संस्कृति एवं सभ्यता
🔹 Culture vs Civilization (सबसे ज़्यादा पूछा जाने वाला)
| बिंदु | संस्कृति (Culture) | सभ्यता (Civilization) |
|---|
| प्रकृति | अमूर्त (Intangible) | मूर्त (Tangible) |
| संबंध | मूल्य, विश्वास, परंपरा | भवन, सड़क, तकनीक |
| परिवर्तन | धीमा | तेज |
| आधार | नैतिक व सामाजिक | भौतिक व आर्थिक |
| परीक्षा ट्रिक | Culture = Values | Civilization = Facilities |
🔹 Core One-Liners
- संस्कृति शब्द लैटिन भाषा के “Cultura” से निकला है।
- Cultura का अर्थ है — संस्कार करना / परिष्कृत करना।
- संस्कृति का संबंध मानवीय मूल्यों से होता है।
- सभ्यता का संबंध भौतिक सुविधाओं से होता है।
- संस्कृति मुख्यतः अमूर्त होती है।
- सभ्यता मुख्यतः मूर्त होती है।
- संस्कृति पीढ़ी-दर-पीढ़ी हस्तांतरित होती है।
- सभ्यता तकनीकी विकास का परिणाम होती है।
- संस्कृति समाज की पहचान बनाती है।
- सभ्यता समाज के जीवन स्तर को दर्शाती है।
🔹 Indian Culture
- भारतीय संस्कृति की मूल विशेषता — एकता में विविधता।
- भारतीय संस्कृति को समन्वयवादी संस्कृति कहा जाता है।
- भारतीय संस्कृति का आधार वैदिक संस्कृति माना जाता है।
- भारतीय संस्कृति बहुधार्मिक प्रकृति की है।
- भारतीय संस्कृति में धार्मिक सहिष्णुता प्रमुख तत्व है।
- वसुधैव कुटुम्बकम भारतीय संस्कृति की मूल भावना है।
- भारतीय संस्कृति में कर्म सिद्धांत महत्वपूर्ण है।
- भारतीय संस्कृति में अहिंसा को विशेष महत्व दिया गया है।
- भारतीय संस्कृति को प्राचीनतम जीवित संस्कृति कहा जाता है।
- भारतीय संस्कृति में लोक और शास्त्र दोनों का समन्वय है।
🔹 Culture से जुड़े Scoring Concepts (UPSC / PCS)
- संस्कृति समाज में सामाजिक नियंत्रण का कार्य करती है।
- संस्कृति समाज में नैतिकता को बनाए रखती है।
- सभ्यता समाज में आर्थिक विकास को दर्शाती है।
- संस्कृति अपेक्षाकृत स्थायी होती है।
- सभ्यता अपेक्षाकृत परिवर्तनशील होती है।
- संस्कृति समाज की आत्मा कही जाती है।
- सभ्यता समाज का बाहरी ढांचा मानी जाती है।
- संस्कृति सामाजिक स्थिरता प्रदान करती है।
- सभ्यता सामाजिक परिवर्तन की गति बढ़ाती है।
- किसी भी समाज के अध्ययन में संस्कृति और सभ्यता दोनों आवश्यक हैं।
🔹 Exam Trap Lines
- संस्कृति बिना सभ्यता के संभव है, पर सभ्यता बिना संस्कृति के नहीं।
- संस्कृति गुणात्मक है, सभ्यता मात्रात्मक है।
- संस्कृति मूल्य सिखाती है, सभ्यता सुविधा देती है।
- संस्कृति दीर्घकालिक होती है, सभ्यता अल्पकालिक हो सकती है।
- भारतीय संस्कृति की निरंतरता का मुख्य कारण — समन्वय क्षमता।
भारतीय नृत्य (Indian Dance)
📌 भारत के शास्त्रीय नृत्य – List
| नृत्य | राज्य |
|---|
| भरतनाट्यम | तमिलनाडु |
| कथक | उत्तर भारत |
| कथकली | केरल |
| मोहिनीअट्टम | केरल |
| कुचिपुड़ी | आंध्र प्रदेश |
| ओडिसी | ओडिशा |
| मणिपुरी | मणिपुर |
| सत्रिया | असम |
👉 प्रश्न: भारत में कुल शास्त्रीय नृत्य = 8
🔹 शास्त्रीय नृत्य : Direct One-Liners
- भरतनाट्यम का प्राचीन नाम सदिर था।
- भरतनाट्यम मंदिरों से उत्पन्न नृत्य है।
- कथक का विकास कथावाचकों से हुआ।
- कथक में घुंघरू और चक्कर प्रमुख हैं।
- कथकली एक नृत्य-नाटक है।
- कथकली में हरा रंग (पच्चा) श्रेष्ठ पात्र दर्शाता है।
- मोहिनीअट्टम का अर्थ है — मोहक नृत्य।
- मोहिनीअट्टम में लास्य प्रधान होता है।
- कुचिपुड़ी मूलतः नृत्य-नाटक है।
- कुचिपुड़ी में ताम्र पात्र पर नृत्य प्रसिद्ध है।
- ओडिसी का विकास उड़ीसा के मंदिरों में हुआ।
- ओडिसी की विशिष्ट मुद्रा — त्रिभंगी।
- मणिपुरी नृत्य रासलीला से संबंधित है।
- मणिपुरी नृत्य में पैरों की थाप नहीं होती।
- सत्रिया नृत्य की शुरुआत शंकरदेव ने की।
- सत्रिया का संबंध वैष्णव परंपरा से है।
- सत्रिया को 2000 में शास्त्रीय दर्जा मिला।
- सभी शास्त्रीय नृत्य नाट्यशास्त्र पर आधारित हैं।
- नाट्यशास्त्र के रचयिता भरतमुनि हैं।
- नाट्यशास्त्र में रस सिद्धांत दिया गया है।
🔹 रस सिद्धांत (Very Important)
| रस | संख्या |
|---|
| नाट्यशास्त्र में रस | 8 |
| बाद में जोड़ा गया रस | शांत |
| कुल रस | 9 |
👉 UPSC Trap: शांत रस मूल नाट्यशास्त्र में नहीं था
📌 प्रमुख लोक नृत्य – राज्य अनुसार
| लोक नृत्य | राज्य |
|---|
| भांगड़ा | पंजाब |
| गरबा | गुजरात |
| घूमर | राजस्थान |
| बीहू | असम |
| छऊ | ओडिशा / झारखंड / बंगाल |
| लावणी | महाराष्ट्र |
| कालबेलिया | राजस्थान |
| करगट्टम | तमिलनाडु |
| यक्षगान | कर्नाटक |
| डांडिया | गुजरात |
🔹 लोक नृत्य : Direct One-Liners
- भांगड़ा फसल कटाई से जुड़ा नृत्य है।
- गरबा नवरात्रि से संबंधित नृत्य है।
- घूमर राजस्थान का महिला लोक नृत्य है।
- बीहू असम का ऋतु आधारित नृत्य है।
- छऊ नृत्य में मुखौटे का प्रयोग होता है।
- लावणी में तेज लय प्रमुख होती है।
- कालबेलिया सांप पालक समुदाय से जुड़ा है।
- यक्षगान एक नृत्य-नाटक है।
- करगट्टम नृत्य घड़े के साथ किया जाता है।
- डांडिया नृत्य कृष्ण-रास से जुड़ा है।
🔹 Classical vs Folk (Direct Comparison)
| बिंदु | शास्त्रीय नृत्य | लोक नृत्य |
|---|
| आधार | नाट्यशास्त्र | लोक परंपरा |
| नियम | निश्चित | लचीले |
| संरक्षण | सरकार | समाज |
| परीक्षा फोकस | UPSC | SSC/State |
🔹 High-Scoring Exam Traps
- सभी शास्त्रीय नृत्य मंदिरों से नहीं जुड़े हैं।
- कथकली में संवाद नहीं, हाव-भाव होते हैं।
- मणिपुरी नृत्य में चेहरे के भाव सीमित होते हैं।
- कुचिपुड़ी में महिला पात्र पुरुष निभाते थे।
- छऊ नृत्य तीन राज्यों में पाया जाता है।
भारतीय संगीत (Indian Music)
🔹 भारतीय संगीत की प्रमुख प्रणालियाँ (Most Asked)
| संगीत प्रणाली | क्षेत्र |
|---|
| हिंदुस्तानी संगीत | उत्तर भारत |
| कर्नाटक संगीत | दक्षिण भारत |
👉 भारत में शास्त्रीय संगीत की कुल प्रणालियाँ = 2
🔹 Core One-Liners (Direct MCQ)
- भारतीय संगीत का प्राचीनतम उल्लेख सामवेद में मिलता है।
- सामवेद को भारतीय संगीत का मूल ग्रंथ कहा जाता है।
- नाट्यशास्त्र के रचयिता भरतमुनि हैं।
- नाट्यशास्त्र में संगीत को गंधर्व संगीत कहा गया है।
- भारतीय संगीत का आधार — स्वर, ताल और राग।
- भारतीय संगीत में कुल 7 स्वर होते हैं।
- सात स्वर हैं — सा, रे, ग, म, प, ध, नि।
- स्वर सप्तक में व्यवस्थित होते हैं।
- सप्तक के तीन प्रकार — मंद्र, मध्य, तार।
- भारतीय संगीत में ताल समय मापने की इकाई है।
🔹 राग से जुड़े Direct Facts
- राग का संबंध भाव और समय से होता है।
- प्रत्येक राग का एक निश्चित समय होता है।
- राग का उद्देश्य रस की उत्पत्ति करना है।
- राग में आरोह और अवरोह निर्धारित होते हैं।
- राग का संबंध मौसम से भी हो सकता है।
- मल्हार राग का संबंध वर्षा ऋतु से है।
- दीपक राग का संबंध अग्नि से जोड़ा जाता है।
- भैरव राग प्रातःकाल गाया जाता है।
- यमन राग रात्रि के प्रथम प्रहर में गाया जाता है।
- राग हिंडोल का संबंध वसंत ऋतु से है।
🔹 ताल से जुड़े Exam Facts
- ताल का संबंध लय से होता है।
- ताल की सबसे छोटी इकाई मात्रा है।
- ताल का पहला मात्र सम कहलाता है।
- ताल में खाली और भरी होती है।
- त्रिताल में 16 मात्राएँ होती हैं।
- झपताल में 10 मात्राएँ होती हैं।
- एकताल में 12 मात्राएँ होती हैं।
- कहरवा ताल में 8 मात्राएँ होती हैं।
- दादरा ताल में 6 मात्राएँ होती हैं।
- ताल से संगीत में अनुशासन आता है।
🔹 वाद्य यंत्रों का वर्गीकरण (Most Repeated MCQ)
| प्रकार | उदाहरण |
|---|
| तत वाद्य | सितार, वीणा, सरोद |
| सुषिर वाद्य | बांसुरी, शहनाई |
| अवनद्ध वाद्य | तबला, पखावज |
| घन वाद्य | मंजीरा, करताल |
👉 वाद्य यंत्रों के कुल प्रकार = 4
🔹 Instrument Based One-Liners
- सितार तत वाद्य है।
- सरोद में धातु की फलक होती है।
- वीणा कर्नाटक संगीत का प्रमुख वाद्य है।
- तबला अवनद्ध वाद्य है।
- पखावज ध्रुपद गायन से जुड़ा है।
- शहनाई सुषिर वाद्य है।
- बांसुरी कृष्ण से जुड़ा वाद्य है।
- मंजीरा घन वाद्य है।
- करताल लोक संगीत में प्रयोग होता है।
- हारमोनियम विदेशी वाद्य है।
🔹 घराने (Hindustani Music )
- घराना प्रणाली हिंदुस्तानी संगीत से संबंधित है।
- आगरा घराना ध्रुपद से जुड़ा है।
- ग्वालियर घराना सबसे प्राचीन माना जाता है।
- जयपुर घराना कथक से जुड़ा है।
- पटियाला घराना ठुमरी के लिए प्रसिद्ध है।
🔹 कर्नाटक संगीत : Key Facts
- कर्नाटक संगीत का प्रचलन दक्षिण भारत में है।
- कर्नाटक संगीत में कृति का महत्व है।
- त्यागराज कर्नाटक संगीत के प्रमुख संगीतकार हैं।
- कर्नाटक संगीत में मेलकर्ता राग प्रणाली है।
- कर्नाटक संगीत में 72 मेलकर्ता राग हैं।
🔹 Folk Music (Limited but Asked)
- लोक संगीत क्षेत्रीय परंपराओं से जुड़ा होता है।
- आल्हा उत्तर भारत का लोक गायन है।
- बाऊल बंगाल का लोक संगीत है।
- मांड राजस्थान का लोक राग है।
- लावणी महाराष्ट्र का लोक संगीत है।
🔹 High-Yield Exam Traps
भारतीय संगीत में भाव प्रधान होता है।
सभी राग ऋतु आधारित नहीं होते।
सभी ताल समान मात्राओं के नहीं होते।
घराना प्रणाली कर्नाटक संगीत में नहीं पाई जाती।
नाट्यशास्त्र संगीत, नृत्य और नाटक तीनों से जुड़ा है।
स्थापत्य कला (Indian Architecture)
🔹 स्थापत्य कला : Basic Classification (Most Asked)
| काल | स्थापत्य |
|---|
| प्राचीन भारत | स्तूप, विहार, चैत्य |
| मध्यकालीन भारत | मस्जिद, मकबरा, किला |
| आधुनिक भारत | औपनिवेशिक स्थापत्य |
🔹 प्राचीन स्थापत्य : Direct MCQ Facts
- भारत का सबसे प्राचीन स्थापत्य सिंधु घाटी सभ्यता से संबंधित है।
- सिंधु सभ्यता की प्रमुख विशेषता — नगर नियोजन।
- मोहनजोदड़ो का प्रमुख निर्माण — महान स्नानागार।
- हड़प्पा सभ्यता में ईंटें पकी हुई होती थीं।
- बौद्ध स्थापत्य के प्रमुख रूप — स्तूप, चैत्य, विहार।
- स्तूप का विकास बुद्ध के अवशेषों से जुड़ा है।
- सांची स्तूप का निर्माण अशोक ने करवाया।
- स्तूप का ऊपरी भाग हरमिका कहलाता है।
- स्तूप की परिक्रमा पथ को प्रदक्षिणा पथ कहते हैं।
- बौद्ध गुफा स्थापत्य का प्रमुख उदाहरण — अजंता।
🔹 गुप्त कालीन स्थापत्य (Very High Yield)
- गुप्त काल को भारतीय स्थापत्य का स्वर्ण युग कहा जाता है।
- दशावतार मंदिर (देवगढ़) गुप्त काल का उदाहरण है।
- गुप्त मंदिरों में शिखर शैली की शुरुआत हुई।
- गुप्त मंदिरों में गर्भगृह प्रमुख होता है।
- ईंट और पत्थर दोनों का प्रयोग गुप्त काल में हुआ।
🔹 मंदिर स्थापत्य की शैलियाँ (Most Repeated)
| शैली | क्षेत्र | विशेषता |
|---|
| नागर | उत्तर भारत | ऊँचा शिखर |
| द्रविड़ | दक्षिण भारत | गोपुरम |
| वेसर | दक्कन | मिश्रित |
👉 प्रश्न: मंदिर स्थापत्य की कुल प्रमुख शैलियाँ = 3
🔹 मंदिर स्थापत्य : Direct One-Liners
- नागर शैली में शिखर वक्राकार होता है।
- द्रविड़ शैली में शिखर को विमान कहते हैं।
- द्रविड़ शैली में गोपुरम प्रवेश द्वार होता है।
- वेसर शैली चालुक्य काल से जुड़ी है।
- खजुराहो मंदिर नागर शैली में बने हैं।
- बृहदेश्वर मंदिर द्रविड़ शैली का उदाहरण है।
- कोणार्क सूर्य मंदिर नागर शैली का है।
- महाबलीपुरम के मंदिर द्रविड़ शैली के हैं।
🔹 बौद्ध गुफा स्थापत्य (Exam Favorite)
- अजंता गुफाएँ बौद्ध चित्रकला के लिए प्रसिद्ध हैं।
- एलोरा में बौद्ध, जैन और हिंदू तीनों गुफाएँ हैं।
- अजंता गुफाएँ महाराष्ट्र में स्थित हैं।
- चैत्य गृह प्रार्थना स्थल होता है।
- विहार भिक्षुओं के निवास के लिए होते हैं।
🔹 जैन स्थापत्य : Key Facts
- दिलवाड़ा मंदिर जैन स्थापत्य का श्रेष्ठ उदाहरण है।
- दिलवाड़ा मंदिर राजस्थान के माउंट आबू में स्थित है।
- जैन मंदिरों में सूक्ष्म नक्काशी प्रमुख होती है।
🔹 इस्लामी स्थापत्य : Direct MCQ
- इस्लामी स्थापत्य भारत में दिल्ली सल्तनत से प्रारंभ हुआ।
- कुतुब मीनार का निर्माण कुतुबुद्दीन ऐबक ने शुरू कराया।
- कुतुब मीनार की शैली इंडो-इस्लामिक है।
- मस्जिद के प्रमुख भाग — मिहराब और मीनार।
- अर्धगोलाकार गुंबद इस्लामी स्थापत्य की विशेषता है।
🔹 मुगल स्थापत्य : High Yield
- मुगल स्थापत्य का स्वर्ण युग शाहजहाँ का काल था।
- ताजमहल का निर्माण शाहजहाँ ने करवाया।
- ताजमहल सफेद संगमरमर से बना है।
- लाल किला दिल्ली में स्थित है।
- चारबाग शैली मुगल स्थापत्य की विशेषता है।
- बुलंद दरवाजा अकबर द्वारा बनवाया गया।
- हुमायूँ का मकबरा पहला गार्डन टॉम्ब है।
🔹 स्थापत्य से जुड़े Exam Traps
- सभी गुफा स्थापत्य बौद्ध नहीं हैं।
- गोपुरम नागर शैली में नहीं होता।
- वेसर शैली शुद्ध नहीं, मिश्रित शैली है।
- ताजमहल पूर्णतः इस्लामी शैली में नहीं है।
- जैन स्थापत्य में चित्रकला कम, नक्काशी अधिक होती है।
🔹 Quick Revision Table
| स्मारक | शैली |
|---|
| खजुराहो | नागर |
| बृहदेश्वर | द्रविड़ |
| कोणार्क | नागर |
| ताजमहल | मुगल |
| दिलवाड़ा | जैन |
चित्रकला (Indian Painting)
🔹 चित्रकला : कालानुक्रम (Most Asked)
| काल | चित्रकला |
|---|
| प्रागैतिहासिक | शैलचित्र |
| प्राचीन | अजंता |
| मध्यकालीन | मुगल, राजपूत |
| आधुनिक | बंगाल स्कूल |
🔹 प्रागैतिहासिक चित्रकला (Rock Paintings)
- भारत की सबसे प्राचीन चित्रकला शैलचित्र है।
- प्रागैतिहासिक चित्रकला का प्रमुख केंद्र भीमबेटका है।
- भीमबेटका मध्य प्रदेश में स्थित है।
- शैलचित्रों में शिकार दृश्य प्रमुख हैं।
- शैलचित्रों में प्राकृतिक रंगों का प्रयोग हुआ।
🔹 अजंता चित्रकला (Very High Yield)
- अजंता की गुफाएँ बौद्ध चित्रकला के लिए प्रसिद्ध हैं।
- अजंता गुफाएँ महाराष्ट्र में स्थित हैं।
- अजंता चित्रकला का विषय बुद्ध के जीवन से जुड़ा है।
- अजंता चित्रकला जातक कथाओं पर आधारित है।
- अजंता चित्रकला में फ्रेस्को तकनीक का प्रयोग हुआ।
🔹 बाघ चित्रकला
- बाघ गुफाएँ मध्य प्रदेश में स्थित हैं।
- बाघ चित्रकला पर अजंता शैली का प्रभाव है।
🔹 मुगल चित्रकला (Most Repeated MCQ)
| शासक | योगदान |
|---|
| बाबर | प्रारंभ |
| अकबर | विकास |
| जहाँगीर | चरमोत्कर्ष |
| शाहजहाँ | पतन की शुरुआत |
मुगल चित्रकला : Direct Facts
- मुगल चित्रकला की शुरुआत बाबर के काल में हुई।
- अकबर के काल में मुगल चित्रकला का अधिक विकास हुआ।
- जहाँगीर काल को मुगल चित्रकला का स्वर्ण युग कहा जाता है।
- मुगल चित्रकला में यथार्थवाद प्रमुख है।
- मुगल चित्रकला पर फारसी प्रभाव है।
- अकबरनामा मुगल चित्रकला का प्रमुख ग्रंथ है।
- तुज़ुक-ए-जहाँगीरी चित्रों से युक्त ग्रंथ है।
🔹 राजपूत चित्रकला (State-Based MCQ)
| शैली | क्षेत्र |
|---|
| मेवाड़ | राजस्थान |
| मारवाड़ | राजस्थान |
| बूंदी | राजस्थान |
| कोटा | राजस्थान |
| किशनगढ़ | राजस्थान |
| पहाड़ी | हिमालय क्षेत्र |
राजपूत चित्रकला : Key One-Liners
- राजपूत चित्रकला का मुख्य विषय श्रृंगार रस है।
- राजपूत चित्रकला में प्रकृति चित्रण प्रमुख है।
- किशनगढ़ शैली की पहचान बनी-ठनी है।
- पहाड़ी चित्रकला का विषय राधा-कृष्ण है।
- बूंदी शैली वर्षा दृश्यों के लिए प्रसिद्ध है।
🔹 लोक चित्रकला (Most Asked)
| चित्रकला | राज्य |
|---|
| मधुबनी | बिहार |
| वारली | महाराष्ट्र |
| कलमकारी | आंध्र प्रदेश |
| पट्टचित्र | ओडिशा |
| फड़ | राजस्थान |
Folk Painting : Direct Facts
- मधुबनी चित्रकला में प्राकृतिक रंगों का प्रयोग होता है।
- वारली चित्रकला में ज्यामितीय आकृतियाँ होती हैं।
- कलमकारी में कलम से चित्र बनाए जाते हैं।
- पट्टचित्र कपड़े या ताड़पत्र पर बनाया जाता है।
- फड़ चित्रकला में देवकथाएँ दर्शाई जाती हैं।
🔹 आधुनिक चित्रकला (Modern Art)
- आधुनिक भारतीय चित्रकला का प्रारंभ बंगाल स्कूल से माना जाता है।
- बंगाल स्कूल के संस्थापक अवनींद्रनाथ टैगोर थे।
- नंदलाल बोस बंगाल स्कूल से जुड़े थे।
- आधुनिक चित्रकला में राष्ट्रवादी भावना प्रमुख थी।
🔹 Exam Trap Lines
- सभी गुफा चित्रकला बौद्ध नहीं है।
- मुगल चित्रकला पूरी तरह धार्मिक नहीं है।
- राजपूत चित्रकला में फारसी प्रभाव नहीं है।
- लोक चित्रकला शहरी नहीं, ग्रामीण होती है।
- वारली चित्रकला में रंगों की संख्या सीमित होती है।
🔹 Quick Revision Table
| चित्रकला | विशेषता |
|---|
| अजंता | फ्रेस्को |
| मुगल | यथार्थवाद |
| किशनगढ़ | बनी-ठनी |
| मधुबनी | प्राकृतिक रंग |
| वारली | ज्यामितीय |
साहित्य एवं भाषा
🔹 भारतीय साहित्य : काल विभाजन (Most Asked)
| काल | प्रमुख साहित्य |
|---|
| वैदिक | वेद |
| उत्तर वैदिक | ब्राह्मण, उपनिषद |
| प्राचीन | महाकाव्य |
| मध्यकालीन | भक्ति-सूफी |
| आधुनिक | राष्ट्रवादी साहित्य |
🔹 वैदिक साहित्य (Very High Yield)
- वैदिक साहित्य की भाषा संस्कृत है।
- सबसे प्राचीन वेद ऋग्वेद है।
- ऋग्वेद में कुल 1028 सूक्त हैं।
- सामवेद गायन से संबंधित है।
- यजुर्वेद यज्ञ कर्मकांड से संबंधित है।
- अथर्ववेद में लोक विश्वास वर्णित हैं।
🔹 ब्राह्मण, आरण्यक, उपनिषद
- ब्राह्मण ग्रंथ कर्मकांड की व्याख्या करते हैं।
- आरण्यक वनवासियों के लिए रचित हैं।
- उपनिषद ज्ञान दर्शन पर आधारित हैं।
- उपनिषदों की संख्या लगभग 108 मानी जाती है।
🔹 महाकाव्य साहित्य
| ग्रंथ | रचयिता |
|---|
| रामायण | वाल्मीकि |
| महाभारत | वेदव्यास |
Direct MCQ Facts
- रामायण को आदिकाव्य कहा जाता है।
- महाभारत का दूसरा नाम जय संहिता है।
- भगवद्गीता महाभारत का हिस्सा है।
🔹 बौद्ध एवं जैन साहित्य
- बौद्ध साहित्य की भाषा पाली है।
- त्रिपिटक बौद्ध ग्रंथ है।
- जैन साहित्य की भाषा प्राकृत है।
- आगम जैन धर्म के ग्रंथ हैं।
🔹 संगम साहित्य (South India – Repeated MCQ)
- संगम साहित्य तमिल भाषा में है।
- संगम साहित्य का काल 300 ई.पू.–300 ई. माना जाता है।
- तिरुक्कुरल संगम साहित्य का ग्रंथ है।
🔹 मध्यकालीन साहित्य : भक्ति आंदोलन
| संत | भाषा |
|---|
| कबीर | हिंदी |
| तुलसीदास | अवधी |
| सूरदास | ब्रज |
| मीराबाई | राजस्थानी |
Bhakti Movement – One Liners
- भक्ति आंदोलन का उद्देश्य ईश्वर भक्ति था।
- कबीर निर्गुण भक्ति के समर्थक थे।
- तुलसीदास ने रामचरितमानस की रचना की।
- सूरदास कृष्ण भक्त कवि थे।
🔹 सूफी साहित्य
- सूफी आंदोलन इस्लामी रहस्यवाद से जुड़ा है।
- सूफी साहित्य में प्रेम और मानवता का संदेश है।
- ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती सूफी संत थे।
🔹 आधुनिक भारतीय साहित्य
- आधुनिक साहित्य में राष्ट्रवाद प्रमुख विषय है।
- भारतेंदु हरिश्चंद्र को आधुनिक हिंदी साहित्य का जनक माना जाता है।
- प्रेमचंद यथार्थवादी लेखक थे।
- गोदान प्रेमचंद का उपन्यास है।
🔹 भारतीय भाषाएँ (Language Section – Direct MCQ)
- भारत की राजभाषा हिंदी है।
- संविधान की आठवीं अनुसूची में 22 भाषाएँ हैं।
- संस्कृत शास्त्रीय भाषा है।
- तमिल भारत की सबसे प्राचीन जीवित भाषा मानी जाती है।
🔹 शास्त्रीय भाषाएँ (Very Important Table)
| भाषा | मान्यता वर्ष |
|---|
| तमिल | 2004 |
| संस्कृत | 2005 |
| कन्नड़ | 2008 |
| तेलुगु | 2008 |
| मलयालम | 2013 |
| ओडिया | 2014 |
🔹 Exam Trap Facts
- सभी उपनिषद वैदिक काल के नहीं हैं।
- कबीर की भाषा शुद्ध हिंदी नहीं थी।
- संगम साहित्य संस्कृत में नहीं है।
- सूफी साहित्य राजनीतिक नहीं है।
- सभी आधुनिक लेखक राष्ट्रवादी नहीं थे।
🔹 One-Glance Revision
| विषय | Key Point |
|---|
| ऋग्वेद | सबसे प्राचीन |
| रामायण | आदिकाव्य |
| त्रिपिटक | बौद्ध |
| तिरुक्कुरल | तमिल |
| प्रेमचंद | यथार्थवाद |
रंगमंच एवं नाट्य कला
🔹 भारतीय रंगमंच : मूल तथ्य (Very High Yield)
- भारतीय रंगमंच की जड़ें संस्कृत नाट्य परंपरा में हैं।
- रंगमंच को नाट्य कला भी कहा जाता है।
- नाटक में संवाद, अभिनय, संगीत और नृत्य का समन्वय होता है।
- भारतीय रंगमंच का उद्देश्य मनोरंजन + शिक्षा दोनों है।
🔹 नाट्यशास्त्र (Most Repeated Topic)
- नाट्यशास्त्र के रचयिता भरतमुनि थे।
- नाट्यशास्त्र की रचना लगभग 200 ई.पू.–200 ई. के बीच मानी जाती है।
- नाट्यशास्त्र को भारतीय रंगमंच का आधार ग्रंथ कहा जाता है।
- नाट्यशास्त्र में 36 अध्याय हैं।
- नाट्यशास्त्र में अभिनय के चार प्रकार बताए गए हैं।
🔹 अभिनय के चार प्रकार (Direct MCQ)
| अभिनय | अर्थ |
|---|
| आंगिक | शारीरिक हाव-भाव |
| वाचिक | संवाद |
| आहार्य | वेश-भूषा |
| सात्त्विक | भावात्मक अभिनय |
- सात्त्विक अभिनय भावनाओं से संबंधित है।
🔹 रस सिद्धांत (Super Important)
- रस सिद्धांत का प्रतिपादन भरतमुनि ने किया।
- रसों की संख्या मूलतः 8 मानी गई।
- शांत रस को बाद में जोड़ा गया।
रस तालिका (High Yield)
| रस | भाव |
|---|
| श्रृंगार | प्रेम |
| हास्य | हँसी |
| करुण | दुःख |
| रौद्र | क्रोध |
| वीर | पराक्रम |
| भयानक | भय |
| बीभत्स | घृणा |
| अद्भुत | आश्चर्य |
| शांत | वैराग्य |
🔹 संस्कृत नाटक (Direct Facts)
- संस्कृत नाटक धार्मिक नहीं बल्कि लोक जीवन आधारित थे।
- संस्कृत नाटकों में स्त्री पात्रों का विशेष महत्व था।
- संस्कृत नाटकों में प्राकृत भाषा का भी प्रयोग होता था।
🔹 प्रमुख संस्कृत नाटककार (Very Important)
| नाटककार | रचना |
|---|
| कालिदास | अभिज्ञानशाकुंतलम् |
| भास | स्वप्नवासवदत्तम् |
| शूद्रक | मृच्छकटिकम् |
| विशाखदत्त | मुद्राराक्षस |
Direct One-Liners
- कालिदास को संस्कृत का शेक्सपियर कहा जाता है।
- मृच्छकटिकम् सामाजिक नाटक है।
- मुद्राराक्षस चाणक्य से संबंधित है।
🔹 लोक रंगमंच (Folk Theatre – Repeated)
- लोक रंगमंच जनसाधारण से जुड़ा होता है।
- लोक नाट्य में मंच सज्जा सरल होती है।
प्रमुख लोक नाट्य रूप
| राज्य | नाट्य रूप |
|---|
| उत्तर प्रदेश | नौटंकी |
| राजस्थान | ख्याल |
| महाराष्ट्र | तमाशा |
| बंगाल | जात्रा |
| कर्नाटक | यक्षगान |
| तमिलनाडु | थेरीकूथु |
🔹 आधुनिक भारतीय रंगमंच
- आधुनिक रंगमंच 19वीं शताब्दी में विकसित हुआ।
- आधुनिक रंगमंच में सामाजिक मुद्दों पर जोर है।
- पारसी थिएटर आधुनिक रंगमंच का आधार बना।
🔹 पारसी थिएटर (Trap Area)
- पारसी थिएटर में उर्दू और हिंदी का प्रयोग हुआ।
- पारसी थिएटर में पश्चिमी मंच तकनीक का उपयोग था।
- पारसी थिएटर का प्रभाव फिल्मों पर पड़ा।
🔹 आधुनिक नाटककार (Exam Favorite)
| नाटककार | विशेषता |
|---|
| भारतेंदु हरिश्चंद्र | हिंदी नाटक |
| मोहन राकेश | आधुनिक यथार्थ |
| विजय तेंदुलकर | सामाजिक नाटक |
| गिरीश कर्नाड | पौराणिक विषय |
One-Liners
- भारतेंदु हरिश्चंद्र आधुनिक हिंदी नाटक के जनक हैं।
- आषाढ़ का एक दिन मोहन राकेश का नाटक है।
- तुगलक गिरीश कर्नाड की रचना है।
🔹 रंगमंच संस्थाएँ (Very Important)
- राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (NSD) की स्थापना 1959 में हुई।
- NSD नई दिल्ली में स्थित है।
- संगीत नाटक अकादमी की स्थापना 1953 में हुई।
🔹 Exam Trap Facts (Must Remember)
- नाट्यशास्त्र केवल नृत्य ग्रंथ नहीं है।
- सभी रसों का प्रयोग हर नाटक में नहीं होता।
- लोक नाट्य लिखित नहीं होते।
- संस्कृत नाटक केवल राजाओं के लिए नहीं थे।
- पारसी थिएटर भारतीय मूल का नहीं था।
🔹 One-Glance Revision Table
| Topic | Key Fact |
|---|
| नाट्यशास्त्र | भरतमुनि |
| रस | 9 |
| आंगिक अभिनय | शारीरिक |
| यक्षगान | कर्नाटक |
| NSD | 1959 |
🔶 भारतीय कला एवं संस्कृति (Indian Art & Culture)
शास्त्रीय संगीत – Core Facts
- भारतीय संगीत के दो प्रमुख प्रकार हैं – हिंदुस्तानी और कर्नाटक
- हिंदुस्तानी संगीत उत्तर भारत में विकसित हुआ।
- कर्नाटक संगीत दक्षिण भारत से संबंधित है।
- राग भाव व्यक्त करता है, ताल लय नियंत्रित करता है।
- तानसेन अकबर के दरबारी गायक थे।
- ध्रुपद हिंदुस्तानी संगीत की सबसे प्राचीन शैली है।
Instruments (Very Repeated)
| वाद्य | वर्ग |
|---|
| सितार | तंतुवाद्य |
| तबला | अवनद्ध |
| शहनाई | सुषिर |
| मंजीरा | घन |
शास्त्रीय नृत्य (Direct Table)
| नृत्य | राज्य |
|---|
| भरतनाट्यम | तमिलनाडु |
| कथक | उत्तर प्रदेश |
| कथकली | केरल |
| मणिपुरी | मणिपुर |
| ओडिसी | ओडिशा |
| कुचिपुड़ी | आंध्र प्रदेश |
| मोहिनीअट्टम | केरल |
| सत्रिया | असम |
- कथक में घुंघरू का विशेष महत्व है।
- कथकली में चेहरे पर भारी मेकअप होता है।
- सत्रिया की उत्पत्ति वैष्णव भक्ति से जुड़ी है।
🔹 लोक नृत्य (Folk Dance – Trap Area)
- लोक नृत्य क्षेत्रीय संस्कृति को दर्शाते हैं।
| नृत्य | राज्य |
|---|
| गरबा | गुजरात |
| घूमर | राजस्थान |
| बिहू | असम |
| छऊ | ओडिशा / झारखंड |
| लावणी | महाराष्ट्र |
🔹 स्थापत्य कला (Architecture)
प्राचीन स्थापत्य
- स्तूप बौद्ध स्थापत्य का उदाहरण है।
- सांची स्तूप मध्य प्रदेश में है।
- गुप्त काल को स्थापत्य का स्वर्ण युग कहा जाता है।
मंदिर स्थापत्य शैली
| शैली | क्षेत्र |
|---|
| नागर | उत्तर भारत |
| द्रविड़ | दक्षिण भारत |
| वेसर | दक्कन |
- शिखर नागर शैली की विशेषता है।
- गोपुरम द्रविड़ शैली का मुख्य अंग है।
🔹 गुफा कला (Cave Architecture)
- अजंता गुफाएँ बौद्ध हैं।
- एलोरा में बौद्ध, जैन और हिंदू गुफाएँ हैं।
- कैलाश मंदिर एलोरा में स्थित है।
- बाराबर गुफाएँ मौर्य कालीन हैं।
🔹 चित्रकला (Painting)
प्राचीन चित्रकला
- भीमबेटका शैलचित्र प्रागैतिहासिक हैं।
- अजंता चित्र बौद्ध विषयों पर आधारित हैं।
मध्यकालीन चित्रकला
| शैली | संरक्षण |
|---|
| मुगल | अकबर |
| राजस्थानी | राजपूत |
| पहाड़ी | हिमालय क्षेत्र |
- मुगल चित्रकला फारसी प्रभाव से विकसित हुई।
🔹 रंगमंच एवं नाट्य कला
- नाट्यशास्त्र के रचयिता भरतमुनि हैं।
- रसों की संख्या 9 है।
अभिनय के प्रकार
| अभिनय | अर्थ |
|---|
| आंगिक | शरीर |
| वाचिक | वाणी |
| आहार्य | वेश |
| सात्त्विक | भाव |
- कालिदास को संस्कृत का शेक्सपियर कहा जाता है।
🔹साहित्य एवं भाषा
- ऋग्वेद सबसे प्राचीन ग्रंथ है।
- रामायण के रचयिता वाल्मीकि हैं।
- महाभारत के रचयिता वेदव्यास हैं।
- संगम साहित्य तमिल में है।
- त्रिपिटक बौद्ध ग्रंथ है।
🔹 शास्त्रीय भाषाएँ (Highly Asked)
| भाषा | वर्ष |
|---|
| तमिल | 2004 |
| संस्कृत | 2005 |
| कन्नड़ | 2008 |
| तेलुगु | 2008 |
| मलयालम | 2013 |
| ओडिया | 2014 |
- आठवीं अनुसूची में 22 भाषाएँ हैं।
🔹 उत्सव एवं परंपराएँ
- दीवाली प्रकाश का पर्व है।
- ओणम केरल का पर्व है।
- बिहू असम से संबंधित है।
- पोंगल तमिलनाडु का फसल पर्व है।
🔹 MOST IMPORTANT TRAP FACTS
- सभी शास्त्रीय नृत्य मंदिरों से उत्पन्न नहीं हुए।
- मुगल चित्रकला पूरी तरह भारतीय नहीं थी।
- सभी लोक नृत्य धार्मिक नहीं होते।
- नाट्यशास्त्र केवल नृत्य ग्रंथ नहीं है।
- सभी गुफाएँ धार्मिक नहीं हैं।
🔹 ONE-GLANCE FINAL REVISION
| Area | Key |
|---|
| संगीत | तानसेन |
| नृत्य | 8 शास्त्रीय |
| स्थापत्य | नागर-द्रविड़ |
| चित्र | अजंता |
| नाटक | भरतमुनि |
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