“भारतीय संसद की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए संसदीय मंच और भारतीय संसदीय समूह की स्थापना की गई है। पहला संसदीय मंच ‘जल संरक्षण एवं प्रबंधन’ पर वर्ष 2005 में गठित किया गया था। ये मंच सांसदों को महत्वपूर्ण सामाजिक-आर्थिक मुद्दों पर डेटा और विशेषज्ञों की राय उपलब्ध कराते हैं, जिससे वे सदन में अधिक सार्थक बहस कर सकें। वर्तमान में कुल 8 संसदीय मंच कार्यरत हैं, जो नीति-निर्माण में सहायक भूमिका निभाते हैं।”
संसदीय मंच (Parliamentary Forums)
संसदीय मंचों का गठन सांसदों को विशिष्ट सामाजिक-आर्थिक मुद्दों (जैसे जल, युवा, स्वास्थ्य) पर विशेषज्ञों और संबंधित मंत्रालयों के साथ चर्चा करने के लिए एक मंच प्रदान करने हेतु किया गया है। पहला मंच 2005 में बनाया गया था।
- पहले संसदीय मंच ‘जल संरक्षण एवं प्रबंधन’ की स्थापना 2005 में हुई थी।
- वर्तमान में कुल 8 संसदीय मंच कार्यरत हैं।
- इन मंचों का मुख्य उद्देश्य सांसदों को जटिल मुद्दों (जैसे जलवायु परिवर्तन, जनसंख्या) पर तकनीकी जानकारी और डेटा प्रदान करना है।
- संरचना: लोकसभा अध्यक्ष (Speaker) सभी मंचों का पदेन अध्यक्ष होता है।
- अपवाद: जनसंख्या एवं सार्वजनिक स्वास्थ्य संबंधी मंच के पदेन अध्यक्ष राज्यसभा के सभापति होते हैं।
- प्रत्येक मंच में अधिकतम 31 सदस्य होते हैं (21 लोकसभा से और 10 राज्यसभा से)।
- सदस्यों को अध्यक्ष/सभापति द्वारा नामित किया जाता है।
- इन मंचों के सदस्यों का कार्यकाल उनके सदन की सदस्यता से जुड़ा होता है।
- मंच का कोई भी सदस्य अपना त्यागपत्र अध्यक्ष/सभापति को लिखित रूप में दे सकता है।
- ये मंच नीतियां बनाने में नहीं, बल्कि जागरूकता और विचार-विमर्श में मदद करते हैं।
संसदीय समूह (Parliamentary Group)
भारतीय संसदीय समूह (IPG) एक स्वायत्त निकाय है जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय संसद का प्रतिनिधित्व करता है। भारतीय संसदीय समूह (IPG) एक स्वायत्त निकाय है जिसका गठन 1949 में किया गया था। यह भारत की संसद और दुनिया की अन्य संसदों के बीच एक कड़ी के रूप में कार्य करता है।
- भारतीय संसदीय समूह (IPG) की स्थापना 1949 में संविधान सभा के एक प्रस्ताव के बाद हुई थी।
- इस समूह की सदस्यता संसद के वर्तमान और पूर्व सदस्यों के लिए खुली है।
- लोकसभा का अध्यक्ष (Speaker) इस समूह का पदेन अध्यक्ष होता है।
- राज्यसभा का उप-सभापति और लोकसभा का उपाध्यक्ष इसके पदेन उपाध्यक्ष होते हैं।
- यह समूह ‘अंतर-संसदीय संघ’ (IPU) की भारतीय शाखा के रूप में कार्य करता है।
- यह ‘राष्ट्रमंडल संसदीय संघ’ (CPA) की मुख्य शाखा के रूप में भी कार्य करता है।
- इसका उद्देश्य सांसदों के बीच व्यक्तिगत संपर्क बढ़ाना और विदेशी संसदों के साथ संबंध सुधारना है।
- यह समूह ‘उत्कृष्ट सांसद पुरस्कार’ (Outstanding Parliamentarian Award) प्रदान करता है।
- यह पुरस्कार 1995 से शुरू किया गया था।
- समूह का प्रबंधन एक कार्यकारी समिति द्वारा किया जाता है जिसके अध्यक्ष लोकसभा अध्यक्ष होते हैं।
संसदीय मंच और समूह में अंतर
| विशेषता | संसदीय मंच (Forums) | संसदीय समूह (IPG) |
| प्रकृति | सांसदों को जागरूक करने हेतु चर्चा मंच। | अंतर्राष्ट्रीय संसदीय संपर्क हेतु स्वायत्त निकाय। |
| गठन | 2005 से शुरू। | 1949 में गठित। |
| अध्यक्ष | लोकसभा अध्यक्ष / राज्यसभा सभापति। | अनिवार्य रूप से लोकसभा अध्यक्ष। |
| मुख्य कार्य | जल, युवाओं और जनसंख्या जैसे मुद्दों पर चर्चा। | विदेशी संसदों के साथ संबंध और पुरस्कार वितरण। |
FAQ (महत्वपूर्ण प्रश्न)
प्रश्न 1: भारत में पहला संसदीय मंच कब और किस विषय पर बनाया गया था?
उत्तर: पहला संसदीय मंच वर्ष 2005 में ‘जल संरक्षण एवं प्रबंधन’ पर गठित किया गया था।
प्रश्न 2: क्या राज्यसभा का सभापति किसी संसदीय मंच का अध्यक्ष होता है?
उत्तर: हाँ, ‘जनसंख्या एवं सार्वजनिक स्वास्थ्य पर संसदीय मंच’ के पदेन अध्यक्ष राज्यसभा के सभापति होते हैं।
प्रश्न 3: एक संसदीय मंच में अधिकतम कितने सदस्य हो सकते हैं?
उत्तर: एक मंच में अधिकतम 31 सदस्य हो सकते हैं (21 लोकसभा + 10 राज्यसभा)।
प्रश्न 4: इन मंचों के सदस्यों की नियुक्ति कौन करता है?
उत्तर: लोकसभा सदस्यों को अध्यक्ष (Speaker) द्वारा और राज्यसभा सदस्यों को सभापति (Chairman) द्वारा नामित किया जाता है।
प्रश्न 5: संसदीय मंच और संसदीय समिति में क्या अंतर है?
उत्तर: समितियाँ मुख्य रूप से विधायी जाँच और बजट की समीक्षा करती हैं, जबकि मंच (Forums) सांसदों को चर्चा और जागरूकता के लिए एक प्लेटफॉर्म प्रदान करते हैं।
क्या आप इन नोट्स को ऑफलाइन पढ़ना चाहते हैं?
📄 डाउनलोड करें (Click here)(“ऐसे ही और शानदार PDF नोट्स के लिए हमारे टेलीग्राम चैनल से अभी जुड़ें!”)