📰 ब्रिटिश कालीन प्रमुख समाचार पत्र और पत्रिकाएं
भारतीय पुनर्जागरण और स्वतंत्रता संग्राम में प्रेस की भूमिका📊 समाचार पत्र, संस्थापक और उनकी विशेषता
| समाचार पत्र / पत्रिका | संपादक / संस्थापक | भाषा / वर्ष | विशेष मुख्य बिंदु |
|---|---|---|---|
| संवाद कौमुदी / मिरात-उल-अखबार | राजा राममोहन राय | बंगाली / फारसी | सती प्रथा का विरोध; भारतीय पत्रकारिता का अग्रदूत। |
| रास्त गोफ्तार | दादाभाई नौरोजी | गुजराती (1851) | पारसी समाज सुधार हेतु (इसका अर्थ है: ‘सत्यवादी’)। |
| हिंदू पैट्रियट | हरीश चंद्र मुखर्जी | अंग्रेजी (1853) | नील विद्रोह (Indigo Revolt) के किसानों की आवाज़ उठाई। |
| सोम प्रकाश | ईश्वर चंद्र विद्यासागर | बंगाली (1858) | वर्नाकुलर प्रेस एक्ट के तहत प्रतिबंधित होने वाला पहला अखबार। |
| अमृत बाजार पत्रिका | शिशिर कुमार घोष | बंगाली/अंग्रेजी | एक्ट से बचने के लिए रातों-रात भाषा बदली (1878)। |
| केसरी और मराठा | बाल गंगाधर तिलक | मराठी / अंग्रेजी | मराठा (अंग्रेजी में) और केसरी (मराठी में)। राष्ट्रवाद का प्रचार। |
| गदर (Ghadar) | लाला हरदयाल | उर्दू / पंजाबी | सैन फ्रांसिस्को से प्रकाशित; क्रांतिकारी गतिविधियों का केंद्र। |
| अल-हिलाल | मौलाना अबुल कलाम आजाद | उर्दू (1912) | मुस्लिम समुदाय में राष्ट्रवाद की भावना जगाने हेतु। |
| यंग इंडिया / नवजीवन / हरिजन | महात्मा गांधी | अंग्रेजी / गुजराती | सत्याग्रह, अहिंसा और अस्पृश्यता के विरुद्ध अभियान। |
| मूक नायक / बहिष्कृत भारत | डॉ. बी.आर. अम्बेडकर | मराठी (1920) | दलितों और शोषितों के अधिकारों का सबसे मजबूत मंच। |
| कॉमनवील / न्यू इंडिया | एनी बेसेंट | अंग्रेजी (1914) | होम रूल लीग आंदोलन का मुख्य प्रचार पत्र। |
| नेशनल हेराल्ड | जवाहरलाल नेहरू | अंग्रेजी (1938) | स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान कांग्रेस के विचारों का वाहक। |
⚖️ प्रेस पर प्रतिबंध के प्रमुख कानून
- 1799 (सेंसरशिप): लॉर्ड वेलेजली ने फ्रांसीसी आक्रमण के डर से प्रेस पर पूर्व-सेंसरशिप लगाई।
- 1823 (लाइसेंसिंग): जॉन एडम्स द्वारा; बिना लाइसेंस अखबार निकालना दंडनीय अपराध बना।
- 1835 (लिबरेशन): चार्ल्स मेटकाफ ने 1823 के कठोर नियम हटाए।
- 1878 (वर्नाकुलर एक्ट): लॉर्ड लिटन ने केवल भारतीय भाषाओं के अखबारों को निशाना बनाया। (लॉर्ड रिपन ने 1882 में इसे निरस्त किया)।
💡 महत्वपूर्ण परीक्षा तथ्य (Quick Revision)
- बंगाल गजट (1780): भारत का पहला समाचार पत्र। संपादक: जेम्स अगस्तस हिक्की।
- उदन्त मार्तण्ड (1826): हिंदी का प्रथम समाचार पत्र। संपादक: जुगल किशोर शुक्ल (कानपुर)।
- भारतीय प्रेस का मुक्तिदाता: चार्ल्स मेटकाफ को कहा जाता है।
- पत्रकारिता के कारण जेल जाने वाले प्रथम भारतीय: बाल गंगाधर तिलक (1882)।
- वर्नाकुलर प्रेस एक्ट (1878): इसे लॉर्ड लिटन ने ‘गैगिंग एक्ट’ (मुंह बंद करने वाला कानून) के रूप में लागू किया।
🧠 Quick Revision Gold Mine
