भारतीय संविधान का निर्माण केवल एक कानूनी दस्तावेज तैयार करना नहीं था, बल्कि करोड़ों भारतीयों के सपनों को एक ढांचा देना था। एम. लक्ष्मीकांत (8th Edition) के नवीनतम तथ्यों के साथ, यह लेख आपको संविधान सभा की मांग से लेकर संविधान के लागू होने तक की पूरी विकास यात्रा पर ले जाएगा।
ऑडियो सारांश:संविधान का निर्माण (Making of the Constitution)
M. LAXMIKANTH 8TH EDITIONक्या आपके पास समय कम है? इस अध्याय के सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं को केवल 3-4 मिनट के ऑडियो सारांश में समझें। यह रिवीजन के लिए सबसे उत्तम है।

Table of Contents
संविधान सभा का गठन और मांग (The Demand & Composition)
भारतीय संविधान सभा का निर्माण अचानक नहीं हुआ, बल्कि इसके पीछे दशकों का वैचारिक संघर्ष और ब्रिटिश सरकार पर बनाया गया दबाव था।
1. संविधान सभा की मांग (The Demand)
- एम.एन. राय (1934): भारत में संविधान सभा के गठन का विचार पहली बार वामपंथी नेता एम.एन. राय ने रखा।
- कांग्रेस की मांग (1935): भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने पहली बार आधिकारिक रूप से एक स्वतंत्र संविधान सभा की मांग की।
- नेहरू की घोषणा (1938): जवाहरलाल नेहरू ने घोषणा की कि स्वतंत्र भारत का संविधान “वयस्क मताधिकार” के आधार पर चुनी गई सभा द्वारा बनाया जाएगा।
- ब्रिटिश स्वीकृति: इस मांग को पहली बार 1940 के ‘अगस्त प्रस्ताव’ में सैद्धांतिक रूप से स्वीकार किया गया।
2. संविधान सभा का गठन (Composition)
संविधान सभा का गठन नवंबर 1946 में कैबिनेट मिशन योजना (Cabinet Mission Plan) के तहत किया गया।
- कुल सदस्य संख्या: 389 (389)
- ब्रिटिश भारत: 296 सीटें (इनमें से 292 का चयन 11 गवर्नरों के प्रांतों से और 4 का चयन मुख्य आयुक्तों के प्रांतों से होना था)।
- देसी रियासतें: 93 सीटें (इनके प्रतिनिधियों का चयन रियासतों के प्रमुखों द्वारा मनोनीत किया जाना था)।
- सीटों का निर्धारण: प्रत्येक प्रांत और रियासत को उनकी जनसंख्या के अनुपात में सीटें दी गईं (मोटे तौर पर प्रति 10 लाख की आबादी पर एक सीट)।
- मताधिकार का स्वरूप: संविधान सभा के सदस्यों का चुनाव अप्रत्यक्ष रूप से प्रांतीय व्यवस्थापिका के सदस्यों द्वारा किया गया। अतः यह सभा आंशिक रूप से चुनी हुई और आंशिक रूप से नामांकित (Nominated) निकाय थी।
3. चुनाव परिणाम (जुलाई-अगस्त 1946)
ब्रिटिश भारत की 296 सीटों के लिए चुनाव हुए, जिनके परिणाम चौंकाने वाले थे:
- भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस: 208 सीटें
- मुस्लिम लीग: 73 सीटें
- छोटे समूह व स्वतंत्र: 15 सीटें
विशेष नोट (Updated Fact): यद्यपि संविधान सभा का चुनाव वयस्क मताधिकार के आधार पर नहीं हुआ था, फिर भी इसमें उस समय के भारतीय समाज के सभी वर्गों (हिंदू, मुस्लिम, सिख, पारसी, एंग्लो-इंडियन, दलित, अनुसूचित जनजाति) और महिलाओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिला था।
संविधान सभा की कार्यप्रणाली (Working of the Assembly)
कैबिनेट मिशन के सुझावों पर गठित होने के बाद, संविधान सभा की बैठकों का दौर शुरू हुआ, जिसने आधुनिक भारत के भविष्य की रूपरेखा तैयार की।
1. ऐतिहासिक बैठकें और अध्यक्ष
- प्रथम बैठक (9 दिसंबर 1946): संविधान सभा की पहली बैठक नई दिल्ली के काउंसिल चैंबर के पुस्तकालय भवन में हुई। मुस्लिम लीग ने इस बैठक का बहिष्कार किया।
- अस्थाई अध्यक्ष: फ्रांस की परंपरा का पालन करते हुए, सभा के सबसे वरिष्ठ सदस्य डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा को अस्थाई अध्यक्ष चुना गया।
- स्थाई अध्यक्ष (11 दिसंबर 1946): डॉ. राजेंद्र प्रसाद को निर्विरोध संविधान सभा का स्थाई अध्यक्ष निर्वाचित किया गया।
- उपाध्यक्ष: सभा के दो उपाध्यक्ष थे— एच.सी. मुखर्जी और वी.टी. कृष्णमाचारी।
- संवैधानिक सलाहकार: सर बी.एन. राव को सभा का कानूनी सलाहकार नियुक्त किया गया।
2. उद्देश्य प्रस्ताव (Objective Resolution)
13 दिसंबर 1946 को जवाहरलाल नेहरू ने सभा में ऐतिहासिक ‘उद्देश्य प्रस्ताव’ पेश किया। यह संविधान की संरचना के दर्शन और मार्गदर्शन का आधार था।
- मुख्य बातें: भारत एक स्वतंत्र, संप्रभु, गणराज्य होगा; सभी नागरिकों को न्याय, समानता और स्वतंत्रता की गारंटी होगी।
- स्वीकृति: इसे 22 जनवरी 1947 को सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया गया। यही प्रस्ताव आगे चलकर हमारे संविधान की ‘प्रस्तावना’ बना।
3. स्वतंत्रता अधिनियम (1947) द्वारा परिवर्तन
भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम, 1947 ने संविधान सभा की स्थिति में तीन बड़े बदलाव किए:
- पूर्ण संप्रभु निकाय: सभा अब अपनी इच्छा से कोई भी संविधान बना सकती थी और ब्रिटिश कानूनों को रद्द कर सकती थी।
- विधायिका के रूप में: अब सभा के पास दो कार्य थे— संविधान बनाना और देश के लिए आम कानून बनाना।
- जब यह ‘संविधान सभा’ के रूप में मिलती, तो अध्यक्षता डॉ. राजेंद्र प्रसाद करते।
- जब यह ‘विधायिका’ के रूप में मिलती, तो अध्यक्षता जी.वी. मावलंकर करते।
- मुस्लिम लीग की विदाई: पाकिस्तान में शामिल क्षेत्रों के सदस्य सभा से हट गए, जिससे सदस्य संख्या 389 से घटकर 299 रह गई।
4. अन्य महत्वपूर्ण कार्य और तिथियाँ
संविधान निर्माण के अलावा सभा ने कुछ अन्य राष्ट्रीय प्रतीकों को भी अपनाया:
- राष्ट्रीय ध्वज: 22 जुलाई 1947।
- राष्ट्रमंडल सदस्यता: मई 1949 में पुष्टि की।
- राष्ट्रीय गान और राष्ट्रीय गीत: 24 जनवरी 1950।
- प्रथम राष्ट्रपति: 24 जनवरी 1950 को डॉ. राजेंद्र प्रसाद को चुना गया।
रिवीजन टेबल: कार्यप्रणाली
| तिथि | महत्वपूर्ण घटना | मुख्य व्यक्तित्व |
| 9 दिसंबर 1946 | प्रथम बैठक | डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा |
| 11 दिसंबर 1946 | स्थाई अध्यक्ष का चुनाव | डॉ. राजेंद्र प्रसाद |
| 13 दिसंबर 1946 | उद्देश्य प्रस्ताव पेश | जवाहरलाल नेहरू |
| 22 जनवरी 1947 | उद्देश्य प्रस्ताव की स्वीकृति | संविधान सभा |
| 24 जनवरी 1950 | अंतिम बैठक | संपूर्ण सभा |
💡 विशेष नोट (Success Tip):
शिक्षक के नाते मैं आपको यह बताना चाहूँगा कि कई बार छात्र जी.वी. मावलंकर और राजेंद्र प्रसाद के बीच भ्रमित हो जाते हैं। याद रखें— संविधान बनाना एक अलग कार्य था और कानून बनाना अलग। मावलंकर जी ‘संसद’ के पहले अध्यक्ष के रूप में कार्य कर रहे थे।
प्रारूप समिति और संविधान का लागू होना (Drafting & Enactment)
संविधान सभा की सभी समितियों में प्रारूप समिति सबसे महत्वपूर्ण थी। इसका मुख्य कार्य नए संविधान का मसौदा तैयार करना था।
1. प्रारूप समिति का गठन और सदस्य
इस समिति का गठन 29 अगस्त 1947 को किया गया था। इसमें कुल 7 सदस्य थे:
- डॉ. बी.आर. अंबेडकर (अध्यक्ष) – जिन्हें ‘भारतीय संविधान का जनक’ और ‘आधुनिक मनु’ कहा जाता है।
- एन. गोपालस्वामी आयंगर
- अल्लादि कृष्णस्वामी अय्यर
- डॉ. के.एम. मुंशी (समिति में एकमात्र कांग्रेसी सदस्य)
- सैयद मोहम्मद सादुल्ला
- एन. माधव राव (इन्होंने बी.एल. मित्र की जगह ली, जिन्होंने स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा दिया था)।
- टी.टी. कृष्णमाचारी (इन्होंने 1948 में डी.पी. खेतान की मृत्यु के बाद उनकी जगह ली)।
💡 याद करने की ट्रिक (Trick): “अंबेडकर आए मित्र मुंशी के साथ, सादुल्ला कृष्णा खेत पर” (अंबेडकर, आयंगर, माधव राव (मित्र), मुंशी, सादुल्ला, कृष्णस्वामी, कृष्णमाचारी (खेत))
2. संविधान का वाचन और अंगीकार (Enactment)
प्रारूप समिति ने संविधान का पहला प्रारूप फरवरी 1948 में प्रकाशित किया। इसके बाद तीन महत्वपूर्ण वाचन (Readings) हुए:
- अंतिम वाचन: 14 नवंबर 1949 को शुरू हुआ।
- संविधान पारित: डॉ. अंबेडकर द्वारा पेश ‘The Constitution as settled by the Assembly be passed’ प्रस्ताव को 26 नवंबर 1949 को पारित घोषित किया गया।
- हस्ताक्षर: उस दिन उपस्थित 284 सदस्यों ने संविधान पर हस्ताक्षर किए।
- अंगीकृत संविधान: 26 नवंबर 1949 को अपनाए गए संविधान में 1 प्रस्तावना, 395 अनुच्छेद और 8 अनुसूचियां थीं।
3. संविधान का प्रवर्तन (Commencement)
यद्यपि संविधान 26 नवंबर 1949 को अपना लिया गया था, लेकिन इसके कुछ प्रावधान (जैसे- नागरिकता, चुनाव, अंतरिम संसद) तुरंत लागू हो गए थे। शेष संविधान 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ।
- 26 जनवरी ही क्यों?: क्योंकि इसी दिन 1930 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने ‘पूर्ण स्वराज दिवस’ मनाया था।
- गणतंत्र की शुरुआत: इस दिन के साथ ही ‘भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947’ और ‘भारत शासन अधिनियम 1935’ को समाप्त कर दिया गया।
तुलना तालिका: संविधान सभा की प्रमुख समितियाँ
| समिति का नाम | अध्यक्ष का नाम |
| प्रारूप समिति | डॉ. बी.आर. अंबेडकर |
| संघ शक्ति समिति | जवाहरलाल नेहरू |
| संघीय संविधान समिति | जवाहरलाल नेहरू |
| प्रांतीय संविधान समिति | सरदार वल्लभभाई पटेल |
| प्रक्रिया नियम समिति | डॉ. राजेंद्र प्रसाद |
| संचालन समिति (Steering) | डॉ. राजेंद्र प्रसाद |
| मौलिक अधिकार परामर्श समिति | सरदार वल्लभभाई पटेल |
| घटना | तिथि |
|---|---|
| पहली बैठक | 9 दिसंबर 1946 |
| उद्देश्य प्रस्ताव | 13 दिसंबर 1946 |
| Drafting Committee | 29 अगस्त 1947 |
| संविधान अंगीकार | 26 नवंबर 1949 |
| संविधान लागू | 26 जनवरी 1950 |
महत्वपूर्ण तथ्य (One-Liners For Quick Revision)
- भारत के लिए संविधान सभा का विचार पहली बार 1934 में एम.एन. राय (M.N. Roy) ने दिया था।
- 1935 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने पहली बार आधिकारिक रूप से संविधान सभा के गठन की मांग की।
- ब्रिटिश सरकार ने 1940 के ‘अगस्त प्रस्ताव’ में इस मांग को सैद्धांतिक रूप से स्वीकार किया।
- 1942 में सर स्टेफोर्ड क्रिप्स एक मसौदा प्रस्ताव लेकर भारत आए, जिसे मुस्लिम लीग ने ठुकरा दिया।
- अंततः, कैबिनेट मिशन योजना (1946) के तहत संविधान सभा का गठन किया गया।
- संविधान सभा की कुल सदस्य संख्या 389 निर्धारित की गई थी।
- इनमें से 296 सीटें ब्रिटिश भारत की थीं और 93 सीटें देसी रियासतों की थीं।
- संविधान सभा के चुनाव जुलाई-अगस्त 1946 में हुए, जिसमें कांग्रेस को 208 और मुस्लिम लीग को 73 सीटें मिलीं।
- संविधान सभा पूर्ण रूप से संप्रभु निकाय नहीं थी, लेकिन स्वतंत्रता अधिनियम 1947 के बाद यह एक संप्रभु निकाय बन गई।
- संविधान सभा का हाथी (Elephant) प्रतीक/मुहर (Seal) के रूप में अपनाया गया था।
- प्रेम बिहारी नारायण रायजादा संविधान के मुख्य ‘सुलेखक’ (Italic Style) थे।
- मूल संविधान का हिंदी संस्करण वसंत कृष्ण वैद्य द्वारा लिखा गया था।
- संविधान सभा ने मई 1949 में राष्ट्रमंडल (Commonwealth) में भारत की सदस्यता की पुष्टि की।
- 24 जनवरी 1950 को ही ‘राष्ट्रीय गान’ और ‘राष्ट्रीय गीत’ को अपनाया गया था।
- संविधान सभा की पहली बैठक 9 दिसंबर, 1946 को हुई।
- सच्चिदानंद सिन्हा को सभा का ‘अस्थाई अध्यक्ष’ चुना गया।
- डॉ. राजेंद्र प्रसाद को 11 दिसंबर 1946 को ‘स्थाई अध्यक्ष’ चुना गया।
- सभा के दो उपाध्यक्ष थे: एच.सी. मुखर्जी और वी.टी. कृष्णमाचारी।
- सर बी.एन. राव को सभा का ‘संवैधानिक सलाहकार’ नियुक्त किया गया।
- 13 दिसंबर 1946 को जवाहरलाल नेहरू ने ऐतिहासिक ‘उद्देश्य प्रस्ताव’ पेश किया।
- इसी उद्देश्य प्रस्ताव ने संविधान की संरचना का आधार तैयार किया और बाद में यह ‘प्रस्तावना’ बना।
- उद्देश्य प्रस्ताव को 22 जनवरी 1947 को सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया गया।
- संविधान सभा ने 22 जुलाई 1947 को ‘राष्ट्रीय ध्वज’ को अपनाया।
- भारत के संविधान को बनाने में कुल 2 साल, 11 महीने और 18 दिन लगे।
- इस दौरान कुल 11 अधिवेशन (Sessions) हुए और 60 देशों के संविधानों का अवलोकन किया गया।
- संविधान के प्रारूप पर कुल 114 दिनों तक चर्चा हुई।
- प्रारूप समिति (Drafting Committee) का गठन 29 अगस्त 1947 को हुआ था।
- इसमें कुल 7 सदस्य थे और इसके अध्यक्ष डॉ. बी.आर. अंबेडकर थे।
- डॉ. अंबेडकर को ‘भारतीय संविधान का जनक’ (Father of Indian Constitution) कहा जाता है।
- संविधान का अंतिम प्रारूप 4 नवंबर 1948 को पेश किया गया।
- 26 नवंबर 1949 को संविधान को अपनाया (Adopt) और पारित किया गया।
- इसी कारण 26 नवंबर को ‘संविधान दिवस’ के रूप में मनाया जाता है।
- 26 नवंबर 1949 को अपनाए गए संविधान में 1 प्रस्तावना, 395 अनुच्छेद और 8 अनुसूचियां थीं।
- संविधान सभा की अंतिम बैठक 24 जनवरी 1950 को हुई।
- इसी दिन डॉ. राजेंद्र प्रसाद को भारत के पहले राष्ट्रपति के रूप में चुना गया।
- संविधान को पूर्ण रूप से 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया (इसे ‘गणतंत्र दिवस’ के रूप में मनाया जाता है)।
- 26 जनवरी का दिन इसलिए चुना गया क्योंकि 1930 में इसी दिन ‘पूर्ण स्वराज दिवस’ मनाया गया था।
- संविधान सभा का हाथी (Elephant) प्रतीक/मुहर (Seal) के रूप में अपनाया गया था।
- प्रेम बिहारी नारायण रायजादा संविधान के मुख्य ‘सुलेखक’ (Italic Style) थे।
- मूल संविधान का हिंदी संस्करण वसंत कृष्ण वैद्य द्वारा लिखा गया था।
- संविधान सभा ने मई 1949 में राष्ट्रमंडल (Commonwealth) में भारत की सदस्यता की पुष्टि की।
- 24 जनवरी 1950 को ही ‘राष्ट्रीय गान’ और ‘राष्ट्रीय गीत’ को अपनाया गया था।
निष्कर्ष: शिक्षक की दृष्टि से
शिक्षक के नाते, मैं आपसे यही कहूँगा कि संविधान का निर्माण केवल एक ऐतिहासिक घटना नहीं, बल्कि एक ‘जीवंत प्रयोग’ है। परीक्षा में बैठने वाले छात्रों को बैठकों की तिथियों और समितियों के अध्यक्षों पर विशेष ध्यान देना चाहिए। 8वें संस्करण में दिए गए ‘सुलेखकों’ और ‘प्रतीकों’ जैसे छोटे तथ्य अब स्टेट पीसीएस परीक्षाओं के लिए बहुत महत्वपूर्ण हो गए हैं।
- “संविधान को पढ़ना देश को समझना है।”
महत्वपूर्ण प्रश्न (PYQ)
प्रश्न 1. संविधान सभा का गठन किस योजना के अंतर्गत हुआ? (UPSC)
(A) अगस्त प्रस्ताव
(B) क्रिप्स मिशन
(C) कैबिनेट मिशन योजना
(D) माउंटबेटन योजना
✅ उत्तर: (C) कैबिनेट मिशन योजना (1946)
प्रश्न 2.संविधान सभा की पहली बैठक कब हुई? (SSC CGL)
(A) 15 अगस्त 1947
(B) 9 दिसंबर 1946
(C) 26 नवंबर 1949
(D) 24 जनवरी 1950
✅ उत्तर: (B) 9 दिसंबर 1946
प्रश्न 3.‘उद्देश्य प्रस्ताव’ (Objective Resolution) किसने प्रस्तुत किया? (UPPSC)
(A) डॉ. बी.आर. अंबेडकर
(B) डॉ. राजेंद्र प्रसाद
(C) जवाहरलाल नेहरू
(D) सरदार पटेल
✅ उत्तर: (C) जवाहरलाल नेहरू
प्रश्न 4. प्रारूप समिति (Drafting Committee) का गठन कब हुआ? (Railway)
(A) 9 दिसंबर 1946
(B) 29 अगस्त 1947
(C) 26 नवंबर 1949
(D) 24 जनवरी 1950
✅ उत्तर: (B) 29 अगस्त 1947
प्रश्न 5. भारतीय संविधान को अपनाया (Adopt) कब गया? (UPSC)
(A) 15 अगस्त 1947
(B) 26 नवंबर 1949
(C) 26 जनवरी 1950
(D) 24 जनवरी 1950
✅ उत्तर: (B) 26 नवंबर 1949
प्रश्न 6. संविधान सभा को संप्रभु निकाय कब माना गया? (State PCS)
(A) 9 दिसंबर 1946
(B) 15 अगस्त 1947
(C) 26 नवंबर 1949
(D) 26 जनवरी 1950
✅ उत्तर: (B) 15 अगस्त 1947 के बाद (स्वतंत्रता अधिनियम 1947)
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
प्रश्न 1: संविधान सभा का गठन किस योजना के अंतर्गत हुआ था?
संविधान सभा का गठन 1946 की कैबिनेट मिशन योजना के अंतर्गत हुआ था।
प्रश्न 2: संविधान सभा की पहली बैठक कब हुई थी?
संविधान सभा की पहली बैठक 9 दिसंबर 1946 को हुई थी।
प्रश्न 3: संविधान सभा के अस्थायी अध्यक्ष कौन थे?
सच्चिदानंद सिन्हा संविधान सभा के अस्थायी अध्यक्ष थे।
प्रश्न 4: संविधान सभा के स्थायी अध्यक्ष कौन चुने गए थे?
डॉ. राजेंद्र प्रसाद 11 दिसंबर 1946 को स्थायी अध्यक्ष चुने गए थे।
प्रश्न 5: उद्देश्य प्रस्ताव (Objective Resolution) किसने प्रस्तुत किया था?
13 दिसंबर 1946 को जवाहरलाल नेहरू ने उद्देश्य प्रस्ताव प्रस्तुत किया था।
प्रश्न 6: प्रारूप समिति (Drafting Committee) का गठन कब हुआ था?
प्रारूप समिति का गठन 29 अगस्त 1947 को हुआ था।
प्रश्न 7: प्रारूप समिति के अध्यक्ष कौन थे?
प्रारूप समिति के अध्यक्ष डॉ. बी.आर. अंबेडकर थे।
प्रश्न 8: भारतीय संविधान को कब अपनाया गया था?
भारतीय संविधान को 26 नवंबर 1949 को अपनाया गया था।
प्रश्न 9: भारतीय संविधान कब लागू हुआ था?
भारतीय संविधान 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ था।
प्रश्न 10: संविधान निर्माण में कितना समय लगा था?
संविधान निर्माण में कुल 2 वर्ष 11 माह 18 दिन का समय लगा था।
प्रश्न 11: संविधान सभा के कुल कितने सदस्य थे?
संविधान सभा में कुल 389 सदस्य निर्धारित किए गए थे।
प्रश्न 12: 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू करने का कारण क्या था?
26 जनवरी 1930 को पूर्ण स्वराज दिवस मनाया गया था, इसलिए उसी तिथि को संविधान लागू किया गया।
