भारतीय संविधान में अनुसूचित एवं जनजातीय क्षेत्र (Scheduled and Tribal Areas) उन विशिष्ट भौगोलिक क्षेत्रों को कहा जाता है, जहाँ अनुसूचित जनजातियों की सघन जनसंख्या, विशिष्ट सामाजिक-सांस्कृतिक संरचना और ऐतिहासिक वंचना पाई जाती है। इन क्षेत्रों के प्रशासन के लिए सामान्य कानून व्यवस्था को पर्याप्त नहीं माना गया, इसलिए संविधान ने इनके लिए विशेष प्रशासनिक एवं संवैधानिक प्रावधान किए हैं।
भारतीय संविधान में अनुसूचित क्षेत्रों का प्रशासन पाँचवीं अनुसूची (Fifth Schedule) तथा जनजातीय क्षेत्रों का प्रशासन मुख्यतः छठी अनुसूची (Sixth Schedule) के अंतर्गत किया जाता है। इन अनुसूचियों का उद्देश्य जनजातीय समुदायों की भूमि, संस्कृति, परंपराओं और स्वशासन की रक्षा करना तथा उन्हें बाहरी शोषण से बचाना है। पाँचवीं अनुसूची के अंतर्गत राज्यपाल को विशेष विवेकाधीन शक्तियाँ दी गई हैं, जबकि छठी अनुसूची के तहत पूर्वोत्तर भारत में स्वायत्त जिला परिषदों (Autonomous District Councils) की स्थापना की गई है।
अनुसूचित एवं जनजातीय क्षेत्रों का प्रशासन मुख्यतः पाँचवीं अनुसूची (Fifth Schedule) और छठी अनुसूची (Sixth Schedule) के अंतर्गत किया जाता है। ये प्रावधान न केवल प्रशासनिक सुविधा के लिए हैं, बल्कि जनजातीय पहचान, भूमि अधिकार, स्वशासन और सांस्कृतिक संरक्षण को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बनाए गए हैं।
1️⃣ अनुसूचित एवं जनजातीय क्षेत्र का अर्थ
🔹 अनुसूचित क्षेत्र (Scheduled Areas)
वे क्षेत्र जहाँ:
- अनुसूचित जनजातियों की पर्याप्त जनसंख्या हो
- सामाजिक-आर्थिक पिछड़ापन हो
- विशिष्ट सांस्कृतिक परंपराएँ हों
इन क्षेत्रों को राष्ट्रपति द्वारा पाँचवीं अनुसूची के अंतर्गत अधिसूचित किया जाता है।
🔹 जनजातीय क्षेत्र (Tribal Areas)
वे क्षेत्र जो मुख्यतः:
- पूर्वोत्तर भारत में स्थित हैं
- जहाँ जनजातीय स्वशासन की परंपरा रही है
इनका प्रशासन छठी अनुसूची के अंतर्गत किया जाता है।
2️⃣ पाँचवीं अनुसूची (Fifth Schedule): प्रशासनिक व्यवस्था
पाँचवीं अनुसूची उन राज्यों पर लागू होती है जहाँ अनुसूचित क्षेत्र घोषित किए गए हैं, जैसे—ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश आदि।
🔸 प्रमुख विशेषताएँ
(1) राष्ट्रपति की भूमिका
- राष्ट्रपति अनुसूचित क्षेत्रों की घोषणा, संशोधन या समाप्ति करता है।
(2) राज्यपाल की विशेष शक्तियाँ
- राज्यपाल को यह अधिकार है कि वह
- किसी कानून को अनुसूचित क्षेत्र में लागू न करे
- या उसमें संशोधन कर लागू करे
- यह शक्ति जनजातीय हितों की रक्षा के लिए दी गई है।
(3) आदिवासी सलाहकार परिषद (TAC)
- प्रत्येक अनुसूचित क्षेत्र वाले राज्य में TAC का गठन
- इसमें मुख्यतः अनुसूचित जनजातियों के प्रतिनिधि होते हैं
- राज्यपाल को जनजातीय कल्याण पर सलाह देती है
📌 Exam Line:
Fifth Schedule gives discretionary powers to the Governor for tribal protection.
3️⃣ छठी अनुसूची (Sixth Schedule): प्रशासनिक व्यवस्था
छठी अनुसूची मुख्यतः पूर्वोत्तर भारत के जनजातीय क्षेत्रों पर लागू होती है, जैसे:
- असम
- मेघालय
- त्रिपुरा
- मिजोरम
🔸 प्रमुख विशेषताएँ
(1) स्वायत्त जिला परिषदें (Autonomous District Councils – ADCs)
- जनजातीय स्वशासन की संवैधानिक इकाई
- भूमि, वन, ग्राम प्रशासन, परंपरागत कानूनों पर अधिकार
(2) विधायी, न्यायिक और वित्तीय शक्तियाँ
- ADCs स्थानीय कानून बना सकती हैं
- परंपरागत विवादों का निपटारा कर सकती हैं
- कर लगाने की सीमित शक्ति
(3) राज्यपाल की भूमिका
- ADCs के कानूनों को स्वीकृति देना
- परिषदों की संरचना में परिवर्तन
📌 Mains Ready Line:
Sixth Schedule institutionalises tribal self-governance.
4️⃣ Fifth Schedule बनाम Sixth Schedule
| आधार | पाँचवीं अनुसूची | छठी अनुसूची |
|---|---|---|
| क्षेत्र | मध्य/पूर्व भारत | पूर्वोत्तर भारत |
| प्रशासन | राज्य प्रशासन + राज्यपाल | स्वायत्त जिला परिषद |
| स्वशासन | सीमित | व्यापक |
| भूमि/वन अधिकार | राज्यपाल के माध्यम से | ADCs के माध्यम से |
| प्रकृति | संरक्षणात्मक | स्वशासी |
5️⃣ अनुसूचित एवं जनजातीय क्षेत्रों का महत्व
- जनजातीय भूमि और संसाधनों की रक्षा
- सांस्कृतिक पहचान का संरक्षण
- बाहरी शोषण से सुरक्षा
- लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण
- समावेशी विकास
6️⃣ प्रमुख समस्याएँ और चुनौतियाँ (Issues & Challenges)
🔴 (1) भूमि और वन अधिकारों का क्षरण
- खनन परियोजनाएँ
- औद्योगिकीकरण
- विस्थापन
🔴 (2) राज्यपाल की शक्तियों का सीमित प्रयोग
- Fifth Schedule के प्रावधान अक्सर निष्क्रिय
- TAC की सलाह को गंभीरता से न लेना
🔴 (3) प्रशासनिक हस्तक्षेप
- Sixth Schedule क्षेत्रों में भी
- राज्य सरकारों का अत्यधिक नियंत्रण
🔴 (4) विकास बनाम संरक्षण का द्वंद्व
- अवसंरचना विकास
- पर्यावरण और संस्कृति पर प्रभाव
7️⃣ सुधार की आवश्यकता (Reforms & Way Forward)
- राज्यपाल की विवेकाधीन शक्तियों का सक्रिय उपयोग
- TAC और ADCs को वास्तविक अधिकार
- भूमि अधिग्रहण में ग्राम सभा की निर्णायक भूमिका
- NCST की सिफारिशों का प्रभावी क्रियान्वयन
- स्थानीय नेतृत्व और क्षमता निर्माण
निष्कर्ष
अनुसूचित एवं जनजातीय क्षेत्रों के लिए पाँचवीं और छठी अनुसूची भारतीय संविधान की समावेशी और लचीली संघीय सोच को दर्शाती हैं। पाँचवीं अनुसूची संरक्षणात्मक दृष्टिकोण अपनाती है, जबकि छठी अनुसूची जनजातीय स्वशासन को संस्थागत रूप देती है। यदि इन प्रावधानों को उनकी आत्मा के अनुरूप लागू किया जाए, तो यह जनजातीय समाज के लिए सशक्तिकरण का प्रभावी माध्यम बन सकते हैं।
❓ Frequently Asked Questions (FAQs)
1. अनुसूचित क्षेत्र क्या होते हैं?
वे क्षेत्र जहाँ अनुसूचित जनजातियों की सघन जनसंख्या हो और जिन्हें पाँचवीं अनुसूची के अंतर्गत अधिसूचित किया गया हो।
2. जनजातीय क्षेत्र किसे कहते हैं?
पूर्वोत्तर भारत के वे क्षेत्र जो छठी अनुसूची के अंतर्गत आते हैं और जहाँ स्वायत्त जिला परिषदें कार्य करती हैं।
3. पाँचवीं अनुसूची किन राज्यों पर लागू होती है?
ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश आदि।
4. छठी अनुसूची किन राज्यों पर लागू होती है?
असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम।
5. पाँचवीं अनुसूची में राज्यपाल की भूमिका क्या है?
राज्यपाल को कानूनों के अनुप्रयोग में विशेष विवेकाधीन शक्ति प्राप्त है।
6. आदिवासी सलाहकार परिषद (TAC) क्या है?
यह एक सलाहकारी निकाय है जो जनजातीय कल्याण पर राज्यपाल को सलाह देता है।
7. स्वायत्त जिला परिषद (ADC) क्या है?
छठी अनुसूची के तहत गठित जनजातीय स्वशासन की इकाई।
8. ADCs को कौन-सी शक्तियाँ प्राप्त हैं?
विधायी, न्यायिक और सीमित वित्तीय शक्तियाँ।
9. Fifth और Sixth Schedule में मुख्य अंतर क्या है?
Fifth Schedule संरक्षणात्मक है, जबकि Sixth Schedule स्वशासन-आधारित है।
10. NCST का इन अनुसूचियों से क्या संबंध है?
NCST इन अनुसूचियों के तहत जनजातीय हितों की निगरानी करता है।
11. सबसे बड़ी समस्या क्या है?
भूमि-वन अधिकारों का क्षरण और विस्थापन।
12. क्या Fifth Schedule में स्वशासन है?
नहीं, इसमें सीमित प्रशासनिक संरक्षण है।
13. क्या Sixth Schedule लोकतांत्रिक है?
हाँ, यह जनजातीय स्वशासन को संस्थागत बनाती है।
14. UPSC Prelims में कैसे प्रश्न आते हैं?
अनुसूची-राज्य मिलान, शक्तियाँ, TAC/ADC आधारित।
15. UPSC Mains में इसका उपयोग कैसे होता है?
संघवाद, सामाजिक न्याय, जनजातीय अधिकार और शासन से जुड़े उत्तरों में।
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