मुख्यमंत्री (Chief Minister) – नियुक्ति, शक्तियाँ, कार्य और संवैधानिक भूमिका | Indian Constitution Notes

मुख्यमंत्री (Chief Minister) राज्य का वास्तविक कार्यपालिका प्रमुख होता है और राज्य शासन की संपूर्ण प्रशासनिक व्यवस्था का नेतृत्व करता है। यद्यपि संविधान में राज्य का औपचारिक प्रमुख राज्यपाल होता है, परंतु वास्तविक सत्ता और निर्णय-निर्माण की शक्ति मुख्यमंत्री एवं उसकी मंत्रिपरिषद में निहित होती है। इसी कारण मुख्यमंत्री को राज्य स्तर पर प्रधानमंत्री के समकक्ष माना जाता है।

मुख्यमंत्री की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाती है, लेकिन उसका पद पूर्णतः विधानसभा के विश्वास (Collective Responsibility) पर आधारित होता है। मुख्यमंत्री न केवल मंत्रिपरिषद का गठन करता है, बल्कि विभागों का वितरण, नीतियों का निर्धारण और प्रशासनिक समन्वय भी उसी के नेतृत्व में होता है। राज्यपाल और मंत्रिपरिषद के बीच मुख्यमंत्री मुख्य सेतु (Link) के रूप में कार्य करता है।

I. नियुक्ति और संवैधानिक स्थिति

  1. संसदीय व्यवस्था में राज्यपाल राज्य का संवैधानिक प्रमुख होता है, जबकि मुख्यमंत्री वास्तविक प्रमुख (Real Executive) होता है।
  2. राज्यपाल राज्य का मुखिया (Head of the State) है, जबकि मुख्यमंत्री सरकार का मुखिया (Head of the Government) है।
  3. अनुच्छेद 163: राज्यपाल को सहायता और सलाह देने के लिए एक मंत्रिपरिषद होगी जिसका प्रमुख मुख्यमंत्री होगा।
  4. अनुच्छेद 164: मुख्यमंत्री की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाएगी।
  5. राज्यपाल विधानसभा में बहुमत दल के नेता को मुख्यमंत्री नियुक्त करता है।
  6. यदि किसी दल को स्पष्ट बहुमत न मिले, तो राज्यपाल अपने विवेकाधिकार का प्रयोग कर सकता है।
  7. एक व्यक्ति जो राज्य विधानमंडल का सदस्य नहीं है, वह भी 6 महीने के लिए मुख्यमंत्री बन सकता है।
  8. उसे 6 महीने के भीतर विधानसभा या विधान परिषद (जहाँ हो) की सदस्यता लेनी अनिवार्य है।
  9. मुख्यमंत्री राज्य विधानमंडल के दो सदनों में से किसी भी सदन का सदस्य हो सकता है।
  10. शपथ: मुख्यमंत्री को पद और गोपनीयता की शपथ राज्यपाल दिलाता है।
  11. मुख्यमंत्री का कार्यकाल निश्चित नहीं है, वह राज्यपाल के प्रसादपर्यंत पद पर रहता है।
  12. जब तक मुख्यमंत्री को विधानसभा में बहुमत प्राप्त है, राज्यपाल उसे बर्खास्त नहीं कर सकता।
  13. मुख्यमंत्री का वेतन और भत्ते राज्य विधानमंडल द्वारा तय किए जाते हैं।

II. शक्तियाँ और कार्य

  1. मंत्रिपरिषद के संदर्भ में: मुख्यमंत्री की सलाह पर ही राज्यपाल अन्य मंत्रियों की नियुक्ति करता है।
  2. वह मंत्रियों के बीच विभागों का वितरण और फेरबदल करता है।
  3. मतभेद की स्थिति में वह किसी मंत्री से इस्तीफा मांग सकता है या राज्यपाल को उसे बर्खास्त करने की सलाह दे सकता है।
  4. वह मंत्रिपरिषद की बैठकों की अध्यक्षता करता है और उसके निर्णयों को प्रभावित करता है।
  5. मुख्यमंत्री का इस्तीफा या मृत्यु पूरी मंत्रिपरिषद का विघटन (Collapse) कर देती है।
  6. राज्यपाल के संदर्भ में: वह राज्यपाल और मंत्रिपरिषद के बीच संवाद का मुख्य माध्यम (Art 167) है।
  7. वह राज्य के महत्वपूर्ण अधिकारियों (जैसे महाधिवक्ता, राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष) की नियुक्ति के संबंध में राज्यपाल को सलाह देता है।
  8. विधानमंडल के संदर्भ में: वह राज्यपाल को विधानसभा का सत्र बुलाने और स्थगित करने की सलाह देता है।
  9. वह किसी भी समय राज्यपाल को विधानसभा भंग करने की सिफारिश कर सकता है।
  10. वह सदन के पटल पर सरकार की नीतियों की घोषणा करता है।

III. अन्य महत्वपूर्ण तथ्य

  1. मुख्यमंत्री राज्य योजना बोर्ड का अध्यक्ष होता है।
  2. वह क्षेत्रीय परिषद (Regional Council) के क्रमिक उपाध्यक्ष के रूप में कार्य करता है (एक समय में एक वर्ष के लिए)।
  3. वह अंतर-राज्यीय परिषद और नीति आयोग की शासी परिषद (Governing Council) का सदस्य होता है।
  4. वह राज्य सरकार का मुख्य प्रवक्ता होता है।
  5. आपातकाल के दौरान वह राजनीतिक स्तर पर मुख्य प्रबंधक (Manager-in-Chief) होता है।
  6. मुख्यमंत्री राज्य की सेवाओं का राजनीतिक प्रमुख होता है।

प्रधानमंत्री बनाम मुख्यमंत्री: तुलनात्मक तालिका

विशेषता / आधारप्रधानमंत्री (PM)मुख्यमंत्री (CM)
स्तरकेंद्र स्तर पर वास्तविक कार्यकारी प्रमुख।राज्य स्तर पर वास्तविक कार्यकारी प्रमुख।
प्रमुखसरकार का प्रमुख (Head of Government)।राज्य सरकार का प्रमुख।
नियुक्तिराष्ट्रपति द्वारा (अनुच्छेद 75)।राज्यपाल द्वारा (अनुच्छेद 164)।
सदन की सदस्यतासंसद (LS या RS) का सदस्य होना अनिवार्य।विधानमंडल (VS या VP) का सदस्य होना अनिवार्य।
समय सीमा6 महीने के भीतर सदस्यता लेना अनिवार्य।6 महीने के भीतर सदस्यता लेना अनिवार्य।
शपथराष्ट्रपति दिलाते हैं।राज्यपाल दिलाते हैं।
कार्यकालनिश्चित नहीं (लोकसभा में बहुमत तक)।निश्चित नहीं (विधानसभा में बहुमत तक)।
वेतनसंसद द्वारा निर्धारित किया जाता है।राज्य विधानमंडल द्वारा निर्धारित होता है।
मंत्रिपरिषदPM की सलाह पर राष्ट्रपति मंत्रियों की नियुक्ति करते हैं।CM की सलाह पर राज्यपाल मंत्रियों की नियुक्ति करते हैं।
संवाद की कड़ीराष्ट्रपति और मंत्रिपरिषद के बीच (अनु. 78)।राज्यपाल और मंत्रिपरिषद के बीच (अनु. 167)।
आयोग के अध्यक्षनीति आयोग, राष्ट्रीय विकास परिषद के अध्यक्ष।राज्य योजना बोर्ड के अध्यक्ष।
इस्तीफा/मृत्युPM के हटते ही पूरी मंत्रिपरिषद भंग हो जाती है।CM के हटते ही पूरी मंत्रिपरिषद भंग हो जाती है।

अनुच्छेद याद करें : ट्रिक

पॉलिटी में केंद्र और राज्य के अनुच्छेदों में अक्सर 89 का अंतर होता है।

  • 74 (PM सलाह) + 89 = 163 (CM सलाह)
  • 75 (PM नियुक्ति) + 89 = 164 (CM नियुक्ति)
  • 78 (PM कर्तव्य) + 89 = 167 (CM कर्तव्य)

❓ Frequently Asked Questions (FAQs)

1. मुख्यमंत्री (Chief Minister) कौन होता है?

मुख्यमंत्री राज्य का वास्तविक कार्यपालिका प्रमुख होता है, जो राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था और मंत्रिपरिषद का नेतृत्व करता है। वास्तविक सत्ता मुख्यमंत्री और मंत्रिपरिषद में निहित होती है।


2. मुख्यमंत्री की नियुक्ति कौन करता है?

मुख्यमंत्री की नियुक्ति राज्यपाल करता है, लेकिन यह नियुक्ति सामान्यतः उस व्यक्ति की होती है जो विधानसभा में बहुमत दल का नेता हो।


3. क्या मुख्यमंत्री का पद निर्वाचित होता है?

नहीं, मुख्यमंत्री का पद निर्वाचित नहीं बल्कि नियुक्त होता है। उसकी वैधता विधानसभा के विश्वास (Majority Support) पर आधारित होती है।


4. मुख्यमंत्री का कार्यकाल कितना होता है?

मुख्यमंत्री का कोई निश्चित कार्यकाल नहीं होता। वह विधानसभा के विश्वास तक पद पर बना रहता है।


5. मुख्यमंत्री की प्रमुख शक्तियाँ क्या हैं?

मुख्यमंत्री की प्रमुख शक्तियाँ हैं:

  • मंत्रिपरिषद का गठन
  • विभागों का वितरण
  • नीति निर्धारण में नेतृत्व
  • राज्यपाल को सलाह देना

6. मुख्यमंत्री और राज्यपाल के बीच क्या संबंध है?

मुख्यमंत्री राज्यपाल और मंत्रिपरिषद के बीच मुख्य सेतु (Link) होता है। वह राज्य प्रशासन से संबंधित सभी निर्णयों की जानकारी राज्यपाल को देता है।


7. क्या मुख्यमंत्री राज्यपाल को सलाह देने के लिए बाध्य है?

हाँ, संविधान के अनुसार मुख्यमंत्री का कर्तव्य है कि वह राज्य प्रशासन से संबंधित सभी मामलों की जानकारी राज्यपाल को दे


8. क्या मुख्यमंत्री के पास विवेकाधीन शक्तियाँ होती हैं?

संविधान में मुख्यमंत्री की विवेकाधीन शक्तियों का स्पष्ट उल्लेख नहीं है, लेकिन व्यावहारिक रूप से मंत्रिपरिषद गठन और विभाग वितरण में उसका प्रभावी विवेक होता है।


9. मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री में क्या समानता है?

मुख्यमंत्री राज्य स्तर पर वही भूमिका निभाता है जो प्रधानमंत्री केंद्र स्तर पर निभाता है। दोनों वास्तविक कार्यपालिका प्रमुख होते हैं।


10. UPSC और State PCS परीक्षाओं के लिए मुख्यमंत्री अध्याय क्यों महत्वपूर्ण है?

क्योंकि इस अध्याय से:

  • राज्यपाल बनाम मुख्यमंत्री
  • कार्यपालिका की वास्तविक शक्ति
  • संवैधानिक परंपराएँ और व्यवहार
    जैसे प्रश्न बार-बार पूछे जाते हैं, जिससे यह अध्याय उच्च स्कोरिंग बन जाता है।

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