स्वराज पार्टी और साइमन कमीशन (1923–1930)
असहयोग आंदोलन की वापसी (1922) के बाद भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन रणनीतिक पुनर्मूल्यांकन के दौर में प्रवेश करता है।एक ओर जहाँ कांग्रेस का एक वर्ग रचनात्मक कार्यक्रम पर टिके रहने के पक्ष में था, वहीं दूसरा वर्ग संवैधानिक राजनीति के भीतर रहकर संघर्ष करना चाहता था। इसी बहस से स्वराज पार्टी का जन्म हुआ।इसी कालखंड में … Read more