भारत में अंग्रेजों का आगमन: ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी (1600–1858) Spectrum Modern History Notes Hindi

अंग्रेजों का आगमन : 31 दिसंबर, 1600 को महारानी एलिजाबेथ प्रथम के एक चार्टर द्वारा ‘द गवर्नर एंड कंपनी ऑफ मर्चेंट्स ऑफ लंदन ट्रेडिंग इनटू द ईस्ट इंडीज’ को पूर्व में व्यापार का एकाधिकार मिला। यह एक निजी कंपनी थी, जिसने धीरे-धीरे व्यापार से लेकर सत्ता तक का सफर तय किया।


🏛️ भाग 3: मास्टर वन-लाइनर्स

1. कंपनी की शुरुआत और शाही मिशन

  • जॉन मिल्डेनहॉल (1599): यह थल मार्ग (Land Route) से भारत आने वाला पहला अंग्रेज था।
  • महारानी का चार्टर: शुरुआत में कंपनी को केवल 15 वर्षों के लिए व्यापार का अधिकार मिला था, जिसे 1609 में सम्राट जेम्स प्रथम ने अनिश्चित काल के लिए बढ़ा दिया।
  • कैप्टन हॉकिन्स (1608): यह हेक्टर नामक जहाज से सूरत पहुँचा। यह सम्राट जेम्स प्रथम का राजदूत बनकर मुगल सम्राट जहाँगीर के दरबार में गया।
  • सूरत की पहली कोठी (1613): जहाँगीर ने एक शाही फरमान जारी कर अंग्रेजों को सूरत में स्थायी फैक्ट्री बनाने की अनुमति दी। (हालाँकि अस्थायी रूप से 1611 में मछलीपट्टनम में फैक्ट्री बन चुकी थी)।
  • सर थॉमस रो (1615): यह जहाँगीर के दरबार में दूसरा राजदूत था, जिसने मुगल साम्राज्य के सभी हिस्सों में व्यापार करने की छूट प्राप्त कर ली।

2. दक्षिण और पश्चिम भारत में विस्तार

  • मद्रास (1639): फ्रांसिस डे ने चंद्रगिरी के राजा से मद्रास पट्टे पर लिया और वहाँ ‘फोर्ट सेंट जॉर्ज’ नामक किले का निर्माण किया।
  • बंबई (1661/1668): ब्रिटिश राजकुमार चार्ल्स द्वितीय का विवाह पुर्तगाली राजकुमारी कैथरीन से हुआ। पुर्तगालियों ने बंबई दहेज में दिया, जिसे चार्ल्स ने कंपनी को 10 पाउंड प्रति वर्ष के किराए पर दे दिया।
  • स्वर्ण फरमान (Golden Farman – 1632): गोलकुंडा के सुल्तान ने अंग्रेजों को 500 पैगोडा के बदले गोलकुंडा के बंदरगाहों पर मुक्त व्यापार की अनुमति दी।

3. बंगाल में पैर जमाना और ‘मैग्नाकार्टा’

  • शाह शुजा की अनुमति (1651): बंगाल के सूबेदार शाह शुजा ने 3000 रुपये वार्षिक कर के बदले बंगाल में व्यापार की छूट दी।
  • जॉब चारनॉक (1690): इसने सूतानुती, कलिकाता और गोविंदपुर को मिलाकर कलकत्ता (Kolkata) की नींव रखी। यहाँ ‘फोर्ट विलियम’ किला बनाया गया।
  • फर्रुखसियर का फरमान (1717): मुगल सम्राट फर्रुखसियर ने कंपनी को ‘शाही फरमान’ दिया, जिसे इतिहासकार ओर्म्स ने कंपनी का ‘मैग्नाकार्टा’ (Magna Carta) कहा है। इसके तहत:
    • बंगाल में 3000 रुपये के बदले कर-मुक्त व्यापार।
    • कंपनी के सिक्कों को पूरे मुगल साम्राज्य में मान्यता।
    • दस्तक (Pass) जारी करने का अधिकार।

4. निर्णायक युद्ध और प्रभुत्व

  • सुआली का युद्ध (1612): कैप्टन बेस्ट ने पुर्तगालियों को हराया, जिससे मुगलों की नजर में अंग्रेजों की साख बढ़ी।
  • कर्नाटक युद्ध (1746-1763): अंग्रेजों ने फ्रांसीसियों को हराकर भारत से अपनी एकमात्र बड़ी यूरोपीय चुनौती खत्म कर दी।

⚡ Quick Revision Box (परीक्षा विशेष तथ्य)

प्रमुख मील का पत्थरवर्षविवरण
ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना1600चार्टर बाय एलिजाबेथ I
कैप्टन हॉकिन्स का आगमन1608जहाँगीर का दरबार (इंग्लिश खान की उपाधि)
पहली अस्थायी फैक्ट्री1611मछलीपट्टनम (आंध्र प्रदेश)
पहली स्थायी फैक्ट्री1613सूरत (गुजरात)
फोर्ट सेंट जॉर्ज (मद्रास)1639दक्षिण भारत का मुख्यालय
फोर्ट विलियम (कलकत्ता)1700बंगाल प्रेसीडेंसी का केंद्र
मैग्नाकार्टा फरमान1717सम्राट फर्रुखसियर द्वारा

📊 तुलनात्मक तालिका: अंग्रेजों की प्रेसीडेंसी का उदय

प्रेसीडेंसीसंस्थापक / मुख्य व्यक्तिकिला (Fort)महत्व
मद्रासफ्रांसिस डेफोर्ट सेंट जॉर्जकोरोमंडल तट का केंद्र
कलकत्ताजॉब चारनॉकफोर्ट विलियमभारत की भावी राजधानी
बंबईगेराल्ड ओंगियारपश्चिमी तट का व्यापारिक हब

📝 UPSC/SSC PYQ Section (विगत वर्षों के प्रश्न)

  • UPSC Prelims: “किस मुगल सम्राट के काल में इंग्लिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने भारत में अपनी पहली फैक्ट्री स्थापित की?” (उत्तर: जहाँगीर)
  • SSC CGL: “अंग्रेजों ने कलकत्ता में जो किला बनवाया था, उसका नाम क्या है?” (उत्तर: फोर्ट विलियम)
  • UPSC Mains: “1717 के फरमान ने किस प्रकार बंगाल में अंग्रेजों की स्थिति को बदल दिया?” (उत्तर: कर-मुक्त व्यापार और दस्तक के दुरुपयोग ने संघर्ष और अंततः प्लासी की नींव रखी)
  • SSC: “बंबई को दहेज में किसने दिया था?” (उत्तर: पुर्तगालियों ने अंग्रेजों को)