भूगोल (कक्षा 8) – संपूर्ण सार NCERT Geography Class 8 Notes One-Liner & MCQ (UPSC & SSC के लिए)

नमस्कार दोस्तों, यदि आप UPSC, SSC, State PCS या किसी भी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, तो NCERT Geography Class 8 Notes One-Liner , NCERT की पुस्तकें आपके आधार (Base) को मजबूत करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण हैं। इस में हमने कक्षा 8 भूगोल के सभी अध्यायों से 100 सबसे महत्वपूर्ण तथ्यों को वन-लाइनर के रूप में तैयार किया है। इससे अपनी तैयारी को और मजबूत करें।

अध्याय 1: संसाधन (Resources)

  1. प्रत्येक वस्तु जिसका उपयोग आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए किया जा सकता है, संसाधन कहलाती है।
  2. वे संसाधन जो प्रकृति से प्राप्त होते हैं और अधिक संशोधन के बिना उपयोग किए जाते हैं, प्राकृतिक संसाधन कहलाते हैं।
  3. नवीकरणीय संसाधन वे हैं जो शीघ्रता से नवीकृत अथवा पुनः पूरित हो जाते हैं (जैसे- सौर और पवन ऊर्जा)।
  4. अनवीकरणीय संसाधन वे हैं जिनका भंडार सीमित है और एक बार समाप्त होने पर नवीकृत होने में हजारों वर्ष लगते हैं (जैसे- कोयला, पेट्रोलियम)।
  5. संसाधनों का सावधानीपूर्वक उपयोग करना और उन्हें नवीकरण के लिए समय देना संसाधन संरक्षण कहलाता है।
  6. संसाधनों का उपयोग करने की आवश्यकता और भविष्य के लिए उनके संरक्षण में संतुलन बनाए रखना सतत पोषणीय विकास (Sustainable Development) कहलाता है।
  7. वायु एक सर्वव्यापक संसाधन है क्योंकि यह हर जगह पाई जाती है।

अध्याय 2: भूमि, मृदा, जल, प्राकृतिक वनस्पति और वन्य जीवन

  1. विश्व की 90% जनसंख्या भूमि क्षेत्र के केवल 30% भाग पर ही रहती है।
  2. सामान्यतः भूमि को स्वामित्व के आधार पर निजी भूमि और सामुदायिक भूमि में बाँटा जा सकता है।
  3. सामुदायिक भूमि को ‘साझा संपत्ति संसाधन’ भी कहा जाता है।
  4. पृथ्वी के पृष्ठ पर दानेदार कणों के आवरण की पतली परत मृदा (Soil) कहलाती है।
  5. मृदा निर्माण का मुख्य कारक जनक शैल का स्वरूप और जलवायविक कारक हैं।
  6. मल्च बनाना (Mulching) मृदा संरक्षण की एक विधि है जिसमें पौधों के बीच की खाली भूमि जैव पदार्थ (जैसे- प्रवाल) से ढँक दी जाती है।
  7. तटीय और शुष्क प्रदेशों में मृदा को बचाने के लिए कतारों में पेड़ लगाए जाते हैं, जिन्हें रक्षक मेखलाएँ (Shelter Belts) कहते हैं।
  8. पृथ्वी की सतह का तीन-चौथाई भाग जल से ढँका है, इसलिए इसे ‘जल ग्रह’ कहते हैं।
  9. अलवण जल (Fresh Water) पृथ्वी पर केवल 2.7% है।
  10. जल का नवीकरण जल चक्र द्वारा होता है।
  11. वनस्पतियों के प्रकार मुख्य रूप से तापमान और आर्द्रता पर निर्भर करते हैं।
  12. विश्व की वनस्पतियों को चार वर्गों में बाँटा गया है: वन, घासस्थल, गुल्म और टुंड्रा
  13. CITES एक अंतरराष्ट्रीय समझौता है जो यह सुनिश्चित करता है कि वन्य जीवों और पौधों के व्यापार से उनके अस्तित्व को खतरा न हो।

अध्याय 3: खनिज और शक्ति संसाधन

  1. प्राकृतिक रूप से प्राप्त होने वाला पदार्थ जिसका निश्चित रासायनिक संगठन हो, खनिज कहलाता है।
  2. धात्विक खनिज दो प्रकार के होते हैं: लौह (जैसे- लौह अयस्क) और अलौह (जैसे- सोना, चांदी)
  3. खनिजों को पृथ्वी की सतह के अंदर दबी शैलों से बाहर निकालने की प्रक्रिया खनन (Mining) कहलाती है।
  4. कम गहराई में स्थित खनिजों को सतह हटाकर निकालना विवृत खनन (Open-cast mining) कहलाता है।
  5. अधिक गहराई में स्थित खनिजों के लिए कूपकी खनन (Shaft mining) किया जाता है।
  6. चीन और भारत के पास विश्व के विशाल लौह अयस्क भंडार हैं।
  7. स्विट्ज़रलैंड में कोई ज्ञात खनिज भंडार नहीं है।
  8. चीन विश्व में सीसा, एंटीमनी और टंगस्टन का अग्रणी उत्पादक है।
  9. ब्राजील विश्व में उच्च कोटि के लौह अयस्क का सबसे बड़ा उत्पादक है।
  10. काला हीरा पेट्रोलियम को कहा जाता है क्योंकि यह बहुत मूल्यवान है।
  11. कोयले से प्राप्त विद्युत को तापीय ऊर्जा कहा जाता है।
  12. विश्व का पहला जल विद्युत उत्पन्न करने वाला देश नॉर्वे था।
  13. परमाणु ऊर्जा यूरेनियम और थोरियम जैसे रेडियोधर्मी पदार्थों से प्राप्त होती है।
  14. भारत में राजस्थान और झारखंड के पास यूरेनियम के विशाल भंडार हैं।
  15. थोरियम भारत में केरल के मोनोजाइट रेत में प्रचुर मात्रा में पाया जाता है।
  16. भूतापीय ऊर्जा प्राप्त करने के लिए विश्व का सबसे बड़ा संयंत्र यूएसए (USA) में है।
  17. ज्वारीय ऊर्जा के लिए भारत में कच्छ की खाड़ी में विशाल क्षेत्र है।

अध्याय 4: कृषि (Agriculture)

  1. पौधों से परिष्कृत उत्पाद तक के रूपांतरण में तीन प्रकार की आर्थिक क्रियाएँ शामिल हैं: प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक
  2. कृषि एक प्राथमिक क्रिया है।
  3. विश्व की 50% जनसंख्या कृषि से संबंधित कार्यों में संलग्न है।
  4. सेरीकल्चर (Sericulture): रेशम के कीटों का वाणिज्यिक पालन।
  5. पिसिकल्चर (Pisciculture): विशेष रूप से निर्मित तालाबों में मत्स्य पालन।
  6. विटिकल्चर (Viticulture): अंगूरों की खेती।
  7. हॉर्टिकल्चर (Horticulture): वाणिज्यिक उपयोग के लिए फलों और सब्जियों का उगाना।
  8. वह कृषि जिसमें किसान अपने परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए खेती करता है, निर्वाह कृषि कहलाती है।
  9. स्थानांतरी कृषि को ‘कर्तन एवं दहन’ (Slash and Burn) कृषि भी कहते हैं।
  10. उत्तर-पूर्वी भारत में स्थानांतरी कृषि को ‘झूमिंग’ कहा जाता है।
  11. चावल विश्व की मुख्य खाद्य फसल है, जिसके लिए उच्च तापमान और जलोढ़ मिट्टी आवश्यक है।
  12. गेहूँ के लिए मध्यम तापमान और दोमट मिट्टी की आवश्यकता होती है।
  13. मिलेट (मोटा अनाज) कम उपजाऊ और रेतीली मृदा में उगाया जा सकता है (जैसे- ज्वार, बाजरा)।
  14. मक्का को ‘कॉर्न’ के नाम से भी जाना जाता है।
  15. कपास की खेती के लिए 210 पाला रहित दिन और काली मिट्टी श्रेष्ठ है।
  16. पटसन (Jute) को ‘सुनहरा रेशम’ (Golden Fibre) कहा जाता है।
  17. कॉफी का प्रमुख उत्पादक देश ब्राजील है।
  18. चाय एक ‘पेय फसल’ है जो ढलानी क्षेत्रों पर उगाई जाती है।

अध्याय 5: उद्योग (Industries)

  1. कच्चे माल को अधिक मूल्यवान उत्पादों में बदलना द्वितीयक क्रिया या विनिर्माण कहलाता है।
  2. उद्योगों का वर्गीकरण कच्चा माल, आकार और स्वामित्व के आधार पर किया जाता है।
  3. अमूल (Amul) सहकारी क्षेत्र के उद्योग का एक बेहतरीन उदाहरण है।
  4. औद्योगिक प्रदेशों का विकास उन क्षेत्रों में होता है जहाँ अनुकूल भौगोलिक कारक (बिजली, कच्चा माल, परिवहन) हों।
  5. लोहा-इस्पात उद्योग को अन्य उद्योगों का ‘मेरुदंड’ (Backbone) कहा जाता है।
  6. 1947 से पूर्व भारत में केवल एक इस्पात कारखाना था— टिस्को (TISCO)
  7. जमशेदपुर में स्थित टिस्को की स्थापना स्वर्णरेखा और खरकई नदियों के संगम के पास की गई।
  8. पिट्सबर्ग संयुक्त राज्य अमेरिका का एक महत्वपूर्ण इस्पात नगर है।
  9. सूती वस्त्र उद्योग विश्व के प्राचीनतम उद्योगों में से एक है।
  10. भारत की पहली सफल आधुनिक सूती मिल 1854 में मुंबई में स्थापित की गई थी।
  11. अहमदाबाद को ‘भारत का मैनचेस्टर’ कहा जाता है।
  12. ओसाका जापान का एक महत्वपूर्ण वस्त्र निर्माण केंद्र है, इसे ‘जापान का मैनचेस्टर’ कहते हैं।
  13. सूचना प्रौद्योगिकी (IT) उद्योग के मुख्य केंद्र कैलिफोर्निया की ‘सिलिकॉन घाटी’ और भारत का ‘बेंगलुरु’ हैं।

अध्याय 6: मानव संसाधन (Human Resources)

  1. लोग ही राष्ट्र के सबसे बड़े संसाधन होते हैं।
  2. भारत सरकार के अधीन ‘मानव संसाधन विकास मंत्रालय’ की स्थापना 1985 में की गई थी।
  3. विश्व की लगभग तीन-चौथाई जनसंख्या दो महाद्वीपों— एशिया और अफ्रीका में रहती है।
  4. पृथ्वी के पृष्ठ के एक इकाई क्षेत्र में रहने वाले लोगों की संख्या जनसंख्या घनत्व कहलाती है।
  5. विश्व का औसत जनसंख्या घनत्व 51 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी है।
  6. भारत का औसत जनसंख्या घनत्व 382 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी (2011 के अनुसार) है।
  7. जन्म दर और मृत्यु दर जनसंख्या परिवर्तन के प्राकृतिक कारक हैं।
  8. किसी क्षेत्र विशेष में लोगों के आने-जाने को प्रवास (Migration) कहते हैं।
  9. देश छोड़ने वाले व्यक्ति को उत्प्रवासी (Emigrant) कहते हैं।
  10. देश में आने वाले व्यक्ति को आप्रवासी (Immigrant) कहते हैं।
  11. जनसंख्या पिरामिड को ‘आयु-लिंग पिरामिड’ भी कहा जाता है।
  12. जापान का जनसंख्या पिरामिड आधार पर संकरा है, जो कम जन्म दर को दर्शाता है।

मिश्रित वन-लाइनर

  1. लिग्नाइट कम श्रेणी वाला भूरा कोयला होता है।
  2. एंथ्रेसाइट कोयले की सबसे सर्वोत्तम श्रेणी है।
  3. बैलाडिला (छत्तीसगढ़) उच्च कोटि के हेमेटाइट लौह अयस्क के लिए प्रसिद्ध है।
  4. खेत्री (राजस्थान) तांबा उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है।
  5. काला सोना (Black Gold) पेट्रोलियम का उपनाम है।
  6. विश्व की सबसे पहली सौर और पवन चालित बस सेवा स्कॉटलैंड में शुरू हुई।
  7. रूस प्राकृतिक गैस का विश्व में सबसे बड़ा उत्पादक है।
  8. पवन चक्कियों के समूह को ‘विंड फार्म’ (Wind Farm) कहते हैं।
  9. परमाणु ऊर्जा के लिए कल्पक्कम (तमिलनाडु) और तारापुर (महाराष्ट्र) प्रसिद्ध हैं।
  10. मणिकरण (हिमाचल प्रदेश) में भूतापीय ऊर्जा संयंत्र स्थित है।
  11. अगेटी लक्षद्वीप का एक महत्वपूर्ण हवाई अड्डा है।
  12. स्थानांतरित कृषि को ब्राजील में ‘रोका’ कहा जाता है।
  13. मेक्सिको में स्थानांतरित कृषि को ‘मिल्पा’ कहते हैं।
  14. सफेद सोना कपास को कहा जाता है।
  15. सिलिकॉन सूचना प्रौद्योगिकी का मुख्य कच्चा माल है।
  16. भारत का सूरत शहर हीरा कटिंग और पॉलिशिंग के लिए प्रसिद्ध है।
  17. संयुक्त राष्ट्र संघ के अनुसार मानव विकास ही अंतिम लक्ष्य है।
  18. गंगा का मैदान विश्व के सबसे सघन बसे क्षेत्रों में से एक है।
  19. मृदा परिच्छेदिका मृदा की विभिन्न परतों का ऊर्ध्वाधर काट है।
  20. सतत विकास का अर्थ वर्तमान आवश्यकताओं के साथ भविष्य की पीढ़ी का ध्यान रखना है।

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Vikas Singh

लेखक: विकास सिंह

विकास सिंह 15+ वर्षों के शिक्षण अनुभव वाले General Studies (GS) शिक्षक हैं। उन्होंने GS Faculty के रूप में कार्य किया है तथा दो बार UPSC Mains परीक्षा में सम्मिलित हो चुके हैं। वे भारतीय राजव्यवस्था, इतिहास, भूगोल और सामान्य विज्ञान के विशेषज्ञ हैं। वर्तमान में वे वाराणसी में अभ्यर्थियों का मार्गदर्शन कर रहे हैं और अपने YouTube चैनल Study2Study के माध्यम से शिक्षा जगत में योगदान दे रहे हैं।