भारत में फ्रांसीसी आगमन: भारत आने वाली अंतिम बड़ी यूरोपीय शक्ति थे। जहाँ अन्य कंपनियाँ निजी थीं, वहीं फ्रांसीसी कंपनी पूरी तरह सरकारी थी। भारत में श्रेष्ठता को लेकर अंग्रेजों और फ्रांसीसियों के बीच जो संघर्ष हुआ, उसे ‘कर्नाटक युद्ध’ के नाम से जाना जाता है।
🏛️ भाग 4: मास्टर वन-लाइनर्स
1. कंपनी की स्थापना और विस्तार
- स्थापना (1664): फ्रांस के सम्राट लुई XIV के मंत्री कोलबर्ट के प्रयासों से ‘कंपनी द इंड्स ओरिएंटल्स’ की स्थापना हुई। यह एक सरकारी कंपनी थी।
- पहली फैक्ट्री (1668): फ्रेंकोइस कैरन ने सूरत में पहली फ्रांसीसी फैक्ट्री स्थापित की।
- पांडिचेरी की नींव (1673): फ्रेंकोइस मार्टिन ने पांडिचेरी की स्थापना की, जो भारत में फ्रांसीसियों का मुख्य गढ़ बना।
- मॉरीशस और रीयूनियन: फ्रांसीसियों ने हिंद महासागर में सामरिक रूप से महत्वपूर्ण मॉरीशस द्वीप पर भी कब्जा किया।
2. कर्नाटक युद्ध (Anglo-French Carnatic Wars)
भारत के भाग्य का फैसला इन तीन युद्धों ने किया:
- प्रथम कर्नाटक युद्ध (1746-48): * कारण: ऑस्ट्रिया के उत्तराधिकार का युद्ध।
- सेंट थोमे का युद्ध: फ्रांसीसी सेना ने नवाब अनवरुद्दीन की विशाल सेना को हराया, जिससे यूरोपीय सैन्य श्रेष्ठता सिद्ध हुई।
- अंत: ‘एक्स-ला-शापेल’ (Aix-la-Chapelle) की संधि द्वारा।
- द्वितीय कर्नाटक युद्ध (1749-54): * कारण: हैदराबाद और कर्नाटक के आंतरिक उत्तराधिकार का विवाद।
- डुप्ले की कूटनीति: गवर्नर डुप्ले ने पहली बार भारतीय राजनीति में हस्तक्षेप करने की नीति शुरू की।
- अंत: पांडिचेरी की संधि (1754) द्वारा। डुप्ले को वापस फ्रांस बुला लिया गया।
- तृतीय कर्नाटक युद्ध (1758-63): * कारण: यूरोप का ‘सप्तवर्षीय युद्ध’।
- वांडीवाश का युद्ध (1760): यह निर्णायक युद्ध था। ब्रिटिश सेनापति आयर कूट ने फ्रांसीसी सेनापति लाली को बुरी तरह हराया।
- अंत: पेरिस की संधि (1763) द्वारा। फ्रांसीसी अब केवल व्यापार तक सीमित रह गए।
3. फ्रांसीसियों की हार के प्रमुख कारण
- सरकारी नियंत्रण: कंपनी के हर फैसले के लिए पेरिस से अनुमति लेनी पड़ती थी, जिससे देरी होती थी।
- नौसैनिक कमजोरी: अंग्रेजों की तुलना में फ्रांसीसी नौसेना बहुत कमजोर थी।
- बंगाल पर अंग्रेजों का अधिकार: अंग्रेजों के पास बंगाल जैसा समृद्ध प्रांत था, जबकि फ्रांसीसियों के पास संसाधनों की कमी थी।
⚡ Quick Revision Box (परीक्षा विशेष)
| युद्ध | समय | संधि | परिणाम |
| प्रथम कर्नाटक युद्ध | 1746-48 | एक्स-ला-शापेल | फ्रांसीसी भारी पड़े |
| द्वितीय कर्नाटक युद्ध | 1749-54 | पांडिचेरी की संधि | अंग्रेजों की स्थिति सुधरी |
| तृतीय कर्नाटक युद्ध | 1758-63 | पेरिस की संधि | फ्रांसीसी शक्ति का अंत |
📝 UPSC/SSC PYQ Section
- UPSC Prelims: “डुप्ले ने पहली बार वह हथकंडे अपनाए जो बाद में अंग्रेजों ने भारत जीतने के लिए इस्तेमाल किए।” (कथन की सत्यता: बिल्कुल सही, सहायक संधि का मूल विचार डुप्ले का था)।
- SSC CGL: “वांडीवाश का युद्ध किस वर्ष लड़ा गया था?” (उत्तर: 1760)।
- UPSC Prelims: “पांडिचेरी का प्रथम फ्रांसीसी गवर्नर कौन था?” (उत्तर: फ्रेंकोइस मार्टिन)।
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