भारत की भौतिक संरचना भारतीय भूगोल का एक अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है। प्रतियोगी परीक्षाओं में भारत की भौतिक संरचना से जुड़े प्रश्न नियमित रूप से पूछे जाते हैं।
परिचय
भारत की भौतिक संरचना भारतीय भूगोल का आधार स्तंभ मानी जाती है। किसी भी देश की स्थलाकृतिक बनावट उसके जलवायु, कृषि, खनिज संसाधन, जनसंख्या वितरण और आर्थिक गतिविधियों को सीधे प्रभावित करती है। UPSC, SSC, रेलवे, NTPC तथा State PCS जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में इस विषय से हर वर्ष प्रश्न पूछे जाते हैं।
भारत की भौतिक संरचना क्या है?
भारत की भौतिक संरचना से तात्पर्य देश की स्थलाकृतिक बनावट (Relief Features of India) से है, जिसमें पर्वत, पठार, मैदान, मरुस्थल, तटीय मैदान और द्वीप समूह शामिल हैं। इन विशेषताओं के आधार पर भारत को पाँच प्रमुख भौतिक भागों में विभाजित किया गया है।
भारत के प्रमुख भौतिक विभाजन
- हिमालय पर्वतीय क्षेत्र
- उत्तरी विशाल मैदान
- प्रायद्वीपीय पठार
- भारतीय मरुस्थलीय क्षेत्र
- तटीय मैदान एवं द्वीप समूह
हिमालय पर्वतीय क्षेत्र
हिमालय पर्वतीय क्षेत्र भारत के उत्तर में स्थित है और यह भारत की सबसे महत्वपूर्ण भौतिक संरचना मानी जाती है। हिमालय विश्व की सबसे ऊँची और नवीन मोड़दार पर्वत श्रृंखला है, जिसका निर्माण टेथिस सागर में जमा अवसादों के मोड़ खाने से हुआ।
हिमालय की प्रमुख विशेषताएँ
- भारत की जलवायु को नियंत्रित करता है
- मानसूनी पवनों को रोककर वर्षा करवाता है
- उत्तरी भारत को ठंडी हवाओं से बचाता है
- भारत की प्रमुख नदियों का उद्गम स्थल
हिमालय के उप-विभाजन
हिमाद्रि (महान हिमालय)
- सबसे ऊँची पर्वत श्रेणी
- माउंट एवरेस्ट, कंचनजंघा जैसे शिखर
- स्थायी हिमरेखाएँ
हिमाचल (लघु हिमालय)
- औसत ऊँचाई अपेक्षाकृत कम
- कश्मीर, कुल्लू, कांगड़ा घाटियाँ
शिवालिक पर्वतमाला
- सबसे नवीन पर्वत श्रेणी
- अस्थिर चट्टानें
परीक्षा तथ्य: हिमालय को भारत का जलवायु नियंत्रक कहा जाता है।
उत्तरी विशाल मैदान
उत्तरी विशाल मैदान भारत का सबसे उपजाऊ और घनी जनसंख्या वाला क्षेत्र है। इसका निर्माण हिमालय से निकलने वाली नदियों द्वारा लाई गई जलोढ़ मिट्टी से हुआ है।
प्रमुख नदियाँ
- गंगा
- ब्रह्मपुत्र
- सिंधु
विशेषताएँ
- समतल भू-भाग
- अत्यधिक उपजाऊ मिट्टी
- भारत का प्रमुख कृषि क्षेत्र
- अधिक जनसंख्या घनत्व
उप-भाग
- भांगर – पुरानी जलोढ़ मिट्टी
- खादर – नई जलोढ़ मिट्टी
परीक्षा तथ्य: भारत का अधिकांश गेहूँ और चावल उत्पादन इसी क्षेत्र में होता है।
प्रायद्वीपीय पठार
प्रायद्वीपीय पठार भारत का सबसे प्राचीन भू-भाग है। यह कठोर आग्नेय एवं कायांतरित चट्टानों से बना हुआ है और खनिज संसाधनों से समृद्ध है।
प्रमुख विशेषताएँ
- त्रिकोणाकार आकृति
- खनिज संसाधनों की अधिकता
- गहरी और संकरी नदी घाटियाँ
प्रमुख पठार
- दक्कन का पठार
- मालवा पठार
- छोटा नागपुर पठार
प्रमुख नदियाँ
- नर्मदा
- ताप्ती
- गोदावरी
- कृष्णा
परीक्षा तथ्य: भारत के अधिकांश खनिज संसाधन प्रायद्वीपीय पठार में पाए जाते हैं।
भारतीय मरुस्थलीय क्षेत्र
यह क्षेत्र मुख्यतः पश्चिमी राजस्थान में स्थित है और इसे थार मरुस्थल कहा जाता है।
विशेषताएँ
- अत्यल्प वर्षा
- रेतीली मिट्टी
- बालू के टीले
- विरल जनसंख्या
प्रमुख नदी
- लूणी नदी (अंतःस्थलीय नदी)
परीक्षा तथ्य: थार मरुस्थल भारत का एकमात्र प्रमुख मरुस्थल है।
तटीय मैदान एवं द्वीप समूह
पश्चिमी तटीय मैदान
- संकरा मैदान
- अधिक वर्षा
- केरल तट प्रसिद्ध
पूर्वी तटीय मैदान
- चौड़ा मैदान
- डेल्टा का निर्माण
- महानदी, गोदावरी, कृष्णा डेल्टा
अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह
- बंगाल की खाड़ी में स्थित
- ज्वालामुखीय उत्पत्ति
लक्षद्वीप द्वीप समूह
- अरब सागर में स्थित
- प्रवाल (Coral) द्वीप
परीक्षा तथ्य: लक्षद्वीप भारत का सबसे छोटा केंद्रशासित प्रदेश है।
भारत की भौतिक संरचना का महत्व
- जलवायु निर्धारण
- कृषि विकास
- खनिज संसाधनों का वितरण
- मानव बसावट
- आर्थिक गतिविधियाँ
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण One Liner Facts
- भारत को पाँच भौतिक भागों में बाँटा गया है
- हिमालय सबसे युवा पर्वत श्रृंखला है
- प्रायद्वीपीय पठार सबसे प्राचीन भू-भाग है
- उत्तरी मैदान सबसे उपजाऊ क्षेत्र है
- लक्षद्वीप प्रवाल द्वीप है
निष्कर्ष
भारत की भौतिक संरचना देश की प्राकृतिक विविधता को दर्शाती है। प्रतियोगी परीक्षाओं में यह अध्याय अत्यंत स्कोरिंग है और मानचित्र के साथ अध्ययन करने पर प्रश्न हल करना और भी आसान हो जाता है।
FAQ – भारत की भौतिक संरचना
प्रश्न 1. भारत को कितने भौतिक भागों में बाँटा गया है?
उत्तर: भारत को पाँच प्रमुख भौतिक भागों में बाँटा गया है।
प्रश्न 2. भारत का सबसे प्राचीन भू-भाग कौन सा है?
उत्तर: प्रायद्वीपीय पठार।
प्रश्न 3. भारत का सबसे उपजाऊ क्षेत्र कौन सा है?
उत्तर: उत्तरी विशाल मैदान।