संविधान का निर्माण (Making of the Constitution)

संविधान का निर्माण: भारतीय संविधान दुनिया का सबसे विशाल और हस्तलिखित संविधान है। इस अध्याय में हम संविधान सभा के गठन से लेकर संविधान के लागू होने तक की पूरी प्रक्रिया को सरल वन-लाइनर में समझेंगे।

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ऑडियो सारांश:संविधान का निर्माण (Making of the Constitution)

M. LAXMIKANTH 8TH EDITION

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I. संविधान सभा का गठन और मांग (The Demand & Composition)

  1. भारत के लिए संविधान सभा का विचार पहली बार 1934 में एम.एन. राय (M.N. Roy) ने दिया था।
  2. 1935 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने पहली बार आधिकारिक रूप से संविधान सभा के गठन की मांग की।
  3. ब्रिटिश सरकार ने 1940 के ‘अगस्त प्रस्ताव’ में इस मांग को सैद्धांतिक रूप से स्वीकार किया।
  4. 1942 में सर स्टेफोर्ड क्रिप्स एक मसौदा प्रस्ताव लेकर भारत आए, जिसे मुस्लिम लीग ने ठुकरा दिया।
  5. अंततः, कैबिनेट मिशन योजना (1946) के तहत संविधान सभा का गठन किया गया।
  6. संविधान सभा की कुल सदस्य संख्या 389 निर्धारित की गई थी।
  7. इनमें से 296 सीटें ब्रिटिश भारत की थीं और 93 सीटें देसी रियासतों की थीं।
  8. संविधान सभा के चुनाव जुलाई-अगस्त 1946 में हुए, जिसमें कांग्रेस को 208 और मुस्लिम लीग को 73 सीटें मिलीं।
  9. संविधान सभा पूर्ण रूप से संप्रभु निकाय नहीं थी, लेकिन स्वतंत्रता अधिनियम 1947 के बाद यह एक संप्रभु निकाय बन गई।

II. संविधान सभा की कार्यप्रणाली (Working of the Assembly)

  1. संविधान सभा की पहली बैठक 9 दिसंबर, 1946 को हुई।
  2. सच्चिदानंद सिन्हा को सभा का ‘अस्थाई अध्यक्ष’ चुना गया।
  3. डॉ. राजेंद्र प्रसाद को 11 दिसंबर 1946 को ‘स्थाई अध्यक्ष’ चुना गया।
  4. सभा के दो उपाध्यक्ष थे: एच.सी. मुखर्जी और वी.टी. कृष्णमाचारी
  5. सर बी.एन. राव को सभा का ‘संवैधानिक सलाहकार’ नियुक्त किया गया।
  6. 13 दिसंबर 1946 को जवाहरलाल नेहरू ने ऐतिहासिक ‘उद्देश्य प्रस्ताव’ पेश किया।
  7. इसी उद्देश्य प्रस्ताव ने संविधान की संरचना का आधार तैयार किया और बाद में यह ‘प्रस्तावना’ बना।
  8. उद्देश्य प्रस्ताव को 22 जनवरी 1947 को सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया गया।
  9. संविधान सभा ने 22 जुलाई 1947 को ‘राष्ट्रीय ध्वज’ को अपनाया।
  10. भारत के संविधान को बनाने में कुल 2 साल, 11 महीने और 18 दिन लगे।
  11. इस दौरान कुल 11 अधिवेशन (Sessions) हुए और 60 देशों के संविधानों का अवलोकन किया गया।
  12. संविधान के प्रारूप पर कुल 114 दिनों तक चर्चा हुई।

III. प्रारूप समिति और संविधान का लागू होना (Drafting & Enactment)

  1. प्रारूप समिति (Drafting Committee) का गठन 29 अगस्त 1947 को हुआ था।
  2. इसमें कुल 7 सदस्य थे और इसके अध्यक्ष डॉ. बी.आर. अंबेडकर थे।
  3. डॉ. अंबेडकर को ‘भारतीय संविधान का जनक’ (Father of Indian Constitution) कहा जाता है।
  4. संविधान का अंतिम प्रारूप 4 नवंबर 1948 को पेश किया गया।
  5. 26 नवंबर 1949 को संविधान को अपनाया (Adopt) और पारित किया गया।
  6. इसी कारण 26 नवंबर को ‘संविधान दिवस’ के रूप में मनाया जाता है।
  7. 26 नवंबर 1949 को अपनाए गए संविधान में 1 प्रस्तावना, 395 अनुच्छेद और 8 अनुसूचियां थीं।
  8. संविधान सभा की अंतिम बैठक 24 जनवरी 1950 को हुई।
  9. इसी दिन डॉ. राजेंद्र प्रसाद को भारत के पहले राष्ट्रपति के रूप में चुना गया।
  10. संविधान को पूर्ण रूप से 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया (इसे ‘गणतंत्र दिवस’ के रूप में मनाया जाता है)।
  11. 26 जनवरी का दिन इसलिए चुना गया क्योंकि 1930 में इसी दिन ‘पूर्ण स्वराज दिवस’ मनाया गया था।

तुलना तालिका: संविधान सभा की प्रमुख समितियाँ

समिति का नामअध्यक्ष का नाम
प्रारूप समितिडॉ. बी.आर. अंबेडकर
संघ शक्ति समितिजवाहरलाल नेहरू
संघीय संविधान समितिजवाहरलाल नेहरू
प्रांतीय संविधान समितिसरदार वल्लभभाई पटेल
प्रक्रिया नियम समितिडॉ. राजेंद्र प्रसाद
संचालन समिति (Steering)डॉ. राजेंद्र प्रसाद
मौलिक अधिकार परामर्श समितिसरदार वल्लभभाई पटेल

महत्वपूर्ण तथ्य (One-Liners For Quick Revision)

  1. संविधान सभा का हाथी (Elephant) प्रतीक/मुहर (Seal) के रूप में अपनाया गया था।
  2. प्रेम बिहारी नारायण रायजादा संविधान के मुख्य ‘सुलेखक’ (Italic Style) थे।
  3. मूल संविधान का हिंदी संस्करण वसंत कृष्ण वैद्य द्वारा लिखा गया था।
  4. संविधान सभा ने मई 1949 में राष्ट्रमंडल (Commonwealth) में भारत की सदस्यता की पुष्टि की।
  5. 24 जनवरी 1950 को ही ‘राष्ट्रीय गान’ और ‘राष्ट्रीय गीत’ को अपनाया गया था।

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