निर्वाचन लोकतंत्र की आत्मा है। जनता निर्वाचन के माध्यम से अपने प्रतिनिधियों का चयन करती है और सरकार का गठन होता है।
यदि निर्वाचन स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी न हो, तो लोकतंत्र कमजोर हो जाता है।
भारत में निर्वाचन प्रणाली को संविधान और निर्वाचन आयोग द्वारा सुदृढ़ बनाया गया है।
निर्वाचन से तात्पर्य (Meaning of Election)
निर्वाचन वह प्रक्रिया है जिसके माध्यम से नागरिक:
- अपने प्रतिनिधियों का चयन करते हैं
- सरकार के गठन में भाग लेते हैं
📌 सरल शब्दों में, निर्वाचन = जनता की इच्छा का लोकतांत्रिक प्रदर्शन।
निर्वाचन का संवैधानिक आधार
भारतीय संविधान में निर्वाचन से संबंधित प्रावधान निम्नलिखित हैं:
🔹 अनुच्छेद 324
- निर्वाचन आयोग की स्थापना
- चुनावों का संचालन, नियंत्रण और पर्यवेक्षण
🔹 अनुच्छेद 325
- सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार
- जाति, धर्म, लिंग के आधार पर भेदभाव नहीं
🔹 अनुच्छेद 326
- 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के नागरिकों को मताधिकार
सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार
भारत में:
- प्रत्येक नागरिक (18+) को वोट देने का अधिकार
- लिंग, धर्म, जाति, शिक्षा का कोई भेद नहीं
📌 यह लोकतंत्र की समानता की भावना को दर्शाता है।
निर्वाचन आयोग (Election Commission of India)
🔹 संरचना
- मुख्य निर्वाचन आयुक्त
- अन्य निर्वाचन आयुक्त
🔹 कार्य
- चुनाव कार्यक्रम घोषित करना
- मतदाता सूची तैयार करना
- राजनीतिक दलों को मान्यता देना
- आदर्श आचार संहिता लागू करना
- निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करना
📌 निर्वाचन आयोग एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था है।
भारत में निर्वाचन के प्रकार
1️⃣ लोकसभा निर्वाचन
- केंद्र सरकार के गठन हेतु
- 5 वर्ष का कार्यकाल
2️⃣ विधानसभा निर्वाचन
- राज्य सरकार के गठन हेतु
3️⃣ राष्ट्रपति एवं उपराष्ट्रपति निर्वाचन
- अप्रत्यक्ष निर्वाचन प्रणाली
4️⃣ स्थानीय निकाय निर्वाचन
- पंचायत और नगर निकाय चुनाव
निर्वाचन प्रणाली
भारत में एकल सदस्यीय क्षेत्र और साधारण बहुमत प्रणाली (First Past The Post System) अपनाई गई है।
📌 जो उम्मीदवार सबसे अधिक मत प्राप्त करता है, वही विजेता होता है।
निर्वाचन प्रक्रिया के चरण
- निर्वाचन की घोषणा
- नामांकन दाखिल करना
- नामांकन की जांच
- चुनाव प्रचार
- मतदान
- मतगणना
- परिणाम घोषणा
निर्वाचन में उपयोग होने वाली तकनीक
- इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM)
- VVPAT प्रणाली
- ऑनलाइन मतदाता सूची
📌 इससे पारदर्शिता और विश्वास बढ़ा है।
निष्पक्ष निर्वाचन के लिए उपाय
- आदर्श आचार संहिता
- चुनाव खर्च की सीमा
- पर्यवेक्षक नियुक्ति
- सुरक्षा बलों की तैनाती
निर्वाचन से जुड़ी समस्याएँ
- धनबल और बाहुबल
- फर्जी मतदान
- मतदाता उदासीनता
- चुनावी अपराध
📌 इन समस्याओं के समाधान के लिए सुधार आवश्यक हैं।
निर्वाचन सुधार
- NOTA का विकल्प
- EVM और VVPAT
- मतदाता जागरूकता अभियान
- चुनाव सुधार कानून
लोकतंत्र में निर्वाचन का महत्व
- सरकार की वैधता
- जनता की भागीदारी
- सत्ता परिवर्तन का शांतिपूर्ण तरीका
- उत्तरदायी शासन
निष्कर्ष (Conclusion)
निर्वाचन भारतीय लोकतंत्र का मूल आधार है। स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव न केवल सरकार को वैधता प्रदान करते हैं, बल्कि जनता के विश्वास को भी मजबूत करते हैं।
एक सशक्त लोकतंत्र के लिए मजबूत निर्वाचन प्रणाली अनिवार्य है।
FAQs (Frequently Asked Questions)
❓ निर्वाचन क्या है?
जनता द्वारा अपने प्रतिनिधियों के चयन की प्रक्रिया।
❓ भारत में निर्वाचन आयोग की स्थापना कब हुई?
25 जनवरी 1950।
❓ मताधिकार की न्यूनतम आयु क्या है?
18 वर्ष।
❓ भारत में कौन-सी निर्वाचन प्रणाली है?
First Past The Post System।
❓ आदर्श आचार संहिता क्या है?
चुनाव के दौरान राजनीतिक दलों के लिए आचरण नियम।
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