भारत में बहुदलीय राजनीतिक व्यवस्था होने के कारण किसी एक दल को बहुमत मिलना हमेशा संभव नहीं होता। ऐसे में कई राजनीतिक दल मिलकर सरकार बनाते हैं, जिसे गठबंधन सरकार कहा जाता है।
गठबंधन सरकार आधुनिक भारतीय राजनीति की एक महत्वपूर्ण विशेषता बन चुकी है।

Table of Contents
गठबंधन सरकार से तात्पर्य (Meaning of Coalition Government)
गठबंधन सरकार वह सरकार होती है:
- जिसमें दो या दो से अधिक राजनीतिक दल मिलकर सत्ता साझा करते हैं
- जब किसी एक दल को स्पष्ट बहुमत प्राप्त न हो
सभी सहयोगी दल न्यूनतम साझा कार्यक्रम (Common Minimum Programme) पर सहमत होते हैं।
गठबंधन सरकार: अर्थ, कार्यप्रणाली और राजनीतिक महत्व
अर्थ और परिभाषा (Meaning & Definition)
जब किसी एक राजनीतिक दल को चुनाव में स्पष्ट बहुमत (लोकसभा या विधानसभा में 50% से अधिक सीटें) प्राप्त नहीं होता, तब दो या दो से अधिक दल मिलकर सरकार बनाते हैं। इसे ही गठबंधन सरकार कहा जाता है।
- लैटिन मूल: ‘Coalition’ शब्द लैटिन के ‘Coalitio’ से बना है, जिसका अर्थ है “साथ बढ़ना” या “एक साथ मिलना”।
- न्यूनतम साझा कार्यक्रम (CMP): गठबंधन दल सरकार चलाने के लिए एक साझा एजेंडा तैयार करते हैं, जिसे Minimum Common Programme कहा जाता है।
गठबंधन के प्रकार (Types of Coalition)
- चुनाव पूर्व गठबंधन (Pre-poll Alliance): चुनाव से पहले ही दल एक-दूसरे से हाथ मिला लेते हैं और सीटों का बँवारा करते हैं (जैसे: NDA, I.N.D.I.A.)। इसे अधिक स्थिर माना जाता है।
- चुनाव पश्चात गठबंधन (Post-poll Alliance): चुनाव परिणामों के बाद जब किसी को बहुमत नहीं मिलता, तब सरकार बनाने के लिए दल साथ आते हैं।
गठबंधन सरकार की कार्यप्रणाली
- सहमति की राजनीति: कोई भी बड़ा निर्णय लेने से पहले सभी सहयोगी दलों से चर्चा अनिवार्य होती है।
- मंत्रिमंडल का बँवारा: सहयोगी दलों को उनकी शक्ति (सीटों) के आधार पर महत्वपूर्ण मंत्रालय दिए जाते हैं।
- समन्वय समितियाँ: मतभेदों को सुलझाने के लिए विशेष ‘कोऑर्डिनेशन कमिटी’ बनाई जाती हैं।
भारतीय लोकतंत्र में महत्व और प्रभाव
- सकारात्मक पक्ष:
- क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व: क्षेत्रीय दलों के माध्यम से स्थानीय समस्याओं को केंद्र में जगह मिलती है।
- निरंकुशता पर रोक: एक दल की तानाशाही की संभावना कम हो जाती है।
- सर्वसम्मति: निर्णय प्रक्रिया अधिक लोकतांत्रिक और समावेशी होती है।
- नकारात्मक पक्ष:
- अस्थिरता: छोटे दलों के समर्थन वापस लेने पर सरकार गिरने का डर रहता है।
- कमजोर प्रधानमंत्री: प्रधानमंत्री को अक्सर सहयोगी दलों के दबाव में काम करना पड़ता है।
- नीतिगत पंगुता (Policy Paralysis): वैचारिक मतभेदों के कारण बड़े फैसले लेने में देरी होती है।
गठबंधन सरकार की उत्पत्ति, प्रकार, विशेषताएँ
गठबंधन सरकार की उत्पत्ति
- 1967 के बाद से भारत में गठबंधन राजनीति की शुरुआत
- 1989 के बाद गठबंधन सरकारों का युग
📌 इसका कारण:
- क्षेत्रीय दलों का उदय
- जातीय और क्षेत्रीय विविधता
- बहुदलीय व्यवस्था
भारत में प्रमुख गठबंधन सरकारें
- जनता पार्टी सरकार (1977)
- राष्ट्रीय मोर्चा (1989)
- संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन – UPA (2004–2014)
- राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन – NDA (1998–2004, 2014–वर्तमान)
गठबंधन सरकार की विशेषताएँ
- बहुदलीय भागीदारी
- साझा सत्ता
- न्यूनतम साझा कार्यक्रम
- सामूहिक निर्णय प्रक्रिया
गठबंधन सरकार के प्रकार
चुनाव पूर्व गठबंधन
- चुनाव से पहले गठबंधन
चुनाव पश्चात गठबंधन
- चुनाव परिणाम के बाद गठबंधन
गठबंधन सरकार के लाभ
- समावेशी शासन
- क्षेत्रीय हितों का प्रतिनिधित्व
- तानाशाही की संभावना कम
- संघीय व्यवस्था को मजबूती
गठबंधन सरकार की सीमाएँ
- सरकार की अस्थिरता
- निर्णय लेने में देरी
- नीति समझौतों की मजबूरी
- छोटे दलों का अत्यधिक प्रभाव
गठबंधन सरकार और शासन
- नीति निर्माण में संतुलन
- संवाद और सहमति की आवश्यकता
- राजनीतिक स्थिरता की चुनौती
गठबंधन सरकार और लोकतंत्र
- लोकतांत्रिक विविधता का सम्मान
- सत्ता का विकेंद्रीकरण
- सहमति आधारित राजनीति
📌 गठबंधन लोकतंत्र की परिपक्वता दर्शाता है।
गठबंधन सरकार को सफल बनाने के उपाय
- स्पष्ट साझा कार्यक्रम
- मजबूत नेतृत्व
- आपसी विश्वास
- दलों में अनुशासन
निष्कर्ष (Conclusion)
गठबंधन सरकार भारतीय लोकतंत्र की वास्तविक तस्वीर प्रस्तुत करती है। यह विविधताओं से भरे समाज में समावेशी शासन का माध्यम है।
हालाँकि इसमें कुछ चुनौतियाँ हैं, लेकिन सही नेतृत्व और सहयोग से गठबंधन सरकार स्थिर और प्रभावी हो सकती है।
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
- गठबंधन सरकार को ‘मिली-जुली सरकार’ भी कहा जाता है।
- भारत में गठबंधन राजनीति का वास्तविक दौर 1989 से शुरू हुआ।
- केंद्र में पहली सफल गठबंधन सरकार (कार्यकाल पूरा करने वाली) अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली NDA थी।
- गठबंधन सरकार बहुदलीय व्यवस्था (Multi-party system) का परिणाम है।
- न्यूनतम साझा कार्यक्रम (CMP) गठबंधन सरकार का वैचारिक आधार होता है।
- चुनाव पूर्व गठबंधन को जनता का नैतिक समर्थन प्राप्त माना जाता है।
- गठबंधन में ‘किंगमेकर’ की भूमिका छोटे लेकिन निर्णायक दलों की होती है।
- क्षेत्रीय दलों की बढ़ती शक्ति ने गठबंधन सरकार को अनिवार्य बना दिया है।
- गठबंधन सरकार में प्रधानमंत्री की स्थिति ‘बराबर वालों में प्रथम’ के बजाय ‘सहमति निर्माता’ की होती है।
- UPP (United Progressive Alliance) और NDA (National Democratic Alliance) भारत के दो प्रमुख गठबंधन हैं।
- गठबंधन सरकारें अक्सर ‘मजबूर सरकार’ के रूप में भी प्रचारित की जाती हैं।
- वैचारिक रूप से विपरीत दल भी सत्ता के लिए गठबंधन कर सकते हैं (जैसे: अवसरवादी गठबंधन)।
- गठबंधन राजनीति ने भारतीय संघवाद (Federalism) को मजबूत किया है।
- छोटे दलों के पास सरकार पर ‘वीटो’ जैसी शक्ति आ जाती है।
- गठबंधन सरकारों के कारण बार-बार चुनाव (मध्यावधि चुनाव) होने की संभावना बढ़ती है।
- मोरारजी देसाई के नेतृत्व वाली ‘जनता पार्टी’ सरकार केंद्र में पहली गैर-कांग्रेसी गठबंधन सरकार थी।
- गठबंधन में ‘समन्वय समिति’ मतभेद सुलझाने का मुख्य केंद्र होती है।
- नीतिगत पंगुता गठबंधन सरकार की एक बड़ी प्रशासनिक चुनौती है।
- साझा सरकार में भ्रष्टाचार की जाँच करना कभी-कभी राजनीतिक कारणों से कठिन हो जाता है।
- गठबंधन सरकार में राज्य की सरकारों को केंद्र से अधिक सहयोग मिलने की संभावना रहती है।
- क्षेत्रीय आकांक्षाओं को राष्ट्रीय मंच पर लाने का श्रेय गठबंधन राजनीति को जाता है।
- हंग पार्लियामेंट (Trishanku Sansad) गठबंधन सरकार की पूर्व स्थिति है।
- गठबंधन दलों के बीच ‘कॉमन एजेंडा’ पर सहमति बनाना सबसे कठिन कार्य है।
- गठबंधन राजनीति ने भारत में ‘एक दल के प्रभुत्व’ (Congress System) को समाप्त किया।
- गठबंधन सरकार में मंत्रियों का चयन प्रधानमंत्री की पसंद के बजाय दल के कोटे से होता है।
- राष्ट्रीय हितों और दलीय हितों के बीच संघर्ष गठबंधन में आम है।
- गठबंधन सरकार अधिक ‘समावेशी’ (Inclusive) होने का दावा करती है।
- छोटे दलों का ‘सौदेबाजी’ (Bargaining) करना गठबंधन की एक कमजोरी है।
- लोकतांत्रिक परिपक्वता के लिए गठबंधन का सफल संचालन एक बड़ी चुनौती है।
FAQs (Frequently Asked Questions)
गठबंधन सरकार क्या होती है?
जब कई राजनीतिक दल मिलकर सरकार बनाते हैं।
भारत में गठबंधन सरकार कब शुरू हुई?
1967 के बाद, विशेष रूप से 1989 से।
गठबंधन सरकार का मुख्य लाभ क्या है?
समावेशी और प्रतिनिधि शासन।
गठबंधन सरकार की सबसे बड़ी समस्या क्या है?
अस्थिरता और निर्णय में देरी।
क्या गठबंधन सरकार लोकतंत्र के लिए अच्छी है?
हाँ, यदि सहयोग और स्थिरता बनी रहे।
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