सरकार के अधिकार व दायित्व : अर्थ, संवैधानिक आधार और महत्व

लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था में सरकार केवल शासन करने वाली संस्था नहीं होती, बल्कि वह नागरिकों के अधिकारों की रक्षक और उनके कल्याण की जिम्मेदार भी होती है।
भारतीय संविधान ने सरकार को कुछ अधिकार (Powers) प्रदान किए हैं ताकि वह शासन चला सके और साथ ही कुछ दायित्व (Duties) भी सौंपे हैं ताकि शासन मनमाना न हो।

सरकार के अधिकार व दायित्व

सरकार के अधिकार और दायित्व लोकतंत्र की आत्मा माने जाते हैं।

सरकार के अधिकार एवं उत्तरदायित्व (Rights & Duties) लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था का संतुलन संवैधानिक अधिकार (Rights) ● कानून निर्माण और क्रियान्वयन ● कर (Tax) लगाने और वसूलने की शक्ति ● सार्वजनिक सुरक्षा हेतु बल प्रयोग ● संपत्ति का अनिवार्य अर्जन (Public Interest) शक्ति का स्रोत: संविधान के अनुच्छेद संवैधानिक दायित्व (Duties) ● मौलिक अधिकारों का संरक्षण ● कल्याणकारी राज्य (DPSP) की स्थापना ● अल्पसंख्यकों व वंचित वर्गों का विकास ● कानून के शासन की मर्यादा बनाए रखना लक्ष्य: सामाजिक और आर्थिक न्याय Governance Rights and Responsibilities Model | vikas singh | pdfnotes.in

सरकार से तात्पर्य: अर्थ, परिभाषा और अंग

सरल शब्दों में, सरकार व्यक्तियों का वह समूह है जो किसी देश या राज्य के प्रशासन को चलाने, कानून बनाने और उन्हें लागू करने के लिए जिम्मेदार होता है।

तुलना: राज्य (State) बनाम सरकार (Government) राजनीति विज्ञान की आधारभूत समझ विशेषता राज्य (State) सरकार (Government) प्रकृति अमूर्त और स्थायी संस्था मूर्त और अस्थायी संस्था सदस्यता सभी नागरिक सदस्य होते हैं केवल निर्वाचित/नियुक्त व्यक्ति शक्ति संप्रभुता राज्य में निहित है सरकार केवल शक्तियों का प्रयोग करती है क्षेत्र निश्चित भू-भाग अनिवार्य है सरकार का कोई भू-भाग नहीं होता Political Science Fundamental Concepts | vikas singh | pdfnotes.in

सरकार की परिभाषा

  • व्यापक अर्थ में: सरकार में वे सभी संस्थाएँ और व्यक्ति शामिल होते हैं जो सार्वजनिक नीतियों को बनाने और लागू करने में भाग लेते हैं।
  • संकीर्ण अर्थ में: सरकार का तात्पर्य केवल कार्यपालिका (Executive) से होता है, जो दैनिक शासन कार्यों के लिए जिम्मेदार होती है।

सरकार के तीन मुख्य अंग

लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकार के कार्यों को तीन विशिष्ट अंगों में विभाजित किया गया है, जो एक-दूसरे पर नियंत्रण और संतुलन (Checks and Balances) रखते हैं:

सरकार के तीन मुख्य अंग (Three Organs of Government) शक्तियों का पृथक्करण एवं नियंत्रण और संतुलन का सिद्धांत विधायिका (Legislature) कार्य: कानून बनाना ● संसद (लोकसभा, राज्यसभा) ● राज्य विधानमंडल ● बजट पारित करना ● कार्यपालिका पर नियंत्रण कार्यपालिका (Executive) कार्य: कानून लागू करना ● राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री ● मंत्रिपरिषद (Cabinet) ● नौकरशाही (IAS, IPS) ● प्रशासनिक निर्णय लेना न्यायपालिका (Judiciary) कार्य: व्याख्या व न्याय ● सुप्रीम कोर्ट (SC) ● हाई कोर्ट (HC) ● विवादों का समाधान ● संविधान की रक्षा Separation of Powers Model | vikas singh | pdfnotes.in
  1. विधायिका (Legislature): इसका मुख्य कार्य कानूनों का निर्माण करना है। भारत में संसद (केंद्र) और विधानमंडल (राज्य) इसके उदाहरण हैं।
  2. कार्यपालिका (Executive): इसका कार्य विधायिका द्वारा बनाए गए कानूनों को लागू करना और देश का शासन चलाना है। इसमें राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मंत्रिपरिषद और नौकरशाही शामिल होते हैं।
  3. न्यायपालिका (Judiciary): इसका कार्य कानूनों की व्याख्या करना और विवादों का निपटारा करना है। यह सुनिश्चित करती है कि शासन संविधान के अनुसार चले।

सरकार के प्रमुख लक्षण

  • संप्रभुता का प्रयोग: सरकार राज्य की संप्रभु शक्ति का उपयोग करके निर्णय लेती है।
  • निश्चित उद्देश्य: सरकार का लक्ष्य सार्वजनिक कल्याण, सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करना होता है।
  • कानूनी आधार: सरकार की शक्तियाँ संविधान या स्थापित कानूनों से प्राप्त होती हैं।
  • परिवर्तनशीलता: राज्य स्थायी होता है, जबकि सरकारें चुनाव और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के माध्यम से बदलती रहती हैं।

सरकार के अधिकार: अर्थ और प्रमुख शक्तियाँ

सरकार के अधिकार का अर्थ (Meaning of Government Rights)

सरकार के अधिकार उन विधिक (Legal) और संवैधानिक (Constitutional) शक्तियों को संदर्भित करते हैं, जिनका उपयोग सरकार देश का प्रशासन चलाने, कानून व्यवस्था बनाए रखने और सार्वजनिक कल्याण के लिए करती है।

  • शक्ति का स्रोत: लोकतांत्रिक देशों में सरकार अपनी शक्तियों का अंतिम स्रोत संविधान से प्राप्त करती है。
  • सीमित अधिकार: सरकार के अधिकार ‘असीमित’ नहीं होते; वे नागरिकों के मौलिक अधिकारों और न्यायपालिका की समीक्षा के अधीन होते हैं।
  • कार्यकारी रूप: सरकार राज्य (State) की इच्छाओं को मूर्त रूप देने वाली एक सक्रिय संस्था है।

सरकार के प्रमुख अधिकार (Major Rights of the Government)

भारतीय संविधान और विधि के अनुसार, सरकार के पास निम्नलिखित प्रमुख अधिकार और शक्तियाँ निहित हैं:

सरकार के प्रमुख अधिकार (Major Rights of Government) संवैधानिक एवं विधिक शक्तियों का वर्गीकरण वित्तीय अधिकार ● कर (Tax) लगाने की शक्ति ● बजट का प्रबंधन ● संचित निधि पर नियंत्रण कार्यकारी अधिकार ● कानूनों को लागू करना ● नियुक्तियाँ एवं प्रशासन ● विदेशी संबंधों का संचालन संप्रभु अधिकार ● शांति व सुरक्षा (पुलिस) ● संपत्ति अर्जन की शक्ति ● दंड देने का विधिक अधिकार Fundamental Rights and Duties of the Government | vikas singh | pdfnotes.in

विधायी अधिकार (Legislative Rights)

  • कानून निर्माण: समाज की आवश्यकताओं के अनुसार नए कानून बनाने और पुराने कानूनों में संशोधन करने का अधिकार।
  • अध्यादेश जारी करना: संसद के सत्र में न होने पर विशेष परिस्थितियों में राष्ट्रपति या राज्यपाल के माध्यम से अध्यादेश (Ordinance) लाने की शक्ति。

वित्तीय अधिकार (Financial Rights)

  • कराधान (Taxation): लोक कल्याण और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए जनता पर कर (Tax) लगाने और उसे वसूलने का अधिकार (अनुच्छेद 265)。
  • बजट प्रबंधन: देश के राजस्व और व्यय का विवरण (बजट) तैयार करना और उसे संसद से स्वीकृत कराने की शक्ति。

प्रशासनिक एवं कार्यकारी अधिकार (Executive Rights)

  • कानून लागू करना: विधायिका द्वारा बनाए गए कानूनों को धरातल पर क्रियान्वित करना。
  • नियुक्ति की शक्ति: उच्च अधिकारियों (जैसे जजों, चुनाव आयुक्तों, आयोग के सदस्यों) की नियुक्ति करने का अधिकार。
  • सार्वजनिक सुरक्षा: शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और सुरक्षा बलों के संचालन का अधिकार。

संपत्ति अर्जन का अधिकार (Right to Acquire Property)

  • सार्वजनिक हित (जैसे सड़क, रेलवे या अस्पताल निर्माण) के लिए उचित मुआवजा देकर किसी भी निजी संपत्ति को अधिग्रहित करने का अधिकार (अनुच्छेद 300A)。

न्यायिक और कूटनीतिक अधिकार

  • क्षमादान की शक्ति: विशेष मामलों में राष्ट्रपति और राज्यपाल को सजा कम करने या माफ करने का अधिकार होता है।
  • विदेशी संबंध: अन्य देशों के साथ संधि, समझौते और युद्ध या शांति की घोषणा करने का अनन्य अधिकार。

सरकार के दायित्व: अर्थ और प्रमुख कर्तव्य

सरकार के दायित्व का अर्थ (Meaning of Government Obligations)

सरकार के दायित्व का तात्पर्य उन उत्तरदायित्वों से है जो संविधान द्वारा सरकार पर नागरिकों के कल्याण, सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करने के लिए डाले गए हैं।

  • जवाबदेही: अधिकार शक्ति देते हैं, तो दायित्व उस शक्ति के प्रयोग को जवाबदेह (Accountable) बनाते हैं।
  • उद्देश्य: सरकार के दायित्वों का मुख्य उद्देश्य केवल शासन करना नहीं, बल्कि जनता के जीवन स्तर को ऊपर उठाना और सामाजिक-आर्थिक विषमता को कम करना है।
  • संवैधानिक स्रोत: भारत में सरकार के अधिकांश दायित्व संविधान के भाग IV (नीति निदेशक तत्व) और अनुच्छेद 21 (जीवन का अधिकार) से प्रेरित हैं।

सरकार के प्रमुख दायित्व (Major Obligations of the Government)

भारतीय राजव्यवस्था के तहत सरकार के प्रमुख कर्तव्यों को निम्नलिखित श्रेणियों में विभाजित किया जा सकता है:

सरकार के प्रमुख दायित्व (Major Obligations of Government) लोक कल्याणकारी राज्य की आधारभूत जिम्मेदारियाँ सुरक्षा एवं न्याय ● सीमा सुरक्षा (रक्षा) ● आंतरिक कानून व्यवस्था ● निष्पक्ष न्याय प्रणाली लोक कल्याण ● स्वास्थ्य एवं शिक्षा ● गरीबी एवं बेरोजगारी दूर करना ● सामाजिक न्याय (DPSP) संसाधन एवं पर्यावरण ● बुनियादी ढांचा निर्माण ● पर्यावरण का संरक्षण ● संसाधनों का समान वितरण Administrative Obligations of a Welfare State | vikas singh | pdfnotes.in

सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करना

  • बाहरी सुरक्षा: देश की सीमाओं की रक्षा करना और विदेशी आक्रमण से नागरिकों को बचाना।
  • आंतरिक शांति: कानून व्यवस्था बनाए रखना और अपराधियों को दंडित करना।
  • न्याय की सुलभता: यह सुनिश्चित करना कि गरीब और वंचित वर्गों को भी न्याय मिले (अनुच्छेद 39A के तहत मुफ्त कानूनी सहायता)।

सामाजिक और आर्थिक कल्याण (Welfare Obligations)

  • सार्वजनिक स्वास्थ्य: बीमारियों की रोकथाम और नागरिकों को सस्ती व बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करना (अनुच्छेद 47)।
  • शिक्षा: सभी के लिए शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराना (अनुच्छेद 21A और 45)।
  • गरीबी उन्मूलन: रोजगार के अवसर सृजित करना और भुखमरी को समाप्त करना।

अधिकारों का संरक्षण

  • मौलिक अधिकारों की रक्षा: नागरिकों के बोलने, रहने और धर्म की स्वतंत्रता को सुनिश्चित करना और किसी भी प्रकार के शोषण को रोकना।
  • अल्पसंख्यकों का संरक्षण: भाषाई और धार्मिक अल्पसंख्यकों के हितों की रक्षा करना।

बुनियादी ढांचा और पर्यावरण

  • लोक निर्माण: सड़क, बिजली, पानी और परिवहन जैसी बुनियादी सुविधाएं प्रदान करना।
  • पर्यावरण संरक्षण: वनों, वन्यजीवों और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करना (अनुच्छेद 48A)।

अधिकार और दायित्व के बीच संतुलन ही किसी भी सफल लोकतंत्र की असली पहचान है। जहाँ अधिकार सरकार को कार्य करने की शक्ति देते हैं, वहीं दायित्व और जवाबदेही यह सुनिश्चित करते हैं कि उस शक्ति का दुरुपयोग न हो।

अधिकार, दायित्व और जवाबदेही: एक संतुलित तंत्र

शासन का संतुलन: अधिकार, दायित्व एवं जवाबदेही लोकतांत्रिक सुशासन का आधारभूत ढांचा अधिकार (शक्तियाँ) दायित्व (कर्तव्य) जवाबदेही (उत्तरदायित्व) सुशासन Equilibrium of Democratic Governance | vikas singh | pdfnotes.in

अधिकार और दायित्व में संतुलन (Balance between Rights & Obligations)

लोकतंत्र में अधिकार और दायित्व एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। यदि सरकार के पास केवल अधिकार हों और दायित्व न हों, तो वह निरंकुश हो जाएगी। इसके विपरीत, यदि केवल दायित्व हों और अधिकार न हों, तो सरकार अक्षम हो जाएगी।

  • संवैधानिक संतुलन: संविधान सरकार को कर (Tax) लगाने का अधिकार देता है, तो साथ ही उस धन को लोक कल्याण में खर्च करने का दायित्व भी सौंपता है।
  • शक्ति का संयम: अनुच्छेद 14 (समानता) और अनुच्छेद 21 (जीवन का अधिकार) सरकार के अधिकारों पर अंकुश लगाते हैं ताकि वह अपने दायित्वों की सीमा न लांघे।

सरकार की जवाबदेही (Accountability)

जवाबदेही का अर्थ है कि सरकार अपने हर निर्णय और कार्य के लिए जनता और संविधान के प्रति उत्तरदायी है।

  • विधायी जवाबदेही: कार्यपालिका (मंत्रिपरिषद) अपने कार्यों के लिए लोकसभा/विधानसभा के प्रति जवाबदेह होती है。
  • न्यायिक जवाबदेही: न्यायपालिका ‘न्यायिक समीक्षा’ (Judicial Review) के माध्यम से सरकार के असंवैधानिक निर्णयों को रद्द कर सकती है。
  • सार्वजनिक जवाबदेही: सूचना का अधिकार (RTI), स्वतंत्र प्रेस और चुनाव के माध्यम से जनता सरकार से हिसाब मांगती है।

अधिकार और दायित्व के संतुलन का महत्व

  1. विधि के शासन की स्थापना: यह सुनिश्चित करता है कि कोई भी व्यक्ति या संस्था कानून से ऊपर नहीं है।
  2. मानवाधिकारों की सुरक्षा: संतुलित शासन में ही नागरिकों के मौलिक अधिकार सुरक्षित रहते हैं।
  3. सतत विकास: जब सरकार अपने वित्तीय अधिकारों का प्रयोग जिम्मेदारी से करती है, तभी देश का वास्तविक विकास होता है।
  4. जनता का विश्वास: जवाबदेही और पारदर्शिता से सरकार के प्रति नागरिकों का भरोसा बढ़ता है।

निष्कर्ष (Conclusion)

सरकार के अधिकार और दायित्व लोकतांत्रिक शासन की रीढ़ हैं। अधिकार सरकार को कार्य करने की शक्ति देते हैं, जबकि दायित्व उसे जनता के प्रति उत्तरदायी बनाते हैं।
भारतीय संविधान ने दोनों के बीच संतुलन स्थापित कर एक मजबूत लोकतंत्र की नींव रखी है।

परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

  1. भारत में सरकार की शक्तियों का एकमात्र स्रोत भारत का संविधान है।
  2. सरकार का प्राथमिक अधिकार कानून व्यवस्था बनाए रखना और संप्रभुता की रक्षा करना है।
  3. सरकार का प्राथमिक दायित्व एक ‘कल्याणकारी राज्य’ (Welfare State) की स्थापना करना है।
  4. अनुच्छेद 73 संघ की कार्यपालिका शक्ति के विस्तार को परिभाषित करता है।
  5. अनुच्छेद 162 राज्य की कार्यपालिका शक्ति के विस्तार का वर्णन करता है।
  6. शक्तियों का पृथक्करण (Separation of Powers) सरकार के अंगों के बीच संतुलन बनाता है।
  7. कराधान (Taxation) का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 265 से प्राप्त होता है।
  8. सरकार बिना कानूनी आधार के किसी भी व्यक्ति पर कर (Tax) नहीं लगा सकती।
  9. अनुच्छेद 299 के अनुसार, सरकार के सभी अनुबंध राष्ट्रपति या राज्यपाल के नाम पर होते हैं।
  10. अनुच्छेद 300 सरकार को कानूनी वाद (Sue) चलाने और उन पर वाद चलाए जाने का अधिकार देता है।
  11. भारत सरकार पर कानूनी कार्रवाई ‘यूनियन ऑफ इंडिया’ के नाम से की जाती है।
  12. राज्य सरकार पर कानूनी कार्रवाई संबंधित राज्य के नाम से की जाती है।
  13. अनुच्छेद 300A के तहत सरकार को लोकहित में संपत्ति अर्जन का अधिकार है।
  14. संपत्ति अर्जन के लिए सरकार को ‘उचित मुआवजा’ देना अनिवार्य है।
  15. राज्य के नीति निदेशक तत्व (DPSP) सरकार के नैतिक और प्रशासनिक दायित्वों का चार्टर हैं।
  16. अनुच्छेद 38 सरकार को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय सुनिश्चित करने का निर्देश देता है।
  17. अनुच्छेद 39A के तहत गरीबों को ‘निःशुल्क कानूनी सहायता’ देना सरकार का दायित्व है।
  18. ग्राम पंचायतों का संगठन करना सरकार का एक प्रमुख दायित्व है (अनुच्छेद 40)।
  19. नागरिकों के लिए समान नागरिक संहिता (UCC) का प्रयास करना सरकार का दायित्व है (अनुच्छेद 44)।
  20. 6 वर्ष से कम आयु के बच्चों की शिक्षा और देखभाल सरकार का कर्तव्य है (अनुच्छेद 45)।
  21. लोक स्वास्थ्य में सुधार करना अनुच्छेद 47 के तहत सरकार का उत्तरदायित्व है।
  22. अनुच्छेद 48A के तहत पर्यावरण, वनों और वन्यजीवों की रक्षा करना सरकार का दायित्व है।
  23. कार्यपालिका और न्यायपालिका का पृथक्करण अनुच्छेद 50 में वर्णित है।
  24. अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा को बढ़ावा देना संघ सरकार का दायित्व है (अनुच्छेद 51)।
  25. विधि का शासन (Rule of Law) सरकार की शक्तियों को सीमित और नियंत्रित करता है।
  26. सरकार की जवाबदेही (Accountability) सुनिश्चित करने के लिए RTI अधिनियम 2005 प्रभावी है।
  27. संसदात्मक व्यवस्था में मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से लोकसभा के प्रति उत्तरदायी होती है।
  28. कैग (CAG) सरकारी खर्चों की वित्तीय जवाबदेही की जाँच करता है।
  29. न्यायपालिका को सरकार के कार्यों की ‘न्यायिक समीक्षा’ (Judicial Review) का अधिकार है।
  30. ‘चेक एंड बैलेंस’ का सिद्धांत अधिकारों के दुरुपयोग को रोकता है।
  31. मौलिक अधिकारों का संरक्षण करना सरकार का सर्वोच्च संवैधानिक दायित्व है।
  32. आपातकाल के दौरान सरकार के अधिकार अत्यधिक विस्तृत हो जाते हैं।
  33. अनुच्छेद 352, 356 और 360 आपातकालीन शक्तियों का आधार हैं।
  34. सरकार के पास नए राज्यों के गठन और सीमाओं में परिवर्तन का अधिकार है (अनुच्छेद 3)।
  35. विदेशी संबंधों का संचालन करना केंद्र सरकार का अनन्य अधिकार है।
  36. युद्ध और शांति की घोषणा करने का अधिकार संघ सरकार के पास है।
  37. सार्वजनिक संपत्तियों की रक्षा करना सरकार का अनिवार्य दायित्व है।
  38. सामाजिक ऑडिट योजनाओं की जमीनी जवाबदेही तय करने का एक माध्यम है।
  39. शक्तियों का विकेंद्रीकरण (73वाँ व 74वाँ संशोधन) जवाबदेही को स्थानीय स्तर तक ले जाता है।
  40. आपदा के समय नागरिकों की रक्षा करना NDMA के माध्यम से सरकार का दायित्व है।
  41. समावेशी विकास (Inclusive Growth) सरकार का आर्थिक दायित्व है।
  42. ‘पारेन्स पेट्रिए’ का सिद्धांत सरकार को कमजोरों का कानूनी अभिभावक बनाता है।
  43. सरकार की शक्तियों का उपयोग हमेशा ‘लोकहित’ (Public Interest) में होना चाहिए।
  44. नौकरशाही (Bureaucracy) सरकार के दायित्वों को लागू करने का स्थायी तंत्र है।
  45. सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को प्राप्त करना सरकार का वैश्विक दायित्व है।
  46. सुशासन (Good Governance) का अर्थ पारदर्शिता और जवाबदेही है।
  47. लोकपाल और लोकायुक्त संस्थाएं सरकार की जवाबदेही तंत्र को मजबूत करती हैं।
  48. सरकार के वित्तीय अधिकारों पर संसद का नियंत्रण होता है।
  49. नागरिकों को बुनियादी सुविधाएं (बिजली, पानी, सड़क) देना सरकार का प्राथमिक कार्य है।

पिछले वर्षों के प्रश्न (PYQs)

  1. प्रश्न: भारत सरकार के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही किस नाम से शुरू की जा सकती है? (SSC CGL)
    • उत्तर: यूनियन ऑफ इंडिया (Union of India)।
  2. प्रश्न: भारतीय संविधान का कौन सा अनुच्छेद सरकार को लोकहित में संपत्ति अधिग्रहित करने की शक्ति देता है? (UPPSC)
    • उत्तर: अनुच्छेद 300A।
  3. प्रश्न: संविधान के किस भाग में सरकार के नीति निदेशक दायित्वों का वर्णन है? (BPSC)
    • उत्तर: भाग IV (अनुच्छेद 36-51)।
  4. प्रश्न: संसदात्मक शासन व्यवस्था में कार्यपालिका किसके प्रति उत्तरदायी होती है? (UPSC)
    • उत्तर: विधायिका (लोकसभा) के प्रति।
  5. प्रश्न: ‘समान नागरिक संहिता’ (UCC) का प्रावधान किस अनुच्छेद में है? (MPPSC)
    • उत्तर: अनुच्छेद 44।
  6. प्रश्न: केंद्र सरकार की कार्यपालिका शक्तियों का विस्तार किस अनुच्छेद में वर्णित है? (RRB NTPC)
    • उत्तर: अनुच्छेद 73।
  7. प्रश्न: सरकार के अनुबंधों (Contracts) से संबंधित संवैधानिक प्रावधान कौन सा है? (CDS)
    • उत्तर: अनुच्छेद 299।
  8. प्रश्न: पर्यावरण संरक्षण का दायित्व सरकार को किस अनुच्छेद के तहत दिया गया है? (UGC NET)
    • उत्तर: अनुच्छेद 48A।
  9. प्रश्न: लोक सेवा आयोगों की रिपोर्ट प्राप्त करना किसका संवैधानिक दायित्व है? (RAS)
    • उत्तर: राष्ट्रपति (केंद्र) और राज्यपाल (राज्य)।
  10. प्रश्न: ‘विधि का शासन’ सरकार की शक्तियों को कैसे प्रभावित करता है? (Mains Oriented)
    • उत्तर: यह शक्तियों को सीमित करता है और मनमानी कार्रवाई पर रोक लगाता है।

FAQs (Frequently Asked Questions)

सरकार के अधिकार क्या हैं?

वे शक्तियाँ जिनसे सरकार शासन और प्रशासन चलाती है।

सरकार के दायित्व क्या हैं?

नागरिकों के अधिकारों की रक्षा और कल्याण सुनिश्चित करना।

सरकार के अधिकारों की सीमा कौन तय करता है?

भारतीय संविधान और न्यायपालिका।

क्या सरकार मौलिक अधिकारों को निलंबित कर सकती है?

केवल आपातकाल में, वह भी सीमित रूप से।

सरकार क्यों जवाबदेह होती है?

क्योंकि भारत एक लोकतांत्रिक देश है।

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Vikas Singh

लेखक: विकास सिंह

विकास सिंह 15+ वर्षों के शिक्षण अनुभव वाले General Studies (GS) शिक्षक हैं। उन्होंने GS Faculty के रूप में कार्य किया है तथा दो बार UPSC Mains परीक्षा में सम्मिलित हो चुके हैं। वे भारतीय राजव्यवस्था, इतिहास, भूगोल और सामान्य विज्ञान के विशेषज्ञ हैं। वर्तमान में वे वाराणसी में अभ्यर्थियों का मार्गदर्शन कर रहे हैं और अपने YouTube चैनल Study2Study के माध्यम से शिक्षा जगत में योगदान दे रहे हैं।