भारत के प्रमुख खनिज (कोयला, लोहा, सोना, हीरा), प्रमुख खदानें (झरिया, खेतड़ी, कुद्रेमुख) और पेट्रोलियम उत्पादन की पूरी जानकारी।
भाग 1: धात्विक खनिज – लोहा, तांबा, मैंगनीज और सोना
- भारत में खनिजों का सबसे समृद्ध क्षेत्र छोटा नागपुर पठार है, जिसे ‘भारत का रूर’ कहा जाता है।
- खनिजों के सर्वेक्षण और अन्वेषण के लिए भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) उत्तरदायी है (मुख्यालय: कोलकाता)।
- लौह अयस्क (Iron Ore): भारत में सर्वोत्तम श्रेणी का लौह अयस्क मैग्नेटाइट है।
- भारत में सर्वाधिक पाया जाने वाला लौह अयस्क हेमेटाइट है।
- लौह अयस्क के उत्पादन में ओडिशा भारत का अग्रणी राज्य है।
- बैलाडीला खान (छत्तीसगढ़) एशिया की सबसे बड़ी यंत्रीकृत लोहे की खान है।
- कर्नाटक की कुद्रेमुख खान से मिलने वाला लोहा पूरी तरह निर्यात (Export) कर दिया जाता है।
- तांबा (Copper): भारत में तांबे का सर्वाधिक भंडार राजस्थान में है।
- राजस्थान की खेतड़ी खदानें तांबा उत्पादन के लिए विश्व प्रसिद्ध हैं।
- मध्य प्रदेश की मलजखंड (बालाघाट) खदान तांबा उत्पादन का प्रमुख केंद्र है।
- तांबा उत्पादन में मध्य प्रदेश वर्तमान में प्रथम स्थान पर है।
- मैंगनीज: भारत में मैंगनीज का सर्वाधिक भंडार ओडिशा में है।
- मैंगनीज उत्पादन में मध्य प्रदेश का प्रथम स्थान है।
- महाराष्ट्र की नागपुर-भंडारा पट्टी मैंगनीज के लिए प्रसिद्ध है।
- सोना (Gold): भारत में सोने का सर्वाधिक उत्पादन कर्नाटक में होता है।
- कर्नाटक की कोलार (Kolar) और हट्टी की खानें सोना उत्पादन के लिए प्रसिद्ध हैं।
- आंध्र प्रदेश की रामगिरि खान भी सोना उत्पादन से संबंधित है।
- भारत में सोने का उपभोग विश्व में सर्वाधिक होता है।
- चांदी: भारत में चांदी का सर्वाधिक उत्पादन राजस्थान में होता है।
- राजस्थान की जावर खदानें (उदयपुर) चांदी और जस्ता के लिए प्रसिद्ध हैं।
- बॉक्साइट (एल्युमिनियम का अयस्क): बॉक्साइट उत्पादन में ओडिशा का एकाधिकार जैसा है।
- ओडिशा का कालाहांडी और कोरापुट जिला बॉक्साइट के प्रमुख उत्पादक हैं।
- जस्ता और सीसा: इन्हें ‘जुड़वां खनिज’ (Twin Minerals) कहा जाता है।
- जस्ता और सीसा के उत्पादन में राजस्थान भारत का एकमात्र प्रमुख उत्पादक है।
- क्रोमाइट: भारत के कुल क्रोमाइट का 95% से अधिक उत्पादन ओडिशा में होता है।
- टिन: भारत का एकमात्र टिन उत्पादक राज्य छत्तीसगढ़ (बस्तर जिला) है।
- मैग्नेसाइट: इसका सर्वाधिक भंडार उत्तराखंड में है।
भाग 2: ईंधन खनिज – कोयला, पेट्रोलियम और यूरेनियम
- कोयला: भारत में कोयला मुख्य रूप से गोंडवाना लैंड की चट्टानों में पाया जाता है।
- भारत का 98% कोयला भंडार गोंडवाना क्षेत्र का है।
- कोयले की सर्वोत्तम किस्म एंथ्रेसाइट है (भारत में केवल लद्दाख में थोड़ा मिलता है)।
- भारत में सर्वाधिक पाया जाने वाला कोयला बिटुमिनस श्रेणी का है।
- झरिया (झारखंड) भारत का सबसे बड़ा कोयला क्षेत्र है।
- कोयला उत्पादन में छत्तीसगढ़ और ओडिशा प्रमुख राज्य हैं।
- कोयला भंडार (Reserves) में झारखंड प्रथम स्थान पर है।
- लिग्नाइट कोयले को ‘भूरा कोयला’ कहा जाता है।
- लिग्नाइट का सर्वाधिक भंडार तमिलनाडु के नेयवेली में है।
- रानीगंज (पश्चिम बंगाल) भारत का सबसे पुराना कोयला क्षेत्र है।
- पेट्रोलियम: भारत में खनिज तेल का प्रथम कुआं डिग्बोई (असम) में 1889 में खोदा गया था।
- भारत का सबसे बड़ा तेल उत्पादक क्षेत्र मुंबई हाई (Offshore) है।
- मुंबई हाई की खोज 1974 में हुई थी और यहाँ से ‘सागर सम्राट’ ड्रिलिंग शिप द्वारा तेल निकाला जाता है।
- राजस्थान का बाड़मेर जिला (मंगला, भाग्यम) तेल उत्पादन का नया हब बना है।
- गुजरात का अंकलेश्वर क्षेत्र पेट्रोलियम के लिए प्रसिद्ध है।
- भारत अपनी तेल आवश्यकता का लगभग 80% आयात करता है।
- प्राकृतिक गैस: कृष्णा-गोदावरी बेसिन (KG-D6) गैस उत्पादन के लिए चर्चा में रहता है।
- यूरेनियम: भारत में यूरेनियम की प्रमुख खान जादूगोड़ा (झारखंड) है।
- आंध्र प्रदेश के तुम्मालपल्ले में यूरेनियम का विशाल भंडार खोजा गया है।
- थोरियम: भारत में थोरियम के विश्व के सबसे बड़े भंडार हैं।
- थोरियम केरल के समुद्री तट की मोनाजाइट रेत से प्राप्त होता है।
- अभ्रक (Mica): भारत विश्व में अभ्रक का बड़ा उत्पादक है।
- आंध्र प्रदेश की नेल्लोर खान अभ्रक उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है।
- अभ्रक के उत्पादन में आंध्र प्रदेश का प्रथम स्थान है।
भाग 3: अधात्विक खनिज और विशेष खदानें
- हीरा: भारत में हीरा उत्पादन का एकमात्र केंद्र पन्ना (मध्य प्रदेश) है।
- गोलकुंडा की खान (तेलंगाना) से प्रसिद्ध कोहिनूर हीरा प्राप्त हुआ था।
- चूना पत्थर (Limestone): सीमेंट उद्योग का मुख्य कच्चा माल है।
- चूना पत्थर उत्पादन में राजस्थान और मध्य प्रदेश प्रमुख हैं।
- जिप्सम: राजस्थान भारत का 90% से अधिक जिप्सम उत्पादित करता है।
- हथौड़ी (राजस्थान) जिप्सम की बड़ी खदान है।
- नमक: भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा नमक उत्पादक देश है।
- भारत में सर्वाधिक नमक उत्पादन गुजरात में होता है।
- राजस्थान की सांभर झील से अंतःस्थलीय नमक प्राप्त किया जाता है।
- अभ्रक शीट को ‘मास्कोवाइट’ (Muscovite) भी कहा जाता है।
- बेराइट्स: इसके उत्पादन में भारत का विश्व में बड़ा स्थान है (आंध्र प्रदेश प्रमुख)।
- एस्बेस्टस: राजस्थान इसका प्रमुख उत्पादक है।
- डोलोमाइट: इसका उपयोग इस्पात उद्योग में होता है (ओडिशा प्रमुख)।
- कायनाइट: इसका सर्वाधिक भंडार झारखंड के सिंहभूम जिले में है।
- फास्फोराइट: राजस्थान इसका मुख्य उत्पादक है।
- भारत में खनिज संसाधनों की खोज के लिए ‘अन्वेषण निगम लिमिटेड’ (MECL) नागपुर में है।
- ‘नेशनल एल्युमिनियम कंपनी’ (NALCO) का मुख्य केंद्र ओडिशा (दामनजोड़ी) में है।
- ‘हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड’ का मुख्यालय कोलकाता में है।
- ‘इंडियन ब्यूरो ऑफ माइंस’ का मुख्यालय नागपुर में है।
- भारत में पहली खनिज नीति 1951 में घोषित की गई थी।
- नई राष्ट्रीय खनिज नीति 2019 में जारी की गई।
- ‘ऑफशोर’ तेल क्षेत्र समुद्र के अंदर स्थित होते हैं।
- ‘ऑनशोर’ तेल क्षेत्र भूमि पर स्थित होते हैं।
- बल्लारी-होसपेट (कर्नाटक) लौह अयस्क का महत्वपूर्ण क्षेत्र है।
- सिंहभूम जिला (झारखंड) तांबा और लोहा दोनों के लिए प्रसिद्ध है।
- गुरुमहिसानी (ओडिशा) लोहे की प्रसिद्ध खदान है।
- कोयले के उत्पादन में चीन के बाद भारत का स्थान आता है।
- तालचेर (ओडिशा) एक प्रमुख कोयला क्षेत्र है।
- सिंगरेनी कोयला खदानें तेलंगाना में स्थित हैं।
- भारत में पाए जाने वाले खनिजों का वर्गीकरण: धात्विक, अधात्विक और ऊर्जा खनिज।
- सीसा (Lead): इसका मुख्य अयस्क गैलेना है।
- जस्ते का मुख्य अयस्क कैलामाइन है।
- जस्ते के उत्पादन में राजस्थान का एकाधिकार है।
- पायराइट्स: बिहार का रोहतास जिला इसका प्रमुख केंद्र है।
- पोटैशियम: भारत में इसका उत्पादन नगण्य है, इसे आयात किया जाता है।
- ग्रेफाइट: इसे ‘काला सीसा’ भी कहते हैं (ओडिशा प्रमुख)।
- कोबाल्ट: राजस्थान और ओडिशा में इसके निक्षेप पाए जाते हैं।
- निकेल: ओडिशा भारत का सबसे बड़ा निकेल उत्पादक राज्य है।
- खनिज तेल के भंडारण के लिए ‘रणनीतिक तेल भंडार’ (Strategic Petroleum Reserves) विशाखापत्तनम, मंगलौर और पादुर में बनाए गए हैं।
- भारत की सबसे बड़ी रिफाइनरी जामनगर (रिलायंस) गुजरात में है।
- सरकारी क्षेत्र की सबसे बड़ी रिफाइनरी कोयली (गुजरात) है।
- ओएनजीसी (ONGC) की स्थापना 1956 में हुई थी।
- गेल (GAIL) प्राकृतिक गैस के विपणन के लिए उत्तरदायी है।
- कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) विश्व की सबसे बड़ी कोयला खनन कंपनी है।
- केदुझर (ओडिशा) मैंगनीज और लोहा दोनों के लिए प्रसिद्ध है।
- हजारीबाग पठार अभ्रक के लिए ‘अभ्रक पेटी’ के रूप में जाना जाता है।
- भारत में खनिजों का वितरण असमान है।
- उत्तर भारत के मैदान खनिजों की दृष्टि से निर्धन हैं।