📰 ब्रिटिश कालीन प्रमुख समाचार पत्र और पत्रिकाएं
भारतीय प्रेस का विकास: संस्थापक, वर्ष और महत्वपूर्ण परीक्षा तथ्य
💡 महत्वपूर्ण परीक्षा तथ्य (Exam Points)
- बंगाल गजट (1780): भारत का पहला समाचार पत्र (जेम्स अगस्तस हिक्की)।
- उदन्त मार्तण्ड (1826): हिंदी का पहला समाचार पत्र (जुगल किशोर शुक्ल)।
- वर्नाकुलर प्रेस एक्ट (1878): इसे ‘मुंह बंद करने वाला कानून’ कहा गया, जिसे लॉर्ड लिटन ने लागू किया था।
- अमृत बाजार पत्रिका: इस अखबार ने वर्नाकुलर प्रेस एक्ट से बचने के लिए रातों-रात अपनी भाषा बंगाली से अंग्रेजी में बदल ली थी।
📊 प्रमुख भारतीय समाचार पत्रों की सूची
| समाचार पत्र | संपादक / संस्थापक | वर्ष / स्थान | विशेष विवरण |
|---|---|---|---|
| संवाद कौमुदी | राजा राममोहन राय | 1821 (कलकत्ता) | सती प्रथा के विरुद्ध लेख (बंगाली) |
| मिरात-उल-अखबार | राजा राममोहन राय | 1822 | फारसी भाषा का प्रथम अखबार |
| रास्त गोफ्तार | दादाभाई नौरोजी | 1851 | गुजराती भाषा (सत्यवादी) |
| हिंदू पैट्रियट | हरीश चंद्र मुखर्जी | 1853 | नील आंदोलन का समर्थन किया |
| सोम प्रकाश | ईश्वर चंद्र विद्यासागर | 1858 | प्रथम अखबार जिस पर वर्नाकुलर एक्ट लगा |
| केसरी और मराठा | बाल गंगाधर तिलक | 1881 | मराठा (अंग्रेजी), केसरी (मराठी) |
| कॉमनवील / न्यू इंडिया | एनी बेसेंट | 1914 | होम रूल आंदोलन का प्रचार |
| यंग इंडिया / हरिजन | महात्मा गांधी | 1919 / 1933 | अस्पृश्यता निवारण और राष्ट्रवाद |
| मूक नायक | डॉ. बी.आर. अम्बेडकर | 1920 | दलित अधिकारों की आवाज़ |
| इंडिपेंडेंट | मोतीलाल नेहरू | 1919 | स्वराज की मांग हेतु |
⚖️ प्रेस से संबंधित महत्वपूर्ण कानून
- 1799 का सेंसरशिप एक्ट: लॉर्ड वेलेजली द्वारा प्रेस पर नियंत्रण हेतु।
- 1823 का लाइसेंसिंग रेगुलेशन: राजा राममोहन राय की ‘मिरात-उल-अखबार’ इसी के कारण बंद हुई।
- 1835 का मेटकाफ एक्ट: चार्ल्स मेटकाफ को ‘भारतीय प्रेस का मुक्तिदाता’ कहा जाता है।
- 1878 का वर्नाकुलर प्रेस एक्ट: लॉर्ड लिटन द्वारा स्थानीय भाषा के अखबारों पर कड़ा नियंत्रण।
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