संसदीय मंच और भारतीय संसदीय समूह: संरचना, उद्देश्य और कार्य | Polity Notes in Hindi

संसदीय मंच और भारतीय संसदीय समूह

भारतीय संसद की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय बनाने के लिए संसदीय मंचों और भारतीय संसदीय समूह (IPG) की स्थापना की गई है। ये निकाय सांसदों को तकनीकी विशेषज्ञता और अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर प्रदान करते हैं।

संसदीय मंच (Parliamentary Forums)

सांसदों को विशिष्ट सामाजिक-आर्थिक मुद्दों पर विशेषज्ञों और मंत्रालयों के साथ सीधा संवाद करने के लिए एक मंच प्रदान करने हेतु इनका गठन किया गया है।

  • इतिहास: पहला संसदीय मंच ‘जल संरक्षण एवं प्रबंधन’ पर वर्ष 2005 में गठित किया गया था। वर्तमान में कुल 8 मंच कार्यरत हैं।
  • संरचना: प्रत्येक मंच में अधिकतम 31 सदस्य होते हैं (21 लोकसभा + 10 राज्यसभा)।
  • पदेन अध्यक्ष (Ex-officio President): लोकसभा अध्यक्ष (Speaker) सभी मंचों के पदेन अध्यक्ष होते हैं।
  • अपवाद (जरूरी): ‘जनसंख्या एवं सार्वजनिक स्वास्थ्य संबंधी मंच’ के पदेन अध्यक्ष राज्यसभा के सभापति होते हैं।
  • कार्य: सांसदों को जटिल वैश्विक मुद्दों जैसे जलवायु परिवर्तन, जनसंख्या और स्वास्थ्य पर डेटा और तकनीकी ज्ञान उपलब्ध कराना।

भारतीय संसदीय समूह (Indian Parliamentary Group – IPG)

यह एक स्वायत्त निकाय है जो भारत की संसद और विश्व की अन्य संसदों के बीच एक सेतु (Link) के रूप में कार्य करता है।

  • स्थापना: 1949 में एक प्रस्ताव के माध्यम से।
  • सदस्यता: यह संसद के वर्तमान और पूर्व सदस्यों दोनों के लिए खुली है।
  • अध्यक्षता: लोकसभा अध्यक्ष (Speaker) इसके पदेन अध्यक्ष होते हैं।
  • अंतरराष्ट्रीय भूमिका: यह ‘अंतर-संसदीय संघ’ (IPU) और ‘राष्ट्रमंडल संसदीय संघ’ (CPA) की भारतीय शाखा के रूप में कार्य करता है।
  • पुरस्कार: यह समूह 1995 से ‘उत्कृष्ट सांसद पुरस्कार’ (Outstanding Parliamentarian Award) प्रदान करता है।
तुलनात्मक विश्लेषण संसदीय मंच (Forums) • गठन: 2005 से शुरू (कुल 8 मंच) • सदस्य: केवल वर्तमान सांसद (Max. 31) • अध्यक्ष: LS अध्यक्ष (अपवाद: जनसंख्या मंच) • कार्य: नीतिगत मुद्दों पर विशेषज्ञ चर्चा उद्देश्य: सांसदों को डेटा और तकनीकी ज्ञान से सशक्त बनाना भारतीय संसदीय समूह (IPG) • स्थापना: 1949 (स्वायत्त निकाय) • सदस्य: वर्तमान + पूर्व सांसद • अध्यक्ष: अनिवार्य रूप से लोकसभा अध्यक्ष • कार्य: अंतरराष्ट्रीय संपर्क और पुरस्कार मुख्य भूमिका: विदेशी संसदों के साथ संबंधों का विकास © 2026 | pdfnotes.in | विकास सिंह द्वारा विशेष डिजाइन

💡‘एग्जाम अलर्ट’ (Exam Alert):

  1. संसदीय मंच केवल वर्तमान सांसदों के लिए हैं, जबकि संसदीय समूह पूर्व सांसदों के लिए भी खुला है।
  2. मंचों के उपाध्यक्षों में राज्यसभा के उप-सभापति और लोकसभा के उपाध्यक्ष शामिल होते हैं।”

परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

संसदीय मंच (Parliamentary Forums)

  1. पहले संसदीय मंच ‘जल संरक्षण एवं प्रबंधन’ की स्थापना 2005 में हुई थी।
  2. वर्तमान में कुल 8 संसदीय मंच कार्यरत हैं।
  3. इन मंचों का मुख्य उद्देश्य सांसदों को जटिल मुद्दों (जैसे जलवायु परिवर्तन, जनसंख्या) पर तकनीकी जानकारी और डेटा प्रदान करना है।
  4. संरचना: लोकसभा अध्यक्ष (Speaker) सभी मंचों का पदेन अध्यक्ष होता है।
  5. अपवाद: जनसंख्या एवं सार्वजनिक स्वास्थ्य संबंधी मंच के पदेन अध्यक्ष राज्यसभा के सभापति होते हैं।
  6. प्रत्येक मंच में अधिकतम 31 सदस्य होते हैं (21 लोकसभा से और 10 राज्यसभा से)।
  7. सदस्यों को अध्यक्ष/सभापति द्वारा नामित किया जाता है।
  8. इन मंचों के सदस्यों का कार्यकाल उनके सदन की सदस्यता से जुड़ा होता है।
  9. मंच का कोई भी सदस्य अपना त्यागपत्र अध्यक्ष/सभापति को लिखित रूप में दे सकता है।
  10. ये मंच नीतियां बनाने में नहीं, बल्कि जागरूकता और विचार-विमर्श में मदद करते हैं।

संसदीय समूह (Parliamentary Group)

  1. भारतीय संसदीय समूह (IPG) की स्थापना 1949 में संविधान सभा के एक प्रस्ताव के बाद हुई थी।
  2. इस समूह की सदस्यता संसद के वर्तमान और पूर्व सदस्यों के लिए खुली है।
  3. लोकसभा का अध्यक्ष (Speaker) इस समूह का पदेन अध्यक्ष होता है।
  4. राज्यसभा का उप-सभापति और लोकसभा का उपाध्यक्ष इसके पदेन उपाध्यक्ष होते हैं।
  5. यह समूह ‘अंतर-संसदीय संघ’ (IPU) की भारतीय शाखा के रूप में कार्य करता है।
  6. यह ‘राष्ट्रमंडल संसदीय संघ’ (CPA) की मुख्य शाखा के रूप में भी कार्य करता है।
  7. इसका उद्देश्य सांसदों के बीच व्यक्तिगत संपर्क बढ़ाना और विदेशी संसदों के साथ संबंध सुधारना है।
  8. यह समूह ‘उत्कृष्ट सांसद पुरस्कार’ (Outstanding Parliamentarian Award) प्रदान करता है।
  9. यह पुरस्कार 1995 से शुरू किया गया था।
  10. समूह का प्रबंधन एक कार्यकारी समिति द्वारा किया जाता है जिसके अध्यक्ष लोकसभा अध्यक्ष होते हैं।

संसदीय मंच और समूह में अंतर

विशेषतासंसदीय मंच (Forums)संसदीय समूह (IPG)
प्रकृतिसांसदों को जागरूक करने हेतु चर्चा मंच।अंतर्राष्ट्रीय संसदीय संपर्क हेतु स्वायत्त निकाय।
गठन2005 से शुरू।1949 में गठित।
अध्यक्षलोकसभा अध्यक्ष / राज्यसभा सभापति।अनिवार्य रूप से लोकसभा अध्यक्ष।
मुख्य कार्यजल, युवाओं और जनसंख्या जैसे मुद्दों पर चर्चा।विदेशी संसदों के साथ संबंध और पुरस्कार वितरण।

परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

1. भारतीय संसदीय समूह (IPG) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: (UPSC)

  • इसकी स्थापना 1949 में हुई थी।
  • लोकसभा का अध्यक्ष इसका पदेन अध्यक्ष होता है। उत्तर: दोनों कथन सही हैं।

2. किस वर्ष पहले संसदीय मंच ‘जल संरक्षण एवं प्रबंधन’ का गठन किया गया था? (UPPSC)

  • (A) 2004
  • (B) 2005
  • (C) 2006
  • (D) 2008 उत्तर: (B) 2005

3. निम्नलिखित में से कौन सा एकमात्र संसदीय मंच है जिसके अध्यक्ष राज्यसभा के सभापति होते हैं? (SSC CGL)

उत्तर: जनसंख्या एवं सार्वजनिक स्वास्थ्य संबंधी संसदीय मंच।

4. ‘उत्कृष्ट सांसद पुरस्कार’ (Outstanding Parliamentarian Award) किसके द्वारा प्रदान किया जाता है? (State PSC)

उत्तर: भारतीय संसदीय समूह (IPG) द्वारा।

5. संसदीय मंचों में सदस्यों की अधिकतम संख्या कितनी हो सकती है?

उत्तर: 31 सदस्य (21 लोकसभा से और 10 राज्यसभा से)।

6. भारतीय संसदीय समूह (IPG) किन अंतरराष्ट्रीय निकायों की भारतीय शाखा के रूप में कार्य करता है?

उत्तर: अंतर-संसदीय संघ (IPU) और राष्ट्रमंडल संसदीय संघ (CPA)।

7. संसदीय मंचों के सदस्यों का कार्यकाल कितना होता है?

उत्तर: उनका कार्यकाल उनके सदन की सदस्यता से जुड़ा होता है (अर्थात जब तक वे सांसद हैं)।

8. क्या पूर्व सांसद भारतीय संसदीय समूह (IPG) के सदस्य बन सकते हैं?

उत्तर: हाँ, IPG की सदस्यता वर्तमान और पूर्व दोनों सांसदों के लिए खुली है।

9. वर्तमान में कुल कितने संसदीय मंच कार्यरत हैं?

उत्तर: 8 संसदीय मंच।

10. संसदीय मंचों का मुख्य उद्देश्य क्या है?

उत्तर: सांसदों को महत्वपूर्ण सामाजिक-आर्थिक मुद्दों पर विशेषज्ञों और मंत्रियों के साथ विचार-विमर्श के लिए एक मंच प्रदान करना।

क्या आप इन नोट्स को ऑफलाइन पढ़ना चाहते हैं?

📄 डाउनलोड करें (Click here)

(“ऐसे ही और शानदार PDF नोट्स के लिए हमारे टेलीग्राम चैनल से अभी जुड़ें!”)

Vikas Singh

लेखक: विकास सिंह

विकास सिंह 15+ वर्षों के शिक्षण अनुभव वाले General Studies (GS) शिक्षक हैं। उन्होंने GS Faculty के रूप में कार्य किया है तथा दो बार UPSC Mains परीक्षा में सम्मिलित हो चुके हैं। वे भारतीय राजव्यवस्था, इतिहास, भूगोल और सामान्य विज्ञान के विशेषज्ञ हैं। वर्तमान में वे वाराणसी में अभ्यर्थियों का मार्गदर्शन कर रहे हैं और अपने YouTube चैनल Study2Study के माध्यम से शिक्षा जगत में योगदान दे रहे हैं।