कैबिनेट मिशन और माउंटबेटन योजना (1946–1947)

द्वितीय विश्व युद्ध के बाद ब्रिटेन की आर्थिक-राजनीतिक स्थिति कमजोर हो चुकी थी। भारत में जन-आंदोलन, INA ट्रायल, नौसैनिक विद्रोह (1946) और बढ़ते साम्प्रदायिक तनाव ने यह स्पष्ट कर दिया कि सत्ता हस्तांतरण टाला नहीं जा सकता
इसी पृष्ठभूमि में कैबिनेट मिशन (1946) भेजा गया और अंततः माउंटबेटन योजना (1947) के माध्यम से स्वतंत्रता व विभाजन का निर्णय लिया गया।

📌 यह चरण संविधान-निर्माण, सत्ता हस्तांतरण और विभाजन—तीनों को एक साथ समेटता है।


कैबिनेट मिशन (1946)

गठन और उद्देश्य

  • आगमन: मार्च 1946
  • उद्देश्य:
    • भारत की संवैधानिक रूपरेखा तय करना
    • सत्ता का शांतिपूर्ण हस्तांतरण
    • भारत की एकता बनाए रखना

मिशन के सदस्य

  • पैथिक-लॉरेंस
  • स्टैफर्ड क्रिप्स
  • ए. वी. अलेक्ज़ेंडर

कैबिनेट मिशन की प्रमुख सिफ़ारिशें

1️⃣ संघीय ढाँचा (Union)

  • केंद्र के विषय: रक्षा, विदेश नीति, संचार
  • शेष अधिकार प्रांतों को

2️⃣ प्रांतीय समूह (Groups)

  • ग्रुप A: हिंदू-बहुल प्रांत
  • ग्रुप B: पश्चिमोत्तर मुस्लिम-बहुल
  • ग्रुप C: पूर्वोत्तर मुस्लिम-बहुल

📌 उद्देश्य: एक भारत के भीतर प्रांतीय स्वायत्तता

3️⃣ संविधान सभा

  • अप्रत्यक्ष निर्वाचन
  • प्रांतों व रियासतों का प्रतिनिधित्व

4️⃣ अंतरिम सरकार

  • संविधान बनने तक कार्यकारी शासन चलाने हेतु

भारतीय प्रतिक्रिया

कांग्रेस

  • संविधान सभा को स्वीकार
  • समूह व्यवस्था पर आरक्षण

मुस्लिम लीग

  • प्रारंभिक स्वीकृति
  • बाद में समूहों की अनिवार्यता पर जोर
  • अंततः डायरेक्ट एक्शन का मार्ग

📌 सहमति के अभाव से योजना विफल होती गई।


अंतरिम सरकार (1946)

  • गठन: सितम्बर 1946
  • नेतृत्व: जवाहरलाल नेहरू
  • मुस्लिम लीग बाद में शामिल हुई

📌 सरकार के भीतर मतभेदों ने शासन को कठिन बना दिया।


माउंटबेटन योजना (3 जून 1947)

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https://collectionimages.npg.org.uk/large/mw125728/Louis-Mountbatten-Earl-Mountbatten-of-Burma.jpg
https://upload.wikimedia.org/wikipedia/commons/3/3b/Partition_of_India_1947_en.svg

पृष्ठभूमि

  • कैबिनेट मिशन की विफलता
  • बढ़ती साम्प्रदायिक हिंसा
  • प्रशासनिक शून्य का खतरा

प्रस्तावक

  • लॉर्ड माउंटबेटन

माउंटबेटन योजना के प्रमुख बिंदु

1️⃣ भारत का विभाजन—भारत और पाकिस्तान
2️⃣ पंजाब और बंगाल का विभाजन
3️⃣ रियासतों को भारत/पाकिस्तान में विलय का विकल्प
4️⃣ सत्ता हस्तांतरण की तिथि: 15 अगस्त 1947
5️⃣ सीमा निर्धारण: रेडक्लिफ़ आयोग

📌 यह योजना त्वरित लेकिन निर्णायक थी।


विभाजन के परिणाम

तत्काल प्रभाव

  • भीषण साम्प्रदायिक हिंसा
  • जनसंहार और विस्थापन
  • प्रशासनिक अराजकता

राजनीतिक परिणाम

  • दो स्वतंत्र राष्ट्र
  • नई सीमाएँ और संस्थाएँ

📌 स्वतंत्रता की कीमत अत्यंत भारी रही।


ऐतिहासिक महत्व

कैबिनेट मिशन

  • एकता बनाए रखने का अंतिम प्रयास
  • संविधान सभा की स्थापना

माउंटबेटन योजना

  • सत्ता हस्तांतरण का व्यावहारिक समाधान
  • स्वतंत्रता का मार्ग प्रशस्त

📌 दोनों मिलकर
👉 औपनिवेशिक युग के अंत के प्रतीक बने।


परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण तथ्य

✔ कैबिनेट मिशन – 1946
✔ अंतरिम सरकार – 1946
✔ माउंटबेटन योजना – 3 जून 1947
✔ स्वतंत्रता – 15 अगस्त 1947
✔ रैडक्लिफ़ आयोग – सीमा निर्धारण


निष्कर्ष (Conclusion)

कैबिनेट मिशन और माउंटबेटन योजना
👉 भारत की स्वतंत्रता की अंतिम कड़ियाँ थीं।

जहाँ कैबिनेट मिशन ने एकता के भीतर स्वशासन का रास्ता सुझाया,
वहीं माउंटबेटन योजना ने विभाजन के साथ स्वतंत्रता को स्वीकार किया।

“स्वतंत्रता मिली—पर इतिहास ने हमें इसकी कीमत भी याद दिलाई।”


FAQs (Frequently Asked Questions)

Q1. कैबिनेट मिशन क्यों भेजा गया?

सत्ता हस्तांतरण और संविधान निर्माण के लिए।

Q2. कैबिनेट मिशन असफल क्यों हुआ?

कांग्रेस-लीग मतभेद और समूह व्यवस्था पर असहमति से।

Q3. माउंटबेटन योजना का मुख्य उद्देश्य क्या था?

त्वरित सत्ता हस्तांतरण और हिंसा पर नियंत्रण।

Q4. भारत-पाक विभाजन कब हुआ?

15 अगस्त 1947।

Q5. रैडक्लिफ़ आयोग का कार्य क्या था?

भारत-पाक सीमा का निर्धारण।

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