मा लूप पूरा बाह्य प्रक्रियाएं: अपक्षय और अपरदन (Denudation System): A. अपक्षय (Weathering) — स्थैतिक प्रक्रिया मूल परिभाषा: चट्टानों का अपने ही मूल स्थान (In-situ) पर भौतिक या रासायनिक रूप से टूटना-फूटना। विशेषता: इसमें टूटे हुए पदार्थों का कोई विस्थापन या बहाव नहीं होता, यह केवल एक जगह स्थिर क्रिया है। मुख्य प्रेरक कारक: तापमान में उतार-चढ़ाव, पाला (Frost action), तथा रासायनिक क्रियाएं। B. अपरदन (Erosion) — गतिश्यात्मक प्रक्रिया मूल परिभाषा: अपक्षय से टूटे हुए मलबे या चट्टानी पदार्थों का विभिन्न प्राकृतिक दूतों द्वारा बहकर दूर चले जाना। विशेषता: यह एक पूर्णतः गतिशील (Dynamic) प्रक्रिया है, जो धरातल को समतल करने का कार्य करती है। मुख्य परिणाम: इससे नई स्थलाकृतियों (जैसे वी-आकार की घाटी, घाटियों का चौड़ीकरण) का विकास होता है। अपरदन और रूपांतरण के 4 मुख्य कारक (Primary Agents): 1. गतिशील जल नदियां एवं लहरें 2. पवन (Air) मरुस्थलीय क्षेत्रों में तीव्र 3. हिमनद (Glacier) उच्च पर्वतीय घर्षण 4. तापमान (Temp) फैलाव व संकुचन क्रिया Rock Cycle Complete Analysis — Mobile Responsive Official Educational Notes: www.pdfnotes.in

अपक्षय और अपरदन

अपक्षय (Weathering)

चट्टानों का अपने स्थान पर टूटना।

अपरदन (Erosion)

टूटे हुए पदार्थों का बह जाना।

मुख्य कारक:

  • जल
  • वायु
  • हिमनद
  • तापमान

चट्टानों का आर्थिक महत्व

pdfnotes.in Core Geography Series — Quick Revision Notes चट्टानों का आर्थिक महत्व एवं भारत की प्रमुख चट्टानें आर्थिक संसाधन, औद्योगिक उपयोग तथा क्षेत्रीय वितरण 1. चट्टानों का आर्थिक महत्व (Economic Significance): ■ निर्माण कार्य (Infrastructure) भवन निर्माण: मजबूत नींव और दीवारों हेतु सड़क एवं पुल: गिट्टी और कंक्रीट का आधार मुख्य पत्थर: ग्रेनाइट, बलुआ पत्थर, बेसाल्ट ■ खनिज संसाधन (Mineral Wealth) • बहुमूल्य धात्विक और अधात्विक खनिज • लोहा, तांबा, मैंगनीज और बॉक्साइट की प्राप्ति मुख्य स्रोत: धारवाड़ एवं कुडप्पा क्रम की चट्टानें ■ ऊर्जा स्रोत (Energy Resources) कोयला (Coal): गोण्डवाना चट्टानों में संचित पेट्रोलियम व गैस: अवसादी बेसिनों में उपस्थित औद्योगिक ईंधनों का एकमात्र प्राकृतिक भंडार ■ औद्योगिक उपयोग (Industrial Needs) सीमेंट उद्योग: चूना पत्थर मुख्य कच्चा माल है सजावट व मूर्तिकला: संगमरमर और नक्काशी पत्थर सजावटी वास्तुकला तथा उद्योगों का मजबूत आधार 2. भारत की प्रमुख चट्टानें एवं उनका क्षेत्रीय वितरण (Distribution Map Matrix): चट्टान का नाम (Rock Type) प्रमुख क्षेत्र (Geographical Region) विशेष परीक्षा बिंदु (Key Fact) बेसाल्ट (Basalt) दक्कन पठार (Deccan Trap) काली मिट्टी (Regur) का निर्माण ग्रेनाइट (Granite) दक्षिण भारत (Southern Peninsula) प्रायद्वीपीय नीस/मूल आग्नेय आधार संगमरमर (Marble) राजस्थान (जैसे मकराना क्षेत्र) उत्कृष्ट सजावटी कायांतरित शैल चूना पत्थर (Limestone) मध्य प्रदेश, विंध्य क्षेत्र सीमेंट उत्पादन का मुख्य घटक 💡 परीक्षा विशेष (Exam Capsule): भारत का अधिकांश कोयला गोण्डवाना चट्टानों में पाया जाता है, जबकि देश के बहुमूल्य धात्विक खनिज (जैसे लोहा, सोना) प्राचीन धारवाड़ क्रम की चट्टानी संरचनाओं से संबद्ध हैं। Economic Geology Finished — 100% Mobile Clean View Check Official Educational Notes: www.pdfnotes.in

1. निर्माण कार्य

  • भवन
  • सड़क
  • पुल

2. खनिज संसाधन

अनेक खनिज चट्टानों से प्राप्त होते हैं।

3. ऊर्जा स्रोत

  • कोयला
  • पेट्रोलियम

4. औद्योगिक उपयोग

  • सीमेंट उद्योग
  • मूर्तिकला
  • सजावटी पत्थर

भारत की प्रमुख चट्टानें

चट्टानक्षेत्र
बेसाल्टदक्कन पठार
ग्रेनाइटदक्षिण भारत
संगमरमरराजस्थान
चूना पत्थरमध्य प्रदेश

प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

प्रश्नउत्तर
प्राथमिक चट्टानआग्नेय चट्टान
जीवाश्म किसमें पाए जाते हैंअवसादी चट्टान
संगमरमर किसका कायांतरित रूप हैचूना पत्थर
ग्रेनाइट किस प्रकार की चट्टान हैआग्नेय
स्लेट किसका कायांतरित रूप हैशेल
दक्कन ट्रैप किससे बना हैबेसाल्ट

चट्टानों के प्रकारों की तुलना

आधारआग्नेयअवसादीकायांतरित
निर्माणमैग्मा सेअवसाद सेताप एवं दाब से
संरचनाकठोरपरतदारचमकदार
जीवाश्मनहींपाए जाते हैंनहीं
उदाहरणग्रेनाइटबलुआ पत्थरसंगमरमर

निष्कर्ष

चट्टानें पृथ्वी की भूपर्पटी का मूल आधार हैं और भूगर्भीय प्रक्रियाओं को समझने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। आग्नेय, अवसादी और कायांतरित चट्टानें पृथ्वी की संरचना एवं विकास की कहानी बताती हैं।

चट्टानों का अध्ययन न केवल भूगोल एवं भूविज्ञान के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि खनिज संसाधनों, निर्माण कार्यों, उद्योगों तथा पर्यावरण अध्ययन में भी इनका व्यापक उपयोग होता है। प्रतियोगी परीक्षाओं में चट्टानों के प्रकार, विशेषताएँ एवं उदाहरणों से संबंधित प्रश्न नियमित रूप से पूछे जाते हैं, इसलिए इस अध्याय का गहन अध्ययन आवश्यक है।

1. चट्टानें: बेसिक जानकारी

  1. पृथ्वी की ऊपरी परत (क्रस्ट) जिन पदार्थों से बनी है, उन्हें क्या कहते हैं? — चट्टान (Rock)
  2. चट्टानों के वैज्ञानिक अध्ययन को क्या कहा जाता है? — पेट्रोलॉजी (Petrology)
  3. बनावट के आधार पर चट्टानें मुख्य रूप से कितने प्रकार की होती हैं? — तीन प्रकार की
  4. वे तीन प्रकार कौन-कौन से हैं? — आग्नेय, अवसादी और रूपांतरित चट्टानें
  5. पृथ्वी के क्रस्ट का कितना प्रतिशत हिस्सा चट्टानों से बना है? — 100% (क्रस्ट पूरा चट्टानी ही है)
  6. चट्टानों में सबसे ज्यादा कौन सा तत्व पाया जाता है? — ऑक्सीजन (46.6%)
  7. क्रस्ट में ऑक्सीजन के बाद दूसरा सबसे ज्यादा पाया जाने वाला तत्व? — सिलिकॉन
  8. चट्टानों के निर्माण में कितने मुख्य खनिजों का योगदान होता है? — लगभग 20 खनिज
  9. खनिजों की कठोरता मापने के लिए किस स्केल का प्रयोग होता है? — मोहो स्केल (Mohs Scale)
  10. सबसे कठोर खनिज कौन सा माना जाता है? — हीरा (Diamond)

2. आग्नेय चट्टानें (Igneous Rocks) – आग से बनी

  1. ‘आग्नेय’ शब्द का अर्थ क्या है? — अग्नि या आग से बना
  2. आग्नेय चट्टानों का निर्माण कैसे होता है? — ज्वालामुखी के मैग्मा या लावा के ठंडा होकर जमने से
  3. किन चट्टानों को ‘प्राथमिक चट्टानें’ (Primary Rocks) कहा जाता है? — आग्नेय चट्टानों को
  4. क्या आग्नेय चट्टानों में जीवाश्म (Fossils) पाए जाते हैं? — नहीं, क्योंकि ये बहुत गरम मैग्मा से बनती हैं
  5. ग्रेनाइट (Granite) किस प्रकार की चट्टान का उदाहरण है? — आग्नेय चट्टान
  6. बेसाल्ट (Basalt) किस प्रकार की चट्टान है? — आग्नेय चट्टान
  7. वह आग्नेय चट्टान जो ज़मीन के बहुत अंदर धीरे-धीरे ठंडी होती है? — ग्रेनाइट
  8. वह आग्नेय चट्टान जो ज़मीन के ऊपर आकर जल्दी ठंडी होती है? — बेसाल्ट
  9. काली मिट्टी का निर्माण किन चट्टानों के टूटने से होता है? — बेसाल्ट चट्टानों के
  10. आग्नेय चट्टानें कैसी होती हैं? — कठोर, रवेदार और परतों के बिना
  11. ‘पैग्माटाइट’ (Pegmatite) किस प्रकार की चट्टान है? — आग्नेय चट्टान
  12. गैब्रो (Gabbro) और डायोराइट किसके उदाहरण हैं? — आग्नेय चट्टानों के
  13. आग्नेय चट्टानों में कौन सी कीमती धातुएं मिलती हैं? — सोना, चांदी, लोहा और निकल
  14. ‘प्युमिस’ (Pumice) पत्थर क्यों खास है? — क्योंकि यह पानी पर तैर सकता है
  15. मैग्मा के गुंबद के आकार में जमने से क्या बनता है? — बैथोलिथ

3. अवसादी चट्टानें (Sedimentary Rocks) – परतों वाली

  1. ‘अवसादी’ शब्द का मतलब क्या है? — तलछट या जमाव से बना
  2. इन चट्टानों का निर्माण कैसे होता है? — नदियों, हवा या बर्फ द्वारा लाए गए कचरों (अवसादों) के जमने से
  3. किन चट्टानों में सबसे ज्यादा जीवाश्म (मरे हुए जीव और पौधे) मिलते हैं? — अवसादी चट्टानों में
  4. पृथ्वी के धरातल पर सबसे ज्यादा (75%) कौन सी चट्टानें फैली हैं? — अवसादी चट्टानें
  5. कोयला (Coal) किस प्रकार की चट्टान में पाया जाता है? — अवसादी चट्टान में
  6. पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस कहाँ मिलते हैं? — अवसादी चट्टानों की परतों के बीच
  7. चूना पत्थर (Limestone) किस प्रकार की चट्टान है? — अवसादी चट्टान
  8. बलुआ पत्थर (Sandstone) किसका उदाहरण है? — अवसादी चट्टान का
  9. दिल्ली का लाल किला किस पत्थर से बना है? — लाल बलुआ पत्थर (अवसादी)
  10. खड़िया मिट्टी (Chalk) और नमक का पत्थर कैसी चट्टानें हैं? — अवसादी
  11. ‘लोएस’ (Loess) का मैदान किन चट्टानों से बनता है? — हवा द्वारा जमा की गई अवसादी चट्टानों से
  12. क्या अवसादी चट्टानें रवेदार होती हैं? — नहीं, ये रवेदार नहीं होतीं
  13. ‘शेल’ (Shale) और ‘कोंग्लोमरेट’ किसके उदाहरण हैं? — अवसादी चट्टानों के
  14. आगरा का किला किस पत्थर से बना है? — बलुआ पत्थर से
  15. विश्व के अधिकांश खनिज तेल भंडार किन चट्टानों में हैं? — अवसादी

4. रूपांतरित चट्टानें (Metamorphic Rocks) – रूप बदलने वाली

  1. ‘रूपांतरित’ या ‘कायांतरित’ का अर्थ क्या है? — रूप या काया का बदल जाना
  2. ये चट्टानें कैसे बनती हैं? — बहुत ज्यादा गर्मी (ताप) और दबाव के कारण जब आग्नेय या अवसादी का रूप बदल जाए
  3. चूना पत्थर (Limestone) बदलकर क्या बन जाता है? — संगमरमर (Marble)
  4. बलुआ पत्थर (Sandstone) बदलकर क्या बनता है? — क्वार्टजाइट
  5. ग्रेनाइट पत्थर बदलकर क्या कहलाता है? — नीस (Gneiss)
  6. शेल (Shale) या चिकनी मिट्टी बदलकर क्या बनती है? — स्लेट (Slate)
  7. कोयला (Coal) बहुत ज्यादा दबाव और गर्मी से किसमें बदल जाता है? — ग्रेफाइट और हीरा में
  8. ग्रेफाइट किस प्रकार की चट्टान का उदाहरण है? — रूपांतरित चट्टान
  9. स्लेट और ज्यादा गर्मी मिलने पर क्या बन जाती है? — फिलाइट
  10. बेसाल्ट चट्टान बदलकर क्या बनती है? — एम्फीबोलाइट
  11. ताजमहल किस पत्थर से बना है? — सफेद संगमरमर (रूपांतरित चट्टान)
  12. सबसे ज्यादा कठोर रूपांतरित चट्टान कौन सी है? — क्वार्टजाइट
  13. ‘सिस्ट’ (Schist) किस प्रकार की चट्टान है? — रूपांतरित चट्टान
  14. चट्टानों का एक रूप से दूसरे रूप में बदलना क्या कहलाता है? — चट्टानी चक्र (Rock Cycle)
  15. क्या रूपांतरित चट्टानों में जीवाश्म होते हैं? — आमतौर पर नहीं, क्योंकि गर्मी से वे नष्ट हो जाते हैं
  16. हीरा किस चट्टान का सबसे शुद्ध रूप है? — कार्बन का (कोयले से रूपांतरित)
  17. स्लेट का उपयोग कहाँ होता है? — लिखने की स्लेट और घरों की छतों में
  18. क्वार्टजाइट का उपयोग कहाँ होता है? — कांच बनाने और निर्माण कार्यों में
  19. विश्व की प्राचीनतम चट्टानें कौन सी हैं? — आग्नेय चट्टानें
  20. विंध्याचल और सतपुड़ा में कौन सी चट्टानें ज्यादा मिलती हैं? — बलुआ पत्थर (अवसादी)
Vikas Singh

लेखक: विकास सिंह

विकास सिंह 15+ वर्षों के शिक्षण अनुभव वाले General Studies (GS) शिक्षक हैं। उन्होंने GS Faculty के रूप में कार्य किया है तथा दो बार UPSC Mains परीक्षा में सम्मिलित हो चुके हैं। वे भारतीय राजव्यवस्था, इतिहास, भूगोल और सामान्य विज्ञान के विशेषज्ञ हैं। वर्तमान में वे वाराणसी में अभ्यर्थियों का मार्गदर्शन कर रहे हैं और अपने YouTube चैनल Study2Study के माध्यम से शिक्षा जगत में योगदान दे रहे हैं।