भारत छोड़ो आंदोलन और आज़ाद हिंद फ़ौज (1942–45) | Quit India & INA Notes
1940 के दशक तक यह स्पष्ट हो चुका था कि ब्रिटिश शासन नैतिक, राजनीतिक और आर्थिक रूप से टिकाऊ नहीं रहा।द्वितीय विश्व युद्ध, औपनिवेशिक दमन और संवैधानिक टालमटोल के बीच भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन अपने अंतिम और निर्णायक चरण में प्रवेश करता है। एक ओर महात्मा गांधी के नेतृत्व में भारत छोड़ो आंदोलन (1942) ने देश … Read more