भाग 1: भारत के द्वीप समूह (Islands of India)
- भारत के पास कुल द्वीपों की संख्या लगभग 1,208 है (बड़े और छोटे मिलाकर)।
- भारत के प्रमुख द्वीप समूह दो भागों में विभाजित हैं: अंडमान और निकोबार तथा लक्षद्वीप।
- अंडमान और निकोबार द्वीप समूह: यह बंगाल की खाड़ी में स्थित है।
- इस द्वीप समूह का निर्माण हिमालय पर्वत श्रेणी (अराकान योमा) के समुद्र में डूबने से हुआ है।
- अंडमान और निकोबार की राजधानी पोर्ट ब्लेयर (दक्षिण अंडमान) में स्थित है।
- 10 डिग्री चैनल अंडमान को निकोबार द्वीप समूह से अलग करता है।
- अंडमान द्वीप समूह का सबसे उत्तरी द्वीप लैंडफॉल द्वीप है।
- सैडल पीक (Saddle Peak): अंडमान द्वीप समूह की सबसे ऊँची चोटी (उत्तरी अंडमान) है।
- भारत का एकमात्र सक्रिय ज्वालामुखी बैरन द्वीप मध्य अंडमान के पूर्व में स्थित है।
- नारकोंडम द्वीप: अंडमान में स्थित एक सुप्त (Dormant) ज्वालामुखी है।
- डंकन पास (Duncan Passage): दक्षिण अंडमान और लिटिल अंडमान के बीच स्थित है।
- काला पानी: सेलुलर जेल पोर्ट ब्लेयर में स्थित है, जहाँ स्वतंत्रता सेनानियों को रखा जाता था।
- निकोबार द्वीप समूह की सबसे ऊँची चोटी माउंट थुलियर है।
- भारत का सबसे दक्षिणी बिंदु इंदिरा पॉइंट (ग्रेट निकोबार) में स्थित है।
- इंदिरा पॉइंट को पहले पिग्मेलियन पॉइंट के नाम से जाना जाता था।
- ग्रेट चैनल (Grand Channel): ग्रेट निकोबार को इंडोनेशिया के सुमात्रा द्वीप से अलग करता है।
- रॉस द्वीप का नया नाम ‘नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वीप’ रखा गया है।
- नील द्वीप का नया नाम ‘शहीद द्वीप’ और हैवलॉक द्वीप का नाम ‘स्वराज द्वीप’ रखा गया है।
- लक्षद्वीप समूह: यह अरब सागर में स्थित है।
- लक्षद्वीप का निर्माण प्रवाल भित्तियों (Coral Reefs) द्वारा हुआ है।
- लक्षद्वीप में कुल 36 द्वीप हैं, जिनमें से केवल 10 पर आबादी रहती है।
- लक्षद्वीप की राजधानी कवरत्ती है।
- लक्षद्वीप का सबसे बड़ा द्वीप एंड्रॉट (Andrott) है।
- 9 डिग्री चैनल: मुख्य लक्षद्वीप को मिनिकॉय द्वीप से अलग करता है।
- 8 डिग्री चैनल: मिनिकॉय द्वीप को मालदीव (देश) से अलग करता है।
- मिनिकॉय लक्षद्वीप का सबसे दक्षिणी और दूसरा सबसे बड़ा द्वीप है।
- लक्षद्वीप का पिटली द्वीप एक पक्षी अभयारण्य है, जहाँ कोई मनुष्य नहीं रहता।
- अगत्ती द्वीप: लक्षद्वीप का एकमात्र द्वीप जहाँ हवाई अड्डा स्थित है।
- व्हीलर द्वीप (ओडिशा): इसका नया नाम ‘एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप’ है, यहाँ से मिसाइल परीक्षण किए जाते हैं।
- श्रीहरिकोटा (आंध्र प्रदेश): यह पुलिकट झील के पास स्थित है, यहाँ सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र है।
- पंबन द्वीप (तमिलनाडु): भारत और श्रीलंका के बीच स्थित है, यहाँ प्रसिद्ध रामेश्वरम मंदिर है।
- पंबन द्वीप को रामेश्वरम द्वीप भी कहा जाता है।
- साल्सेट द्वीप: इस द्वीप पर मुंबई शहर बसा हुआ है।
- एलिफेंटा द्वीप: मुंबई के पास स्थित है, जो अपनी गुफाओं के लिए प्रसिद्ध है।
- मजुली द्वीप (असम): दुनिया का सबसे बड़ा नदी द्वीप, जो ब्रह्मपुत्र नदी पर स्थित है।
- न्यू मूर द्वीप: गंगा-ब्रह्मपुत्र डेल्टा के मुहाने पर भारत और बांग्लादेश के बीच विवादित था।
- सागर द्वीप: पश्चिम बंगाल में हुगली नदी के मुहाने पर स्थित एक पवित्र द्वीप है।
- दमन और दीव: खंभात की खाड़ी के पास स्थित द्वीप हैं।
- कच्छ द्वीप (Kachchatheevu): भारत और श्रीलंका के बीच विवादित द्वीप जो भारत ने श्रीलंका को सौंप दिया।
- भारत के समुद्री द्वीपों की सुरक्षा के लिए ‘त्रि-सेवा कमान’ (Tri-services Command) पोर्ट ब्लेयर में है।
भाग 2: भारत का मरुस्थल (The Indian Desert)
- भारत के विशाल मरुस्थल को ‘थार मरुस्थल’ (Thar Desert) कहा जाता है।
- थार मरुस्थल को ‘महान भारतीय मरुस्थल’ (Great Indian Desert) भी कहते हैं।
- इसका विस्तार मुख्य रूप से राजस्थान (61%), पंजाब, हरियाणा और गुजरात में है।
- थार मरुस्थल विश्व का सर्वाधिक जनसंख्या घनत्व वाला मरुस्थल है।
- अरावली पर्वतमाला थार मरुस्थल के पूर्व में स्थित है और वर्षा को यहाँ आने से रोकती है।
- थार मरुस्थल में बहने वाली सबसे प्रमुख नदी लूनी है।
- लूनी नदी कच्छ के रण में जाकर लुप्त हो जाती है, इसे ‘अन्तःप्रवाही नदी’ कहते हैं।
- बरखान (Barchans): मरुस्थल में पाए जाने वाले अर्ध-चंद्राकार रेत के टीलों को कहते हैं।
- थार मरुस्थल में होने वाली औसत वार्षिक वर्षा 25 सेमी से भी कम होती है।
- मरुस्थल में उगने वाली कँटीली झाड़ियों और वनस्पतियों को ‘मरुद्भिद’ (Xerophytes) कहा जाता है।
- इंदिरा गांधी नहर: यह विश्व की सबसे लंबी सिंचाई नहर है जो थार मरुस्थल को पानी देती है।
- इस नहर का उद्गम पंजाब के हरिके बैराज (सतलज और ब्यास का संगम) से होता है।
- थार मरुस्थल में स्थित खारे पानी की सबसे बड़ी झील सांभर झील है।
- डीडवाना और लूणकरणसर मरुस्थल की अन्य प्रमुख खारी झीलें हैं।
- मरुस्थल में पाए जाने वाले उपजाऊ क्षेत्र को ‘नखलिस्तान’ (Oasis) कहा जाता है।
- थार मरुस्थल के रेतीले मैदान को स्थानीय भाषा में ‘मारवाड़’ कहा जाता है।
- कच्छ का रण (गुजरात): यह भारत का सबसे बड़ा नमकीन मरुस्थल (Salt Desert) है।
- कच्छ के रण को ‘सफेद मरुस्थल’ भी कहा जाता है।
- कच्छ का रण ‘जंगली गधों’ (Indian Wild Ass) के एकमात्र प्राकृतिक आवास के लिए प्रसिद्ध है।
- लद्दाख (शीत मरुस्थल): लद्दाख को भारत का ‘ठंडा मरुस्थल’ (Cold Desert) कहा जाता है