विश्व इतिहास: धर्म सुधार आंदोलन (Reformation) – महत्वपूर्ण One-liners | World History Notes

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1️⃣ धर्म सुधार आंदोलन क्या था?

धर्म सुधार आंदोलन 16वीं शताब्दी में यूरोप में हुआ एक धार्मिक आंदोलन था, जिसका उद्देश्य रोमन कैथोलिक चर्च की भ्रष्ट प्रथाओं का विरोध और ईसाई धर्म में सुधार करना था।

  • काल: 16वीं शताब्दी
  • क्षेत्र: यूरोप
  • केंद्र: जर्मनी

2️⃣ धर्म सुधार आंदोलन के कारण

🔹 धार्मिक कारण

  • चर्च में भ्रष्टाचार
  • पादरियों का नैतिक पतन
  • पापमोचन पत्रों (Indulgences) की बिक्री

🔹 राजनीतिक कारण

  • चर्च की अत्यधिक शक्ति
  • राष्ट्रीय राजाओं का विरोध

🔹 आर्थिक कारण

  • चर्च की विशाल संपत्ति
  • करों और चढ़ावे का बोझ

🔹 बौद्धिक कारण

  • पुनर्जागरण (Renaissance) का प्रभाव
  • मानवतावाद का प्रसार
  • मुद्रण कला का विकास

3️⃣ मार्टिन लूथर और 95 सूत्र (1517)

  • मार्टिन लूथर जर्मनी के पादरी थे।
  • 1517 में उन्होंने 95 सूत्र (95 Theses) प्रकाशित किए।
  • उन्होंने पापमोचन पत्रों की आलोचना की।
  • “विश्वास से मुक्ति” (Justification by Faith) का सिद्धांत दिया।

➡ 1517 को धर्म सुधार आंदोलन की शुरुआत माना जाता है।


4️⃣ प्रमुख सुधारक (Important Reformers)

सुधारकदेशयोगदान
मार्टिन लूथरजर्मनीलूथरन चर्च
जॉन कैल्विनस्विट्ज़रलैंडकैल्विनवाद
उलरिख ज़्विंगलीस्विट्ज़रलैंडचर्च सुधार
हेनरी VIIIइंग्लैंडएंग्लिकन चर्च

5️⃣ प्रमुख सिद्धांत

  • बाइबल सर्वोच्च धार्मिक ग्रंथ है।
  • पोप की सत्ता अस्वीकार्य है।
  • कर्मकांडों का विरोध।
  • धर्म व्यक्तिगत आस्था पर आधारित।
  • चर्च और राज्य को अलग किया जाए।

6️⃣ प्रोटेस्टेंट चर्च का उदय

  • कैथोलिक चर्च से अलग हुए ईसाई प्रोटेस्टेंट कहलाए।
  • लूथरन, कैल्विनिस्ट, एंग्लिकन प्रमुख शाखाएँ बनीं।
  • यूरोप धार्मिक रूप से विभाजित हो गया।

7️⃣ कैथोलिक सुधार आंदोलन (Counter-Reformation)

  • उद्देश्य: कैथोलिक चर्च की स्थिति मजबूत करना।
  • ट्रेंट परिषद (1545–1563) आयोजित हुई।
  • जेसुइट संघ (Society of Jesus) की स्थापना हुई।
  • चर्च में अनुशासन और शिक्षा पर जोर।

8️⃣ धर्म सुधार आंदोलन के प्रभाव

✔ धार्मिक प्रभाव

  • ईसाई धर्म का विभाजन
  • पोप की शक्ति में कमी

✔ राजनीतिक प्रभाव

  • राष्ट्रीय राज्यों की शक्ति बढ़ी
  • राजाओं की स्वतंत्रता बढ़ी

✔ सामाजिक प्रभाव

  • शिक्षा का प्रसार
  • व्यक्तिगत विवेक को महत्व

✔ आर्थिक प्रभाव

  • पूँजीवाद को बढ़ावा
  • चर्च की संपत्ति पर राज्य का अधिकार

9️⃣ धर्म युद्ध (Religious Wars)

  • यूरोप में कैथोलिक–प्रोटेस्टेंट संघर्ष
  • तीस वर्षीय युद्ध (1618–1648)
  • वेस्टफेलिया की संधि (1648)

➡ धार्मिक सहिष्णुता की शुरुआत


🔟 परीक्षा उपयोगी One-liners (Quick Revision)

  • धर्म सुधार आंदोलन 16वीं शताब्दी में हुआ।
  • मार्टिन लूथर को धर्म सुधार आंदोलन का जनक कहा जाता है।
  • 1517 में 95 सूत्र प्रकाशित किए गए।
  • पापमोचन पत्रों का विरोध हुआ।
  • प्रोटेस्टेंट चर्च का उदय हुआ।
  • ट्रेंट परिषद कैथोलिक सुधार से जुड़ी है।
  • वेस्टफेलिया संधि ने धार्मिक युद्ध समाप्त किए।