फासीवाद और नाजीवाद: मुसोलिनी और हिटलर के उदय का इतिहास | World History Notes

प्रथम विश्व युद्ध के बाद यूरोप की राजनीति में दो अत्यंत प्रभावशाली और विनाशकारी विचारधाराओं का उदय हुआ— फासीवाद (Fascism) और नाजीवाद (Nazism)। ये दोनों विषय UPSC, SSC और विश्व इतिहास के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं।

यहाँ इनके मुख्य अंतर, विचारधारा और प्रभाव पर विस्तृत नोट्स दिए गए हैं:


फासीवाद और नाजीवाद: मुसोलिनी और हिटलर का उदय

प्रथम विश्व युद्ध की समाप्ति और वर्साय की संधि के अपमानजनक प्रावधानों ने इटली और जर्मनी में अधिनायकवाद (Dictatorship) की नींव रखी।

1. फासीवाद: बेनिटो मुसोलिनी (इटली)

फासीवाद शब्द इतालवी शब्द ‘Fascio’ से बना है, जिसका अर्थ है “लकड़ियों का गट्ठर और कुल्हाड़ी” (एकता और शक्ति का प्रतीक)।

उदय के कारण:

  • वर्साय की संधि से निराशा: युद्ध जीतने के बावजूद इटली को वे क्षेत्र नहीं मिले जिसका वादा किया गया था।
  • आर्थिक संकट: युद्ध के बाद इटली में बेरोजगारी और महंगाई चरम पर थी।
  • साम्यवाद का डर: मुसोलिनी ने अमीर वर्ग को डर दिखाया कि इटली में रूस जैसी क्रांति हो सकती है।

मुसोलिनी की विचारधारा और कार्य:

  • उसने ‘National Fascist Party’ की स्थापना की।
  • उसके अनुयायी ‘काली कमीज’ (Black Shirts) पहनते थे।
  • नारा: “सब कुछ राज्य के भीतर है, राज्य के बाहर कुछ नहीं, राज्य के विरुद्ध कुछ नहीं।”
  • उसने 1922 में ‘रोम मार्च’ किया और सत्ता पर कब्जा कर लिया।

2. नाजीवाद: एडोल्फ हिटलर (जर्मनी)

नाजीवाद फासीवाद का ही एक अधिक उग्र और नस्लवादी रूप था।

उदय के कारण:

  • वर्साय की संधि का अपमान: जर्मनी पर थोपी गई संधि को हिटलर ने “राष्ट्र के सीने में खंजर” कहा।
  • वाइमर गणराज्य की विफलता: युद्ध के बाद बनी जर्मन सरकार आर्थिक संकट (Hyperinflation) को संभालने में नाकाम रही।
  • हिटलर का व्यक्तित्व: हिटलर एक जबरदस्त वक्ता था, जिसने जर्मन लोगों को खोया हुआ गौरव वापस दिलाने का वादा किया।

हिटलर की विचारधारा (नाजीवाद):

  • आर्यन नस्ल की श्रेष्ठता: हिटलर का मानना था कि जर्मन (नॉर्डिक आर्यन) दुनिया की श्रेष्ठ नस्ल हैं।
  • यहूदी विरोध (Anti-Semitism): उसने जर्मनी की सभी समस्याओं के लिए यहूदियों को जिम्मेदार ठहराया।
  • नारा: “एक राष्ट्र, एक साम्राज्य, एक नेता” (Ein Volk, ein Reich, ein Führer)।
  • मीन कैम्फ (Mein Kampf): यह हिटलर की आत्मकथा है, जिसे उसने जेल में लिखा था। इसमें उसने अपनी विचारधारा का वर्णन किया।

3. फासीवाद बनाम नाजीवाद (मुख्य तुलना)

पहलूफासीवाद (मुसोलिनी)नाजीवाद (हिटलर)
देशइटलीजर्मनी
प्रमुख नेताबेनिटो मुसोलिनी (Il Duce)एडोल्फ हिटलर (Der Führer)
सेना का नामब्लैक शर्ट्स (Black Shirts)ब्राउन शर्ट्स (Brown Shirts / SA)
विचारधाराराज्य सर्वोपरि है।राज्य के साथ-साथ ‘नस्ल’ (Race) सर्वोपरि है।
धर्मकैथोलिक चर्च के साथ समझौता किया (1929)।चर्च के ऊपर नाजी विचारधारा को थोपा।
क्रूरताराजनीतिक विरोधियों को दबाया।यहूदियों का नरसंहार (Holocaust) किया।

4. फासीवाद और नाजीवाद का पतन: एक युग का अंत

मुसोलिनी और हिटलर ने जिस सत्ता को अजेय (invincible) माना था, उसका अंत अत्यंत विनाशकारी और नाटकीय रहा। इनके पतन के मुख्य कारण और घटनाएँ निम्नलिखित हैं:

1. द्वितीय विश्व युद्ध की शुरुआत और रणनीतिक गलतियाँ

इन दोनों विचारधाराओं के पतन की शुरुआत तब हुई जब इन्होंने अपनी विस्तारवादी नीतियों के कारण पूरी दुनिया को द्वितीय विश्व युद्ध (1939-45) में धकेल दिया।

  • मुसोलिनी की विफलता: इटली की सेना युद्ध के लिए तैयार नहीं थी। ग्रीस और उत्तरी अफ्रीका में इटली की हार ने मुसोलिनी की छवि को कमजोर कर दिया।
  • हिटलर की बड़ी भूल: हिटलर ने 1941 में सोवियत संघ (रूस) पर हमला (Operation Barbarossa) करके सबसे बड़ी गलती की। रूसी ठंड और लाल सेना (Red Army) ने जर्मन सेना की कमर तोड़ दी।

2. मुसोलिनी का शर्मनाक अंत (1945)

जुलाई 1943 में, इटली के राजा और ग्रैंड काउंसिल ने मुसोलिनी को बर्खास्त कर गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, हिटलर ने उसे छुड़ा लिया, लेकिन मुसोलिनी का प्रभाव खत्म हो चुका था।

  • 28 अप्रैल 1945: जब वह स्विट्जरलैंड भागने की कोशिश कर रहा था, तब इतालवी पक्षपातियों (Partisans) ने उसे पकड़ लिया और गोली मार दी। उसके शव को मिलान के एक चौक पर उल्टा लटका दिया गया, जो फासीवाद के अंत का प्रतीक बना।

3. हिटलर का पतन और आत्महत्या (1945)

जैसे-जैसे मित्र राष्ट्रों की सेनाएँ बर्लिन (जर्मनी की राजधानी) के करीब पहुँचीं, हिटलर को अपनी हार का अहसास हो गया।

  • 30 अप्रैल 1945: बर्लिन के एक भूमिगत बंकर (Führerbunker) में हिटलर ने अपनी पत्नी ईवा ब्रौन के साथ आत्महत्या कर ली। उसने अपनी वसीयत में आदेश दिया था कि उसके शरीर को जला दिया जाए ताकि दुश्मन उसका अपमान न कर सकें।
  • हिटलर की मृत्यु के कुछ ही दिनों बाद, 7 मई 1945 को जर्मनी ने बिना शर्त आत्मसमर्पण (Surrender) कर दिया, जिससे यूरोप में नाजीवाद का सूर्यास्त हो गया।

4. पतन का मुख्य कारण: तानाशाही की सीमा

इन विचारधाराओं के पतन का सबसे बड़ा कारण यह था कि ये केवल भय और दमन पर टिकी थीं। जब युद्ध में हार मिलने लगी, तो जनता का समर्थन भी खत्म हो गया। अंततः, लोकतंत्र और मानवीय मूल्यों की जीत हुई और दुनिया ने तानाशाही के इस काले अध्याय से छुटकारा पाया।

5. Exam Oriented One-liners (Quick Revision)

  • मुसोलिनी ने 1922 में सत्ता संभाली।
  • हिटलर 1933 में जर्मनी का चांसलर बना।
  • नाजी पार्टी का आधिकारिक नाम NSDAP (National Socialist German Workers’ Party) था।
  • मुसोलिनी ने ‘फासिस्ट’ शब्द का प्रयोग सबसे पहले किया।
  • हिटलर के गुप्त पुलिस बल का नाम गेस्टापो (Gestapo) था।
  • 1936 में हिटलर और मुसोलिनी ने ‘रोम-बर्लिन धुरी’ (Rome-Berlin Axis) बनाई।
  • फासीवाद का अंत: मुसोलिनी की हत्या (28 अप्रैल 1945)।
  • नाजीवाद का अंत: हिटलर की आत्महत्या (30 अप्रैल 1945)।
  • वैश्विक परिणाम: युद्ध के बाद ‘नूर्नबर्ग ट्रायल्स’ (Nuremberg Trials) चलाए गए जहाँ नाजी अधिकारियों को मानवता के विरुद्ध अपराधों के लिए सजा दी गई।