कांग्रेस की स्थापना और उदारवादी चरण (1885–1905)

19वीं शताब्दी के उत्तरार्ध तक भारत में आर्थिक शोषण, राजनीतिक उपेक्षा और प्रशासनिक अन्याय के विरुद्ध असंतोष व्यापक हो चुका था। शिक्षित भारतीय मध्यम वर्ग ने महसूस किया कि सुधारों और अधिकारों की मांग संगठित राष्ट्रीय मंच से ही प्रभावी हो सकती है।
इसी आवश्यकता ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के जन्म को संभव बनाया।

📌 कांग्रेस के प्रारंभिक 20 वर्षों (1885–1905) को उदारवादी चरण (Moderate Phase) कहा जाता है—जहाँ सुधार संवैधानिक, शांतिपूर्ण और तर्कपूर्ण तरीकों से मांगे गए।


कांग्रेस की स्थापना (1885)

स्थापना का संदर्भ

  • शिक्षित भारतीयों में राजनीतिक चेतना
  • प्रेस और सार्वजनिक मंचों का विस्तार
  • प्रशासनिक सुधारों की मांग

संस्थापक भूमिका

  • ए. ओ. ह्यूम—प्रेरक एवं संगठनकर्ता
  • उद्देश्य: असंतोष को संवैधानिक दिशा देना

प्रथम अधिवेशन

  • वर्ष: 1885
  • स्थान: बंबई (मुंबई)
  • अध्यक्ष: व्योमेश चंद्र बनर्जी

कांग्रेस के उद्देश्य (प्रारंभिक)

  1. भारत के शिक्षित वर्ग को एक मंच देना
  2. प्रशासनिक सुधारों पर चर्चा
  3. सरकार तक मांगें शांतिपूर्वक पहुँचाना
  4. राष्ट्रीय एकता और राजनीतिक शिक्षा

📌 प्रारंभिक कांग्रेस स्वयं को
👉 ब्रिटिश शासन का विरोधी नहीं, बल्कि सुधारों का समर्थक मानती थी।


उदारवादी चरण की विचारधारा

मुख्य सिद्धांत

  • संवैधानिक साधन (याचिका, प्रस्ताव, भाषण)
  • ब्रिटिश न्याय में विश्वास
  • क्रमिक सुधार (Gradualism)
  • तर्क और तथ्य पर आधारित राजनीति

📌 इनका विश्वास था कि
👉 ब्रिटिश शासन नैतिक दबाव से सुधर सकता है


प्रमुख उदारवादी नेता

दादाभाई नौरोजी

  • धन के निष्कासन सिद्धांत के प्रवर्तक
  • कांग्रेस के वैचारिक स्तंभ
  • “भारत के महान वृद्ध पुरुष”

गोपाल कृष्ण गोखले

  • संवैधानिक सुधारों के समर्थक
  • शिक्षा और प्रशासनिक सुधार
  • गांधीजी के राजनीतिक गुरु

सुरेन्द्रनाथ बनर्जी

  • भारतीय सिविल सेवा में भेदभाव के विरोधी
  • राष्ट्रीय चेतना के प्रचारक

उदारवादियों की प्रमुख मांगें

राजनीतिक

  • विधायी परिषदों का विस्तार
  • बजट पर भारतीय नियंत्रण
  • भारतीयों की प्रशासन में भागीदारी

आर्थिक

  • धन के निष्कासन की समाप्ति
  • करों में कमी
  • सैन्य व्यय में कटौती

प्रशासनिक

  • ICS परीक्षा भारत में
  • प्रेस स्वतंत्रता
  • न्यायिक सुधार

📌 ये मांगें
👉 सुधारवादी थीं, क्रांतिकारी नहीं


कार्यप्रणाली (Methods)

  • याचिकाएँ और ज्ञापन
  • प्रस्ताव और बहस
  • ब्रिटिश संसद और जनमत को अपील
  • प्रेस और पुस्तिकाएँ

📌 उदारवादियों का हथियार था—
👉 तर्क, संयम और कानून


उपलब्धियाँ और योगदान

राजनीतिक शिक्षा

  • जनता को अधिकारों का बोध
  • राष्ट्रीय मंच का निर्माण

राष्ट्रीय एकता

  • प्रांतीय और भाषाई सीमाओं से ऊपर उठकर संगठन

वैचारिक नींव

  • बाद के उग्र राष्ट्रवाद के लिए आधार

📌 उदारवादी चरण ने
👉 राष्ट्रवाद की भाषा और मंच दिया।


सीमाएँ और आलोचना

  • जनसाधारण से दूरी
  • ब्रिटिश सरकार पर अत्यधिक भरोसा
  • ठोस परिणामों की कमी
  • आंदोलन की धीमी गति

📌 इसी असंतोष से
👉 उग्रवादी चरण (1905 के बाद) का उदय हुआ।


1905 : एक मोड़

  • बंगाल विभाजन
  • सरकार की असंवेदनशीलता उजागर
  • उदारवादी रणनीति पर प्रश्न

📌 परिणामस्वरूप
👉 उदारवादी–उग्रवादी विभाजन स्पष्ट हुआ।


ऐतिहासिक महत्व

भारत के लिए

  • संगठित राष्ट्रीय राजनीति की शुरुआत
  • संवैधानिक परंपरा का विकास
  • स्वतंत्रता आंदोलन का आधार

स्वतंत्रता संग्राम के लिए

  • नेतृत्व और संगठन
  • वैचारिक स्पष्टता
  • भविष्य की रणनीतियों का मार्गदर्शन

परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण तथ्य

✔ कांग्रेस स्थापना – 1885
✔ प्रथम अध्यक्ष – व्योमेश चंद्र बनर्जी
✔ ए. ओ. ह्यूम – संस्थापक प्रेरक
✔ उदारवादी चरण – 1885–1905
✔ प्रमुख नेता – दादाभाई नौरोजी, गोखले


निष्कर्ष (Conclusion)

कांग्रेस की स्थापना और उदारवादी चरण
👉 भारतीय राष्ट्रवाद का शैशव काल था।

यद्यपि उदारवादियों की पद्धति सीमित थी,
लेकिन उन्होंने—

  • राष्ट्रीय मंच
  • राजनीतिक भाषा
  • संगठनात्मक ढांचा

तैयार किया, जिस पर आगे चलकर उग्र, गांधीवादी और क्रांतिकारी आंदोलनों का निर्माण हुआ।

“उदारवादियों ने संघर्ष नहीं जीता, पर संघर्ष का मार्ग प्रशस्त किया।”


FAQs (Frequently Asked Questions)

Q1. कांग्रेस की स्थापना कब और कहाँ हुई?

1885 में बंबई (मुंबई) में।

Q2. उदारवादी चरण की मुख्य विशेषता क्या थी?

संवैधानिक और शांतिपूर्ण राजनीति।

Q3. दादाभाई नौरोजी का प्रमुख योगदान क्या था?

धन के निष्कासन का सिद्धांत।

Q4. उदारवादी चरण क्यों कमजोर पड़ा?

ब्रिटिश हठधर्मिता और सीमित जनसमर्थन के कारण।

Q5. उदारवादी चरण का ऐतिहासिक महत्व क्या है?

इसने स्वतंत्रता आंदोलन की वैचारिक और संगठनात्मक नींव रखी।

Notes & Quiz Updates!

Join @mypdfnotes on Telegram ➔