भारत की मिट्टियाँ , फसलों के प्रकार और कृषि क्रांतियों की पूरी जानकारी।
भाग 1: भारत की मिट्टियाँ (Soil of India)
- भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) ने भारत की मिट्टी को 8 प्रमुख वर्गों में विभाजित किया है।
- भारत के सर्वाधिक क्षेत्र (लगभग 43%) पर जलोढ़ मिट्टी (Alluvial Soil) पाई जाती है।
- जलोढ़ मिट्टी का निर्माण नदियों द्वारा लाए गए अवसादों के निक्षेपण से होता है।
- पुरानी जलोढ़ मिट्टी को बांगर कहा जाता है।
- नई जलोढ़ मिट्टी को खादर कहा जाता है।
- जलोढ़ मिट्टी में पोटाश की प्रचुरता होती है, लेकिन नाइट्रोजन और फास्फोरस की कमी होती है।
- काली मिट्टी (Black Soil) को ‘रेगुड़ मिट्टी’ के नाम से भी जाना जाता है।
- काली मिट्टी का निर्माण बेसाल्टिक लावा के टूटने-फूटने से हुआ है।
- काली मिट्टी कपास की खेती के लिए सबसे उपयुक्त मानी जाती है।
- काली मिट्टी में जल धारण करने की क्षमता (Water holding capacity) सर्वाधिक होती है।
- लाल मिट्टी (Red Soil) का लाल रंग फेरिक ऑक्साइड (लोहे के अंश) की उपस्थिति के कारण होता है।
- लाल मिट्टी भारत का दूसरा सबसे बड़ा मृदा समूह है।
- लैटेराइट मिट्टी (Laterite Soil) का निर्माण भारी वर्षा के कारण ‘लीचिंग’ (Leaching/निक्षालन) प्रक्रिया से होता है।
- लैटेराइट मिट्टी चाय, कॉफी और काजू की खेती के लिए सर्वोत्तम है।
- मरुस्थलीय मिट्टी राजस्थान, हरियाणा और दक्षिण पंजाब के शुष्क क्षेत्रों में पाई जाती है।
- लवणीय और क्षारीय मिट्टी को स्थानीय भाषा में ‘रेह’, ‘कलर’ या ‘ऊसर’ मिट्टी भी कहते हैं।
- मिट्टी की अम्लीयता (Acidity) को कम करने के लिए चूना (Lime) का प्रयोग किया जाता है।
- मिट्टी की क्षारीयता (Alkalinity) को कम करने के लिए जिप्सम का प्रयोग किया जाता है।
- भारत में सर्वाधिक क्षारीय मृदा क्षेत्र उत्तर प्रदेश में है।
- भारत में सर्वाधिक लवणीय मृदा क्षेत्र गुजरात में है।
- मृदा के अध्ययन के विज्ञान को मृदा विज्ञान (Pedology) कहा जाता है।
- ‘मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना’ की शुरुआत 2015 में राजस्थान के सूरतगढ़ से हुई थी।
- दलदली मिट्टी (Peaty Soil) भारी वर्षा और उच्च आर्द्रता वाले क्षेत्रों में पाई जाती है।
- पर्वतीय मिट्टी में ह्यूमस (Humus) की मात्रा अधिक होती है, लेकिन यह कम उपजाऊ होती है।
- नाइट्रोजन की कमी भारत की लगभग सभी मिट्टियों में पाई जाती है।
- पौधों की वृद्धि के लिए मिट्टी का pH मान 6 से 7 के बीच होना आदर्श माना जाता है।
- मृदा अपरदन (Soil Erosion) को ‘रेंगती हुई मृत्यु’ (Creeping Death) कहा जाता है।
- चंबल घाटी के बीहड़ अवनलिका अपरदन (Gully Erosion) का परिणाम हैं।
- सीढ़ीदार खेती (Terrace Farming) पर्वतीय क्षेत्रों में मृदा अपरदन रोकने का प्रमुख तरीका है।
- वृक्षारोपण मृदा संरक्षण का सबसे प्रभावी जैविक उपाय है।
भाग 2: भारतीय कृषि और फसलों के प्रकार
- भारत एक कृषि प्रधान देश है, जहाँ लगभग 49% आबादी कृषि पर निर्भर है।
- भारतीय कृषि को ‘मानसून का जुआ’ कहा जाता है।
- रबी की फसलें: अक्टूबर-नवंबर में बोई जाती हैं और मार्च-अप्रैल में काटी जाती हैं।
- प्रमुख रबी फसलें: गेहूं, जौ, चना, मटर, सरसों और अलसी।
- खरीफ की फसलें: जून-जुलाई (मानसून की शुरुआत) में बोई जाती हैं और अक्टूबर-नवंबर में काटी जाती हैं।
- प्रमुख खरीफ फसलें: चावल, मक्का, बाजरा, ज्वार, कपास, जूट और मूंगफली।
- जायद की फसलें: मार्च से जून के बीच उगाई जाती हैं।
- प्रमुख जायद फसलें: तरबूज, खरबूजा, ककड़ी और चारा।
- नकद फसलें (Cash Crops): वे फसलें जो व्यापारिक उद्देश्य से उगाई जाती हैं (जैसे- गन्ना, कपास, तंबाकू)।
- भारत में सर्वाधिक उपभोग की जाने वाली खाद्य फसल चावल है।
- चावल उत्पादन में पश्चिम बंगाल भारत में प्रथम स्थान पर है।
- ‘गोल्डन राइस’ में विटामिन-A प्रचुर मात्रा में पाया जाता है।
- गेहूं उत्पादन में उत्तर प्रदेश प्रथम स्थान पर है।
- प्रति हेक्टेयर गेहूं उत्पादन में पंजाब शीर्ष पर है।
- गन्ने का सर्वाधिक उत्पादन उत्तर प्रदेश में होता है।
- भारतीय चीनी अनुसंधान संस्थान कानपुर में स्थित है।
- भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान लखनऊ में स्थित है।
- कपास उत्पादन के लिए ‘सफेद सोना’ शब्द का प्रयोग किया जाता है।
- कपास उत्पादन में गुजरात और महाराष्ट्र प्रमुख राज्य हैं।
- जूट को ‘गोल्डन फाइबर’ (सुनहरा रेशा) कहा जाता है।
- जूट उत्पादन में पश्चिम बंगाल का एकाधिकार है।
- भारत विश्व में दालों का सबसे बड़ा उत्पादक और उपभोक्ता है।
- मध्य प्रदेश को ‘सोयाबीन राज्य’ (Soya State) कहा जाता है।
- मूंगफली उत्पादन में गुजरात प्रथम स्थान पर है।
- सरसों उत्पादन में राजस्थान का प्रथम स्थान है।
- भारत में सर्वाधिक कॉफी उत्पादन कर्नाटक में होता है।
- भारत में सर्वाधिक चाय उत्पादन असम में होता है।
- दक्षिण भारत में चाय का सर्वाधिक उत्पादन तमिलनाडु के नीलगिरी क्षेत्र में होता है।
- रबर उत्पादन में केरल का भारत में प्रथम स्थान है।
- मसाला उत्पादन (विशेषकर छोटी इलायची) के लिए केरल प्रसिद्ध है।
भाग 3: कृषि क्रांतियां और विशेष तथ्य
- हरित क्रांति (Green Revolution): 1966-67 में शुरू हुई, मुख्य रूप से गेहूं और चावल के उत्पादन से संबंधित।
- भारत में हरित क्रांति के जनक एम.एस. स्वामीनाथन थे।
- विश्व में हरित क्रांति के जनक नॉर्मन बोरलॉग थे।
- श्वेत क्रांति: दुग्ध उत्पादन से संबंधित (ऑपरेशन फ्लड)।
- श्वेत क्रांति के जनक डॉ. वर्गीज कुरियन थे।
- पीली क्रांति: तिलहन उत्पादन से संबंधित।
- नीली क्रांति: मत्स्य (मछली) उत्पादन से संबंधित।
- लाल क्रांति: मांस और टमाटर उत्पादन से संबंधित।
- रजत (Silver) क्रांति: अंडा उत्पादन से संबंधित।
- गुलाबी क्रांति: झींगा मछली और प्याज उत्पादन से संबंधित।
- सुनहरी (Golden) क्रांति: फल और बागवानी उत्पादन से संबंधित।
- गोल क्रांति: आलू उत्पादन से संबंधित।
- इंद्रधनुषी क्रांति: कृषि के सभी क्षेत्रों के विकास से संबंधित।
- भारत का सिक्किम राज्य पूर्णतः ‘जैविक राज्य’ (Organic State) घोषित होने वाला पहला राज्य है।
- ‘झूम कृषि’ (Shifting Cultivation) भारत के उत्तर-पूर्वी राज्यों में प्रचलित है।
- जूट की खेती के लिए गर्म और आर्द्र जलवायु की आवश्यकता होती है।
- केसर का एकमात्र उत्पादक केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर है।
- राष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान कटक (ओडिशा) में स्थित है।
- केंद्रीय शुष्क बागवानी संस्थान बीकानेर (राजस्थान) में स्थित है।
- राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान करनाल (हरियाणा) में है।
- तंबाकू उत्पादन में आंध्र प्रदेश प्रमुख है।
- केंद्रीय तंबाकू अनुसंधान संस्थान राजमुंद्री (आंध्र प्रदेश) में है।
- नारियल उत्पादन में केरल और तमिलनाडु प्रमुख राज्य हैं।
- ‘मक्का’ को अनाज की रानी कहा जाता है।
- भारत में कॉफी की ‘अरेबिका’ किस्म सबसे अधिक उगाई जाती है।
- ‘कृषि’ को भारतीय संविधान की राज्य सूची (State List) में रखा गया है।
- केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान करनाल में है।
- आलू उत्पादन में उत्तर प्रदेश प्रथम स्थान पर है।
- ‘बरानी’ खेती का अर्थ शुष्क कृषि से है जहाँ सिंचाई वर्षा पर निर्भर होती है।
- सघन कृषि का उद्देश्य कम भूमि पर अधिक उत्पादन लेना है।
- भारत में ट्रैक्टरों का सर्वाधिक उपयोग करने वाला राज्य पंजाब है।
- ‘दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना’ कृषि फीडरों को अलग करने के लिए शुरू की गई।
- उर्वरक उत्पादन में भारत विश्व में तीसरे स्थान पर है।
- ‘यूरिया’ भारत का सबसे प्रमुख उर्वरक है।
- धान के खेतों से मीथेन (CH4) गैस का उत्सर्जन होता है।
- ‘बंपर स्टॉक’ का अर्थ आपातकाल के लिए अनाज का सुरक्षित भंडारण है।
- नाबार्ड (NABARD) कृषि ऋण देने वाली सर्वोच्च संस्था है (स्थापना: 1982)।
- किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना 1998 में शुरू हुई थी।
- भारत में फलों का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य आंध्र प्रदेश है।
- भारत में सब्जियों का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य उत्तर प्रदेश है।
- मृदा की उर्वरता बढ़ाने के लिए ‘ढैंचा’ और ‘सनई’ जैसे हरी खाद का प्रयोग होता है।
- ‘प्रायद्वीपीय पठार’ की मिट्टी मुख्य रूप से लाल और काली है।
- ‘रेगुड़’ शब्द का उद्भव तेलुगु के ‘रेगुड़ा’ से हुआ है।
- कपास की खेती के लिए 210 पाला रहित (Frost-free) दिनों की आवश्यकता होती है।
- केंद्रीय कपास अनुसंधान संस्थान नागपुर में है।
- भारत में सबसे अधिक क्षेत्रफल पर आम उगाया जाता है।
- मसालों का बगीचा केरल को कहा जाता है।
- राष्ट्रीय बीज निगम (NSC) की स्थापना 1963 में हुई थी।
- ‘नीली क्रांति’ का जनक हीरालाल चौधरी को माना जाता है।
- ‘सिल्वीकल्चर’ का संबंध वनों के संवर्धन से है।
- ‘एपीकल्चर’ का संबंध मधुमक्खी पालन से है।
- ‘पिसीकल्चर’ का संबंध मछली पालन से है।
- ‘विटिकल्चर’ का संबंध अंगूर की खेती से है।
- ‘सेरीकल्चर’ का संबंध रेशम कीट पालन से है।
- ‘फ्लोरीकल्चर’ का संबंध फूलों की खेती से है।
- भारत में तीन प्रकार के रेशम (शहतूत, टसर, मूंगा) का उत्पादन होता है।
- ‘मूंगा रेशम’ के उत्पादन में असम का एकाधिकार है।
- कृषि मूल्य आयोग (CACP) फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की सिफारिश करता है।
- वर्तमान में 23 फसलों के लिए MSP घोषित किया जाता है।
- ‘खाद्यान्न’ में अनाज और दालें दोनों शामिल होते हैं।
- भारत का प्रमुख तिलहन फसल मूंगफली और सोयाबीन है।
- ‘पीली क्रांति’ के सूत्रधार सैम पित्रोदा थे।
- भारत में जोत का औसत आकार बहुत छोटा (1.08 हेक्टेयर) है।
- ‘सीमांत किसान’ वे हैं जिनके पास 1 हेक्टेयर से कम भूमि है।
- ‘लघु किसान’ वे हैं जिनके पास 1 से 2 हेक्टेयर भूमि है।
- दक्षिण भारत में गन्ना उत्पादन की दर (Yield) उत्तर भारत से अधिक है।
- गन्ना एक बारहमासी फसल है।
- कपास एक खरीफ की फसल है।
- सरसों एक रबी की फसल है।
- बाजरा उत्पादन में राजस्थान प्रथम है।
- ज्वार उत्पादन में महाराष्ट्र अग्रणी है।
- ‘रागी’ का सर्वाधिक उत्पादन कर्नाटक में होता है।
- सूरजमुखी उत्पादन में कर्नाटक प्रथम स्थान पर है।
- सोयाबीन में प्रोटीन की मात्रा सर्वाधिक (लगभग 42%) होती है।
- ‘राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड’ की स्थापना 1984 में हुई थी।
- भारत विश्व में दूध का सबसे बड़ा उत्पादक है।
- ‘श्वेत क्रांति’ की शुरुआत 1970 में हुई थी।
- ई-नाम (e-NAM) कृषि उत्पादों के लिए एक ऑनलाइन राष्ट्रीय बाजार है।
- मृदा अपरदन को रोकने के लिए ‘कंटूर फार्मिंग’ (Contour Farming) प्रभावी है।
- चंबल के बीहड़ सुधार के लिए ‘रैvine Reclamation’ योजना चलाई गई।
- भारत में सिंचाई का मुख्य स्रोत नलकूप (Tube-wells) हैं।
- द्वितीय सर्वाधिक सिंचाई नहरों द्वारा होती है।
- प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना ‘हर खेत को पानी’ के नारे के साथ शुरू हुई।
- ‘ड्रिप सिंचाई’ (Drip Irrigation) तकनीक इजराइल से ली गई है।
- अंगूर उत्पादन के लिए ‘नासिक’ प्रसिद्ध है।
- संतरा उत्पादन के लिए ‘नागपुर’ प्रसिद्ध है।
- लीची उत्पादन के लिए ‘मुजफ्फरपुर’ (बिहार) प्रसिद्ध है।
- अलफांसो आम की एक प्रसिद्ध प्रजाति है जो महाराष्ट्र में होती है।
- भारतीय कृषि में ‘प्रच्छन्न बेरोजगारी’ (Hidden Unemployment) अधिक पाई जाती है।
- PDFNotes.in पर भूगोल के ये सभी नोट्स आपकी परीक्षा की तैयारी में मील का पत्थर साबित होंगे।