I. संवैधानिक प्रावधान और विकास
- NCSC (SC आयोग): इसका वर्णन संविधान के अनुच्छेद 338 में है।
- NCST (ST आयोग): इसका वर्णन संविधान के अनुच्छेद 338-A में है।
- NCBC (OBC आयोग): इसका वर्णन संविधान के अनुच्छेद 338-B में है।
- मूल रूप से, अनुच्छेद 338 के तहत SC और ST के लिए केवल एक ही विशेष अधिकारी का प्रावधान था।
- 65वां संशोधन (1990): इसने एक सदस्यीय अधिकारी के स्थान पर बहु-सदस्यीय ‘राष्ट्रीय SC एवं ST आयोग’ की स्थापना की।
- 89वां संशोधन (2003): इसने ‘राष्ट्रीय SC एवं ST आयोग’ को दो भागों में विभाजित कर दिया (NCSC और NCST)।
- पृथक ‘राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग’ (NCST) 2004 में अस्तित्व में आया।
- 102वां संशोधन (2018): इसने ‘राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग’ (NCBC) को संवैधानिक दर्जा प्रदान किया।
II. संरचना और सेवा शर्तें
- तीनों आयोगों में एक अध्यक्ष, एक उपाध्यक्ष और तीन अन्य सदस्य होते हैं।
- इनकी नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा अपने हस्ताक्षर और मुहर लगे अधिपत्र (Warrant) के माध्यम से की जाती है।
- इनके कार्यकाल और सेवा की शर्तें राष्ट्रपति द्वारा निर्धारित की जाती हैं।
- वर्तमान नियमों के अनुसार, इनका कार्यकाल 3 वर्ष का होता है।
- अध्यक्ष को केंद्रीय कैबिनेट मंत्री और उपाध्यक्ष को राज्य मंत्री का दर्जा प्राप्त होता है।
- सदस्य दो से अधिक कार्यकाल (Terms) के लिए नियुक्ति के पात्र नहीं होते।
III. कार्य और शक्तियाँ
- मुख्य कार्य: SC, ST और OBC के संवैधानिक संरक्षण से संबंधित सभी मामलों की जांच और निगरानी करना।
- उनके अधिकारों के हनन की विशेष शिकायतों की जांच करना।
- उनकी सामाजिक-आर्थिक विकास योजना की प्रक्रिया में भाग लेना और सलाह देना।
- रिपोर्ट: आयोग अपनी वार्षिक रिपोर्ट राष्ट्रपति को सौंपते हैं।
- यदि कोई मामला राज्य सरकार से संबंधित है, तो राष्ट्रपति वह रिपोर्ट संबंधित राज्यपाल को भेजते हैं।
- न्यायिक शक्ति: किसी मामले की जांच करते समय आयोग को ‘सिविल कोर्ट’ (Civil Court) की शक्तियाँ प्राप्त होती हैं।
- आयोग किसी भी व्यक्ति को समन जारी कर सकता है और शपथ पर उसकी जांच कर सकता है।
- केंद्र और राज्य सरकारों के लिए SC, ST और OBC को प्रभावित करने वाले सभी नीतिगत मामलों पर संबंधित आयोग से परामर्श (Consult) करना अनिवार्य है।
- Anglo-Indians: 2020 तक NCSC एंग्लो-इंडियन समुदाय के अधिकारों की भी रक्षा करता था।
तुलनात्मक तालिका (Comparison Table)
| आधार | SC आयोग (NCSC) | ST आयोग (NCST) | OBC आयोग (NCBC) |
| अनुच्छेद | 338 | 338-A | 338-B |
| संशोधन | 65वां (1990) | 89वां (2003) | 102वां (2018) |
| स्थापना वर्ष | 2004 (पृथक रूप में) | 2004 | 2018 (संवैधानिक रूप में) |
| संरचना | 1 अध्यक्ष + 1 उपाध्यक्ष + 3 सदस्य | 1 अध्यक्ष + 1 उपाध्यक्ष + 3 सदस्य | 1 अध्यक्ष + 1 उपाध्यक्ष + 3 सदस्य |
| नियुक्ति | राष्ट्रपति द्वारा | राष्ट्रपति द्वारा | राष्ट्रपति द्वारा |
| शक्तियाँ | सिविल कोर्ट की शक्तियाँ | सिविल कोर्ट की शक्तियाँ | सिविल कोर्ट की शक्तियाँ |
| कार्यकाल | 3 वर्ष | 3 वर्ष | 3 वर्ष |
संवैधानिक निकाय तैयारी @mypdfnotes
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